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‘आप’ सरकार के दौरान शिक्षा क्षेत्र में पंजाब के स्कूलों ने बाजी मारी, राष्ट्रीय सर्वेक्षण में केरल को पछाड़कर अग्रणी बना पंजाब- CM भगवंत सिंह मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने “शानदार चार साल भगवंत मान दे नाल” श्रृंखला के तहत पंजाब सरकार की “शिक्षा क्रांति” का चार सालों का विस्तृत रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इस रिपोर्ट कार्ड में बताया गया कि निरंतर सुधारों के कारण सरकारी स्कूल मॉडल संस्थानों में बदल रहे हैं, जिसके देश भर में शानदार नतीजे सामने आ रहे हैं।
‘शिक्षा क्रांति’ को पंजाब के विकास की रीढ़ की हड्डी बताते हुए मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय मूल्यांकन में शीर्ष रैंकिंग, रिकॉर्ड शैक्षणिक नतीजे, जीरो पेपर लीक और बुनियादी ढांचे तथा शिक्षक प्रशिक्षण में किए गए बेमिसाल निवेश पर प्रकाश डाला।
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस बदलाव को सुनिश्चित करने के लिए व्यापक वित्तीय प्रबंध किए गए हैं। वर्ष 2021-22 में शिक्षा बजट 12,657 करोड़ रुपए था, जो 2026-27 में बढ़ाकर 19,279 करोड़ रुपए कर दिया गया है। यह ‘आप’ सरकार द्वारा इस क्षेत्र को दी जा रही प्राथमिकता को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह शिक्षा रिपोर्ट कार्ड निरंतर जवाबदेही प्रक्रिया का हिस्सा है। इससे पहले सिंचाई, स्वास्थ्य, खेल और कानून व्यवस्था जैसे प्रमुख क्षेत्रों में भी चार सालों की कार्यगुजारी संबंधी ऐसा रिपोर्ट कार्ड पेश किया गया था और ये नतीजे शासन के सभी हिस्सों में सरकार द्वारा दिए जा रहे विशेष ध्यान को दिखाते हैं।
प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्कूल और उच्च शिक्षा में किए गए व्यापक सुधारों की रूपरेखा पेश की, जिसमें पिछले चार सालों में किए गए ढांचागत सुधार, रिकॉर्ड निवेश और नतीजों को उजागर किया गया। उन्होंने कहा, “शिक्षा को प्राथमिकता देने वाले देशों ने हर क्षेत्र में तरक्की की है। हमारे देश में शिक्षा को निजी और सरकारी स्कूलों में बांट दिया गया था, जिससे शिक्षा में गहरा खाई पैदा हो गई। पिछली सरकारों ने स्कूलों को सिर्फ मिड-डे मील के केंद्रों तक सीमित कर दिया था, लेकिन हमारी सरकार ने पूरी व्यवस्था को बदल दिया है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “सरकारी स्कूलों में अब प्राइवेट स्कूलों के बराबर सुविधाएं दी जा रही हैं, जिससे माता-पिता को बेहतर विकल्प मिलेगा। एक अप्रैल से माता-पिता को उनके बच्चे की स्कूल से अनुपस्थिति और शिक्षकों की छुट्टी के बारे में भी सूचित किया जाएगा, जिससे हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित की जा सकेगी। कई अन्य राज्यों खासकर गुजरात के उलट पिछले चार सालों में पंजाब में एक भी पेपर लीक की घटना सामने नहीं आई, जो बेहद गर्व की बात है।”
प्रशासन में शिक्षा को प्राथमिकता देने पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “शिक्षा किसी भी राज्य या देश की तरक्की और खुशहाली में सबसे ज्यादा योगदान देती है। पिछले चार सालों में हमने इस क्षेत्र को सबसे ज्यादा प्राथमिकता दी है। पहले ‘स्मार्ट स्कूल’ के नाम पर लोगों और मासूम बच्चों को गुमराह किया गया था। स्कूलों को सिर्फ पेंट करके सुंदर बनाया जाता था, लेकिन उनमें उचित सुविधाएं या शिक्षकों की कमी रहती थी। आज पंजाब के सरकारी स्कूल निजी संस्थानों के बराबर खड़े हैं और हमारे शिक्षा मॉडल की चर्चा पूरे देश में हो रही है।”
शिक्षा के लिए वित्तीय प्रतिबद्धता को उजागर करते हुए उन्होंने कहा, “वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए 19,279 करोड़ रुपए का बजट आवंटित किया गया है, जो पिछले साल से 7 प्रतिशत ज्यादा है। हम 3,500 करोड़ रुपए के साथ शिक्षा क्रांति के दूसरे चरण की शुरुआत कर रहे हैं। इसके तहत विश्व बैंक के साथ साझेदारी की गई है, जो इसे देश का सबसे बड़ा शिक्षा सुधार कार्यक्रम बनाता है।”
मुख्य उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “नेशनल अचीवमेंट सर्वे-2024 में पंजाब ने केरल को भी पछाड़कर पहला स्थान प्राप्त किया है, जबकि गुजरात 16वें और हरियाणा लगभग 7वें या 8वें स्थान पर है। यह उपलब्धि हमारे सरकारी स्कूल के शिक्षकों और विद्यार्थियों की है।”
उन्होंने कहा, “हाल के वर्षों में 740 विद्यार्थियों ने जेईई परीक्षा और 1284 ने नीट परीक्षा पास की है। सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों ने सर्वे में राष्ट्रीय औसत से 18 प्रतिशत अधिक अंक प्राप्त किए हैं।”
संस्थागत विस्तार के बारे में जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “118 स्कूल ऑफ एमिनेंस स्थापित किए जा रहे हैं, जिनमें से 60 पहले ही कार्यशील हैं। ये स्कूल प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को उनकी योग्यताओं और रुचियों के अनुसार शिक्षा प्रदान करके उनके सपनों को साकार करने में मदद कर रहे हैं। पहली बार 24 लाख माता-पिता ने मेगा पी.टी.एम. में हिस्सा लिया है।”
उन्होंने आगे कहा कि इन स्कूलों में 30,000 विद्यार्थियों को मुफ्त वर्दियां प्रदान की गई हैं और मेडिकल व नॉन-मेडिकल समेत हर स्ट्रीम की पढ़ाई उपलब्ध है। इसके साथ ही विद्यार्थियों को आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी, नीट, जेईई और कलैट जैसी परीक्षाओं के लिए कोचिंग भी दी जा रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि इसके अलावा स्कूल ऑफ एमिनेंस और सरकारी स्कूलों में लड़कियों के लिए मुफ्त बस सेवाएं शुरू की गई हैं ताकि कोई भी लड़की शिक्षा से वंचित न रहे। लगभग 15,500 विद्यार्थी इससे लाभ उठा रहे हैं।
उन्होंने आगे कहा कि अप्रैल 2022 से 14,525 शिक्षकों की भर्ती की गई है और शिक्षा विभाग के 12,316 कर्मचारियों की सेवाएं रेगुलर की गई हैं। साथ ही हम प्रिंसिपलों और शिक्षकों के लिए विश्वस्तरीय प्रशिक्षण भी सुनिश्चित कर रहे हैं।
क्षमता निर्माण के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि इस उद्देश्य के लिए 264 शिक्षा अधिकारियों, प्रिंसिपलों और शिक्षकों के आठ बैच सिंगापुर भेजे गए हैं। साथ ही 216 प्राइमरी शिक्षकों के तीन बैच फिनलैंड के तुर्कू में प्रशिक्षण के लिए भेजे गए। पांच बैच आई.आई.एम. अहमदाबाद भेजे गए, जहां 249 मुख्य शिक्षकों ने लीडरशिप प्रशिक्षण प्राप्त किया। अमृतसर के सैंसरा कलां के सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल की साइंस शिक्षिका गगनदीप कौर ने कैलिफोर्निया स्टेट यूनिवर्सिटी, अमेरिका में दो महीने के कार्यक्रम में हिस्सा लिया, जो हमारे शिक्षकों के समर्पण और क्षमता को दर्शाता है।
बुनियादी ढांचे और सुरक्षा के बारे में बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि हम सरकारी स्कूलों में उचित रखरखाव और सुरक्षा सुनिश्चित कर रहे हैं। इस उद्देश्य के लिए कुल 1,932 कैंपस मैनेजर, 1,323 सुरक्षा गार्ड, 7,876 सफाई कर्मचारी और 1,792 चौकीदार भर्ती किए गए हैं। साथ ही 20 करोड़ रुपए के बजट से सभी सरकारी स्कूलों में हाई-स्पीड फाइबर वाई-फाई सुविधा दी गई है, जिससे पंजाब इस पहल करने वाला देश का एकमात्र राज्य बन गया है।
उन्होंने आगे कहा कि इसके साथ ही नए क्लासरूम, साइंस लेबोरेटरी, कंप्यूटर लैब, बहुउद्देशीय कमरे, रसोइयां, मेडिकल रूम, हेड रूम, खेल के मैदान और लड़कों व लड़कियों के लिए अलग-अलग शौचालय बनाए गए हैं। विद्यार्थियों को अब समय पर किताबें मिल रही हैं और मुफ्त वर्दियां प्रदान की जा रही हैं। इसके अलावा 25 सरकारी स्कूलों का नाम शहीदों, आजादी के घुड़सवारों और प्रमुख व्यक्तित्वों के नाम पर रखा गया है।
नवाचार और अनुसंधान की दिशा में उठाए गए कदमों को उजागर करते हुए उन्होंने कहा कि बिजनेस ब्लास्टर स्कीम विद्यार्थियों में उद्यमी सोच को बढ़ावा देने के लिए शुरू की गई है, जिन्होंने अपने नवीनतम विचारों के माध्यम से सामूहिक रूप से 70 करोड़ रुपए कमाए हैं। पंजाब पहला राज्य है जिसने 11वीं कक्षा में उद्यमिता को एक विषय के रूप में पेश किया है। उन्होंने कहा कि हमारा उद्देश्य विद्यार्थियों को नौकरी ढूंढने वाले नहीं, बल्कि नौकरियां देने वाले बनाना है।
स्कूल मेंटरशिप प्रोग्राम (विद्यार्थियों को दिशा देने का उपक्रम) पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह कार्यक्रम पहली बार शुरू किया गया है, जहां आई.ए.एस., आई.पी.एस. और सीनियर अधिकारी विद्यार्थियों का मार्गदर्शन करते हैं। उन्होंने कहा कि श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को मनाने के हिस्से के रूप में विद्यार्थियों को गुरु साहिब के महान जीवन और लामिसाल कुर्बानी के बारे में जागरूक करने के लिए 15 दिनों का कार्यक्रम करवाया गया था।
उच्च शिक्षा सुधारों के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब ने देश की पहली ‘डिजिटल ओपन यूनिवर्सिटी नीति-2026’ पेश की है। श्री आनंदपुर साहिब में गुरु तेग बहादुर जी के नाम पर एक विश्वस्तरीय यूनिवर्सिटी स्थापित की जाएगी। गुरु नानक देव यूनिवर्सिटी, अमृतसर ने गांवों के विद्यार्थियों के लिए पहुंच बेहतर बनाने के लिए ‘पंजाबी-फर्स्ट नीति’ लागू की है और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए सरकारी डिग्री कॉलेजों के लिए ऑनलाइन एडमिशन पोर्टल शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि 10 नए डिग्री कॉलेजों की योजना बनाई गई है और अजनाला के बिकरौर में एक कॉलेज का निर्माण चल रहा है।
उन्होंने आगे कहा कि भाषाई और सांस्कृतिक पहलों को मजबूती देने के लिए पंजाब भाषा एक्ट के तहत सरकारी कामकाज में पंजाबी को 100 प्रतिशत अनिवार्य बनाया गया है। पंजाबी साहित्य का डिजिटलीकरण चल रहा है और अब तक 18,550 किताबें डिजिटल की जा चुकी हैं। इसके अलावा 592 दुर्लभ हस्तलिखितों की संरक्षण के साथ-साथ उन्हें डिजिटल किया गया है और 100 से अधिक किताबें अब ऑनलाइन उपलब्ध हैं।
उन्होंने आगे कहा कि ‘शब्दमाला ई-डिक्शनरी’ को कई पंजाबी शब्दकोशों के साथ एंड्रॉइड एप के रूप में लॉन्च किया गया है। उन्होंने बताया कि नई दिल्ली के पंजाब भवन में 60 प्रमुख पंजाबी साहित्यिक व्यक्तित्वों की तस्वीरें लगाई गई हैं और पंजाबी, हिंदी व उर्दू में सर्वोत्तम किताबों के लिए पुरस्कार भी वितरित किए गए हैं।
इस मौके पर कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और अन्य गणमान्य व्यक्ति मौजूद थे।
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पंजाब पुलिस की कार्रवाई की लोगों ने सराहना, उद्योग और निवेश के लिए बना सुरक्षित माहौल: DGP गौरव यादव
पंजाब पुलिस राज्य में सुरक्षित और अपराधमुक्त माहौल बनाने के लिए लगातार आधुनिक तकनीक, सामुदायिक पुलिसिंग और जनसंवाद को मजबूत कर रही है। इसी का परिणाम है कि राज्य की औद्योगिक राजधानी लुधियाना में उद्योगपति और आम नागरिक खुलकर पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना कर रहे हैं।
डीजीपी गौरव यादव के नेतृत्व में पंजाब पुलिस द्वारा चलाए जा रहे अभियानों ने कानून-व्यवस्था को और मजबूत किया है। अपराधियों के खिलाफ त्वरित कार्रवाई, लोगों के साथ लगातार संपर्क और तकनीक आधारित पुलिसिंग के कारण राज्य में सुरक्षा का माहौल बेहतर हुआ है।
लुधियाना के उद्योगपति अनमोल सूद ने कहा कि पंजाब पुलिस ने कारोबारी वर्ग को सुरक्षा का मजबूत एहसास दिलाया है। उन्होंने बताया कि एक बार कुछ असामाजिक तत्व उनकी जमीन पर कब्जा करने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन पुलिस ने कुछ ही मिनटों में कार्रवाई कर स्थिति को नियंत्रित कर लिया। उन्होंने कहा कि लुधियाना में सामुदायिक पुलिसिंग के सकारात्मक परिणाम देखने को मिल रहे हैं।
उद्योगपति संचित सूद ने कहा कि राज्य में आपराधिक गतिविधियों में कमी आने से लोगों का कानून-व्यवस्था पर भरोसा बढ़ा है। उन्होंने कहा कि फिरौती के फोन जैसी घटनाएं अब काफी कम सुनने को मिलती हैं और यह पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियानों का नतीजा है।
डीजीपी गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य और नागरिकों की सुरक्षा के लिए 24 घंटे समर्पित है। उन्होंने बताया कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से लेकर जनसंवाद कार्यक्रमों तक कई आधुनिक पहलें शुरू की गई हैं, ताकि हर नागरिक तक पहुंच बनाकर सुरक्षा की भावना को मजबूत किया जा सके।
पंजाब में बढ़ते निवेश को कानून-व्यवस्था में सुधार का बड़ा संकेत माना जा रहा है। पिछले एक वर्ष में राज्य में करीब 57 हजार करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव आए हैं। सरकार का मानना है कि सुरक्षित माहौल और बेहतर पुलिसिंग ने निवेशकों का भरोसा बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है।
मुख्यमंत्री Bhagwant Mann भी राज्य में निवेश आकर्षित करने के लिए लगातार प्रयास कर रहे हैं। हाल ही में विदेश दौरे के दौरान उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर क्षेत्र में निवेश की संभावनाओं पर वैश्विक कंपनियों से चर्चा की। वहीं राजपुरा क्षेत्र में एक नई ग्रीन सीमेंट यूनिट स्थापित करने के लिए 250 करोड़ रुपये के निवेश की घोषणा भी की गई है।
सुभाष चंद्र रल्हाण ने कहा कि पंजाब पुलिस की त्वरित प्रतिक्रिया ने कारोबारियों और नागरिकों में सुरक्षा का विश्वास बढ़ाया है। उन्होंने बताया कि अतिरिक्त सुरक्षा की मांग पर पुलिस ने बहुत कम समय में कार्रवाई कर समस्या का समाधान किया।
करीब चार दशक से लुधियाना में कारोबार कर रहे उद्योगपति अरुण शर्मा ने कहा कि वर्तमान पुलिसिंग व्यवस्था पहले की तुलना में अधिक प्रभावी और जनहितैषी बनी है। अब लोगों में पुलिस के पास जाने का डर कम हुआ है और समस्याओं का समाधान भी तेजी से हो रहा है।
तकनीक आधारित पुलिसिंग को मजबूत करने के लिए पंजाब पुलिस ने लुधियाना में इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) भी शुरू किया है। इस केंद्र के जरिए ट्रैफिक प्रबंधन, निगरानी व्यवस्था और पुलिस कंट्रोल रूम संचालन को एक ही प्लेटफॉर्म से संचालित किया जा रहा है, जिससे प्रतिक्रिया समय और जांच क्षमता में सुधार हुआ है।
स्वपन शर्मा ने कहा कि पंजाब पुलिस नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और जनभागीदारी बढ़ाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि पुलिस स्कूलों, व्यापारिक संगठनों, डॉक्टरों, सामाजिक संस्थाओं और विभिन्न वर्गों के लोगों के साथ नियमित बैठकें कर रही है, ताकि उनकी समस्याओं को समझकर उनका समाधान किया जा सके।
संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन गैंगस्टरों पर वार” अभियान का जिक्र करते हुए स्वपन शर्मा ने कहा कि पंजाब पुलिस लगातार अपराधी नेटवर्क पर कार्रवाई कर रही है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे अपराध के रास्ते से दूर रहकर शिक्षा और अपने भविष्य पर ध्यान दें।
पंजाब पुलिस का कहना है कि आधुनिक तकनीक, सामुदायिक पुलिसिंग और अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के जरिए राज्य को सुरक्षित, निवेश-अनुकूल और विकासोन्मुख बनाने के प्रयास लगातार जारी रहेंगे।
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कपूरथला में श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित महान कीर्तन कार्यक्रम
पंजाब सरकार द्वारा आज कपूरथला के गुरु नानक स्टेडियम में श्री गुरु रविदास महाराज जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित एक बड़ा कीर्तन कार्यक्रम बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ आयोजित किया गया। संतों और महापुरुषों की देखरेख में आयोजित होने वाले सालाना कार्यक्रमों की लड़ी में यह तीसरा बड़ा कीर्तन दरबार था, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने शामिल होकर गुरबानी कीर्तन सुना।
राज्यसभा सदस्य संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल ने खास तौर पर शामिल होकर पंजाब सरकार की इस पहल की तारीफ़ की और कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी की अनमोल शिक्षाओं और पवित्र बाणी को घर-घर तक पहुंचाने के लिए यह बहुत ही सराहनीय कदम है। उन्होंने भक्तों को गुरु साहिब के दिखाए रास्ते पर चलने का न्यौता दिया।
पंजाब के कैबिनेट मंत्री श्री मोहिंदर भगत ने कहा कि हम सब बहुत खुशकिस्मत हैं कि हमें इतिहास के इस महान दौर का हिस्सा बनने का मौका मिला है।
उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और आम आदमी पार्टी सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने संगत की भावनाओं को समझते हुए गुरु साहिब के 650वें प्रकाश पर्व को पूरे साल मनाने का फैसला किया है।
मंत्री ने प्रण लिया कि सरकार का कर्तव्य सामाजिक और धार्मिक कामों में सहयोग करना है और गुरु साहिब के पवित्र शब्दों का प्रचार पंजाब की हर गली, मोहल्ले और घर-घर तक पहुंचाया जाएगा।
टूरिज्म विभाग के सलाहकार दीपक बाली ने कहा कि श्री गुरु रविदास महाराज जी ने उस समय की जाति व्यवस्था और सामाजिक असमानता के खिलाफ आवाज उठाई थी और सामाजिक समानता का संदेश दिया था। उन्होंने कहा कि फरवरी 2026 से शुरू हुआ यह आयोजन फरवरी 2027 तक चलेगा, जिस दौरान 10 बड़े कीर्तन दरबार करवाए जाएंगे।
उन्होंने ऐलान किया कि जल्द ही काशी, बठिंडा, फरीदकोट और जम्मू से शुरू होकर श्री खुरालगढ़ साहिब में खत्म होने वाली चार खास शोभायात्राएं निकाली जाएंगी। इसके अलावा, सभी विधानसभाओं में ड्रोन शो किए जाएंगे और गुरु साहिब के जीवन पर आधारित एक खास फिल्म गांव-गांव दिखाई जाएगी।
इस मौके पर दिल्ली से आम आदमी पार्टी के विधायक अजय दत्त, डिप्टी कमिश्नर आकाश बंसल, डिस्ट्रिक्ट प्लानिंग बोर्ड के चेयरमैन सरबजीत सिंह लुबाना, हलका इंचार्ज करमबीर सिंह चांदी, भुलत्थ से हलका इंचार्ज हरसिमरन सिंह घुम्मण, नगर सुधार ट्रस्ट के चेयरमैन सज्जन सिंह चीमा, ट्रेड कमीशन के चेयरमैन कंवर इकबाल सिंह, इंदरजीत जुगनू, आप नेता परविंदर सिंह और दूसरे बड़े लोग मौजूद थे।
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भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ ने मास्टरशेफ इंडिया की प्रतियोगी हरमनप्रीत कौर को वर्षों पुरानी बीमारी और बढ़ते इलाज खर्चों से राहत दिलाई
भगवंत मान सरकार की ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ ने पटियाला की 51 वर्षीय उद्यमी तथा मास्टरशेफ इंडिया सीजन-6 की टॉप-20 प्रतियोगियों में स्थान बनाने वाली हरमनप्रीत कौर को बड़ी राहत प्रदान की है। हरमनप्रीत पिछले लगभग एक दशक से ब्रेन हैमरेज से जुड़ी जटिलताओं, जैसे कि क्रोनिक ब्लीडिंग, डायबिटीज और सोरायसिस सहित कई गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रही थीं।
करीब दो वर्षों से मासिक धर्म के दौरान अत्यधिक रक्तस्राव की समस्या से पीड़ित हरमनप्रीत को 30 अप्रैल 2026 को राजिंदरा अस्पताल में भर्ती कराया गया था। 2 मई को उनका सफल लैप्रोस्कोपिक ऑपरेशन किया गया। हरमनप्रीत ने कहा कि मुख्यमंत्री सेहत योजना ने न केवल उनके इलाज का आर्थिक बोझ कम किया, बल्कि उसे समय पर गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं भी उपलब्ध कराईं।
हरमनप्रीत की स्वास्थ्य समस्याएं वर्ष 2011 में हुए ब्रेन हैमरेज के बाद शुरू हुई थीं, जिसके कारण उन्हें न्यूरोलॉजिकल जटिलताओं का सामना करना पड़ा। लंबे समय तक चली बीमारी का असर परिवार की आर्थिक स्थिति पर भी पड़ा। उनकी देखभाल के लिए उनके पति को निजी क्षेत्र की अच्छी नौकरी छोड़नी पड़ी, जबकि इलाज का खर्च लगातार बढ़ता रहा।
कुछ वर्षों बाद, वर्ष 2025 में, पेरिमेनोपॉज के दौरान वे लंबे समय तक लगातार रक्तस्राव की समस्या से पीड़ित हो गईं। उनके गंभीर चिकित्सकीय इतिहास के कारण एनेस्थीसिया से जुड़े किसी भी ऑपरेशन में जोखिम काफी अधिक था। वर्ष 2020 और 2024 में मिरेना इंसर्शन सहित कई उपचार करवाने के बावजूद उनकी समस्या बनी रही और लगभग दो वर्षों तक वह लगातार क्रोनिक ब्लीडिंग से पीड़ित रहीं।
इस संबंध में जानकारी देते हुए सरकारी मेडिकल कॉलेज एवं राजिंदरा अस्पताल के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग की प्रोफेसर डॉ. प्रीत कमल सिबिया ने कहा, “हरमनप्रीत, जो रजोनिवृत्ति (मेनोपॉज) की ओर बढ़ रही थीं, पिछले लगभग दस वर्षों से अत्यधिक मासिक धर्म रक्तस्राव की समस्या से पीड़ित थीं। इसके साथ ही उन्हें उच्च रक्तचाप, टाइप-2 डायबिटीज, हाइपोथायरॉयडिज्म, सोरायसिस और न्यूरोलॉजिकल जटिलताओं सहित कई अन्य स्वास्थ्य समस्याएं भी थीं।”
डॉ. सिबिया ने आगे बताया, “उसके गर्भाशय में एक बड़ा फाइब्रॉइड था और पहले भी लंबे समय तक दवाइयों के माध्यम से उपचार किया गया था, लेकिन अपेक्षित सफलता नहीं मिली। विस्तृत जांच के बाद हमारी टीम ने उसका टोटल लैप्रोस्कोपिक हिस्टरेक्टॉमी ऑपरेशन किया। ऑपरेशन सफल रहा, ऑपरेशन के बाद उसकी रिकवरी सुचारू रूप से हुई और उन्हें संतोषजनक स्थिति में अस्पताल से छुट्टी दे दी गई।”
हरमनप्रीत ने बताया कि उपचार के दौरान डॉ. सिबिया की सलाह पर उसने मुख्यमंत्री सेहत योजना के तहत पंजीकरण करवाया, जिससे उनके परिवार पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ काफी कम हो गया। उसने इस जनकल्याणकारी योजना के लिए भगवंत मान सरकार का धन्यवाद किया तथा डॉक्टरों और अस्पताल स्टाफ की भी सराहना की, जिन्होंने मुख्य उपचार के साथ-साथ उसकी डायबिटीज और सोरायसिस जैसी अन्य स्वास्थ्य समस्याओं का भी पूरा ध्यान रखा।
अपने उद्यमी सफर के लिए जानी जाने वाली हरमनप्रीत ने वर्षों तक पटियाला में टिफिन सेवा, फूड कार्ट और फूड वैन संचालित की है। लंबे समय तक बीमारी से संघर्ष करने के बावजूद उन्होंने खाना बनाने के अपने जुनून को जारी रखा और मास्टरशेफ इंडिया सीजन-6 के टॉप-20 प्रतियोगियों में स्थान बनाया। अब स्वस्थ होने के बाद वे अपने सपनों को फिर से साकार करने की तैयारी कर रही हैं।
कैशलेस इलाज और समय पर मिली स्वास्थ्य सहायता के लिए आभार व्यक्त करते हुए हरमनप्रीत ने कहा कि इस अनुभव ने सार्वजनिक सेवाओं के प्रति उनका विश्वास फिर से मजबूत किया है और सरकार पर उसका भरोसा और बढ़ा है। उसने कहा, “मेरे जैसे लाभार्थी इस बात का प्रत्यक्ष उदाहरण हैं कि किफायती और सुलभ स्वास्थ्य सेवाएं आम लोगों, विशेषकर लंबे समय से गंभीर बीमारियों से जूझ रहे मरीजों के जीवन में कितना बड़ा बदलाव ला सकती हैं।”
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