Connect with us

Punjab

Shoe-Hut की के बाहर खंभे से टकराई कार, भारी नुकसान

Published

on

लुधियाना ( ऋषि ): थाना मॉडल टाउन के एरिया गुलाटी चौंक के पास शू -हट की दुकान के बाहर मंगलवार देर रात एक ओवरस्पीड कार बिजली के खंभे मे टकरा गई।

हादसे के समय मार्केट बंद थी, जिस कारण किसी प्रकार का कोई जानी नुकसान नही हुआ, लेकिन ज्यादातर दुकानों मे इलेक्ट्रीनिक सामान खराब हो गया। पुलिस के अनुसार जिस जगह हादसा हुआ है, उसके आस-पास के कुछ दुकानों पर लगे कैमरे खराब है। मौके पर पहुंची पुलिस इलाके मे लगे सी. सी. टी. वी कैमरों को खंगाल रही है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Punjab

गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008 में संशोधन लाएगी पंजाब सरकार, सजा का प्रावधान भी होगा शामिल

Published

on

पंजाब सरकार ने 13 अप्रैल को विधान सभा का विशेष सत्र बुलाया हैं। जिसमें सरकार जागत जोत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008 में संशोधन करके इसमें सजा का प्रावधान करना चाहती है। इस संशोधन बिल पर चर्चा करने के लिए शनिवार 11 अप्रैल को मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में कैबिनेट बैठक होने जा रही है।

इस बैठक में 13 अप्रैल को आने वाले बिल को लेकर चर्चा होगी। क्योंकि जागत जोत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008 राज्य का कानून हैं। इसके तहत सरकार ने गुरु ग्रंथ साहिब के प्रकाशन, वितरण और बीड़ के प्रबंधन का अधिकार शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक समिति (एसजीपीसी) को दिया है। ताकि सिख रहत मर्यादा के अनुसार पवित्रता बनी रहे।

अब सरकार इस बिल में संशोधन करके उसमें सजा का प्रावधान भी शामिल करना चाहती है। वहीं, विपक्ष लगातार द्वारा किए जा रहे संशोधन पर सवाल खड़े कर रहा है। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुग का कहना है कि इस आने वाले कानून में प्राण प्रतिष्ठा वाले मूर्तियों को भी इस एक्ट में शामिल किया जाए।

बता दें कि 15 जुलाई 2025 को पंजाब सरकार पंजाब पवित्र धर्मग्रंथों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम विधेयक, 2025 पेश किया था। इस पर बहस के बाद इसे सेलेक्ट कमेटी को भेज दिया है। सेलेक्ट कमेटी को 6 माह में अपनी रिपोर्ट देनी थी। इस बिल में सभी धार्मिक ग्रंथों को शामिल किया गया था। जिसके तहत 10 साल से लेकर उम्र कैद तक की सजा का प्रावधान किया गया था।

जानकारी के अनुसार सरकार ने इस बिल को ठंडे बस्ते में डाल कर जागत जोत गुरु ग्रंथ साहिब सत्कार एक्ट 2008 में संशोधन करने का फैसला किया है। सरकार मान रही हैं कि इस बिल में संशोधन करने से श्री गुरु ग्रंथ साहिब को शामिल किया जाएगा। जबकि पवित्र धर्मग्रंथों के विरुद्ध अपराधों की रोकथाम विधेयक, 2025 में सभी ग्रंथ आते थे।

Continue Reading

Punjab

बैसाखी के मौके पर सिख श्रद्धालु Pakistan रवाना, ऐतिहासिक गुरुद्वारों के करेंगे दर्शन

Published

on

पवित्र Vaisakhi के अवसर पर देशभर से लगभग 2840 सिख श्रद्धालु अटारी-वाघा बॉर्डर के रास्ते Pakistan के लिए रवाना हुए हैं। यह जत्था 10 दिनों के वीजा पर पाकिस्तान जा रहा है, जहां श्रद्धालु बैसाखी मनाने के साथ-साथ Nankana Sahib, Panja Sahib सहित अन्य पवित्र गुरुद्वारों के दर्शन करेंगे।

इस यात्रा में सबसे बड़ा जत्था Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee की ओर से भेजा गया है। SGPC ने कुल 1795 वीजा आवेदन भेजे थे, जिनमें से 1763 श्रद्धालुओं को वीजा मिला, जबकि 32 आवेदनों को अस्वीकार कर दिया गया। जत्थे की अगुवाई SGPC सदस्य सुरजीत सिंह तुगलवाल कर रहे हैं।

इसके अलावा Delhi Sikh Gurdwara Management Committee के 409 और Haryana Sikh Gurdwara Management Committee के 255 श्रद्धालुओं को भी वीजा जारी किया गया। इस तरह कुल 2840 श्रद्धालु पाकिस्तान स्थित गुरुद्वारों के दर्शन के लिए रवाना हुए हैं।

श्रद्धालु 19 अप्रैल को भारत वापस लौटेंगे। रवाना होते समय श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। उनका कहना है कि बैसाखी के मौके पर गुरुधामों के दर्शन करना उनके लिए सौभाग्य की बात है।

इस मौके पर श्रद्धालुओं ने केंद्र सरकार से अपील की कि अधिक से अधिक लोगों को वीजा जारी किया जाए, ताकि कोई भी सिख अपने धार्मिक स्थलों के दर्शन से वंचित न रहे। साथ ही उन्होंने Kartarpur Sahib Corridor को हमेशा खुला रखने और पाकिस्तान की ओर से ली जा रही 20 डॉलर की फीस को खत्म करने की मांग भी उठाई।

Continue Reading

National

Campaign Against Gangsters: चेहरे बेनकाब, इनाम घोषित, अब पंजाब में हर गली में तलाशे जाएंगे ‘मोस्ट वॉन्टेड’

Published

on

पंजाब में अपराध के खिलाफ जंग अब खुली चुनौती में बदल चुकी है। गैंगवार, रंगदारी, टारगेट किलिंग और नशा तस्करी के जाल में उलझे राज्य में अब सरकार ने ऐसा दांव चला है, जिससे अपराधियों की नींद उड़ना तय है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में सरकार ने पहली बार ‘पोस्टर वॉर’ छेड़ते हुए कुख्यात गैंगस्टरों और इनामी बदमाशों के नाम, चेहरे और इनाम राशि को सार्वजनिक कर दिया है।

मान सरकार ने स्पष्ट कर दिया है कि अब अपराधियों के लिए कोई कोना सुरक्षित नहीं रहेगा। पंजाब ने बीते कुछ वर्षों में गैंगवार, टारगेट किलिंग, रंगदारी और नशा तस्करी जैसे संगठित अपराधों का दबाव झेला है, जहां कई अपराधी विदेशों में बैठकर नेटवर्क चला रहे हैं और स्थानीय गुर्गों के जरिए वारदातों को अंजाम दिला रहे हैं। सरकार ने पहली बार इतने बड़े स्तर पर ‘वॉन्टेड’ पोस्टर जारी करते हुए नामचीन गैंगस्टरों और इनामी बदमाशों के चेहरे, नाम और उन पर घोषित इनाम राशि को सार्वजनिक कर दिया है।

इस पहल के जरिए सरकार ने साफ संकेत दिया है कि अब अपराधियों के लिए कोई ‘सेफ जोन’ नहीं बचेगा। उनकी पहचान अब छिपी नहीं रहेगी और आम जनता भी उन्हें पहचानकर कानून के शिकंजे तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाएगी। खास बात यह है कि इस पूरे अभियान को ‘आपकी जानकारी, हमारी कार्रवाई’ जैसे स्पष्ट संदेश के साथ जोड़ा गया है, जिससे जनता को सीधे इस लड़ाई का भागीदार बनाया गया है।

टॉप वॉन्टेड: 10 लाख के इनामी चेहरे

सरकार द्वारा जारी पोस्टर में कई कुख्यात अपराधियों पर 10-10 लाख रुपये का इनाम घोषित किया गया है। इनमें संदीप सिंह उर्फ सन्नी, लखविंदर सिंह, हरविंदर सिंह उर्फ भोलू, सतनाम सिंह, बलविंदर सिंह डोनी, परविंदर सिंह और गौरव पंडित शामिल हैं। ये सभी आरोपी हत्या, फिरौती, गैंगवार, अवैध हथियार सप्लाई और संगठित अपराध जैसी गंभीर वारदातों में वांछित हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार इनका नेटवर्क कई जिलों और पड़ोसी राज्यों तक फैला हुआ है।

5 लाख के इनामी: गैंग नेटवर्क की रीढ़

पोस्टर में कई ऐसे अपराधियों को भी शामिल किया गया है, जिन पर 5 लाख रुपये का इनाम रखा गया है। इनमें सर्वण सिंह, रोहित गोयल, गुरविंदर सिंह (इंजीनियर), गुरदेव सिंह, अमित कुमार, अमरजीत सिंह, मनप्रीत सिंह, जोगिंदर सिंह, बलजीत सिंह, सुमित कुमार, गुरप्रीत सिंह, जसबीर सिंह, रविंदर सिंह और हर्ष कुमार शामिल हैं। इन अपराधियों पर लूट, हत्या की साजिश, नशा तस्करी, रंगदारी वसूली और गैंग ऑपरेशन चलाने के आरोप हैं। पुलिस का मानना है कि यही लोग बड़े गैंगस्टर नेटवर्क को जमीन पर ऑपरेट करते हैं।

पुलिस का क्राइम सिंडिकेट पर फोकस

पंजाब में पिछले कुछ वर्षों में गैंगवार, रंगदारी और शूटआउट की घटनाओं में बढ़ोतरी देखी गई है। जांच एजेंसियों के मुताबिक, ये गैंग सोशल मीडिया और विदेशों में बैठे सरगनाओं के जरिए संचालित हो रहे हैं। सरकार की यह पहल इन नेटवर्क्स की कमर तोड़ने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है। जब अपराधियों के चेहरे और नाम सार्वजनिक होंगे, तो उनके लिए कहीं भी छिपना मुश्किल हो जाएगा।

सूचना देने वालों की सुरक्षा सबसे ऊपर

सरकार ने साफ किया है कि जो भी व्यक्ति इन अपराधियों के बारे में जानकारी देगा, उसकी पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। इसके लिए विशेष हेल्पलाइन नंबर 93946-93946 जारी किया गया है। सूचना देने वाले को तय इनाम राशि दी जाएगी। नाम और पहचान किसी भी स्तर पर उजागर नहीं की जाएगी। पुलिस और खुफिया एजेंसियां तुरंत एक्शन लेंगी।

जनता बनी पुलिस की ‘इंटेलिजेंस’

इस अभियान का सबसे अहम पहलू यह है कि अब आम नागरिक भी अपराध नियंत्रण का हिस्सा बन गया है। सरकार ने लोगों से अपील की है कि वे डरें नहीं और आगे आकर सूचना दें। सरकार ने इस मुहिम के जरिये बदमाशों को दो-टूक कहा है कि वे या तो सरेंडर करें या फिर उन पर सीधी कार्रवाई होगी। पुलिस को भी निर्देश दिए गए हैं कि इन वॉन्टेड अपराधियों के खिलाफ अभियान तेज किया जाए और जल्द से जल्द गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए।

इसलिए अहम है यह कदम

  • पहली बार इतने बड़े स्तर पर वॉन्टेड लिस्ट सार्वजनिक
  • इनामी राशि के साथ फोटो जारी कर दबाव बढ़ाया गया
  • जनता की भागीदारी से इंटेलिजेंस नेटवर्क मजबूत होगा
  • गैंगस्टर इकोसिस्टम को जड़ से खत्म करने की कोशिश
Continue Reading

Trending