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पंजाब CM भगवंत मान ने लुधियाना में टाटा स्टील की ग्रीन प्लांट का किया उद्घाटन; रोजगार और हरित उत्पादन में आएगा बड़ा बदलाव

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लुधियाना में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने टाटा स्टील के अत्याधुनिक और पर्यावरण अनुकूल ग्रीन स्टील प्लांट का उद्घाटन किया। इस अवसर पर मंत्रिमंडल के मंत्री संजीव वरोला और हरदीप सिंह मुंडिया, मुख्य सचिव केएपी सिन्हा और अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। समारोह का आयोजन टाटा स्टील के वीरा सिंह द्वारा किया गया, जिसमें संयंत्र की सतत विकास और हरित औद्योगिक प्रथाओं के प्रति प्रतिबद्धता पर जोर दिया गया।

यह प्लांट 116 एकड़ भूमि पर स्थापित किया गया है और इसमें अत्याधुनिक इतालवी तकनीक का इस्तेमाल किया गया है। पूरी तरह से 100% पुनर्चक्रित सामग्री और नवीकरणीय ऊर्जा के उपयोग के कारण, यह पारंपरिक इस्पात उत्पादन की तुलना में कार्बन उत्सर्जन को काफी कम करता है। टाटा स्टील के सीईओ और एमडी टीबी नरेंद्रन ने ढाई वर्षों के तीव्र निर्माण कार्य में सहयोग देने के लिए मुख्यमंत्री और स्थानीय समुदाय को धन्यवाद दिया।

सीएम भगवंत मान ने उद्घाटन समारोह के दौरान कहा, “चाहे कोई रेहड़ी लगाने वाला हो या टाटा स्टील का प्लांट, पंजाब में किसी को घाटा नहीं होता। यह गुरुओं की धरती है, और हमें हर उद्योग और व्यवसाय को बढ़ावा देना चाहिए।” उन्होंने हलवारा एयरपोर्ट से दिल्ली के लिए फ्लाइट बुकिंग अगले हफ्ते से शुरू होने की जानकारी भी दी।

टाटा स्टील ने इस प्लांट पर 3,200 करोड़ रुपए का निवेश किया है और इससे 2,500 से अधिक लोगों को सीधे रोजगार मिलेगा। यह देश का दूसरा रिसाइकिल-आधारित ग्रीन स्टील प्लांट है। टाटा स्टील स्क्रैप-आधारित तकनीक को भारत और विदेशों में भी बढ़ावा दे रही है, जिसमें हरियाणा के रोहतक में स्क्रैप प्रोसेसिंग यूनिट और यूरोप में डिकार्बोनाइजेशन प्रोजेक्ट शामिल हैं।

इस प्लांट से पंजाब सरकार को सालाना 200 से 300 करोड़ रुपए का राजस्व मिलेगा। संयंत्र की सालाना उत्पादन क्षमता 0.75 मिलियन टन है और मुख्य रूप से निर्माण उद्योग के लिए टीएमटी बार और अन्य स्टील उत्पाद तैयार किए जाएंगे। यह परियोजना न केवल आर्थिक विकास बल्कि पर्यावरण संरक्षण की दिशा में भी अहम कदम साबित होगी।

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सुखबीर बादल के आरोपों पर Baltej Pannu का तीखा पलटवार, कहा- अपनी याददाश्त सुधारें बादल, बेअदबी का काला इतिहास आपका है

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के स्टेट मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल के हालिया बयानों पर तीखा पलटवार किया है। पन्नू ने कहा कि सुखबीर बादल बेअदबी की घटनाओं के लिए ‘आप’ सरकार को जिम्मेदार ठहरा कर अपनी राजनीतिक जमीन बचाने की नाकाम कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे यह भूल गए हैं कि पंजाब की जनता उनकी असलियत से अच्छी तरह वाकिफ है।

बलतेज पन्नू ने सुखबीर बादल की याददाश्त पर सवाल उठाते हुए कहा कि सुखबीर बादल कह रहे हैं कि ‘आप’ के आने के बाद पंजाब बेअदबी शुरू हुई। शायद वे भूल गए हैं कि 1986 में जब नकोदर में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी हुई और इंसाफ मांग रहे 4 नौजवान शहीद हुए, तब पंजाब में किसकी सरकार थी? क्या तब आम आदमी पार्टी पंजाब में थी? पंजाब के लोग भूले नहीं हैं कि उस खूनी मंजर के पीछे कौन सी ताकतें थीं।

पन्नू ने 2015 की घटनाओं का जिक्र करते हुए पूछा कि जून 2015 में बुर्ज जवाहर सिंह वाला से श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी का पावन स्वरूप चोरी हुआ, तब सत्ता में कौन था? जून में चोरी हुई बीड़ की बेअदबी अक्टूबर 2015 में की गई। इस पूरे दौर में पंजाब की सत्ता पर बादल परिवार का कब्जा था। क्या उस वक्त पंजाब में ‘आप’ की सरकार थी? सच तो यह है कि आपकी सरकार ने ही दोषियों को संरक्षण दिया।

पन्नू ने आगे कहा कि कोटकपूरा के बत्तियां वाले चौक पर शांतिपूर्ण विरोध कर रही संगत पर पुलिस ने बर्बरता की और बहबल कलां में गोलीबारी में दो निर्दोष सिख शहीद हुए। जस्टिस रणजीत सिंह कमीशन और जस्टिस जोरा सिंह कमीशन की रिपोर्टें साफ तौर पर इशारा करती हैं कि इन घटनाओं के पीछे असली चेहरे कौन थे। आज सुखबीर सिंह बादल खुद कोटकपूरा मामले में जमानत पर बाहर हैं। उनके साथ सुमेध सैनी, चरणजीत शर्मा और उमरानंगल जैसे लोग भी जमानत पर हैं, जो इनके शासनकाल के काले कारनामों की गवाही देते हैं।

बलतेज पन्नू ने  कहा कि 2007 से 2017 तक का अकाली दल का शासन पंजाब के इतिहास का काला अध्याय है। पंजाब को नशे, भ्रष्टाचार और बेअदबी के काले दौर में धकेलने के पीछे कोई और नहीं, बल्कि सुखबीर बादल और उनकी पार्टी ही है। अपनी जिम्मेदारियों से भागने के लिए अब वे ‘आप’ पर बेबुनियाद आरोप लगा रहे हैं, लेकिन पंजाब की जनता उन्हें कभी माफ नहीं करेगी।

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राजस्थान से पानी की रॉयल्टी पर कोर्ट जाएगी पंजाब सरकार:CM बोले- जो कहना है,वह कहें; चोर कभी नहीं कहता कि उसने चोरी की

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पंजाब-हरियाणा के बीच एसवाईएल विवाद अभी कोर्ट में चल रहा है, वहीं अब पंजाब और राजस्थान के बीच पानी की रॉयल्टी को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। राजस्थान द्वारा रॉयल्टी को लेकर इनकार के बयान पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान का कहना है कि वे इस मामले को लेकर कोर्ट जाएंगे।

कोर्ट में जाकर राजस्थान अपना पक्ष रखे। जो भी बताना है, वहाँ पर जाकर बता दे। हालाँकि, उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि चोर कभी नहीं कहता कि वह चोर है, लेकिन बाद में सारी बात कबूल लेता है।

“पहले तो वह ऐतराज़ ही करेंगे।”

20 मार्च को मुख्यमंत्री चंडीगढ़ में अपनी रिहाइश पर एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर रहे थे। इस दौरान मीडिया का सवाल था कि राजस्थान अब पानी की रॉयल्टी देने से इनकार कर रहा है। इस पर मुख्यमंत्री ने जवाब देते हुए कहा, “पहले तो वह ऐतराज़ ही करेंगे। चोर चोरी करने के बाद कोई व्यक्ति नहीं कहता कि मैंने चोरी की है। वह तो बाद में मनवाना पड़ता है। पकड़ा तो वह ट्रांसफार्मर से तेल चोरी के आरोप में जाता है, लेकिन बाद में 14-15 मोटरें चोरी करने और दो-चार मोटरसाइकिल चोरी करने की बात कबूल लेता है। उसी तरह हम कोर्ट केस लड़ेंगे। वह जो भी कहना है, कोर्ट में कह दे।”

इसके लिए पैसा मांग रहा पंजाब

18 मार्च को मुख्यमंत्री ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया था कि 1960 से अब तक राजस्थान ने पंजाब से जाने वाले पानी का भुगतान नहीं किया है। उन्होंने तर्क दिया कि 1920 में ब्रिटिश काल के दौरान बीकानेर रियासत और पंजाब के बीच एक समझौता हुआ था, जिसके तहत पानी के बदले शुल्क देना तय था। राजस्थान ने 1960 तक भुगतान किया, लेकिन सिंधु जल संधि के बाद इसे बंद कर दिया। राजस्थान रावी, ब्यास या सतलुज के बेसिन में नहीं आता है, इसलिए उसे मुफ्त पानी पाने का कोई प्राकृतिक अधिकार नहीं है। अब तक 1.44 लाख करोड़ का बकाया है।

राजस्थान सरकार को चिट्ठी लिखी

भगवंत मान ने कहा, “हैरानी की बात है कि सतलुज-यमुना लिंक नहर के ज़रिए पानी की मांग करने वाला राज्य इस भारी बकाया भुगतान के मुद्दे पर चुप है। हमने इस मुद्दे पर चर्चा करने के लिए राजस्थान सरकार को एक बैठक के लिए पत्र लिखा है। पंजाब इस मामले को मज़बूती से आगे बढ़ाएगा।”

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CM भगवंत मान 21 मार्च को आएंगे मोगा:धर्मकोट में रखेंगे विकास कार्यों की नींव, डीसी ने अधिकारियों से बैठक कर दिए निर्देश

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान 21 मार्च को मोगा जिले के धर्मकोट का दौरा करेंगे। इस दौरान वह विकास परियोजनाओं का शिलान्यास करेंगे। दौरे की तैयारियों का जायजा लेने के लिए डिप्टी कमिश्नर मोगा सागर सेतिया ने आज विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की।

डिप्टी कमिश्नर सेतिया ने हेलिपैड, मंच, सुरक्षा व्यवस्था और साफ-सफाई के प्रबंधों का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित विभागों के अधिकारियों को सौंपी गई जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाने के निर्देश दिए।

मंडी धर्मकोट में जनसभा को करेंगे संबोधित, कैला में नए स्कूल ऑफ एमिनेंस का करेंगे शिलान्यास

मुख्यमंत्री 21 मार्च को मिनी पी.एच.सी.एस. (प्राइमरी हेल्थ केयर सेंटर) को सब-डिवीजनल अस्पताल के रूप में उन्नत करने और कैला में नए स्कूल ऑफ एमिनेंस का नींव पत्थर रखेंगे। शिलान्यास समारोह के बाद, वे दाना मंडी धर्मकोट में एक जनसभा को संबोधित करेंगे।

मोगा में अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए डीसी सागर सेतिया।

मोगा में अधिकारियों के साथ बैठक करते हुए डीसी सागर सेतिया।

डीसी ने सभी विभागों को दिए आवश्यक दिशा-निर्देश, तैयारियों का लिया जायजा

डिप्टी कमिश्नर ने कार्यक्रम में तैनात सभी विभागों को उनकी जिम्मेदारियों के बारे में विस्तृत जानकारी दी और इस आयोजन को सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए। बैठक में अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर जसपिंदर सिंह, एस.डी.एम. धर्मकोट और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

विधानसभा चुनाव से पहले हलकों का दौरा कर रहे सीएम, वोटरों को लुभाने की कोशिश

गौरतलब है कि पंजाब में अगले साल विधानसभा के चुनाव होने हैं। इसको लेकर राजनीतिक दलों ने सरगर्मियां तेज कर दी है। अब मुख्यमंत्री भगवंत मान भी हलकों का दौरा कर वोटरों को साधने में जुटे हैं। दौरे को भी इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है।

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