Punjab
अमित शाह पंजाब के लोगों को जुमला नहीं, केंद्र द्वारा रोके गए 9000 करोड़ का हिसाब देकर जाएं: Kuldeep Dhaliwal
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने मोगा में गृह मंत्री अमित शाह की रैली पर तीखा हमला बोला है। धालीवाल ने कहा कि पंजाब की धरती पर कदम रखने से पहले अमित शाह को पंजाब के उन हजारों करोड़ रुपये का हिसाब देना चाहिए जो केंद्र सरकार ने रोक रखे हैं।
शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि अमित शाह जी, पंजाब की तरक्की के 8300 करोड़ रुपये जो अब बढ़कर 9000 करोड़ रुपये हो गए, केंद्र सरकार दबाकर बैठी हैं। इसमें आरडीएफ (ग्रामीण विकास फंड) समेत कई दूसरे फंड भी शामिल हैं, जिनसे पंजाब के गांवों में सड़कों का निर्माण होना था। क्या आप पंजाब के लोगों को सज़ा दे रहे हैं? अगर आप पंजाब आ रहे हैं, तो खाली हाथ मत आना, पंजाब को उसका हक साथ लेकर आना।
विधायक धालीवाल ने कहा कि जीएसटी लागू होने के बाद पंजाब को हुए वित्तीय नुकसान की भरपाई करने में केंद्र सरकार पूरी तरह नाकाम रही है। उन्होंने मांग की कि अमित शाह पंजाब के रुके हुए जीएसटी फंड को तुरंत जारी करने का ऐलान करें।
बाढ़ राहत के मुद्दे पर बोलते हुए धालीवाल ने कहा कि पिछले साल पंजाब में आई भयानक बाढ़ के कारण किसानों की फसलें और लोगों के घर बर्बाद हो गए थे। प्रधानमंत्री मोदी खुद दौरे पर आए थे और उन्होंने 1600 करोड़ रुपये की टोकन मनी देने का वादा किया था। आज 8 महीने बीत जाने के बावजूद पंजाब के लोगों को एक पैसा भी नहीं मिला है। देश के इतिहास में मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने आपदा पीड़ितों से झूठ बोलकर मुकर गए। अमित शाह बताएं कि वह पैसा कहां गया?
धालीवाल ने कृषि संकट पर केंद्र को घेरते हुए कहा कि मोदी सरकार ने पहले तीन काले कानून लाकर किसानों की जमीनें अपने कॉर्पोरेट दोस्तों को सौंपने की साजिश रची थी। जिसके विरोध में किसान दिल्ली की सीमाओं पर धरने पर बैठ गए थे और इस आंदोलन में करीब 750 किसान शहीद हो गए थे। हालांकि, मोदी सरकार को किसानों के आगे झुकना पड़ा और इन कानूनों को वापस लेना पड़ा। अब एक बार फिर अमेरिका के साथ सीक्रेट ‘ट्रेड डील’ करके पंजाब और देश के किसानों को संकट में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि ट्रंप प्रशासन समय-समय पर इस डील के बारे में ट्वीट करता है, लेकिन हमारे प्रधानमंत्री चुप हैं। क्या ट्रंप देश चला रहे हैं? हम ऐसी किसी भी डील को मंजूर नहीं करेंगे जिससे पंजाब की खेती बर्बाद हो जाए।
नशा तस्करी और सीमा सुरक्षा पर केंद्र की नाकामी पर बोलते हुए धालीवाल ने कहा कि पंजाब सरकार पाकिस्तान सीमा से होने वाली तस्करी के खिलाफ जंग लड़ रही है। पंजाब सरकार ने अपने रिसोर्स से 52 करोड़ रुपये खर्च करके एंटी-ड्रोन सिस्टम लगाए हैं, लेकिन गृह मंत्रालय के अधीन आने वाली केंद्रीय एजेंसियों ने पंजाब की मदद नहीं की है। उन्होंने सवाल किया कि केंद्र सरकार पंजाब को वह टेक्नोलॉजी और फंड क्यों नहीं दे रही है जिससे सीमा पार से आने वाले ड्रोन और हथियारों को रोका जा सके? क्या केंद्र जानबूझकर पंजाब को नशे की आग में झोंकना चाहता है?
धालीवाल ने आगे कहा कि उद्योगिक नीतियाँ और सब्सिडी केंद्र सरकार पड़ोसी राज्यों हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर को देती है, वही पंजाब को भी मिलनी चाहिए। पंजाब बॉर्डर स्टेट है, यहां की इंडस्ट्री को भी सस्ती बिजली और खास छूट मिलनी चाहिए ताकि राज्य का विकास हो सके।
धालीवाल ने कहा कि अमित शाह जी, पंजाब की धरती पर आकर फिर से कोई ‘जुमला’ या नया ‘लारा’ मत लेकर आना। पंजाब के लोग जागरूक हैं। अगर आप पंजाब की मदद नहीं कर सकते, तो आपको यहां आकर झूठ बोलने का कोई अधिकार नहीं है।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने दौरे के दौरान पंजाब के रोके गए फंड जरूर जारी करें: Baltej Pannu
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के जनरल सचिव और प्रदेश मीडिया प्रभारी बलतेज पन्नू ने जोर देकर कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अपने पंजाब दौरे के दौरान राज्य के रोके गए फंड जारी करवाएं। बलतेज पन्नू आज पटियाला स्थित ग्रीनफील्ड संत एन्क्लेव में ‘मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना’ के तहत कार्ड बनाने के लिए लगाए गए तीन दिवसीय पंजीकरण शिविर के दूसरे दिन मीडिया से बातचीत कर रहे थे।
इस अवसर पर बलतेज पन्नू ने बताया कि पंजाब सरकार द्वारा मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य के 65 लाख परिवारों के स्वास्थ्य योजना कार्ड बनाए जाने हैं और अब तक करीब 15 लाख लोगों के ये कार्ड बन चुके हैं।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए बलतेज पन्नू ने केंद्र सरकार को घेरते हुए कहा कि यदि गृह मंत्री पंजाब में रैली करने आए हैं, तो उन्हें राज्य का केंद्र की ओर से रोका गया आर.डी.एफ. और अन्य योजनाओं का फंड भी साथ लेकर आना चाहिए।
केंद्र सरकार पर पंजाब के साथ सौतेला व्यवहार करने का आरोप लगाते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि केंद्र ने हमेशा पंजाब के साथ भेदभाव ही किया है। उन्होंने कहा कि चंडीगढ़ पर पंजाब के अधिकार और पंजाब यूनिवर्सिटी जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्र ने हमेशा राज्य को उलझाकर रखा है। पन्नू ने पंजाब के लोगों से अपील की कि वे अमित शाह से इन गंभीर मुद्दों के बारे में जरूर सवाल पूछें।
उन्होंने आगे याद दिलाया कि बाढ़ के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वयं पंजाब का हवाई दौरा कर नुकसान की भरपाई के लिए 1600 करोड़ रुपये देने की घोषणा की थी, लेकिन अफसोस की बात है कि वह फंड आज तक पंजाब को नहीं मिला।
विपक्षी नेताओं पर टिप्पणी करते हुए पन्नू ने सुखपाल सिंह खैहरा के बारे में कहा कि उनका मानसिक संतुलन बिगड़ चुका है। वहीं शिरोमणि अकाली दल को घेरते हुए उन्होंने कहा कि अकाली सरकार के समय पंजाब में नशा और गैंगस्टरवाद चरम पर पहुंच गया था, जिसने राज्य को बुरी तरह नुकसान पहुंचाया। उन्होंने कहा, “आज मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की सरकार अकाली दल द्वारा बोए गए कांटों को हटाकर पंजाब को फिर से ‘रंगला पंजाब’ बनाने की कोशिश कर रही है।”
बलतेज पन्नू ने बताया कि मोहाली में आयोजित तीन दिवसीय पंजाब प्रगतिशील निवेशक सम्मेलन-2026 के पहले ही दिन बड़े उद्योगपतियों द्वारा राज्य में 10,000 करोड़ रुपये के निवेश के वादे किए जाना और कारोबार बढ़ाने का ऐलान करना मान सरकार की बड़ी उपलब्धि है।
बलतेज पन्नू ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रही जनकल्याणकारी योजनाओं के साथ-साथ रोजगार, खेल, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में हो रहे कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘आप’ सरकार दिन-रात पंजाब के विकास के लिए काम कर रही है। उन्होंने मान सरकार की उपलब्धियां गिनाते हुए कहा कि मौजूदा सरकार पंजाब की अर्थव्यवस्था और सामाजिक सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
इस मौके पर इम्प्रूवमेंट ट्रस्ट नाभा के चेयरमैन जस्सी सोहियां वाला, मेघ चंद शेरमाजरा और गुरविंदर सिंह सहित अन्य पदाधिकारी भी मौजूद थे।
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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से आप पंजाब प्रधान अमन अरोड़ा के 8 सवाल:
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मोगा रैली से पहले, आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब प्रधान और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने शनिवार को भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार से आठ मुश्किल सवाल पूछे। उन्होंने पंजाब के रोके गए फंड, जीएसटी का भारी नुकसान, बाढ़ राहत, इंडस्ट्री, नशा तस्करी, रोज़गार और रसोई गैस की बढ़ती कीमतों जैसे मुद्दों पर साफ जवाब मांगे।
अमन अरोड़ा ने कहा कि यह दौरा सिर्फ राजनीतिक बयानबाजी तक सीमित नहीं रह सकता। उन्होंने कहा कि तीन करोड़ पंजाबी केंद्रीय गृह मंत्री से जवाबदेही की उम्मीद कर रहे हैं और वे पंजाब की गंभीर आर्थिक और प्रशासनिक चिंताओं पर खोखले नारों या “जुमलों” के बजाय ठोस जवाब के हकदार हैं।
चंडीगढ़ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए आप पंजाब प्रधान और कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाबियों की मेहमानों का सम्मान के साथ स्वागत करने की पुरानी परंपरा है, लेकिन इस बार पंजाब के लोग केंद्रीय गृह मंत्री से जवाबदेही की उम्मीद रखते हैं। अमन अरोड़ा ने कहा कि गृह मंत्री अमित शाह पंजाब की धरती पर आए हैं, हम उनका स्वागत करते हैं। लेकिन तीन करोड़ पंजाबियों की चिंता सीधी है—खोखले वादे न करें और जुमले न सुनाएं।
आप पंजाब प्रधान ने नोट किया कि दो दिन पहले उन्होंने पंजाब से जुड़े कई ज़रूरी मुद्दे उठाए थे और उम्मीद जताई थी कि भाजपा की पंजाब लीडरशिप अमित शाह के दौरे से पहले कोई जवाब देगी या कोई घोषणा करेगी। अमन अरोड़ा ने कहा कि हालांकि, पिछले दो दिनों में, भाजपा पंजाब के एक भी नेता ने इन चिंताओं पर बात नहीं की है। उन्होंने मीडिया से भी अपील की कि वे अमित शाह और भाजपा पंजाब नेताओं से पंजाब के लोगों द्वारा उठाए जा रहे मुद्दों पर सवाल पूछें।
पंजाब का 8,300 करोड़ रुपये का आरडीएफ और एमडीएफ फंड रोके गए
पहला मुद्दा उठाते हुए, अमन अरोड़ा ने केंद्रीय गृह मंत्री से यह साफ़ करने को कहा कि केंद्र सरकार ने पिछले चार सालों से ग्रामीण विकास फंड (आरडीएफ) और मार्केट विकास फंड (एमडीएफ) के तहत पंजाब का 8,300 करोड़ रुपये किस कानून के तहत रोक रखे है। अमन अरोड़ा ने पूछा कि यह पैसा पंजाब के मेहनती किसानों और लोगों का है। यह ग्रामीण विकास के लिए है। केंद्र ने इसे क्यों रोका है और यह कब जारी किया जाएगा?
पंजाब को 60,000 करोड़ रुपये का जीएसटी नुकसान
जीएसटी सिस्टम के तहत पंजाब को हुए वित्तीय नुकसान पर रोशनी डालते हुए, अमन अरोड़ा ने कहा कि मुआवज़ा प्रणाली सिर्फ़ पाँच साल तक चला, जिससे पंजाब को बहुत बड़ा नुकसान हुआ। अमन अरोड़ा ने सवाल किया कि जीएसटी मुआवज़ा सिर्फ़ पाँच साल के लिए दिया गया था, लेकिन पंजाब को लगभग 60,000 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। केंद्र सरकार पंजाब को इस बड़े नुकसान की भरपाई कैसे करने की योजना बना रही है?
1,600 करोड़ रुपये की बाढ़ राहत अभी तक जारी नहीं हुई
पंजाब में आई भयानक बाढ़ का ज़िक्र करते हुए कैबिनेट मंत्री ने याद दिलाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रभावित इलाकों के दौरे के दौरान 1,600 करोड़ रुपये के राहत पैकेज का ऐलान किया था। अमन अरोड़ा ने कहा कि अमित शाह आज अपने साथ क्या वे 1,600 करोड़ रुपये का चेक लेकर आ रहे हैं? अगर हाँ, तो उन्हें पंजाब को सौंप देना चाहिए। अगर नहीं, तो उन्हें अपनी रैली में बताना चाहिए कि पैसा अभी तक जारी क्यों नहीं किया गया।
एकतरफ़ा भारत-यूएस ट्रेड डील
आप पंजाब प्रधान ने भारत-यूएस ट्रेड डील को एकतरफ़ा कहने के लिए केंद्र सरकार की आलोचना की। अमन अरोड़ा ने कहा कि डील बराबर के लोगों के बीच होती है, लेकिन जिस तरह से भाजपा सरकार ने यूएस राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के आगे घुटने टेके हैं, वह डील से ज़्यादा एक आदेश जैसा लग रहा है। इस डील से देश भर के करोड़ों किसानों और छोटे कारोबारियों को नुकसान होगा। उन्होंने सवाल किया कि भाजपा सरकार को ऐसी शर्तें मानने की क्या मजबूरी थी और अमित शाह से पंजाब के लोगों को यह मुद्दा करें।
पड़ोसी राज्यों में टैक्स में छूट से पंजाब की इंडस्ट्री को नुकसान
पंजाब के उद्योगिक क्षेत्र की हालत का ज़िक्र करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि केंद्र की तरफ़ से हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू-कश्मीर जैसे पड़ोसी राज्यों को दी गई टैक्स में छूट से पंजाब के उद्योगों पर बुरा असर पड़ा है। अमन अरोड़ा ने पूछा कि सीमा पर अंतरराष्ट्रीय व्यापार रूट बंद होने से पंजाब पहले से ही परेशान है। इसके साथ ही, पड़ोसी राज्यों को छूट देने से पंजाब के उद्योग और व्यापारी संकट में पड़ गए हैं। केंद्र पंजाब की इंडस्ट्री को क्या राहत या मुआवज़ा देगा?”
अंतरराष्ट्रीय सीमा और गुजरात के बंदरगाहो से द्वारा पंजाब में दाखिल हो रहा है नशा
नशा तस्करी की चुनौती के बारे में बात करते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार ने पूरे पंजाब में नशा के ख़िलाफ़ एक बड़ा अभियान शुरू किया है। उन्होंने बताया कि नशा अक्सर केंद्र सरकार के नियंत्रण वाली अंतरराष्ट्रीय सीमा या गुजरात जैसे राज्यों में मौजूद बंदरगाहो से आता हैं। अमन अरोड़ा ने पूछा, “नशा तस्करी को रोकने के लिए केंद्र सरकार क्या ठोस कदम उठा रही है, और वह इस लड़ाई में पंजाब सरकार का कैसे सहयोग करेगी?
मनरेगा को खत्म करना
अमन अरोड़ा ने केंद्र सरकार के 20 साल पुरानी ग्रामीण रोजगार योजना महात्मा गांधी नेशनल रूरल एम्प्लॉयमेंट गारंटी एक्ट (मनरेगा) को बंद करने और उसकी जगह ‘वीबी-जी राम जी’ नाम की नई योजना लाने के फैसले पर चिंता जताई। अमन अरोड़ा ने पूछा, “मनरेगा देश भर के लाखों गरीब मजदूरों के लिए सहारा बन गया था। केंद्र सरकार इस स्कीम को खत्म करके ऐसा गोलमोल कानून क्यों ला रही है जिससे करोड़ों लोग बेरोज़गार हो सकते हैं?”
एलपीजी संकट और बढ़ती कीमतें
एलपीजी संकट और गैस की बढ़ती कीमतों को लेकर केंद्र पर निशाना साधते हुए अमन अरोड़ा ने कहा कि कई जगहों पर एलपीजी सिलेंडर के लिए लंबी लाइनें लग रही हैं। उन्होंने बरनाला की एक दुखद घटना का ज़िक्र किया, जहाँ सिलेंडर के लिए लाइन में खड़े एक व्यक्ति की कथित तौर पर हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। अमन अरोड़ा ने कहा कि यह स्थिति लोगों को नोटबंदी के दर्दनाक दिनों की याद दिलाती है, जब कई नागरिक लाइनों में खड़े-खड़े मर गए थे।
अमन अरोड़ा ने आगे कहा कि यह संकट केंद्र सरकार की घरेलू और विदेशी नीतियों की नाकामी को दर्शाता है। अमन अरोड़ा ने कहा कि भाजपा सरकार यूएस के दबाव में आत्मसमर्पण करते हुए ईरान और रूस जैसे दोस्त देशों के साथ भी संतुलित रिश्ते बनाए रखने में असफल रही है। यह नीतियां पूरे देश को नुकसान पहुंचा रही है।
आखिर में, अमन अरोड़ा ने कहा कि उठाए गए आठ सवाल पंजाब के लोगों की चिंताओं को दर्शाता हैं और अमित शाह के दौरे के दौरान इनका जवाब दिया जाना चाहिए। अमन अरोड़ा ने कहा कि अगर अमित शाह सच में लोगों के प्रति ज़िम्मेदार महसूस करते हैं, तो उन्हें अपने दौरे के दौरान इन आठ सवालों का जवाब देना चाहिए। पंजाब को जवाब मिलना चाहिए, खोखले नारे नहीं।
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अमित शाह की रैली से पहले अमन अरोड़ा के सवाल, बोले-1600 करोड़ की राहत राशि का हिसाब दें केंद्र
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मोगा में होने वाली रैली से पहले पंजाब सरकार के मंत्री अमन अरोड़ा ने केंद्र सरकार पर कई सवाल उठाए। चंडीगढ़ में आयोजित संवाददाता बैठक में उन्होंने कहा कि पंजाब से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर केंद्र को स्पष्ट जवाब देना चाहिए। अमन अरोड़ा ने सबसे पहले ग्रामीण विकास निधि की राशि का मुद्दा उठाया।
उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने इस मद में पंजाब के करोड़ों रुपये रोक रखे हैं। इसके कारण राज्य के विकास कार्य प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र को यह स्पष्ट करना चाहिए कि यह राशि कब जारी की जाएगी। मंत्री ने पिछले वर्ष आई बाढ़ का जिक्र करते हुए कहा कि उस आपदा से पंजाब को भारी नुकसान हुआ था।
उस समय प्रधानमंत्री ने राज्य के लिए सोलह सौ करोड़ रुपये की राहत राशि देने की घोषणा की थी। लेकिन अभी तक उस राशि में से एक भी रुपया पंजाब को नहीं मिला है।
अमित शाह बताएं, वे 1600 करोड़ का चेक लाए हैं
अमन अरोड़ा ने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह जब पंजाब आए हैं तो उन्हें यह बताना चाहिए कि क्या वह सोलह सौ करोड़ रुपये का चेक लेकर आए हैं। उन्होंने कहा कि यदि वह राशि लेकर आए हैं तो उसे मुख्यमंत्री भगवंत मान को सौंपा जाए, और यदि नहीं लाए तो अपनी रैली में जनता को इसका कारण बताया जाए।
मंत्री ने भारत और अमेरिका के बीच हुए समझौते पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह समझौता नहीं बल्कि एकतरफा आदेश जैसा प्रतीत होता है, जिससे किसानों और व्यापारियों को नुकसान हो सकता है। उन्होंने पूछा कि सरकार ने इस समझौते के सामने झुकने का निर्णय क्यों लिया।
अमन अरोड़ा ने यह भी कहा कि पड़ोसी राज्यों को कर में छूट देने से पंजाब को आर्थिक नुकसान हुआ है। उनके अनुसार इस विषय पर भी केंद्र सरकार को अपनी स्थिति स्पष्ट करनी चाहिए।
दूसरे राज्यों से आ रहे नशे पर भी उठाया सवाल
नशे के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य में नशे के खिलाफ लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कई बार नशे की खेप दूसरे राज्यों से आती है। इसलिए इसे रोकने के लिए केंद्र सरकार को भी सख्त कदम उठाने चाहिए।
मंत्री ने रोजगार योजना को लेकर भी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि करीब बीस वर्षों से चल रही इस योजना में बदलाव से लाखों लोगों के सामने बेरोजगारी का खतरा पैदा हो सकता है। उन्होंने केंद्र से पूछा कि आखिर इस तरह का निर्णय किस मजबूरी में लिया गया।
गैस किल्लत पर केंद्र को घेरा
अमन अरोड़ा ने गैस संकट का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि गलत विदेश और घरेलू नीतियों के कारण देश में गैस की किल्लत की स्थिति बनी हुई है। उन्होंने बरनाला की एक घटना का जिक्र करते हुए कहा कि गैस सिलेंडर लेने के लिए लगी लंबी लाइन में खड़े एक व्यक्ति की मौत हो गई।
उन्होंने कहा कि ऐसी स्थिति पहले भी नोटबंदी के समय देखने को मिली थी, जब लोग लंबी लाइनों में खड़े रहने को मजबूर हुए थे। अरोड़ा ने कहा कि इन सभी मुद्दों पर केंद्र सरकार को जनता के सामने स्पष्ट जवाब देना चाहिए।
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