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CM भगवंत मान की डिजिटल पहल को राष्ट्रीय पहचान, हैदराबाद में मिला ”Digital Excellence” पुरस्कार

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नागरिक-केंद्रित सुधारों के तहत पारदर्शिता, दक्षता और जन सेवाओं की निर्बाध डिलीवरी सुनिश्चित करने के लिए तकनीक के प्रभावी उपयोग में अग्रणी पहलों के चलते पंजाब सरकार को टेक्नोलॉजी सभा 2026 के दौरान प्रतिष्ठित “डिजिटल एक्सीलेंस” अवॉर्ड से सम्मानित किया गया है।

पंजाब के सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी विभाग के डायरेक्टर श्री विशेष सारंगल ने राज्य सरकार की ओर से यह पुरस्कार हैदराबाद में इंडियन एक्सप्रेस ग्रुप द्वारा आयोजित टेक्नोलॉजी सभा 2026 के दौरान प्राप्त किया। इस समारोह में देशभर के शीर्ष तकनीकी विशेषज्ञों और नीति-निर्माताओं ने भाग लिया।

इस पुरस्कार को राज्य के नागरिकों और विभागीय टीम को समर्पित करते हुए सुशासन एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि यह सम्मान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार द्वारा पारदर्शी, पेपरलेस और जवाबदेह प्रशासनिक ढांचा स्थापित करने के प्रयासों का परिणाम है।

श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि यह प्रतिष्ठित पुरस्कार राज्य सरकार के सुशासन और नागरिक-केंद्रित सुधारों के प्रति समर्पण को रेखांकित करता है। उन्होंने इस उपलब्धि का श्रेय ‘विचौलिया संस्कृति’ को समाप्त करने और नागरिकों को उनके घर-द्वार पर सम्मानजनक एवं सहज सेवाएं उपलब्ध कराने के प्रयासों को दिया। उन्होंने कहा कि यह डिजिटल परिवर्तन केवल तकनीक तक सीमित नहीं है, बल्कि यह व्यवस्था में जनता के विश्वास को पुनर्स्थापित करने की दिशा में एक ठोस कदम है।

उन्होंने राज्य सरकार की अभिनव डिजिटल पहलों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि “भगवंत मान सरकार आपके द्वार” योजना के तहत नागरिक हेल्पलाइन नंबर 1076 पर कॉल करके घर बैठे 430 से अधिक सरकारी सेवाएं प्राप्त कर सकते हैं। अब नागरिकों को सरकारी दफ्तरों के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है।
उन्होंने बताया कि पंजाब के सरपंचों, नंबरदारों और नगर काउंसिलरों (एमसी) को ऑनलाइन आवेदनों की सत्यापन प्रक्रिया के लिए अधिकृत किया गया है, जिससे आवश्यक प्रमाण-पत्रों के जारी होने की प्रक्रिया में उल्लेखनीय तेजी आई है और तकनीक को जमीनी नेतृत्व से जोड़ा गया है।

पटवारियों और फील्ड स्टाफ की सफल ऑनबोर्डिंग के बाद राज्य सरकार द्वारा 12.5 लाख से अधिक आवेदनों पर ऑनलाइन कार्रवाई की जा चुकी है। इस डिजिटल एकीकरण के परिणामस्वरूप लंबित मामलों की दर मात्र 0.33 प्रतिशत रह गई है, जो सिस्टम की दक्षता को दर्शाती है।
इसके अतिरिक्त, एम-सेवा और कनेक्ट पंजाब एक एकीकृत मोबाइल प्लेटफॉर्म और मजबूत शिकायत निवारण प्रणाली प्रदान करते हैं, जिससे नागरिक अपने आवेदनों की ट्रैकिंग कर सकते हैं और वास्तविक समय में फीडबैक दर्ज करा सकते हैं। इससे हर स्तर पर जवाबदेही सुनिश्चित हो रही है।

भविष्य की रूपरेखा पर प्रकाश डालते हुए श्री विशेष सारंगल ने कहा, “हम इस उपलब्धि तक सीमित नहीं रहेंगे। पंजाब की डिजिटल यात्रा के अगले चरण में सेवा वितरण को और अधिक सरल बनाने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) को एकीकृत किया जाएगा। हमारा लक्ष्य आय, निवास और जाति प्रमाण-पत्र सहित सभी प्रमुख सेवाओं के लिए 100 प्रतिशत पेपरलेस और कॉन्टैक्टलेस इकोसिस्टम स्थापित करना है। यह पुरस्कार लालफीताशाही को पूरी तरह समाप्त करने के हमारे संकल्प को और मजबूत करेगा तथा आम नागरिकों के लिए हर सरकारी सेवा को एक क्लिक पर उपलब्ध कराएगा।”

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Waiver on Russian Oil Imports: रूसी तेल पर अमेरिका ने एक महीने की छूट बढ़ाई, जानें क्या है नया आदेश

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कुछ दिन पहले तक अमेरिका साफ कह रहा था कि वह रूस से तेल खरीद पर दी गई छूट को आगे नहीं बढ़ाएगा, लेकिन अब अचानक फैसला बदल गया है। अमेरिका ने रूस से पेट्रोलियम उत्पादों की खरीद पर दी गई छूट को एक महीने के लिए बढ़ा दिया है।

क्या है अमेरिकी वित्त मंत्रालय का नया आदेश?

अमेरिकी वित्त मंत्रालय ने शुक्रवार देर रात एक नया आदेश (जनरल लाइसेंस संख्या 134B) जारी किया है। इस आदेश के मुताबिक, रूसी तेल पर लगे प्रतिबंधों से मिली छूट अब 16 मई 2026 तक लागू रहेगी। हालांकि, इसमें एक छोटी सी शर्त है, यह छूट केवल उसी तेल पर मिलेगी जो 17 अप्रैल या उससे पहले ही समुद्र में जहाजों पर लद चुका था।

इससे पहले, अमेरिका ने भारत समेत कई देशों को मार्च में विशेष छूट दी थी, जिसकी समयसीमा 11 अप्रैल को खत्म हो गई थी। अब इस नई मोहलत से उन देशों को राहत मिलेगी जिनके जहाज अभी रास्ते में हैं।

नया नियम क्या कहता है?

अमेरिकी वित्त मंत्रालय के आदेश के मुताबिक, अब जनरल लाइसेंस 134A की जगह 134B लागू किया गया है। पुराना लाइसेंस 11 अप्रैल को खत्म हो गया था, जबकि नया लाइसेंस 17 अप्रैल 2026 से प्रभावी हो चुका है और 16 मई तक मान्य रहेगा।

किन पर लागू नहीं होगी यह छूट?

अमेरिका ने साफ कर दिया है कि यह राहत हर किसी के लिए नहीं है। ईरान, उत्तर कोरिया, क्यूबा या यूक्रेन के कुछ हिस्सों से जुड़े किसी भी व्यक्ति या संस्था के साथ होने वाले लेनदेन इस छूट के दायरे में नहीं आएंगे। यानि कुछ देशों और संस्थाओं पर पाबंदियां पहले की तरह जारी रहेंगी।

स्कॉट बेसेंट के बयान के बाद आया यू-टर्न

इस पूरी कहानी में सबसे बड़ा ट्विस्ट बुधवार को आया था। अमेरिकी वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट ने साफ तौर पर कहा था कि अमेरिका अब रूसी या ईरानी तेल पर किसी भी तरह की छूट की अवधि को आगे नहीं बढ़ाएगा। उनके इस सख्त बयान के बाद कयास लगाए जा रहे थे कि अब तेल की सप्लाई कम होगी और दाम आसमान छुएंगे। लेकिन शुक्रवार रात आते-आते अमेरिकी सरकार ने नया लाइसेंस जारी कर सबको सरप्राइज दे दिया।

ईरान-इजरायल तनाव और तेल का खेल

अमेरिका के इस फैसले के पीछे की सबसे बड़ी वजह मिडिल-ईस्ट में चल रहा तनाव है। ईरान और इजरायल के बीच युद्ध जैसी स्थिति बनने के बाद से ही कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने लगी थीं। अगर अमेरिका रूसी तेल को बाजार में आने से पूरी तरह रोक देता, तो सप्लाई चेन ठप हो सकती थी।

आंकड़ों की मानें तो पिछली छूट की वजह से रूस का करीब 14 करोड़ बैरल तेल ग्लोबल मार्केट तक पहुंच सका। अगर यह तेल बाजार में नहीं आता, तो दुनिया के कई देशों में पेट्रोल-डीजल के दाम बेकाबू हो सकते थे। इसी खतरे को भांपते हुए अमेरिका ने फिलहाल एक महीने का ब्रीथिंग स्पेस दिया है।

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आज से चारधाम यात्रा शुरू, 18.25 लाख श्रद्धालुओं ने कराया रजिस्ट्रेशन

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उत्तराखंड में चारधाम यात्रा शनिवार से शुरू हो गई है. ऋषिकेश में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 10 बसों को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के लिए रवाना किया. 19 अप्रैल को यमुनोत्री धाम और गंगोत्री धाम के जब कपाट खुलेंगे उस वक्त ये यात्री वहां मौजूद रहेंगे. इस साल चार धाम यात्रा के लिए अब तक 18.25 लाख श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है. वहीं, पिछले साल 23 लाख श्रद्धालुओं ने रजिस्ट्रेशन करवाया था. 

ऋषिकेश और हरिद्वार में गुरुवार से ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन भी शुरू हो गए है. इस साल सबसे पहले मध्यप्रदेश के शहडोल के 100 यात्रियों ने रजिस्ट्रेशन करवाया था. सभी यमुनोत्री और गंगोत्री के दर्शन करेंगे. 

केदारनाथ-बद्रीनाथ मंदिर में गैर-हिंदुओं की एंट्री बैन

बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिर में इस बार गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक रहने वाली है. सिर्फ हिंदू, सिख, जैन और बौद्ध धर्म के लोग ही बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिर में एंट्री दी जाएगी. अन्य धर्म के लोगों को कैसे मंदिर में एंट्री करने से रोका जाएगा, इसके लिए मंदिर समिति ने स्पष्ट निर्देश नहीं दिए हैं.

मंदिर में दोपहर में नहीं होगी विशेष पूजा

केदारनाथ मंदिर के गर्भगृह में श्रद्धालुु अब फूल और गंगाजल नहीं चढ़ा पाएंगे. मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने बताया कि विशेष पूजा दोपहर में नहीं की जाएगी. रात में 11 बजे से सुबह 4 बजे के बीच ही अब विशेष पूजा करवाई जाएगी.

54 हजार गाड़ियों के लिए 118 पार्किंग जोन

यात्रा मार्ग पर वाहन सुबह चार बजे से रात 10 बजे तक चल सकते हैं. इसके बाद उन्हें चेक पोस्ट पर रोक दिया जाएगा. यात्रा मार्ग को 16 सुपरजोन में बांटा गया है. वहां, 54 हजार गाड़ियों के लिए 118 पार्किंग जोन बनाए गए हैं. केदारनाथ में पैदल यात्रा से पहले बुजुर्ग और ब्लड प्रेशर के मरीज गौरीकुंड में जांच करवाई जा सकती है.

यात्रा मार्ग पर 48 हॉल्टिंग प्वाइंट

यात्रा मार्ग पर 48 हाल्टिंग प्वाइंट बनाए गए हैं. प्राकृतिक आपदा की स्थिति में यहां 1.18 लाख लोग रुक सकते हैं. यात्रा मार्ग पर 80 ऐसे प्वाइंट चिन्हित किए गए हैं, जहां भूस्खलन की आशंका है. यहां आपातकालीन टीमें भी तैनात की गईं हैं.

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पंजाब में मंत्री संजीव अरोड़ा के घर ईडी की रेड पर AAP राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने BJP पर उठाए सवाल

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आम आदमी पार्टी ने पंजाब में लगातार हो रही प्रवर्तन निदेशालय की छापेमारियों को लेकर केंद्र की भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि पिछले तीन दिनों में पंजाब में AAP के दो वरिष्ठ नेताओं पर ED की रेड होना यह साफ दिखाता है कि यह कोई कानूनी कार्रवाई नहीं, बल्कि चुनाव से पहले रची गई राजनीतिक साजिश है। जो दिखाता है कि बीजेपी सत्ता हथियाने के लिए हर सरकारी मशीनरी का दुरुपयोग करती है।

अनुराग ढांडा ने कहा कि राज्यसभा सांसद अशोक मित्तल और कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा के घरों पर लगातार कार्रवाई यह साबित करती है कि भाजपा सरकार एजेंसियों को अपने राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि अगर ये कार्रवाई सच में भ्रष्टाचार के खिलाफ है, तो अब तक आप नेताओं पर हुई सैकड़ों ED और CBI रेड में आखिर कितना पैसा बरामद हुआ?

उन्होंने कहा कि तथ्य यह है कि अब तक किसी भी बड़े मामले में कोई ठोस बरामदगी नहीं हुई है। अधिकांश मामलों में अदालतों में जाकर केस बिना सबूतों के ढह जाते हैं। इसके बावजूद लगातार रेड करना यह दिखाता है कि मकसद न्याय नहीं, बल्कि विपक्ष को डराना और बदनाम करना है। और जनता के बीच भय पैदा करना है।

अनुराग ढांडा ने कहा कि देश की जनता का पैसा इन एजेंसियों पर खर्च होता है, अधिकारियों की सैलरी, ऑपरेशन, जांच सब का खर्च टैक्स पेयर्स से लिया जाता है. लेकिन इसका इस्तेमाल जनता के हित में नहीं, बल्कि भाजपा के राजनीतिक एजेंडे को आगे बढ़ाने में किया जा रहा है।

उन्होंने तीखा कटाक्ष करते हुए कहा कि भाजपा की हालत पंजाब में इतनी कमजोर है कि उनके पास 117 सीटों पर लड़ने के लिए मजबूत उम्मीदवार तक नहीं हैं। इसी कमी को छुपाने के लिए वे ED और CBI के जरिए विपक्ष को दबाने की कोशिश कर रहे हैं।

अनुराग ढांडा ने कहा कि यह पैटर्न अब साफ हो चुका है, जहां चुनाव आते हैं, वहां सबसे पहले ED और CBI पहुंचती हैं। दिल्ली, झारखंड, महाराष्ट्र, तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल- हर जगह यही स्क्रिप्ट दोहराई गई है। अब पंजाब को भी उसी प्रयोगशाला में बदलने की कोशिश हो रही है।

उन्होंने कहा कि अगर यही लोकतंत्र है, तो फिर तानाशाही किसे कहते हैं? आज हालात यह हैं कि सरकार अपने विरोधियों को खत्म करने के लिए जांच एजेंसियों का खुला दुरुपयोग कर रही है और जवाबदेही से पूरी तरह बच रही है।

अनुराग ढांडा ने कहा कि पंजाब वीरों और संघर्ष करने वाली जनता की धरती है। यहां डराने और दबाने की राजनीति कभी सफल नहीं हुई और आगे भी नहीं होगी। उन्होंने चेतावनी दी कि जितना ज्यादा दमन होगा, उतनी ही मजबूती से जनता जवाब देगी।

उन्होंने अंत में कहा कि यह लड़ाई अब सिर्फ आम आदमी पार्टी की नहीं रही, बल्कि लोकतंत्र बनाम तानाशाही की लड़ाई बन चुकी है। पंजाब की जनता आने वाले चुनाव में भाजपा को इसका करारा जवाब देगी और साफ संदेश देगी कि एजेंसियों के दम पर राजनीति नहीं चलती।

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