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लाला लाजपत राय के जन्म स्थल ढुड्डीके को मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाएगा: CM भगवंत सिंह मान
Punjab News: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज घोषणा की कि लाला लाजपत राय के जन्म स्थल ढुड्डीके को पूर्ण रूप से एक मॉडल गांव में तब्दील किया जाएगा, जहां सीवरेज, तालाब, खेल मैदान सहित सभी बुनियादी ढांचे को सुदृढ़ किया जाएगा। 71वें लाला लाजपत राय जन्म दिवस खेल मेले को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारें केवल कागज़ी योजनाएं बनाती रहीं, जबकि उनकी सरकार ने राज्य के विकास के लिए एक वर्ष के भीतर ज़मीनी स्तर पर काम कर दिखाया है।
पंजाब केसरी लाला लाजपत राय की स्मृति में आयोजित कबड्डी और हॉकी टूर्नामेंट का आनंद लिया
भगवंत सिंह मान ने वादा किया कि वे लाला जी के अगले जन्मदिवस पर इन सभी परियोजनाओं के पूर्ण होने के बाद पुनः यहां आएंगे। सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल को एक ओर रखते हुए, जनता से अपनी गहरी जुड़ाव को दर्शाते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां गांववासियों के साथ ग्रामीण खेल मेले के दौरान पंजाब केसरी लाला लाजपत राय की स्मृति में आयोजित कबड्डी और हॉकी टूर्नामेंट का आनंद लिया।
मुख्यमंत्री ने युवाओं के साथ सेल्फी लेते हुए और बुजुर्गों से आशीर्वाद ग्रहण करते हुए कहा, “मैं एक आम व्यक्ति हूं और अपने भाइयों तथा बुजुर्गों के साथ इस ग्रामीण खेल मेले को देखने आया हूं, जो हमारी आत्मा का हिस्सा है। अपने लोगों के साथ मिलकर मुझे अत्यंत खुशी मिलती है।”
इस दौरान रोमांचक कबड्डी मुकाबले को देखने पहुंचे दर्शकों से मिलते हुए मुख्यमंत्री ने सुरक्षा प्रोटोकॉल को दरकिनार कर खिलाड़ियों से व्यक्तिगत रूप से हाथ मिलाया, जो जनता के साथ उनके गहरे जुड़ाव को दर्शाता है। इस अवसर पर भीड़ ने जोरदार तालियों के साथ उनका स्वागत किया।
उन्होंने कहा, “यह आयोजन पंजाब के महान स्वतंत्रता सेनानी लाला लाजपत राय के जन्मदिवस की स्मृति में आयोजित टूर्नामेंट का हिस्सा है।” उन्होंने कहा कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अहम भूमिका निभाने वाले इस महान राष्ट्रवादी की विरासत युवाओं को सदैव प्रेरित करती रहेगी।
पारंपरिक लोक संगीत और उत्सवपूर्ण माहौल के बीच जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि “पंजाब की देसी खेलों को और मज़बूत करना समय की आवश्यकता है।” उन्होंने कहा कि “कबड्डी, बैलगाड़ी दौड़ और अन्य पारंपरिक खेल केवल खेल नहीं, बल्कि हमारी समृद्ध संस्कृति और विरासत का अभिन्न अंग हैं।” भगवंत सिंह मान ने कहा, “ये खेल पंजाबियों की भावना, शक्ति और एकता को दर्शाते हैं और पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ते आए हैं।”
सरकार खेल क्षेत्र में पंजाब की प्राचीन शान को पुनः स्थापित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी
खेलों को बढ़ावा देने के प्रति राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार खेल क्षेत्र में पंजाब की प्राचीन शान को पुनः स्थापित करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि पारंपरिक खेल एक बार फिर फले-फूले और गांवों के युवाओं को आगे बढ़ने का मंच मिले। मुख्यमंत्री ने लोगों को कीला रायपुर में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित मिनी ओलंपिक में भाग लेने का निमंत्रण देते हुए बताया कि ये खेल 31 जनवरी से शुरू होंगे।
मुख्यमंत्री ने कहा कि 16 वर्षों के बाद बैलगाड़ी दौड़ों का दोबारा शुरू होना इस आयोजन का मुख्य आकर्षण होगा। उन्होंने कहा कि यह हमारी समृद्ध परंपराओं को पुनर्जीवित करने और पंजाब की खेल विरासत को मनाने का सुनहरा अवसर होगा। उन्होंने घोषणा की कि गांव ढुड्डीके की पंचायत द्वारा उठाई गई सभी मांगों को तुरंत पूरा किया जा रहा है, जिनमें नई सीवरेज लाइन बिछाना, गांव के तालाब का नवीनीकरण, एक आधुनिक खेल मैदान का विकास तथा जीवन स्तर को ऊंचा उठाने के लिए अन्य बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शामिल हैं।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य के सबसे बड़े स्वास्थ्य सुधार कार्यक्रम के रूप में मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना को पूरे पंजाब में लागू किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस योजना के तहत अब प्रत्येक पंजाबी परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा। पहले यह सीमा 5 लाख रुपये थी, जिसे बढ़ाकर 10 लाख रुपये कर दिया गया है। भगवंत सिंह मान ने कहा कि समाज के हर वर्ग के कल्याण के लिए बनाई गई इस महत्वपूर्ण योजना से लगभग 65 लाख परिवारों को लाभ मिलेगा।
आज़ादी के 70 वर्षों से अधिक समय बाद भी पंजाब अपनी स्वयं की राजधानी और हाईकोर्ट से वंचित है
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि आज़ादी के 70 वर्षों से अधिक समय बाद भी पंजाब अपनी स्वयं की राजधानी और हाईकोर्ट से वंचित है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पंजाब की राजधानी चंडीगढ़ को पुनः प्राप्त करने के लिए लगातार और दृढ़ प्रयास कर रही है और आगे भी करती रहेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब और पंजाबियों की भलाई के इस नेक कार्य के लिए सरकार कोई कसर नहीं छोड़ेगी।
महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजित पवार की विमान दुर्घटना में हुई मृत्यु पर गहरा शोक व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे शोकाकुल परिवार के प्रति अपनी हार्दिक संवेदना व्यक्त करते हैं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और परिवार को इस अपार क्षति को सहन करने की शक्ति दें।
इस अवसर पर मुख्यमंत्री के साथ वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा, विधायक मनजीत सिंह बिलासपुर, देविंदर सिंह लाडी ढोस, अमृतपाल सिंह सुखानंद, अमनदीप कौर सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित थे।
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व्यापक औद्योगिक निवेश ने पंजाब की कानून-व्यवस्था और शासन में हुए सुधारों पर मुहर लगाई: CM भगवंत सिंह मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज ‘शानदार चार साल, भगवंत मान के साथ’ श्रृंखला के तहत आप सरकार के अधीन कानून-व्यवस्था पर रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इसका उद्देश्य जनता के सामने चार वर्षों के शासन का स्पष्ट और क्षेत्रवार लेखा-जोखा प्रस्तुत करना है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब की कानून-व्यवस्था में सुधार अब जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है, जो नशों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, संगठित अपराध पर निरंतर कार्रवाई, पुलिस सुधारों और निवेशकों के बढ़ते भरोसे से संभव हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत निर्णायक कार्रवाई की गई है, जिसमें 95,000 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया गया, 772 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति जब्त की गई और 1100 से अधिक गिरोहों का भंडाफोड़ किया गया। इसके अलावा एंटी-ड्रोन सिस्टम जैसे उपायों ने सीमा पार तस्करी रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने आगे कहा कि रिकॉर्ड पुलिस भर्ती, आधुनिकीकरण और सड़क सुरक्षा फोर्स जैसे प्रयास पंजाब में कानून लागू करने की मजबूती को दर्शाते हैं। अकाली नेतृत्व पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने गैंगस्टरों को संरक्षण दिया और आपराधिक नेटवर्क को खुली छूट दी, वे अब इतिहास को मिटाकर दोबारा लिखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे जवाबदेही से बच नहीं सकते।

यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने नशों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस (कोई लिहाज न करने) की नीति अपनाई है और कानून का उल्लंघन करने वालों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती गई है और न ही बरती जाएगी, बल्कि उन्हें मिसाल कायम करने वाली सजा दी जाएगी।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मार्च 2022 से अब तक 95,881 नशा तस्करों और सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया है और एनडीपीएस एक्ट के तहत 71,228 एफआईआर दर्ज की गई हैं।”
कार्रवाई संबंधी विवरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “10,085 बड़े तस्करों की गिरफ्तारी के साथ नशीले पदार्थों की 6,109 बड़ी/व्यावसायिक खेपें जब्त की गई हैं। नशीले पदार्थों के हॉटस्पॉट (अधिक प्रभावित क्षेत्रों) पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसके चलते 5625 किलोग्राम हेरोइन, 3461 किलोग्राम अफीम, 1628 क्विंटल भुक्की और 4.96 करोड़ इंजेक्शन, गोलियां, कैप्सूल और सिरप बरामद किए गए हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “54.47 करोड़ रुपए की ड्रग मनी बरामद की गई है और एनडीपीएस मामलों में 3440 भगोड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 1556 तस्करों से 772 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त की गई हैं।”
संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “गैंगस्टर विरोधी टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के गठन के बाद 2858 गैंगस्टरों और अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, 35 को निष्क्रिय किया गया और 1105 गैंगों का भंडाफोड़ किया गया है। अपराधों में इस्तेमाल किए गए 2267 हथियार और 655 वाहन भी बरामद किए गए हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “एजीटीएफ ने 6 अप्रैल 2022 से मार्च 2026 तक पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में बड़े हत्या मामलों, जबरन वसूली रैकेट, बैंक डकैतियों, गैंगस्टरों की गिरफ्तारी और आतंकवादी साजिशों समेत 38 सनसनीखेज मामलों को सुलझाया है।”
सीमा सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब की पाकिस्तान के साथ लगभग 560 किलोमीटर लंबी सीमा है और नशों तथा हथियारों की सप्लाई को रोकने के लिए राज्य सरकार ने एंटी-ड्रोन सिस्टम स्थापित किया है। पंजाब ऐसा सिस्टम स्थापित करने वाला पहला राज्य है।”
उन्होंने आगे कहा, “हमने केंद्र से फंड मांगे थे, लेकिन कोई सहायता प्राप्त नहीं हुई। राज्य सरकार ने अपने संसाधनों का उपयोग किया और अब इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। अब तक 806 ड्रोन बरामद किए गए हैं, 1472 ड्रोन गतिविधियों का पता लगाया गया है और ड्रोन के जरिए 341 अवैध हथियार बरामद किए गए हैं।”
पुलिस सुधारों के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारों के विपरीत, जो अंतिम वर्ष या चुनावी साल में भर्ती करती थीं, हमारी सरकार ने नियमित भर्ती सुनिश्चित की है।
पिछले चार वर्षों में 12,197 भर्तियां की गई हैं, जिनमें 1062 सब-इंस्पेक्टर, 450 हेड कांस्टेबल और 10,285 कांस्टेबल शामिल हैं।
उन्होंने आगे बताया कि 1746 कांस्टेबलों (वर्ष 2025) की भर्ती प्रक्रिया जारी है और 3298 कांस्टेबलों (वर्ष 2026) के लिए विज्ञापन जारी किया गया है, जिसके लिए 10 मार्च 2026 से आवेदन मांगे गए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पुलिस बल के आधुनिकीकरण के लिए 327.69 करोड़ रुपए की लागत से 2904 वाहन खरीदे गए हैं, जिनमें 2258 चार-पहिया और 646 दो-पहिया वाहन शामिल हैं।
जनवरी 2024 में शुरू की गई सड़क सुरक्षा फोर्स भारत की अपनी तरह की पहली समर्पित फोर्स है, जो 5500 किलोमीटर से अधिक हाईवे को कवर करती है और इससे मृत्यु दर में 48 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने आगे बताया कि फरवरी 2024 से जनवरी 2026 तक इस फोर्स ने 43,983 हादसों में 47,386 पीड़ितों की मदद की, 19,973 लोगों को मौके पर सहायता दी और 27,413 घायलों को अस्पताल तक पहुंचाया।
तकनीकी अपग्रेड पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि एस.ए.एस. नगर और जालंधर में सेफ सिटी प्रोजेक्ट लागू किए गए हैं और जल्द ही इन्हें लुधियाना, अमृतसर और पटियाला में भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब पुलिस एक राष्ट्रीय फोर्स है, जो देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर समय तत्पर रहती है।
भगोड़ों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार विदेशों से अपना गिरोह चला रहे गैंगस्टरों की प्रत्यर्पण प्रक्रिया के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस संबंध में कोई भी जानकारी मिलने पर उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
पंजाब की कानून-व्यवस्था में विश्वास को मजबूत करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब देश के सबसे सुरक्षित और शांत राज्यों में से एक है। किसी भी राज्य या देश में निवेश आना कानून-व्यवस्था का सबसे बड़ा प्रमाण होता है, और बड़े स्टील प्लांट द्वारा 3200 करोड़ रुपए का निवेश इस बात को दर्शाता है।
उन्होंने आगे कहा कि कई प्रमुख वैश्विक कंपनियां पंजाब में निवेश करने के लिए आगे आ रही हैं और कई ने पहले ही निवेश शुरू कर दिया है। राज्य बड़े आयोजनों की मेजबानी कर रहा है और अक्टूबर में एशिया कप हॉकी की मेजबानी करेगा।
पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में नशों को संरक्षण देने और फैलाने वाले नेता अब इसे खत्म करने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि गैंगस्टरों को टिकट देकर किसने उन्हें हलका इंचार्ज बनाया। ये नेता गैंगस्टरों के बढ़ते प्रभाव के लिए जिम्मेदार हैं और आज भी उन्हें कानूनी व अन्य सहायता प्रदान कर रहे हैं।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक गौरव यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मलेरकोटला के लिए बड़ी घोषणा, मेडिकल कॉलेज होगा स्थापित, एमबीबीएस की 100 सीटें होंगी
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मलेरकोटला में लोगों के साथ ईद मनाई। यहां ईदगाह में ईद के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री ने 563 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के साथ-साथ अन्य अस्पतालों की परियोजनाओं की घोषणा की, जिसका उद्देश्य लोगों को उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है। इस दौरान उन्होंने सभी परिवारों से 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज का लाभ उठाने के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत नाम दर्ज कराने की अपील की, जिससे इस जनहितकारी योजना का उद्देश्य जनता की स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करना है।
लोगों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ईद-उल-फितर एक-दूसरे की भलाई की कामना करने का त्योहार है और मुझे मलेरकोटला की इस पवित्र ईदगाह में आकर बहुत सुकून और खुशी मिली है। यह ऐसा त्योहार है जो भाईचारे की भावना की सजीव तस्वीर पेश करता है, जहां हम एक साथ बैठते हैं और एक-दूसरे की खुशहाली की दुआ करते हैं। मैं प्रबंधक कमेटी और आसपास के गांवों से ईद मनाने आए सभी लोगों को दिल से शुभकामनाएं देता हूं।”
उन्होंने आगे कहा, “मलेरकोटला एक ऐतिहासिक धरती है, जहां से दसवें पातशाह के छोटे साहिबजादों के हक में आवाज उठाई गई थी और वह आवाज आज भी पूरी दुनिया में गूंज रही है।”
ईद के इस पावन अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि यहां एक मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा, “लगभग 38.5 एकड़ रक्षा भूमि सरकार को हस्तांतरित की जा चुकी है और करीब 563 करोड़ रुपए की लागत से 100 एमबीबीएस सीटों वाला यह मेडिकल कॉलेज जल्द तैयार होगा। इसके साथ ही लगभग 8.5 एकड़ में 150 बेड का ईएसआई अस्पताल भी बनाया जा रहा है, क्योंकि इस समय खन्ना और लुधियाना के बीच ऐसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “जहां भी मेडिकल कॉलेज बनाया जाता है, वहां नर्सिंग कॉलेज और 200 बेड का अस्पताल होना भी जरूरी है, इसलिए इन्हें भी साथ ही विकसित किया जाएगा। इसके अलावा लड़कियों के स्कूल के लिए पांच मंजिला नई इमारत तैयार की गई है और फर्नीचर उपलब्ध कराया जा रहा है। इस स्कूल का उद्घाटन अगले 15-20 दिनों में होने की संभावना है और हमारी बेटियां वहां शिक्षा प्राप्त करेंगी।”
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है ताकि बच्चे डॉक्टर बन सकें और जीवन में आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि लोग अपने दिलों में उन्हीं नेताओं को जगह देते हैं जो उनके लिए काम करते हैं। वर्ष 2022 में पंजाब के लोगों ने उन्हें सेवा का अवसर दिया और सरकार ने अब तक अपने वादों और गारंटियों को पूरा किया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 10 लाख रुपए तक के नकद-रहित इलाज कार्ड के लिए अपना नाम दर्ज करवाएं। यह एक महत्वपूर्ण और जनहितकारी योजना है, जिसका उद्देश्य नकद-रहित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है, जिसमें सरकारी और निजी दोनों अस्पताल शामिल हैं। राज्य में रहने वाले सभी परिवारों के लिए 10 लाख रुपए तक का इलाज पूरी तरह मुफ्त होगा।
मैं प्रार्थना करता हूं कि पंजाब के किसी भी निवासी को कभी बीमारी की स्थिति का सामना न करना पड़े और सभी स्वस्थ रहें, लेकिन यदि ऐसा होता है तो राज्य सरकार उनके इलाज के लिए पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी है।
मलेरकोटला के लोगों ने इतना अधिक प्यार दिया है कि उसका कर्ज कई जन्मों में भी नहीं उतारा जा सकता। इस प्यार की कीमत वही समझ सकता है जिसे यह मिलता है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब की धरती बहुत उपजाऊ है और यहाँ जो भी बीज बोया जाता है, वह उग आता है। महान गुरुओं, संतों, फकीरों और पैगंबरों की इस पवित्र धरती पर नफरत का बीज कभी नहीं पनपेगा।”
उन्होंने आगे कहा, “यह पवित्र महीना उस समय को दर्शाता है जब ईश्वरीय आदेश से पवित्र कुरान मानवता को प्रदान की गई थी। हम सभी मिलकर हर धर्म के त्योहारों और धार्मिक आयोजनों को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश में विभिन्न भाषाएं, उप-भाषाएं, और संस्कृतियां हैं, जो इसे अनेकता में एकता का एक अनूठा उदाहरण बनाती हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमारे महान आध्यात्मिक गुरुओं ने पूरे विश्व को शांति, सद्भाव, एकता, भाईचारे और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया है।
उन्होंने कहा कि इस पवित्र धरती से हम प्रतिदिन “सरबत के भले” की अरदास करते हैं और सभी की खुशहाली की कामना करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि मुझे गर्व है कि पंजाब एक ऐसा राज्य है जहां शांति, प्रेम और भाईचारे की जड़ें बहुत गहरी हैं और इन्हें कभी कमजोर नहीं किया जा सकता।
इस पवित्र अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों को विश्वास दिलाया कि वे राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश करने वाली ताकतों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे।
उन्होंने पंजाब सरकार और राज्य के लोगों की ओर से पूरे मुस्लिम समुदाय को दिल से शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आशा व्यक्त की कि पंजाब में सदियों से चली आ रही भाईचारे, शांति और एकता की परंपरा आगे भी जारी रहेगी, और राज्य सरकार इसे भविष्य में भी सुरक्षित रखने के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगी।
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वॉल्वरहैम्प्टन के एक निवास मंदिर में 22 मार्च को वार्षिक चेत चला मेला आयोजित होगा।
स्थानीय डडली रोड ब्लेकेनहॉल स्थित एक निवास यूनिवर्सल डिवाइन मंदिर में इस रविवार, 22 मार्च 2026 को वार्षिक ‘चेत चला मेला’ आयोजित किया जाएगा जो आध्यात्मिक श्रद्धा और सामुदायिक उत्सव का एक महत्वपूर्ण अवसर होगा। यह पर्व बाबा तरलोचन सिंह जी और माता कवलजीत कौर जी के मार्गदर्शन में आयोजित किया जा रहा है जिसमें स्थानीय संगत को पारंपरिक धार्मिक विधियों और भक्ति संगीत में सहभागी होने का अवसर मिलेगा।
मेला आयोजन की जानकारी देते हुए मंदिर के प्रतिनिधि गुरजीत सिंह और जीवन सिंह फ्लोरा ने बताया कि यह कार्यक्रम बाबा बालक नाथ जी के पावन आशीर्वाद से आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रातः 11:00 बजे पारंपरिक आरती के साथ होगा जिसके बाद 11:30 बजे ध्वजारोहण समारोह के साथ दिनभर के आयोजनों की औपचारिक शुरुआत की जाएगी।
दोपहर के समय 12:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक भक्ति कार्यक्रमों की विस्तृत श्रृंखला प्रस्तुत की जाएगी। प्रतिष्ठित ब्रिटिश कलाकार और गायक भजन भेंट प्रस्तुत करेंगे जबकि बाबा तरलोचन सिंह जी संगत को गुरबाणी शबदों का गायन करेंगे।
उन्होंने आगे बताया कि बाबा बालक नाथ जी और बाबा तरलोचन सिंह जी के अनेक श्रद्धालु विभिन्न देशों से इस आयोजन में शामिल होने के लिए पहुंच चुके हैं। आयोजकों ने इंगलैंड की साध संगत को सादर आमंत्रण दिया है कि वे अपने परिवार और मित्रों सहित इस धार्मिक समारोह में भाग लें। यह वार्षिक आयोजन आध्यात्मिक चिंतन और सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण का एक महत्वपूर्ण अवसर बना है।
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