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शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान गुरु साहिबान के सिपाही बनने की बजाय सुखबीर बादल के सिपाही बने हुए हैं जो पंथ के लिए बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है – CM भगवंत सिंह मान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मजीठा में आयोजित राज्य स्तरीय समागम के दौरान 23 ग्रामीण लिंक सड़कों के नवीनीकरण का नींव पत्थर रखा। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि पंजाब में अब डर, “परची सिस्टम” (जबरन वसूली) और अकालियों की धक्केशाही का दौर पूरी तरह समाप्त हो चुका है। राज्य के लोगों ने डराने-धमकाने की राजनीति को नकारते हुए विकास, जवाबदेही और लोक-कल्याण आधारित शासन मॉडल को चुना है।

“डर का राज खत्म, अब लोगों का राज”

मुख्यमंत्री ने कहा कि मजीठा क्षेत्र लंबे समय तक डर के साये में रहा, जहां झूठे केसों और राजनीतिक संरक्षण के जरिए आम लोगों को दबाया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस और अकाली दल की आपसी मिलीभगत से यह माहौल बना, लेकिन अब जनता ने ऐसी राजनीति को निर्णायक रूप से खारिज कर दिया है।

अकालियों की वापसी का मतलब अंधकारमय दौर

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने चेतावनी दी कि अकाली दल की सत्ता में वापसी का अर्थ होगा—

  • श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की पुनरावृत्ति
  • निर्दोष प्रदर्शनकारियों पर गोलीबारी
  • आम लोगों पर अत्याचार

उन्होंने कहा कि पंजाब के लोग दोबारा ऐसे हालात स्वीकार नहीं करेंगे।

जलियांवाला बाग का जिक्र, विश्वासघात को बताया अक्षम्य

मुख्यमंत्री ने 1919 के जलियांवाला बाग नरसंहार का जिक्र करते हुए कहा कि जिस दिन जनरल डायर ने निहत्थे लोगों पर गोलियां चलवाईं, उसी दिन उसे रात के खाने पर बुलाया गया—यह पंजाब के साथ विश्वासघात था, जिसे कभी भुलाया नहीं जा सकता।

एस.जी.पी.सी. पर सवाल, SIT गठन का बचाव

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 लापता सरूपों की जांच के लिए SIT बनाना सरकार की मजबूरी थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकार का उद्देश्य केवल सरूपों का पता लगाना है, न कि धार्मिक संस्थाओं में हस्तक्षेप करना।

श्री अकाल तख्त साहिब की सर्वोच्चता पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सर्वोच्च है और उन्होंने राष्ट्रपति के कार्यक्रम की बजाय तख्त साहिब के समक्ष पेश होना उचित समझा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों ने जत्थेदारों की नियुक्ति-हटाने में मनमानी कर इन संस्थाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाई।

2027 के लिए बड़ा राजनीतिक ऐलान

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने घोषणा की कि 2027 विधानसभा चुनावों में मजीठा से आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार तलबीर सिंह गिल होंगे। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि लोग सिर्फ मांग पत्र देने की बजाय खुद फैसले लें और सत्ता में भागीदार बनें।

11.32 करोड़ रुपये की लागत से 23 लिंक सड़कों का नवीनीकरण

मुख्यमंत्री ने बताया कि मजीठा हलके में 11.32 करोड़ रुपये की लागत से 23 ग्रामीण लिंक सड़कों का नवीनीकरण किया जाएगा।

  • ₹9.94 करोड़ – सड़कों के नवीनीकरण पर
  • ₹1.38 करोड़ – अगले 5 वर्षों तक रखरखाव पर

इन सड़कों की खराब हालत के कारण किसानों और ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा था।

पूरे पंजाब में लिंक सड़कों का व्यापक कार्यक्रम

मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में लगभग 43,000 किलोमीटर लिंक सड़कें हैं, जिनकी मरम्मत और 5 साल की मेंटेनेंस सुनिश्चित करने का ऐतिहासिक फैसला लिया गया है।
AI-आधारित सर्वे और मुख्यमंत्री फ्लाइंग स्क्वॉड के माध्यम से 226.89 करोड़ रुपये की बचत की गई है।

मुफ्त बिजली और किसान-हितैषी फैसले

मुख्यमंत्री ने कहा कि मार्च 2022 में सत्ता संभालते ही 90% घरों को मुफ्त बिजली दी गई। किसानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति मिल रही है और पंजाब आज बिजली अधिशेष राज्य बन चुका है।

सीमावर्ती किसानों को राहत

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने सीमा बाड़ को अंतरराष्ट्रीय सीमा के और करीब करने की सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है, जिससे सीमावर्ती किसान हजारों एकड़ जमीन पर बिना रुकावट खेती कर सकेंगे।

कार्यक्रम में उपस्थित

इस अवसर पर लोक निर्माण मंत्री हरभजन सिंह ई.टी.ओ., विधायक सरवन सिंह धुन्न, वरिष्ठ आप नेता तलबीर सिंह गिल सहित कई गणमान्य नेता उपस्थित रहे।

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G7 सम्मेलन में PM मोदी ने होरमुज़ में भारतीयों की मौत का मुद्दा उठाया

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फ्रांस के बियारित्ज़ में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होरमुज़ जलडमरूमध्य से जुड़े समुद्री व्यापार पर पड़ रहे असर का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। आउटरीच सत्र को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि इस क्षेत्र में जारी संघर्ष के कारण कई देशों को नुकसान हुआ है और कुछ भारतीय नागरिकों ने भी अपनी जान गंवाई है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि होरमुज़ जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापारिक मार्गों में से एक है, जिसके जरिए बड़ी मात्रा में तेल और अन्य सामान की आवाजाही होती है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समुद्री यात्रियों और व्यापारिक जहाजों की सुरक्षा सुनिश्चित करना सभी देशों की साझा जिम्मेदारी है। उनके अनुसार इस मार्ग में किसी भी तरह की बाधा का असर न केवल क्षेत्रीय स्थिरता पर पड़ता है, बल्कि वैश्विक अर्थव्यवस्था भी प्रभावित होती है।

उन्होंने पश्चिम एशिया में शांति और स्थिरता के प्रयासों का समर्थन करते हुए कहा कि भारत हमेशा संवाद, कूटनीति और शांतिपूर्ण समाधान का पक्षधर रहा है। मोदी ने कहा कि मौजूदा परिस्थितियों में विश्व समुदाय को मिलकर तनाव कम करने और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करने के लिए काम करना चाहिए।

इस सत्र में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भी मौजूद थे और प्रधानमंत्री मोदी के साथ बैठे थे। सम्मेलन के दौरान दोनों नेताओं के बीच द्विपक्षीय बैठक भी हुई, जिसमें भारत-अमेरिका संबंधों, व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी जैसे मुद्दों पर चर्चा की गई।

जिस सत्र में प्रधानमंत्री मोदी ने हिस्सा लिया, उसका विषय था “नई साझेदारियां बनाना और अंतरराष्ट्रीय एकजुटता को फिर से स्थापित करना”। इसमें G7 देशों के नेताओं के अलावा कई साझेदार देशों के प्रमुखों, विश्व बैंक और अफ्रीकी विकास बैंक के वरिष्ठ प्रतिनिधियों ने भी भाग लिया। चर्चा का केंद्र वैश्विक अर्थव्यवस्था, सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करना रहा।

सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने संयुक्त अरब अमीरात, केन्या, मिस्र, दक्षिण कोरिया और जापान के नेताओं से भी मुलाकात की। इन बैठकों में व्यापार, निवेश, तकनीक, ऊर्जा, रक्षा सहयोग और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने पर बातचीत हुई।

प्रधानमंत्री मोदी की ये बैठकें भारत की बढ़ती वैश्विक भूमिका और सक्रिय कूटनीति को दर्शाती हैं। G7 सम्मेलन में भारत ने न केवल क्षेत्रीय और वैश्विक सुरक्षा से जुड़े मुद्दे उठाए, बल्कि आर्थिक सहयोग और साझा वैश्विक विकास के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।

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भारत की पाकिस्तान पर शानदार जीत, महिला टी-20 विश्व कप का धमाकेदार आगाज़

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महिला टी-20 विश्व कप 2026 में भारतीय महिला क्रिकेट टीम ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत करते हुए पाकिस्तान को 64 रन से हरा दिया। बर्मिंघम में खेले गए ग्रुप-1 के इस मुकाबले में भारत की जीत की नायिका स्मृति मंधाना और दीप्ति शर्मा रहीं। मंधाना ने बल्ले से कमाल दिखाया, जबकि दीप्ति ने गेंद से पाकिस्तानी बल्लेबाजों को पूरी तरह बेअसर कर दिया।

टॉस जीतकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम की शुरुआत आक्रामक रही। शेफाली वर्मा ने पहली ही गेंद पर छक्का जड़कर अपने इरादे साफ कर दिए, लेकिन वह 6 रन बनाकर आउट हो गईं। इसके बाद जेमिमा रोड्रिग्स भी सिर्फ एक रन बनाकर पवेलियन लौट गईं और भारत ने 18 रन पर दो महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए।

मुश्किल समय में स्मृति मंधाना और कप्तान हरमनप्रीत कौर ने पारी को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने तीसरे विकेट के लिए 91 रन की अहम साझेदारी की। मंधाना ने 44 गेंदों पर 68 रन की शानदार पारी खेली, जिसमें 9 चौके और 2 छक्के शामिल थे। हरमनप्रीत ने भी संयमित बल्लेबाजी करते हुए टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाया।

अंतिम ओवरों में ऋचा घोष ने तेजतर्रार बल्लेबाजी करते हुए सिर्फ 17 गेंदों पर 34 रन बनाए। उनकी पारी में 5 चौके और एक छक्का शामिल रहा। दीप्ति शर्मा ने भी नाबाद 12 रन का योगदान दिया, जिसकी बदौलत भारत ने 20 ओवर में 6 विकेट के नुकसान पर 170 रन का मजबूत स्कोर खड़ा किया।

171 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी पाकिस्तान की शुरुआत बेहद खराब रही। भारतीय गेंदबाजों ने शुरुआत से ही दबाव बनाए रखा और लगातार विकेट हासिल करती रहीं। पाकिस्तान की ओर से मुनीबा अली ने कुछ संघर्ष जरूर किया और 41 रन बनाए, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से कोई खास सहयोग नहीं मिला।

भारत की गेंदबाजी की स्टार दीप्ति शर्मा रहीं, जिन्होंने अपने करियर के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शनों में से एक करते हुए 4 ओवर में सिर्फ 10 रन देकर 5 विकेट झटके। उनके साथ श्री चरणी ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए 4 ओवर में 21 रन देकर 3 विकेट अपने नाम किए। शेफाली वर्मा को भी एक सफलता मिली।

भारतीय गेंदबाजों के सामने पाकिस्तानी टीम पूरे 20 ओवर भी नहीं खेल सकी और 17 ओवर में 106 रन पर ऑलआउट हो गई। इस तरह भारत ने अपने पहले ही मुकाबले में 64 रन की बड़ी जीत दर्ज कर टूर्नामेंट में जोरदार शुरुआत की।

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फ्रांस पहुंचे PM मोदी, भारतीय समुदाय ने किया भव्य स्वागत

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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने छह दिवसीय फ्रांस और स्लोवाकिया दौरे के तहत फ्रांस के शहर नीस पहुंच गए हैं। नीस पहुंचने पर भारतीय समुदाय ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने भारतीय समुदाय के लोगों से मुलाकात की, एक बच्चे को गोद में उठाकर स्नेह जताया और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आनंद लिया।

आज प्रधानमंत्री मोदी फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों के साथ द्विपक्षीय वार्ता करेंगे। इस बैठक में प्रौद्योगिकी, स्वास्थ्य-तकनीक, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), सेमीकंडक्टर और अंतरिक्ष क्षेत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण समझौतों पर चर्चा होने की संभावना है। इसके अलावा ‘इंडिया इनोवेट्स’ कार्यक्रम का उद्घाटन भी किया जाएगा।

भारत और फ्रांस के बीच 114 राफेल लड़ाकू विमानों के संभावित सौदे पर भी अहम चर्चा होगी। भारत इन विमानों में अपने हथियारों और तकनीकी प्रणालियों को जोड़ने के लिए अधिक लचीलापन चाहता है। हालांकि इस सौदे को अभी सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समिति (CCS) की अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है।

प्रधानमंत्री का फ्रांस दौरा नीस, एवियन और पेरिस—तीन चरणों में होगा। 16 और 17 जून को वे एवियन में आयोजित G7 शिखर सम्मेलन में हिस्सा लेंगे। इस दौरान उनकी अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के साथ भी द्विपक्षीय बैठक होने की संभावना है। दोनों नेता लगभग 16 महीने बाद आमने-सामने मिलेंगे।

18 जून को प्रधानमंत्री मोदी राष्ट्रपति मैक्रों के साथ पेरिस में आयोजित VivaTech सम्मेलन में शामिल होंगे। इसके बाद वे स्लोवाकिया जाएंगे, जहां वे प्रधानमंत्री रॉबर्ट फिको और राष्ट्रपति पीटर पेलेग्रिनी से मुलाकात करेंगे। 1993 में स्वतंत्र राष्ट्र बनने के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की स्लोवाकिया की पहली यात्रा होगी।

इस दौरे के दौरान पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज जलडमरूमध्य से समुद्री यातायात से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा होने की उम्मीद है। वैश्विक सुरक्षा, व्यापार और रणनीतिक सहयोग के लिहाज से प्रधानमंत्री मोदी का यह दौरा भारत के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

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