National
श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 169 गुम स्वरूप मिले, यह उपलब्धि नहीं, हमारा कर्तव्य था- भगवंत सिंह मान
माघी के पवित्र अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री मुक्तसर साहिब का दौरा किया, जहां उन्होंने गुरुद्वारा श्री टुट्टी गंढी साहिब में माथा टेका और बड़े जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 169 गुमशुदा स्वरूपों के मिलने पर पंजाब सरकार का रुख दोहराया। सिख इतिहास और बलिदान से जुड़े इस दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वरूपों की बरामदगी प्राप्ति के बजाय फर्ज का मामला है।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि पंजाब सरकार आगामी बजट में महिलाओं के लिए एक हजार रुपए प्रति माह सहायता योजना के लिए बजट में प्रावधान करेगी। उनकी सरकार ने पंजाब के लोगों से किए हर वादे को पूरा किया है। ‘आप’ नेताओं ने कहा कि माघी अवसर पर यहां हुआ समागम सरकार में लोगों के विश्वास को दर्शाता है।
माघी अवसर पर एक विशाल राजनीतिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार ने अब तक पंजाब के लोगों से किए हर वादे को पूरा किया है। उन्होंने कहा, “हमने लोगों से किए हर वादे का सम्मान किया है और अब हम राज्य की हर महिला को एक हजार रुपए देने की योजना शुरू करेंगे। आगामी बजट में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। यह सरकार सभी की भलाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और पंजाब के लोगों से किया गया हर वादा हर हाल में पूरा किया जाएगा।”
इस पवित्र स्थान के ऐतिहासिक महत्व को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह धरती भाई महां सिंह जी के नेतृत्व में सिख योद्धाओं के महान बलिदान की गवाह है और समूची सिख संगत उनकी शहादत को श्रद्धांजलि अर्पित कर रही है। उन्होंने कहा, “लोग यहां राज्य भर से एकत्र हुए हैं और इस समागम का हिस्सा बनकर खुद को सौभाग्यशाली मान रहे हैं। यह पवित्र धरती और यहां हुए बलिदान दुनिया भर के हर सिख के दिल में बसते हैं और अन्याय तथा अन्याय के खिलाफ खड़े होने के लिए प्रेरित करते हैं।”
विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारें कमजोर याददाश्त से पीड़ित हैं और चुनावों के बाद पंजाब को लूटने के लिए केवल अपनी बारी का इंतजार कर रही हैं। उन्होंने कहा, “‘झाड़ू’, जो ‘आप’ का प्रतीक है, ने राजनीतिक व्यवस्था को साफ कर दिया है और इसी कारण पारंपरिक पार्टियां हैरान हैं। ये नेता मुझ पर केवल इसलिए हमला कर रहे हैं क्योंकि मैं एक साधारण परिवार से हूं, जिसे वे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं।”
लोकतंत्र में लोगों को सर्वोच्च मानते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जनता ने अवसरवादी नेताओं को सबक सिखाने का मन बना लिया है। उन्होंने टिप्पणी की, “इस रैली में भारी समागम लोगों के सरकार और इसकी नीतियों के प्रति प्रेम और स्नेह को दर्शाता है। अन्य पार्टियां भी रैलियां कर रही हैं, लेकिन सुखबीर बादल की रैली अब तक खत्म हो चुकी होगी क्योंकि शायद ही कोई वहां गया होगा।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली दल द्वारा किराए पर ली गई बसों में लाए गए लोग भी ‘आप’ रैली में शामिल हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि विपक्षी दल राज्य सरकार को बदनाम करने के लिए अंधेरे में तीर चला रहे हैं और सरकार के लोगों के पक्ष में तथा पंजाब के पक्ष में रुख से ईर्ष्या कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, “मैं किसी भी कीमत पर पंजाब और पंजाबियों के हितों की रक्षा के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ूंगा।”
शासन की प्राथमिकताओं की ओर इशारा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी सरकार की भूमिका बच्चों के सपनों को पंख देना होती है ताकि वे जीवन में सफलता की नई कहानियां लिख सकें। उन्होंने कहा, “मेरे द्वारा हस्ताक्षर की गई हर फाइल का उद्देश्य आम आदमी और राज्य को लाभ पहुंचाना है। 63,000 से अधिक युवाओं को भ्रष्टाचार या सिफारिश के बिना पूरी तरह योग्यता के आधार पर नौकरियां दी गई हैं। हमारी सरकार द्वारा लिया गया हर फैसला पंजाब की प्रगति और लोगों की खुशहाली पर केंद्रित है।”
जनसेवाओं को मजबूत करने के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पुलिस की दक्षता बढ़ाने के लिए 10,000 से अधिक नए पुलिस कर्मचारी भर्ती किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि छात्रों को पढ़ाई में सहायता के लिए कई जनसार्वजनिक लाइब्रेरियां खोली गई हैं, सभी क्षेत्रों को निर्बाध बिजली प्रदान की जा रही है और 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि टेलों पर स्थित गांवों को भी पहली बार नहरी पानी मिला है, जिसे विपक्षी नेताओं ने कभी प्राथमिकता नहीं दी। उन्होंने कहा, “जिन्हें यह नहीं पता कि 12 को 5 से गुणा करने पर क्या परिणाम आता है, वे सत्ता में आने के दिन गिन रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली के लोग अब एक गलत सरकार चुनकर पछता रहे हैं, जिसने आम आदमी पार्टी के शासनकाल में लिए गए लोगों के पक्ष में फैसलों को रोक दिया है।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें अपनी दोषपूर्ण नीतियों के कारण ‘ब्रेन ड्रेन’ के लिए जिम्मेदार थीं, लेकिन जब से उनकी सरकार ने पद संभाला है, तब से ‘रिवर्स माइग्रेशन’ (वापसी) शुरू हो गई है। उन्होंने कहा, “पंजाब के समझदार, बहादुर और मेहनती लोग इन नेताओं के दोहरे चरित्र से अच्छी तरह परिचित हैं, जिन्हें वे पहले नकार चुके हैं। आज पंजाब हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है क्योंकि हमारी सरकार ने सर्वांगीण विकास के लिए ठोस कदम उठाए हैं, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली के क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल शामिल हैं।”
बुनियादी ढांचे के विकास का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 49,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों का काम पूरे वेग से चल रहा है। महिलाओं की सहायता योजना को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि हर महिला को एक हजार रुपये प्रति माह देने का वादा आगामी बजट के माध्यम से पूरा किया जाएगा, जैसे कि हर वादे को निभाया गया है। उन्होंने आगे कहा कि सुखबीर (बादल) दावा करते हैं कि सारा विकास उनके शासनकाल में हुआ, लेकिन उन्होंने बरगाड़ी और बहिबल कलां की बेअदबी घटनाओं को जानबूझकर अनदेखा किया।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि निजी राजनीतिक हितों के लिए धर्म का उपयोग करने से आम लोगों की मानसिकता को गहरी चोट पहुंची है और यह एक अक्षम्य अपराध है। उन्होंने कहा, “वे सिख पंथ और पंजाब की दुश्मन ताकतों से मिले हुए हैं।” उन्होंने आगे बताया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 गुमशुदा स्वरूपों के मामले की जांच कर रही एसआईटी ने बंगा के पास एक धार्मिक स्थान से 169 स्वरूप मिले हैं, जिनमें से 139 का कोई सरकारी रिकॉर्ड नहीं है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह कोई प्राप्ति नहीं बल्कि हमारा फर्ज है।” उन्होंने आगे कहा कि स्वरूपों की छपाई करवाना शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की जिम्मेदारी है और ऐसी संस्थाएं अकालियों के कारण अपनी ड्यूटी निभाने में असफल रही हैं। उन्होंने कहा, “ये नेता ऐसे अपराधों के लिए माफी के हकदार नहीं हैं।”
आर्थिक राहत और स्वास्थ्य देखभाल पहलों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 19 टोल प्लाजा बंद किए जा चुके हैं, जिससे लोगों के रोजाना 64 लाख रुपए बच रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब भर में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं, जो मुफ्त इलाज और दवाइयां प्रदान कर रहे हैं और जल्द ही ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू की जाएगी ताकि 10 लाख रुपए तक का कैशलेस (नकद रहित) इलाज दिया जा सके।
समागम को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि पंजाब सरकार ने लोगों की भलाई के लिए अनुकरणीय कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, “इस रैली में लोगों की भारी भागीदारी स्पष्ट दर्शाती है कि लोगों ने भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार को एक और मौका देने का मन बना लिया है। इस सरकार द्वारा किए गए कार्यों की देश भर में सराहना हुई है और लोग ‘आप’ की निरंतर लोगों के पक्ष में पहलों के कारण इसे फिर से चुनने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।”
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, गुरमीत सिंह खुड्डीयां, डॉ. बलवीर सिंह, डॉ. बलजीत कौर, हरभजन सिंह ई.टी.ओ., लालजीत सिंह भुल्लर, लाल चंद कटारूचक, हरदीप सिंह मुंडियां सहित विधायक बलजिंदर कौर, अमनशेर सिंह शैरी कलसी और अन्य भी उपस्थित थे।
Blog
O.T.S स्कीम को मिला जोरदार समर्थन: 111.16 करोड़ की वसूली, 31 मार्च के बाद सख्त कार्रवाई की चेतावनी!
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने बताया कि वैट बकाये के लिए शुरू की गई एकमुश्त निपटान (OTS) स्कीम को व्यापारियों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला है। इस योजना के तहत अब तक करीब 7,845 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें कुल 298.39 करोड़ रुपये के बकाये शामिल हैं। इनमें से सरकार 111.16 करोड़ रुपये की वसूली भी कर चुकी है।
वित्त मंत्री ने कहा कि यह स्कीम पुराने टैक्स बोझ को खत्म करने और राज्य के राजस्व को बढ़ाने की दिशा में एक बड़ा कदम है। उन्होंने बताया कि लुधियाना, अमृतसर, जालंधर, पटियाला और रोपड़ जैसे प्रमुख जिलों से इस योजना को अच्छा समर्थन मिला है, जो यह दर्शाता है कि कारोबारियों में इसके प्रति जागरूकता बढ़ रही है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि यह राहत योजना 31 मार्च 2026 तक ही लागू है। इसके बाद सरकार सख्त रुख अपनाएगी और बकाया वसूली के लिए कानूनी कार्रवाई तेज की जाएगी। इसके लिए पहले ही करीब 8,000 संपत्तियों की पहचान कर ली गई है, जिन पर जरूरत पड़ने पर कार्रवाई की जाएगी।
वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कारोबारियों से अपील करते हुए कहा कि वे इस अंतिम मौके का लाभ उठाएं और अपने लंबित वैट बकाये का निपटान कर लें। उन्होंने कहा कि OTS स्कीम के तहत ब्याज और जुर्माने में बड़ी छूट दी जा रही है, जिससे व्यापारियों को राहत मिल रही है और वे अपने वित्तीय रिकॉर्ड को साफ कर सकते हैं।
उन्होंने चेतावनी दी कि समय सीमा खत्म होने के बाद सरकार का मौजूदा रियायती रुख समाप्त हो जाएगा और बिना किसी छूट के सख्त वसूली प्रक्रिया लागू की जाएगी। ऐसे मामलों में सामान्य कानूनी जांच और कार्रवाई की जाएगी।
वित्त मंत्री ने कहा कि इस योजना को मिला समर्थन मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में चल रही पारदर्शी और व्यापार-समर्थक नीतियों पर लोगों के भरोसे को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि इस पहल का उद्देश्य न केवल राजस्व बढ़ाना है, बल्कि मुकदमेबाजी को कम करना और व्यापारियों को नई शुरुआत का अवसर देना भी है।
National
व्यापक औद्योगिक निवेश ने पंजाब की कानून-व्यवस्था और शासन में हुए सुधारों पर मुहर लगाई: CM भगवंत सिंह मान
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज ‘शानदार चार साल, भगवंत मान के साथ’ श्रृंखला के तहत आप सरकार के अधीन कानून-व्यवस्था पर रिपोर्ट कार्ड पेश किया। इसका उद्देश्य जनता के सामने चार वर्षों के शासन का स्पष्ट और क्षेत्रवार लेखा-जोखा प्रस्तुत करना है।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब की कानून-व्यवस्था में सुधार अब जमीनी स्तर पर दिखाई दे रहा है, जो नशों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस नीति, संगठित अपराध पर निरंतर कार्रवाई, पुलिस सुधारों और निवेशकों के बढ़ते भरोसे से संभव हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशे के विरुद्ध’ अभियान के तहत निर्णायक कार्रवाई की गई है, जिसमें 95,000 से अधिक तस्करों को गिरफ्तार किया गया, 772 करोड़ रुपए की अवैध संपत्ति जब्त की गई और 1100 से अधिक गिरोहों का भंडाफोड़ किया गया। इसके अलावा एंटी-ड्रोन सिस्टम जैसे उपायों ने सीमा पार तस्करी रोकने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने आगे कहा कि रिकॉर्ड पुलिस भर्ती, आधुनिकीकरण और सड़क सुरक्षा फोर्स जैसे प्रयास पंजाब में कानून लागू करने की मजबूती को दर्शाते हैं। अकाली नेतृत्व पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने गैंगस्टरों को संरक्षण दिया और आपराधिक नेटवर्क को खुली छूट दी, वे अब इतिहास को मिटाकर दोबारा लिखने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे जवाबदेही से बच नहीं सकते।

यहां प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पंजाब सरकार ने नशों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस (कोई लिहाज न करने) की नीति अपनाई है और कानून का उल्लंघन करने वालों के प्रति कोई नरमी नहीं बरती गई है और न ही बरती जाएगी, बल्कि उन्हें मिसाल कायम करने वाली सजा दी जाएगी।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मार्च 2022 से अब तक 95,881 नशा तस्करों और सप्लायरों को गिरफ्तार किया गया है और एनडीपीएस एक्ट के तहत 71,228 एफआईआर दर्ज की गई हैं।”
कार्रवाई संबंधी विवरण साझा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “10,085 बड़े तस्करों की गिरफ्तारी के साथ नशीले पदार्थों की 6,109 बड़ी/व्यावसायिक खेपें जब्त की गई हैं। नशीले पदार्थों के हॉटस्पॉट (अधिक प्रभावित क्षेत्रों) पर विशेष ध्यान केंद्रित किया गया है, जिसके चलते 5625 किलोग्राम हेरोइन, 3461 किलोग्राम अफीम, 1628 क्विंटल भुक्की और 4.96 करोड़ इंजेक्शन, गोलियां, कैप्सूल और सिरप बरामद किए गए हैं।”
उन्होंने आगे कहा, “54.47 करोड़ रुपए की ड्रग मनी बरामद की गई है और एनडीपीएस मामलों में 3440 भगोड़े अपराधियों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा 1556 तस्करों से 772 करोड़ रुपए की संपत्तियां जब्त की गई हैं।”
संगठित अपराध के खिलाफ कार्रवाई के बारे में बताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “गैंगस्टर विरोधी टास्क फोर्स (एजीटीएफ) के गठन के बाद 2858 गैंगस्टरों और अपराधियों को गिरफ्तार किया गया, 35 को निष्क्रिय किया गया और 1105 गैंगों का भंडाफोड़ किया गया है। अपराधों में इस्तेमाल किए गए 2267 हथियार और 655 वाहन भी बरामद किए गए हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “एजीटीएफ ने 6 अप्रैल 2022 से मार्च 2026 तक पंजाब और आसपास के क्षेत्रों में बड़े हत्या मामलों, जबरन वसूली रैकेट, बैंक डकैतियों, गैंगस्टरों की गिरफ्तारी और आतंकवादी साजिशों समेत 38 सनसनीखेज मामलों को सुलझाया है।”
सीमा सुरक्षा पर जोर देते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब की पाकिस्तान के साथ लगभग 560 किलोमीटर लंबी सीमा है और नशों तथा हथियारों की सप्लाई को रोकने के लिए राज्य सरकार ने एंटी-ड्रोन सिस्टम स्थापित किया है। पंजाब ऐसा सिस्टम स्थापित करने वाला पहला राज्य है।”
उन्होंने आगे कहा, “हमने केंद्र से फंड मांगे थे, लेकिन कोई सहायता प्राप्त नहीं हुई। राज्य सरकार ने अपने संसाधनों का उपयोग किया और अब इसके सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। अब तक 806 ड्रोन बरामद किए गए हैं, 1472 ड्रोन गतिविधियों का पता लगाया गया है और ड्रोन के जरिए 341 अवैध हथियार बरामद किए गए हैं।”
पुलिस सुधारों के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारों के विपरीत, जो अंतिम वर्ष या चुनावी साल में भर्ती करती थीं, हमारी सरकार ने नियमित भर्ती सुनिश्चित की है।
पिछले चार वर्षों में 12,197 भर्तियां की गई हैं, जिनमें 1062 सब-इंस्पेक्टर, 450 हेड कांस्टेबल और 10,285 कांस्टेबल शामिल हैं।
उन्होंने आगे बताया कि 1746 कांस्टेबलों (वर्ष 2025) की भर्ती प्रक्रिया जारी है और 3298 कांस्टेबलों (वर्ष 2026) के लिए विज्ञापन जारी किया गया है, जिसके लिए 10 मार्च 2026 से आवेदन मांगे गए हैं।
उन्होंने आगे कहा कि पुलिस बल के आधुनिकीकरण के लिए 327.69 करोड़ रुपए की लागत से 2904 वाहन खरीदे गए हैं, जिनमें 2258 चार-पहिया और 646 दो-पहिया वाहन शामिल हैं।
जनवरी 2024 में शुरू की गई सड़क सुरक्षा फोर्स भारत की अपनी तरह की पहली समर्पित फोर्स है, जो 5500 किलोमीटर से अधिक हाईवे को कवर करती है और इससे मृत्यु दर में 48 प्रतिशत की कमी आई है। उन्होंने आगे बताया कि फरवरी 2024 से जनवरी 2026 तक इस फोर्स ने 43,983 हादसों में 47,386 पीड़ितों की मदद की, 19,973 लोगों को मौके पर सहायता दी और 27,413 घायलों को अस्पताल तक पहुंचाया।
तकनीकी अपग्रेड पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा कि एस.ए.एस. नगर और जालंधर में सेफ सिटी प्रोजेक्ट लागू किए गए हैं और जल्द ही इन्हें लुधियाना, अमृतसर और पटियाला में भी शुरू किया जाएगा। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब पुलिस एक राष्ट्रीय फोर्स है, जो देश की एकता, अखंडता और संप्रभुता की रक्षा के लिए हर समय तत्पर रहती है।
भगोड़ों के खिलाफ कार्रवाई के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार विदेशों से अपना गिरोह चला रहे गैंगस्टरों की प्रत्यर्पण प्रक्रिया के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। इस संबंध में कोई भी जानकारी मिलने पर उनके खिलाफ रेड कॉर्नर नोटिस जारी किए जा रहे हैं।
पंजाब की कानून-व्यवस्था में विश्वास को मजबूत करते हुए उन्होंने कहा कि पंजाब देश के सबसे सुरक्षित और शांत राज्यों में से एक है। किसी भी राज्य या देश में निवेश आना कानून-व्यवस्था का सबसे बड़ा प्रमाण होता है, और बड़े स्टील प्लांट द्वारा 3200 करोड़ रुपए का निवेश इस बात को दर्शाता है।
उन्होंने आगे कहा कि कई प्रमुख वैश्विक कंपनियां पंजाब में निवेश करने के लिए आगे आ रही हैं और कई ने पहले ही निवेश शुरू कर दिया है। राज्य बड़े आयोजनों की मेजबानी कर रहा है और अक्टूबर में एशिया कप हॉकी की मेजबानी करेगा।
पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पंजाब में नशों को संरक्षण देने और फैलाने वाले नेता अब इसे खत्म करने का दावा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि सभी जानते हैं कि गैंगस्टरों को टिकट देकर किसने उन्हें हलका इंचार्ज बनाया। ये नेता गैंगस्टरों के बढ़ते प्रभाव के लिए जिम्मेदार हैं और आज भी उन्हें कानूनी व अन्य सहायता प्रदान कर रहे हैं।
इस अवसर पर पुलिस महानिदेशक गौरव यादव और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद थे।
National
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मलेरकोटला के लिए बड़ी घोषणा, मेडिकल कॉलेज होगा स्थापित, एमबीबीएस की 100 सीटें होंगी
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने मलेरकोटला में लोगों के साथ ईद मनाई। यहां ईदगाह में ईद के पावन अवसर पर मुख्यमंत्री ने 563 करोड़ रुपये की लागत से मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के साथ-साथ अन्य अस्पतालों की परियोजनाओं की घोषणा की, जिसका उद्देश्य लोगों को उत्तम स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है। इस दौरान उन्होंने सभी परिवारों से 10 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज का लाभ उठाने के लिए मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत नाम दर्ज कराने की अपील की, जिससे इस जनहितकारी योजना का उद्देश्य जनता की स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करना है।
लोगों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “ईद-उल-फितर एक-दूसरे की भलाई की कामना करने का त्योहार है और मुझे मलेरकोटला की इस पवित्र ईदगाह में आकर बहुत सुकून और खुशी मिली है। यह ऐसा त्योहार है जो भाईचारे की भावना की सजीव तस्वीर पेश करता है, जहां हम एक साथ बैठते हैं और एक-दूसरे की खुशहाली की दुआ करते हैं। मैं प्रबंधक कमेटी और आसपास के गांवों से ईद मनाने आए सभी लोगों को दिल से शुभकामनाएं देता हूं।”
उन्होंने आगे कहा, “मलेरकोटला एक ऐतिहासिक धरती है, जहां से दसवें पातशाह के छोटे साहिबजादों के हक में आवाज उठाई गई थी और वह आवाज आज भी पूरी दुनिया में गूंज रही है।”
ईद के इस पावन अवसर पर उन्होंने घोषणा की कि यहां एक मेडिकल कॉलेज स्थापित किया जाएगा। उन्होंने कहा, “लगभग 38.5 एकड़ रक्षा भूमि सरकार को हस्तांतरित की जा चुकी है और करीब 563 करोड़ रुपए की लागत से 100 एमबीबीएस सीटों वाला यह मेडिकल कॉलेज जल्द तैयार होगा। इसके साथ ही लगभग 8.5 एकड़ में 150 बेड का ईएसआई अस्पताल भी बनाया जा रहा है, क्योंकि इस समय खन्ना और लुधियाना के बीच ऐसी कोई सुविधा उपलब्ध नहीं है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “जहां भी मेडिकल कॉलेज बनाया जाता है, वहां नर्सिंग कॉलेज और 200 बेड का अस्पताल होना भी जरूरी है, इसलिए इन्हें भी साथ ही विकसित किया जाएगा। इसके अलावा लड़कियों के स्कूल के लिए पांच मंजिला नई इमारत तैयार की गई है और फर्नीचर उपलब्ध कराया जा रहा है। इस स्कूल का उद्घाटन अगले 15-20 दिनों में होने की संभावना है और हमारी बेटियां वहां शिक्षा प्राप्त करेंगी।”
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है ताकि बच्चे डॉक्टर बन सकें और जीवन में आगे बढ़ सकें। उन्होंने कहा कि लोग अपने दिलों में उन्हीं नेताओं को जगह देते हैं जो उनके लिए काम करते हैं। वर्ष 2022 में पंजाब के लोगों ने उन्हें सेवा का अवसर दिया और सरकार ने अब तक अपने वादों और गारंटियों को पूरा किया है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे कहा, “मैं लोगों से अपील करता हूं कि वे मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत 10 लाख रुपए तक के नकद-रहित इलाज कार्ड के लिए अपना नाम दर्ज करवाएं। यह एक महत्वपूर्ण और जनहितकारी योजना है, जिसका उद्देश्य नकद-रहित स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध करवाना है, जिसमें सरकारी और निजी दोनों अस्पताल शामिल हैं। राज्य में रहने वाले सभी परिवारों के लिए 10 लाख रुपए तक का इलाज पूरी तरह मुफ्त होगा।
मैं प्रार्थना करता हूं कि पंजाब के किसी भी निवासी को कभी बीमारी की स्थिति का सामना न करना पड़े और सभी स्वस्थ रहें, लेकिन यदि ऐसा होता है तो राज्य सरकार उनके इलाज के लिए पूरी मजबूती से उनके साथ खड़ी है।
मलेरकोटला के लोगों ने इतना अधिक प्यार दिया है कि उसका कर्ज कई जन्मों में भी नहीं उतारा जा सकता। इस प्यार की कीमत वही समझ सकता है जिसे यह मिलता है।”
मुख्यमंत्री ने कहा, “पंजाब की धरती बहुत उपजाऊ है और यहाँ जो भी बीज बोया जाता है, वह उग आता है। महान गुरुओं, संतों, फकीरों और पैगंबरों की इस पवित्र धरती पर नफरत का बीज कभी नहीं पनपेगा।”
उन्होंने आगे कहा, “यह पवित्र महीना उस समय को दर्शाता है जब ईश्वरीय आदेश से पवित्र कुरान मानवता को प्रदान की गई थी। हम सभी मिलकर हर धर्म के त्योहारों और धार्मिक आयोजनों को श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाते हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे देश में विभिन्न भाषाएं, उप-भाषाएं, और संस्कृतियां हैं, जो इसे अनेकता में एकता का एक अनूठा उदाहरण बनाती हैं। उन्होंने आगे कहा कि हमारे महान आध्यात्मिक गुरुओं ने पूरे विश्व को शांति, सद्भाव, एकता, भाईचारे और मानवीय मूल्यों का संदेश दिया है।
उन्होंने कहा कि इस पवित्र धरती से हम प्रतिदिन “सरबत के भले” की अरदास करते हैं और सभी की खुशहाली की कामना करते हैं।
उन्होंने आगे कहा कि मुझे गर्व है कि पंजाब एक ऐसा राज्य है जहां शांति, प्रेम और भाईचारे की जड़ें बहुत गहरी हैं और इन्हें कभी कमजोर नहीं किया जा सकता।
इस पवित्र अवसर पर मुख्यमंत्री ने लोगों को विश्वास दिलाया कि वे राज्य में सांप्रदायिक सद्भाव को बिगाड़ने की कोशिश करने वाली ताकतों को किसी भी कीमत पर सफल नहीं होने देंगे।
उन्होंने पंजाब सरकार और राज्य के लोगों की ओर से पूरे मुस्लिम समुदाय को दिल से शुभकामनाएं दी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आशा व्यक्त की कि पंजाब में सदियों से चली आ रही भाईचारे, शांति और एकता की परंपरा आगे भी जारी रहेगी, और राज्य सरकार इसे भविष्य में भी सुरक्षित रखने के लिए सदैव प्रतिबद्ध रहेगी।
-
Religious2 years agoजानिए गोवर्धन पूजा का महत्व, कौनसा समय रहेगा पूजा के लिए सही
-
Religious2 years agoकब है तुलसी विवाह? इस दिन तुलसी माता का विवाह करने से मिलेगा लाभ
-
Religious2 years agoआखिर क्यों लिखा जाता है घर के बाहर शुभ लाभ, जानिए क्या है इन चिह्न का मतलब
-
Religious2 years agoपैरों के निशान, बनावट, रंग, साइज से पता लागए की आप कितने है भागयशाली
-
Punjab2 years agoपंजाब में अमरूद के बगीचे के मुआवजे के घोटाले में ED ने 26 स्थानों पर छापे मारे
-
Chandigarh2 years agoChandigarh: Top 10 Restaurants. ये लोकप्रिय क्यों हैं ?
-
Punjab2 years agoLudhiana में पुलिस स्टेशन के पास शव मिला। एक आदमी सड़क के बीच में पड़ा था; पास में कपड़ों से भरा एक बोरे भी मिला था, लेकिन उसकी पहचान नहीं हो सकी
-
Punjab2 years agoBJP पंजाब में अपने दम पर लोकसभा चुनाव लड़ेगी, शिअद (SAD) के साथ कोई गठबंधन नहीं: प्रदेश भाजपा प्रमुख सुनील जाखड़