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बागबानी में पंजाब देशभर में अव्वल: 7100 करोड़ के प्रोजेक्ट और ‘अपणा पिंड-अपणा बाग’ से जुड़ा किसानों की समृद्धि का नया अध्याय

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार प्रदेश में बागबानी क्षेत्र का विस्तार करने और किसानों की आय बढ़ाने के लिए तेजी से काम कर रही है. बागबानी मंत्री श्री मोहिंदर भगत के निर्देशों के तहत बागबानी विभाग किसानों को परंपरागत फसलों के अलावा फसली विविधता अपनाने के लिए पूरी सहायता प्रदान कर रहा है.

बागबानी क्षेत्र को प्रफुल्लित करने के लिए विभिन्न स्कीमों के तहत किसानों को सब्सिडियां दी जा रही हैं. बागबानी का अधिकतम लाभ लेने के लिए किसानों को अति-आधुनिक तकनीक के बारे में पूरी जानकारी प्रदान की जा रही है. बागबानी विभाग ने साल 2025 के दौरान विभिन्न पहलकदमियां कीं और नई ऊंचाइयों को छुआ है.

7100 करोड़ रुपये के ए.आई.इफ. स्कीम के तहत ऋण मंजूर

बागबानी मंत्री श्री मोहिंदर भगत ने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि बागबानी विभाग खेतीबाड़ी के बुनियादी ढांचे को मजबूत करने के लिए पिछले साल की तरह इस वर्ष भी भारत के सभी राज्यों से आगे रहा है. उन्होंने बताया कि एग्रीकल्चर इंफ्रास्ट्रक्चर फंड (ए.आई.इफ.) केंद्रीय स्कीम को प्रदेश में सुव्यवस्थित ढंग से लागू करने के लिए बागबानी विभाग नोडल एजेंसी के रूप में काम कर रहा है. उन्होंने बताया कि अब तक खेतीबाड़ी के 30,000 से अधिक प्रोजेक्टों के लिए 7100 करोड़ रुपये के ए.आई.इफ. स्कीम के तहत ऋण मंजूर किए गए हैं.

बागबानी मंत्री ने कहा कि मान सरकार प्रदेश में बागबानी को प्रफुल्लित करने और किसानों की आय बढ़ाने की ओर विशेष ध्यान दे रही है. उन्होंने बताया कि बागबानी विभाग के निरंतर प्रयासों से प्रदेश का बागबानी के तहत क्षेत्र 4,81,616 से बढ़कर अब 5,21,000 हेक्टेयर हो गया है.

अति-आधुनिक बागबानी विकास केंद्र स्थापित किया जा रहा

उन्होंने बताया कि बागबानी क्षेत्र को बड़ा प्रोत्साहन देने और किसानों को आधुनिक तकनीक से अवगत कराने के लिए लुधियाना में लाढोवाल में अति-आधुनिक बागबानी विकास केंद्र स्थापित किया जा रहा है. यह केंद्र वन-स्टॉप ज्ञान केंद्र के रूप में काम करेगा और प्रदेश भर के किसानों को गेहूं-धान के फसली चक्र से उच्च मूल्य वाली बागबानी फसलों की ओर प्रेरित करेगा.

मंत्री ने बताया कि राज्य सरकार द्वारा ‘अपणा पिंड-अपणा बाग’ अभियान की शुरुआत की गई है. इससे बागबानी क्षेत्र को नई दिशा मिली है. उन्होंने कहा कि इस प्रोजेक्ट के तहत गांवों की पंचायती जमीनों पर फलदार पौधे लगाए जा रहे हैं. इन बागों से होने वाली आय संबंधित गांव की पंचायत द्वारा गांव के विकास पर खर्च की जाएगी.

उन्होंने कहा कि नेशनल हॉर्टीकल्चर मिशन के तहत किसानों को नए बाग लगाने, सब्जियां और फूलों की खेती, मशरूम, बी-कीपिंग के लिए 1575 लाख रुपये वित्तीय सहायता के रूप में दिए गए हैं.

किसानों को मिल रही सब्सिडी

उन्होंने बताया कि स्टेट प्लान स्कीम के तहत फूलों की खेती को प्रोत्साहित करने के लिए बागबानी विभाग द्वारा किसानों को 14,000/- रुपये प्रति एकड़ की वित्तीय सहायता दी जा रही है. इस स्कीम के तहत किसानों को चालू वित्तीय साल के दौरान 17.40 लाख रुपये सब्सिडी के रूप में दिए गए हैं.

उन्होंने कहा कि पोस्ट हार्वेस्ट हैंडलिंग स्कीम के तहत फलों और सब्जियों की तुड़ाई के बाद प्लास्टिक क्रेट और कार्टन बॉक्स पर 50 प्रतिशत की सब्सिडी दी जा रही है. इस स्कीम के तहत किसानों को चालू वित्तीय साल के दौरान 23.26 लाख रुपये की सब्सिडी जारी की गई है.

उन्होंने कहा कि ‘बिजली और पानी बचाओ स्कीम’ के तहत ड्रिप और बाग लगाने वाले किसानों को 10 हजार रुपये प्रति एकड़ इंसेंटिव दिया जा रहा है. इस साल 47.56 लाख रुपये की सब्सिडी दी गई है. उन्होंने बताया कि पॉली-हाउस का कवर मटेरियल बदलने के लिए भी 50 प्रतिशत वित्तीय सहायता दी जा रही है. चालू वित्तीय साल के दौरान 140.51 लाख रुपये की सब्सिडी दी गई है.

मंत्री ने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि मशरूम की छोटी यूनिटों को प्रोत्साहित करने के लिए किसानों को 80 हजार रुपये सब्सिडी के रूप में देने की व्यवस्था की गई है. किसानों को इस वर्ष 54.66 लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी गई है. उन्होंने यह भी बताया कि निर्यात-आयात विविधता को प्रोत्साहित करने के लिए इंडो-डच समझौते के तहत खेड़ी, संगरूर में प्याज के लिए सेंटर ऑफ एक्सीलेंस प्रगति पर है.

उन्होंने बताया कि प्रदेश में तीन एस्टेट- नाख एस्टेट, अमृतसर, लीची एस्टेट, पठानकोट और अमरूद एस्टेट पटियाला की स्थापना की गई है. जिससे प्रदेश में फलों की अधिक पैदावार और किसानों की आय में वृद्धि होगी.

बागबानी मंत्री ने बताया कि मान सरकार द्वारा सब्जी उगाने वाले बाढ़ पीड़ित किसानों को विशेष राहत देने के उद्देश्य से उनकी वास्तविक लागत का 40 प्रतिशत हिस्सा सब्सिडी के रूप में दिया जा रहा है.

इसके अलावा बागबानी मंत्री ने कहा कि राज्य में बागबानी को प्रफुल्लित करने के लिए नए प्रयास किए जा रहे हैं जिससे किसानों की आय में वृद्धि होगी और वे खुशहाल जीवन बिता सकेंगे.

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आप पंजाब ने पंजाब के विधायकों पर “भेड़-बकरी” वाली टिप्पणी के लिए भाजपा की निंदा की, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की माफी की मांग

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने सोशल मीडिया पर भाजपा नेता द्वारा पंजाब के चुने हुए विधायकों की तुलना “भेड़-बकरियों” से करने वाली विवादित टिप्पणी की सख्त शब्दों में निंदा की। आप नेताओं ने इस बयान को न केवल चुने हुए प्रतिनिधियों का बल्कि पंजाब के लगभग तीन करोड़ लोगों के लोकतांत्रिक जनादेश का भी घोर अपमान बताया है।

आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि आप के सभी विधायक और मंत्री पार्टी लीडरशिप और पंजाब के लोगों के साथ एकजुट हैं। हाल के गुमराह करने वाली मुहिम का जिक्र करते हुए, धालीवाल ने कहा कि आप विधायक मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ दिल्ली गए थे ताकि सरकार के काम के लिए अपनी एकता और समर्थन की पुष्टि की है। उन्होंने भाजपा नेता के ट्वीट पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे “शर्मनाक, अपमानजनक और लोगों के चुने हुए प्रतिनिधियों की गरिमा का अपमान” बताया।

धालीवाल ने ऐलान किया कि ‘आप’ इस तरह की भद्दी भाषा के इस्तेमाल के विरुद्ध पंजाब विधानसभा के स्पीकर के पास आधिकारिक शिकायत करेगी। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की टिप्पणियां भाजपा की पंजाब विरोधी सोच को दिखाते हैं और चेतावनी दी कि पंजाब के लोग इस तरह के घमंड का मुंहतोड़ जवाब देंगे।

धालीवाल ने दावा किया कि पंजाब के लोग भाजपा के राजनीतिक दबदबे को चुनौती देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीत के अभियान को पूरी तरह से रोकेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाबी भाजपा के घमंड और पंजाब विरोधी सोच के खिलाफ मजबूती से खड़े रहेंगे और चेतावनी दी कि आने वाले चुनावों में पार्टी को कड़ा राजनीतिक सबक सिखाया जाएगा।

धालीवाल ने कहा कि पंजाब का इतिहास अन्याय के खिलाफ लड़ने का रहा है और वह एक बार फिर भाजपा को हराने और देशभर में एक स्पष्ट संदेश देने के लिए एकजुट होगा।

मंत्री अमन अरोड़ा ने भी इस बयान की निंदा करते हुए कहा, “भाजपा का पंजाब के चुने हुए विधायकों की तुलना पशुओं से करना बिल्कुल शर्मनाक है। आप सिर्फ नेताओं का ही अपमान नहीं कर रहे हैं, बल्कि तीन करोड़ पंजाबियों के लोकतांत्रिक जनादेश का अपमान कर रहे हैं।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तुरंत माफी मांगने की मांग की।

पंजाब की मंत्री बलजीत कौर ने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों को “भेड़-बकरी” कहकर भाजपा ने पंजाब की पूरी आबादी का अपमान किया है। उन्होंने कहा, “पंजाबी इस घमंड को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे,” और पीएम मोदी से बिना किसी देरी के माफी मांगने की अपील की।

इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए, विधायक हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि यह टिप्पणी भाजपा की पंजाब विरोधी सोच को उजागर करती है और यह तीन करोड़ पंजाबियों का सीधा अपमान है। कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने आगे कहा कि ऐसी भाषा भाजपा की “घटिया सोच” को दिखाती है और कहा कि पंजाबी इस तरह की बेअदबी को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।

डॉ. बलबीर सिंह, रवजोत सिंह, मोहिंदर भगत, लाल चंद कटारूचक, गुरमीत सिंह खुडियां और बरिंदर कुमार गोयल सहित कई अन्य मंत्रियों ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर टिप्पणी की निंदा की और जवाबदेही की मांग की।

आप पंजाब ने दोहराया कि चुने हुए प्रतिनिधियों का अपमान करना पंजाब के लोगों का अपमान करने जैसा है और भाजपा को भविष्य में ऐसे बयान न देने की चेतावनी दी। पार्टी ने कहा कि वह राजनीतिक हमलों की परवाह किए बिना एकजुट हैं और लोगों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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आप पंजाब ने पंजाब के विधायकों पर “भेड़-बकरी” वाली टिप्पणी के लिए भाजपा की निंदा की, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की माफी की मांग

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब ने सोशल मीडिया पर भाजपा नेता द्वारा पंजाब के चुने हुए विधायकों की तुलना “भेड़-बकरियों” से करने वाली विवादित टिप्पणी की सख्त शब्दों में निंदा की। आप नेताओं ने इस बयान को न केवल चुने हुए प्रतिनिधियों का बल्कि पंजाब के लगभग तीन करोड़ लोगों के लोकतांत्रिक जनादेश का भी घोर अपमान बताया है।

आप पंजाब के मुख्य प्रवक्ता और विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने कहा कि आप के सभी विधायक और मंत्री पार्टी लीडरशिप और पंजाब के लोगों के साथ एकजुट हैं। हाल के गुमराह करने वाली मुहिम का जिक्र करते हुए, धालीवाल ने कहा कि आप विधायक मुख्यमंत्री भगवंत मान के साथ दिल्ली गए थे ताकि सरकार के काम के लिए अपनी एकता और समर्थन की पुष्टि की है। उन्होंने भाजपा नेता के ट्वीट पर कड़ी आपत्ति जताते हुए इसे “शर्मनाक, अपमानजनक और लोगों के चुने हुए प्रतिनिधियों की गरिमा का अपमान” बताया।

धालीवाल ने ऐलान किया कि ‘आप’ इस तरह की भद्दी भाषा के इस्तेमाल के विरुद्ध पंजाब विधानसभा के स्पीकर के पास आधिकारिक शिकायत करेगी। उन्होंने आगे कहा कि इस तरह की टिप्पणियां भाजपा की पंजाब विरोधी सोच को दिखाते हैं और चेतावनी दी कि पंजाब के लोग इस तरह के घमंड का मुंहतोड़ जवाब देंगे।

धालीवाल ने दावा किया कि पंजाब के लोग भाजपा के राजनीतिक दबदबे को चुनौती देने के लिए पूरी तरह तैयार हैं और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जीत के अभियान को पूरी तरह से रोकेंगे। उन्होंने कहा कि पंजाबी भाजपा के घमंड और पंजाब विरोधी सोच के खिलाफ मजबूती से खड़े रहेंगे और चेतावनी दी कि आने वाले चुनावों में पार्टी को कड़ा राजनीतिक सबक सिखाया जाएगा।

धालीवाल ने कहा कि पंजाब का इतिहास अन्याय के खिलाफ लड़ने का रहा है और वह एक बार फिर भाजपा को हराने और देशभर में एक स्पष्ट संदेश देने के लिए एकजुट होगा।

मंत्री अमन अरोड़ा ने भी इस बयान की निंदा करते हुए कहा, “भाजपा का पंजाब के चुने हुए विधायकों की तुलना पशुओं से करना बिल्कुल शर्मनाक है। आप सिर्फ नेताओं का ही अपमान नहीं कर रहे हैं, बल्कि तीन करोड़ पंजाबियों के लोकतांत्रिक जनादेश का अपमान कर रहे हैं।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तुरंत माफी मांगने की मांग की।

पंजाब की मंत्री बलजीत कौर ने कहा कि चुने हुए प्रतिनिधियों को “भेड़-बकरी” कहकर भाजपा ने पंजाब की पूरी आबादी का अपमान किया है। उन्होंने कहा, “पंजाबी इस घमंड को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे,” और पीएम मोदी से बिना किसी देरी के माफी मांगने की अपील की।

इसी तरह के विचार व्यक्त करते हुए, विधायक हरदीप सिंह मुंडियां ने कहा कि यह टिप्पणी भाजपा की पंजाब विरोधी सोच को उजागर करती है और यह तीन करोड़ पंजाबियों का सीधा अपमान है। कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ ने आगे कहा कि ऐसी भाषा भाजपा की “घटिया सोच” को दिखाती है और कहा कि पंजाबी इस तरह की बेअदबी को कभी बर्दाश्त नहीं करेंगे।

डॉ. बलबीर सिंह, रवजोत सिंह, मोहिंदर भगत, लाल चंद कटारूचक, गुरमीत सिंह खुडियां और बरिंदर कुमार गोयल सहित कई अन्य मंत्रियों ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘X’ पर टिप्पणी की निंदा की और जवाबदेही की मांग की।

आप पंजाब ने दोहराया कि चुने हुए प्रतिनिधियों का अपमान करना पंजाब के लोगों का अपमान करने जैसा है और भाजपा को भविष्य में ऐसे बयान न देने की चेतावनी दी। पार्टी ने कहा कि वह राजनीतिक हमलों की परवाह किए बिना एकजुट हैं और लोगों की सेवा करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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पंजाब में बेअदबी विरोधी कानून लागू होने के बाद मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री आनंदपुर साहिब से ‘शुक्राना यात्रा’ का किया नेतृत्व

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज यहां तख्त श्री केसगढ़ साहिब में माथा टेकने के बाद पूरे उत्साह के साथ ‘शुक्राना यात्रा’ शुरू की। कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस की मौजूदगी में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह यात्रा परमात्मा का शुक्राना करने के लिए की जा रही है, जिसने उन्हें बेअदबी के मामलों में सख्त सजा की व्यवस्था करने वाला जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) एक्ट 2026 लागू करके मानवता की सेवा करने का अवसर बख्शा है। सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जिस पवित्र धरती पर खालसा पंथ प्रकट हुआ था, उससे ‘शुक्राना यात्रा’ शुरू हुई है। बेअदबी रोकने के लिए सख्त कानून बनाने की पवित्र जिम्मेदारी हमें बख्शने के लिए गुरु साहिब के चरणों में शुक्राना किया जा रहा है। पंजाब की शांति और ‘सर्बत्त के भला’ के लिए अरदासें जारी रहेंगी।”

पवित्र तख्त साहिब में माथा टेकते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “मेरा रोम-रोम परमात्मा का ऋणी है कि उसने मुझे जागत जोत श्री गुरु ग्रंथ साहिब सतिकार (संशोधन) एक्ट 2026 लागू करके मानवता की सेवा करने का अवसर बख्शा। हम भाग्यशाली हैं कि हमें इस ऐतिहासिक कानून को पास करने की जिम्मेदारी मिली, जो भविष्य में बेअदबी की घटनाओं को खत्म करने में मददगार होगा।”उन्होंने कहा कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी एक गहरी साजिश का हिस्सा थी, जिसका उद्देश्य पंजाब की शांति, भाईचारक साझ और एकता को तोड़ना था। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह एक्ट यह सुनिश्चित करता है कि इस अक्षम्य अपराध के दोषी पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति को माफ नहीं किया जाएगा और इस घिनौने अपराध के दोषियों को अनुकरणीय सजा दी जाएगी। यह कानून निवारक के रूप में काम करेगा और भविष्य में कोई भी ऐसा गुनाह करने की हिम्मत नहीं करेगा।”

सिखों की श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के साथ आध्यात्मिक साझ पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी हर सिख के लिए पिता के समान हैं और इसकी पवित्रता की रक्षा करना हमारा कर्तव्य है। दुनिया भर के लोग इस ऐतिहासिक कदम पर खुशी प्रकट कर रहे हैं और धन्यवाद कर रहे हैं।” शुक्राना यात्रा के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि श्री आनंदपुर साहिब के बाद वे 9 मई तक तख्त श्री केसगढ़ साहिब, श्री अकाल तख्त साहिब, श्री दमदमा साहिब, मस्तुआणा साहिब, गुरुद्वारा दुख निवारण साहिब और श्री फतेहगढ़ साहिब में नतमस्तक होंगे। उन्होंने अत्यधिक गर्मी के बावजूद यहां एकत्रित हुए लोगों का धन्यवाद करते हुए कहा कि “इस यात्रा का एकमात्र मंतव्य इस महत्वपूर्ण एक्ट को पास करने के लिए ताकत और बख्शने के लिए परमात्मा का शुक्राना करना है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “हम तो एक माध्यम हैं, जिसे गुरु साहिब ने यह पवित्र जिम्मेदारी निभाने के लिए चुना है। मैं इस एक्ट को पास करने वाला कोई नहीं हूं। गुरु साहिब ने खुद यह सेवा मुझसे ली है। परमात्मा ऐसी सेवा सिर्फ उन्हीं को सौंपता है, जिन्हें उसने खुद चुना होता है। मैं गुरु साहिब का एक विनम्र सेवक हूं, जिसे यह कार्य सौंपा गया है।” उन्होंने आगे कहा कि समाज के सभी वर्गों के लोग लंबे समय से बेअदबी की घटनाओं को रोकने के लिए ऐसे कानून की मांग कर रहे थे। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “इस एक्ट का एकमात्र उद्देश्य पिछली सरकारों की लापरवाही के कारण लोगों की अशांत हुई भावनाओं को शांत करना है। इस कानून के पीछे कोई भी राजनीतिक मंतव्य नहीं है।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि दुनिया भर के लोग इस पहल के लिए हमारा धन्यवाद करने के लिए रोजाना फोन कर रहे हैं, लेकिन उन्होंने कहा कि कुछ व्यक्ति इस एक्ट का विरोध सिर्फ इसलिए कर रहे हैं क्योंकि उनके राजनीतिक आका नाखुश हैं। उन्होंने कहा, “यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि कुछ लोग अपने निजी हितों के लिए इस पवित्र मुद्दे पर भी राजनीति कर रहे हैं क्योंकि वे जानते हैं कि उन्हें जल्दी अपने गुनाहों के नतीजे भुगतने पड़ेंगे।” लोकसभा सदस्य के रूप में अपने कार्यकाल को याद करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्होंने पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन के साथ मिलकर छोटे साहिबजादों को उनके शहीदी दिवस पर श्रद्धांजलि देने के मामले की सदन में सफलतापूर्वक पैरवी की थी। उन्होंने कहा कि पूरा पंजाब उस समय को शोक के महीने के रूप में मनाता है क्योंकि छोटे साहिबजादों को जालिम शासकों ने जिंदा नींव में चिनवा दिया था। मुझसे पहले 190 से अधिक सांसदों ने पंजाब का प्रतिनिधित्व किया, लेकिन उनमें से किसी ने भी संसद में यह मुद्दा नहीं उठाया।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि छोटे साहिबजादों की शहादत आने वाली पीढ़ियों को अत्याचार, बेइंसाफी और दमन के खिलाफ जूझने के लिए प्रेरित करती रहेगी। श्री आनंदपुर साहिब के ऐतिहासिक महत्व का हवाला देते हुए उन्होंने कहा, “इस पवित्र धरती पर श्री गुरु गोबिंद सिंह जी ने 13 अप्रैल 1699 को खालसा पंथ प्रकट किया था, जो इतिहास को नया मोड़ देने वाली घटना थी। इसी दिन हमारी सरकार ने बेअदबी के खिलाफ ऐतिहासिक कानून पास किया है।”मुख्यमंत्री ने यह भी चेताया कि श्री गुरु तेग बहादुर साहिब जी के 350 साला शहीदी दिवस के अवसर पर पंजाब विधानसभा का विशेष सत्र श्री आनंदपुर साहिब में बुलाया गया। उन्होंने कहा कि इतिहास में यह पहला अवसर है, जब पंजाब विधानसभा गुरु साहिब के चरणों में नतमस्तक हुई। इस विशेष सत्र के दौरान विधानसभा ने अमृतसर, तलवंडी साबो और श्री आनंदपुर साहिब को पवित्र शहर का दर्जा देने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पास किया।”

पंजाब में सिखी के आध्यात्मिक महत्व को उजागर करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सिखों के पांच तख्तों में से तीन – श्री अकाल तख्त साहिब (अमृतसर), श्री दमदमा साहिब (तलवंडी साबो) और तख्त श्री केसगढ़ साहिब (श्री आनंदपुर साहिब) – पंजाब में पड़ते हैं। उन्होंने कहा, “लोगों की लंबे समय से लटकती मांग को ध्यान में रखते हुए पंजाब सरकार ने इन शहरों को पवित्र शहर का दर्जा दिया है। इन शहरों के समग्र विकास के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ी जाएगी और इस कार्य के लिए फंडों की कोई कमी नहीं है।”

यात्रा के दौरान कैबिनेट मंत्री हरजोत सिंह बैंस और कई अन्य हस्तियां भी मौजूद थीं।

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