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पंजाब में तीसरी बार स्कूलों को उड़ाने की धमकी:लिखा-1.11 PM से 9.11 PM तक स्कूल से स्टेशन तक ब्लास्ट होंगे; पटियाला में हाई अलर्ट

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पंजाब में अमृतसर और जालंधर के बाद पटियाला में स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई है। इसको लेकर स्कूल मैनेजमेंट को ई-मेल भेजी गई है। इसके सब्जेक्ट में बम ब्लास्ट 1.11PM-9.11 PM लिखा हुआ है। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि दोपहर 1.11 बजे से लेकर रात 9.11 बजे तक के लिए यह धमकी दी गई है। स्कूलों में 21 दिसंबर से सर्दियों की छुट्टियां हो चुकी हैं, ऐसे में बच्चों को कोई खतरा नहीं है।

हालांकि सिक्योरिटी स्टाफ वहां मौजूद था। यह धमकी भरी मेल रियान पब्लिक स्कूल और DAV स्कूल को भी भेजी गई है। मेल मिलते ही स्कूल प्रबंधन ने तुरंत इसके बारे में पुलिस को सूचना दी। जिसके बाद पुलिस भी अलर्ट हो गई। तुरंत स्कूलों से लेकर रेलवे स्टेशन तक सिक्योरिटी बढ़ा दी गई है। स्कूलों में एंटी साबोटाज टीमें बुलाकर बम की जांच कराई जा रही है।

इस बारे में पटियाला के एसएसपी वरुण शर्मा ने कहा कि स्कूलों के जरिए उन्हें सूचना मिली है इसके बाद सुरक्षा के प्रबंध बढ़ा दिए गए हैं। इसके अलावा रेलवे स्टेशन पर भी चेकिंग बढ़ा दी गई है। बता दें कि इससे पहले अमृतसर और जालंधर के नामी स्कूलों को धमकी भरे ईमेल आए थे। स्कूल मैनेजमेंट को ये धमकी मिली थी। जिसके बाद स्कूलों की छुट्टी कर दी गई थी। हालांकि जांच में कुछ पता नहीं चला कि धमकी किसकी तरफ से दी गई है।

पटियाला के SSP वरूण शर्मा, उन्होंने कहा कि धमकी के मामले की जांच की जा रही है।

पटियाला के SSP वरूण शर्मा, उन्होंने कहा कि धमकी के मामले की जांच की जा रही है।

धमकी भरी मेल में क्या लिखा… स्कूलों को मिली धमकी भरी ईमेल में पंजाब के सीएम भगवंत मान को धमकी दी गई। मेल की दूसरी लाइन में लिखा है पटियाला स्कूल से ट्रेन स्टेशन बम ब्लास्ट 1.11 बजे से रात 9.11 बजे तक ब्लास्ट होगा। बीच में एक सवाल पूछा है कि क्या हिंदुस्तान के कब्जे वाला एक अलग देश खालिस्तान होना चाहिए। आखिर में सीएम और केजरीवाल को धमकी दी गई है।

स्कूल प्रबंधन को मिले धमकी भरे ईमेल में सीएम मान और केजरीवाल को धमकी दी गई है।

स्कूल प्रबंधन को मिले धमकी भरे ईमेल में सीएम मान और केजरीवाल को धमकी दी गई है।

पुलिस बोली- अलर्ट मोड पर हैं पटियाला अर्बन एरिया में रयान पब्लिक स्कूल में पुलिस की टीम पहुंची। स्कूल ने सुबह पुलिस को इस बारे में बताया था। मौके पर पहुंचे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि स्कूल के सारे कैमरे चैक किए गए। टीचरों और सिक्योरिटी स्टाफ को अलर्ट रहने के बारे में समझाया गया। इसके अलावा सारी चेकिंग टीमें स्कूलों में जा रही है। पुलिस अलर्ट मोड पर है।

जालंधर के 10 स्कूलों को उड़ाने की धमकी मिली थी इससे पहले जालंधर में 10 स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी से हड़कंप मच गया था। इन स्कूलों के प्रिंसिपल को धमकी भरी मेल भेजी गई। कुछ स्कूलों को वॉयस मैसेज भेजकर धमकी दी गई। धमकी का पता चलते ही तुरंत स्कूलों में चलती क्लास को बंद कर लाइटें बुझा दी गईं। इसके बाद पेरेंट्स को वॉट्सऐप, फोन कॉल और स्कूल एप की मदद से सूचना दी गई कि वह तुरंत अपने बच्चों को ले जाएं।

पुलिस सूत्रों के मुताबिक जालंधर के KMV स्कूल, सेंट जोसेफ कॉन्वेंट स्कूल, IVY वर्ल्ड स्कूल और शिव ज्योति स्कूल को यह धमकी भेजी गई थी। मामले पर प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए जालंधर की पुलिस कमिश्नर धनप्रीत कौर और DC डॉ. हिमांशु अग्रवाल ने कहा था कि साइबर सैल की तरफ से मेल की जांच की जा रही है और आरोपियों को जल्द पकड़ने का काम किया जाएगा।

जालंधर के 10 स्कूलों को ब्लास्ट की धमकी मिली थी।

जालंधर के 10 स्कूलों को ब्लास्ट की धमकी मिली थी।

अमृतसर में खालिस्तान के नाम पर दी थी धमकी अमृतसर में भी स्कूलों को बम से उड़ाने की धमकी दी गई थी। उसकी धमकी भरी मेल में भी यही लिखा गया था कि 1 बजकर 11 मिनट पर 3 स्कूलों में एक-एक करके बम धमाके होंगे। यह धमकी ruhanjan@atomicmail.io से भेजी गई थी। इसके बाद मैनेजमेंट ने सभी स्कूलों में छुट्‌टी कर दी थी।

कुछ देर बाद अमृतसर के डिप्टी कमिश्नर ने पुलिस और जांच एजेंसियों के इनपुट पर सारे जिले के स्कूल बंद करा दिए और वहां छुट्‌टी कर बच्चों को घर भेज दिया था। खालिस्तानी संगठन खालिस्तान रेफरेंडम की मेल आईडी से यह धमकी भरी मेल भेजी गई थी। इसमें कहा गया कि खालिस्तान समर्थकों के एनकाउंटर का बदला लेने के लिए 3 अलग-अलग स्कूलों में बम धमाका किया जाएगा।

इस मेल में पंजाब की AAP सरकार की अगुआई कर रहे CM भगवंत मान के बारे में भी आपत्तिजनक बातें लिखी गईं थीं। अमृतसर पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत भुल्लर ने कहा था कि जांच के बाद कुछ भी संदिग्ध नहीं मिला।

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आप सांसद मालविंदर कंग ने पंजाब यूनिवर्सिटी में पंजाबी साइनबोर्ड फिर से लगाने के फैसले का किया स्वागत

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आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद मालविंदर सिंह कंग ने पंजाब यूनिवर्सिटी के अपने कैंपस में पंजाबी साइनबोर्ड और नेमप्लेट फिर से लगाने के फैसले का स्वागत किया है। उन्होंने इसे पंजाब की भाषाई और सांस्कृतिक विरासत को बचाने की दिशा में एक ज़रूरी कदम बताया।

कंग ने पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ में साइनबोर्ड और नेमप्लेट से पंजाबी (गुरुमुखी) हटाने पर कड़ा एतराज़ जताया था। उन्होंने इस कदम को पंजाब के इतिहास, संस्कृति और पहचान को दिखाने वाली भाषा का अपमान बताया।

इस मामले को भारत के माननीय उपराष्ट्रपति और पंजाब यूनिवर्सिटी के चांसलर, सीपी राधाकृष्णन के सामने उठाते हुए, कंग ने उनसे तुरंत दखल देने की मांग की ताकि पंजाबी को उसकी सही जगह और सम्मान मिले, खासकर एक ऐसे संस्थान में जो पंजाब के नाम और विरासत को बनाए रखता है।

इस बारे में जानकारी सांझा करते हुए, कंग ने कहा कि उन्हें पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस-चांसलर से एक ऑफिशियल लेटर मिला है, जिसमें कन्फर्म किया गया है कि पंजाबी साइनबोर्ड लगाने का प्रोसेस शुरू हो चुका है। लेटर के मुताबिक, यूनिवर्सिटी ने पंजाबी साइनबोर्ड के लिए ऑर्डर दे दिया है और उन्हें लगाने का काम जल्द से जल्द पूरा कर लिया जाएगा।

इस फैसले का स्वागत करते हुए, कंग ने कहा कि इससे एक मजबूत संदेस जाता है कि पंजाब के वजूद और पंजाबी भाषा की इज्ज़त को नज़रअंदाज़ नहीं किया जा सकता। उन्होंने आगे कहा कि पंजाबी सिर्फ एक भाषा नहीं है, बल्कि पंजाब की रिच कल्चरल विरासत और सामूहिक पहचान की निशानी है, जिसका हर लेवल पर सम्मान किया जाना चाहिए और उसे बढ़ावा दिया जाना चाहिए।

कंग ने इस मामले पर तुरंत ध्यान देने के लिए भारत के माननीय उपराष्ट्रपति और पंजाब यूनिवर्सिटी के चांसलर, श्री सी. पी. राधाकृष्णन का धन्यवाद किया। उन्होंने यूनिवर्सिटी प्रशासन की भी तारीफ़ की कि उन्होंने सुधार के कदम उठाए और पंजाब के लोगों की चिंताओं पर पॉज़िटिव जवाब दिया।

आप सांसद ने कहा कि पंजाब से जुड़े हर संस्थान में पंजाबी के सम्मान, अहमियत और हक की हमेशा रक्षा होनी चाहिए।

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मोहाली को मिला नया मेयर, विधायक कुलवंत सिंह के बेटे सरबजीत समाना ने संभाली कमान

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मोहाली नगर निगम को नया मेयर मिल गया है। मंगलवार को हुए मेयर चुनाव में आम आदमी पार्टी के नेता और विधायक कुलवंत सिंह के पुत्र सरबजीत सिंह समाना को मेयर चुना गया। वहीं आर.पी. शर्मा को सीनियर डिप्टी मेयर और हरपाल चन्नी को डिप्टी मेयर की जिम्मेदारी सौंपी गई।

चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद पंजाब आम आदमी पार्टी के अध्यक्ष अमन अरोड़ा, विधायक कुलवंत सिंह और पार्टी नेता डॉ. सन्नी आहलूवालिया ने सरबजीत समाना को बधाई दी और उनके सफल कार्यकाल की शुभकामनाएं दीं।

मेयर पद को लेकर पिछले कई दिनों से राजनीतिक चर्चाएं चल रही थीं। शुरुआत में डॉ. सन्नी आहलूवालिया को इस पद का मजबूत दावेदार माना जा रहा था। संगठन में उनकी मजबूत पकड़ और पार्टी नेतृत्व से करीबी संबंधों के चलते उनका नाम चर्चा में था, लेकिन अंतिम समय में राजनीतिक समीकरण बदले और सरबजीत समाना को उम्मीदवार बनाया गया।

बताया जा रहा है कि चुनाव से पहले विधायक कुलवंत सिंह ने पार्टी पार्षदों के साथ लगातार बैठकें कीं। नगर निगम चुनाव जीतने वाले कई पार्षद उनके करीबी सहयोगी माने जाते हैं, जिससे मेयर पद की दौड़ में उनके बेटे का पलड़ा भारी रहा।

पार्टी में एकजुटता बनाए रखने और किसी भी तरह के विवाद से बचने के लिए पंजाब आप अध्यक्ष अमन अरोड़ा खुद नगर निगम कार्यालय पहुंचे और उनकी मौजूदगी में पूरी चुनाव प्रक्रिया संपन्न हुई।

दूसरी ओर, मेयर चुनाव से पहले कांग्रेस ने चुनाव प्रक्रिया का बहिष्कार कर दिया, जबकि शिरोमणि अकाली दल के पार्षद बैठक के दौरान वॉकआउट कर गए। इसके चलते चुनावी माहौल काफी गर्म रहा।

चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण और पारदर्शी ढंग से संपन्न कराने के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। गोपनीयता बनाए रखने के लिए सभी पार्षदों के मोबाइल फोन नगर निगम कार्यालय के बाहर जमा कराए गए और रिकॉर्ड दर्ज होने के बाद ही उन्हें बैठक कक्ष में प्रवेश दिया गया।

सरबजीत सिंह समाना के मेयर बनने के साथ ही मोहाली नगर निगम में आम आदमी पार्टी की पकड़ और मजबूत हो गई है। अब शहर के विकास कार्यों और नगर निगम की आगामी योजनाओं पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।

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अकाली दल को बड़ा झटका! मनप्रीत इयाली ‘वारिस पंजाब दे’ में हुए शामिल

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पंजाब की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। दाखा से शिरोमणि अकाली दल के विधायक मनप्रीत सिंह इयाली मंगलवार को औपचारिक रूप से ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन में शामिल हो गए। उनके इस फैसले को पंजाब की पंथक राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

संगठन में शामिल होने के बाद मनप्रीत सिंह इयाली ने कहा कि उन्होंने बिना किसी शर्त और पद की अपेक्षा के इस मंच का साथ चुना है। उनका उद्देश्य पंजाब की पंथक और क्षेत्रीय ताकतों को एकजुट करना तथा राज्य से जुड़े अहम मुद्दों को मजबूती से उठाना है।

इयाली ने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल विधायक पद से इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि कानूनी और तकनीकी रूप से वह अभी भी शिरोमणि अकाली दल के विधायक हैं। उन्होंने बताया कि ‘वारिस पंजाब दे’ फिलहाल एक सामाजिक और संगठनात्मक मंच है, न कि चुनाव आयोग में पंजीकृत राजनीतिक दल, इसलिए विधायक पद छोड़ने का कोई सवाल नहीं उठता।

उन्होंने कहा कि पंजाब के कई महत्वपूर्ण मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं, जिनमें राज्य के पानी का मुद्दा, पंजाबी भाषी क्षेत्रों का मामला, चंडीगढ़ पर पंजाब का अधिकार और अन्य क्षेत्रीय हित शामिल हैं। इन मुद्दों को नई ऊर्जा और मजबूती के साथ उठाया जाएगा।

मनप्रीत इयाली ने कहा कि पंजाब, पंजाबी पहचान और पंथक विचारधारा को मजबूत करने के लिए समान सोच रखने वाली सभी ताकतों को एक मंच पर आने की जरूरत है। उनके इस कदम के बाद पंजाब की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं और आने वाले समय में इसके राजनीतिक असर देखने को मिल सकते हैं।

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