Chandigarh
ChandigarhAdministration की बड़ी कार्रवाई: Elante Mall में अवैध Construction तोड़ा गया, Parking की जगह बनाई थी Greenery
चंडीगढ़ के इंडस्ट्रियल एरिया फेज-1 में स्थित नेक्सस एलांते मॉल पर रविवार सुबह प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की। प्रशासन ने अवैध निर्माण और बिल्डिंग रूल्स के उल्लंघन के चलते मॉल के कुछ हिस्सों को तोड़ दिया। यह कार्रवाई मॉल को जारी किए गए शो-कॉज नोटिस (Show Cause Notice) के 24 घंटे के अंदर की गई।
नोटिस जारी हुआ था शनिवार को
शनिवार को एसडीएम ईस्ट-कम-असिस्टेंट एस्टेट ऑफिसर खुशप्रीत कौर ने मैसर्स सीएसजे इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड (CSJ Infrastructure Pvt. Ltd.), जो एलांते मॉल का प्रबंधन करती है, को नोटिस जारी किया था। इसमें मॉल में पाए गए बिल्डिंग वॉयलेशन (Building Violations) को लेकर जवाब मांगा गया था।
क्या-क्या गड़बड़ियां मिलीं
प्रशासन की जांच रिपोर्ट में मॉल में करीब 10 बड़ी अनियमितताएं मिलीं।
इनमें सबसे बड़ी गड़बड़ी पार्किंग एरिया में सामने आई —
- लगभग 22,000 स्क्वायर फीट एरिया जो वाहनों की पार्किंग के लिए रिज़र्व था,
- उसे मॉल प्रबंधन ने लैंडस्केपिंग और ग्रीनरी (Greenery) में बदल दिया।
इसके अलावा कुल 35,040 स्क्वायर फीट क्षेत्र में बिल्डिंग नियमों का उल्लंघन पाया गया।
मौके पर प्रशासन और पुलिस मौजूद
रविवार सुबह प्रशासन ने टीम भेजकर अवैध हिस्सों को तोड़ने की कार्रवाई की। इस दौरान अधिकारी और पुलिस फोर्स भी मौके पर मौजूद रहे ताकि किसी तरह की रुकावट या विवाद न हो।
पहले भी दिया गया था मौका
प्रशासन के संपदा विभाग (Estate Department) ने इस मामले में पहले भी कदम उठाए थे।
8 अगस्त को मॉल का निरीक्षण किया गया था और मॉल प्रबंधन को दो महीने का समय और सुनवाई का मौका दिया गया था।
लेकिन जब सुधार नहीं किया गया, तब जाकर शो-कॉज नोटिस जारी किया गया और सीधी कार्रवाई की गई।
लगेगा रोजाना जुर्माना
प्रशासन ने मॉल प्रबंधन पर अब जुर्माना लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
नियमों के अनुसार,
₹8 प्रति स्क्वायर फीट प्रति दिन के हिसाब से जुर्माना वसूला जाएगा।
यह जुर्माना तब तक जारी रहेगा, जब तक मॉल प्रबंधन अवैध निर्माण को नियमों के अनुसार सुधार नहीं देता।
किस कानून के तहत हुई कार्रवाई
यह कार्रवाई चंडीगढ़ एस्टेट रूल्स 2007 (Chandigarh Estate Rules-2007) और
कैपिटल ऑफ पंजाब (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) एक्ट 1952 के तहत की गई है।
प्रशासन का रुख सख्त
प्रशासन का कहना है कि शहर में किसी भी बिल्डिंग या प्रोजेक्ट में अगर लेआउट प्लान से हटकर निर्माण किया जाएगा, तो सीधी कार्रवाई की जाएगी।
एलांते मॉल जैसे बड़े कॉमर्शियल स्पेस पर की गई यह कार्रवाई बाकी बिल्डिंग्स के लिए भी एक सख्त संदेश मानी जा रही है।
चंडीगढ़ प्रशासन की इस कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि शहर में बिल्डिंग रूल्स का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
एलांते मॉल में पार्किंग की जगह हरियाली बनाना अब मॉल प्रबंधन को महंगा पड़ रहा है।
अब उन्हें रोजाना लाखों रुपये तक का जुर्माना भरना पड़ सकता है जब तक कि वे नियमों के मुताबिक सारी गलतियां सुधार नहीं लेते।
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पंजाब में Universal Healthcare Model बना मिसाल, हर परिवार को बिना शर्त 10 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा!
पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए ऐसा मॉडल पेश किया है, जो देश की पारंपरिक योजनाओं से अलग और ज्यादा व्यापक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत अब राज्य के हर परिवार को बिना किसी शर्त के 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। बढ़ते इलाज के खर्च के बीच यह योजना लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।
जहां केंद्र सरकार की Ayushman Bharat योजना सीमित पात्रता और 5 लाख रुपये तक के कवर तक ही सीमित है, वहीं पंजाब का यह मॉडल हर निवासी को कवर करता है, चाहे उसकी आय कुछ भी हो। यही कारण है कि इसे Universal Healthcare Model के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें इलाज का अधिकार किसी सूची या शर्त पर नहीं बल्कि जरूरत के आधार पर तय होता है।
वित्तीय दृष्टि से भी पंजाब का यह मॉडल काफी मजबूत माना जा रहा है। केंद्र सरकार जहां 140 करोड़ आबादी के लिए 9,500 करोड़ रुपये का बजट रखती है, वहीं पंजाब सरकार करीब 3 करोड़ लोगों के लिए 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस हिसाब से प्रति व्यक्ति निवेश कई गुना ज्यादा है, जो राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को साफ तौर पर दर्शाता है।
इस योजना के तहत करीब 65 लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मरीज 2,300 से अधिक इलाज पैकेजों के जरिए दिल की बीमारी, कैंसर, किडनी से जुड़ी समस्याएं, एक्सीडेंट केस और अन्य गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। इसके लिए 900 से अधिक अस्पतालों का नेटवर्क तैयार किया गया है, जहां कैशलेस सुविधा उपलब्ध है।
योजना का एक बड़ा फायदा इसकी आसान प्रक्रिया भी है। जहां अन्य योजनाओं में पात्रता साबित करने के लिए कई दस्तावेजों की जरूरत होती है, वहीं पंजाब में लोग सिर्फ आधार कार्ड या वोटर आईडी के जरिए आसानी से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके लिए सेवा केंद्रों और Common Service Centers के साथ-साथ ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी गई है। साथ ही, गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और रजिस्ट्रेशन कराने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
इस योजना का असर जमीनी स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। कई ऐसे परिवार, जो पहले इलाज के खर्च के कारण परेशान रहते थे, अब बिना किसी आर्थिक दबाव के इलाज करवा पा रहे हैं। यह मॉडल न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बना रहा है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर करने में मदद कर रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि एक सोच में बदलाव है, जहां स्वास्थ्य सेवा को अधिकार के रूप में देखा जा रहा है। उनका कहना है कि पंजाब सरकार का उद्देश्य हर व्यक्ति तक बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में परेशान न हो।
कुल मिलाकर, पंजाब का यह यूनिवर्सल हेल्थकेयर मॉडल देश के लिए एक नई दिशा दिखाता है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं सीमित नहीं बल्कि सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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चंडीगढ़ में देर रात दहशत: सेक्टर-29 के रिहायशी इलाके में दिखा तेंदुए जैसा जानवर, सीसीटीवी में कैद
चंडीगढ़ के सेक्टर-29 में बुधवार रात तेंदुआ दिखाई देने की खबर से इलाके में दहशत फैल गई। लोगों ने पूरी रात घरों से बाहर निकलने से परहेज किया। सूचना मिलने के बाद पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिला। हालांकि, इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में एक तेंदुआ पीर दरगाह के पास पानी पीते हुए कैद हुआ है।
पार्क में महिला ने सबसे पहले देखा
जानकारी के अनुसार बुधवार शाम करीब 7:30 से 8 बजे के बीच सेक्टर-29 के एक पार्क में एक महिला अपने बच्चों के साथ टहल रही थी। इसी दौरान उसकी नजर झाड़ियों के पास घूमते हुए एक तेंदुए पर पड़ी। यह देखते ही महिला घबरा गई और तुरंत बच्चों को लेकर पार्क से बाहर निकल गई।
घर पहुंचकर महिला ने इस बारे में अपने पति को बताया। इसके बाद उसके पति ने यह जानकारी पास में स्थित पीर दरगाह के लोगों को दी।
CCTV में कैद हुआ तेंदुआ
सूचना मिलने के बाद जब दरगाह परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई तो उसमें साफ दिखाई दिया कि एक तेंदुआ दरगाह के पास बने स्थान पर पानी पी रहा है। इसके बाद तुरंत पुलिस और फॉरेस्ट विभाग को सूचना दी गई।
सूचना के बाद पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आसपास के इलाके में पूरी रात तलाशी अभियान चलाया। हालांकि देर रात तक चलाए गए सर्च ऑपरेशन में तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिल पाया।
फिलहाल पुलिस और फॉरेस्ट विभाग दोनों ही तेंदुए की मौजूदगी को लेकर आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं कर रहे हैं, लेकिन सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद इलाके के लोग काफी दहशत में हैं और सतर्कता बरत रहे हैं।

पुलिसकर्मी हाथ में डंडा लेकर खड़ा हुआ।
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चंडीगढ़ में अगले माह से महंगी होंगी जमीनें:कलेक्टर रेट में 30 से 60% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव, 1 अप्रैल से लागू करने की तैयारी
चंडीगढ़ में एक बार फिर प्रॉपर्टी महंगी होने जा रही है। चंडीगढ़ प्रशासन ने कलेक्टर रेट बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। डीसी निशांत यादव की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें कलेक्टर रेट संशोधित करने के लिए एक कमेटी गठित की गई।
प्रशासन ने शहर के अलग-अलग इलाकों के अनुसार कलेक्टर रेट में 30 से 60 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्तावित नए रेटों को लेकर अगले सप्ताह ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, जिसमें आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी।
1 अप्रैल से लागू हो सकते हैं नए रेट
प्रशासन के अनुसार, लोगों से सुझाव लेने के बाद अंतिम नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। योजना है कि नए कलेक्टर रेट 1 अप्रैल से लागू कर दिए जाएं। पिछले साल भी कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी की गई थी। इससे पहले वर्ष 2021 और 2017 में संशोधन हुआ था।
ग्रामीण क्षेत्रों में तीन से चार गुना तक बढ़ोतरी
सूत्रों के मुताबिक, नए प्रस्ताव के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि के रेट तीन से चार गुना तक बढ़ सकते हैं। वहीं कई सेक्टरों में रेट डेढ़ गुना तक बढ़ाने की तैयारी है। कलेक्टर रेट बढ़ने से प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री महंगी होगी, क्योंकि स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क इन्हीं रेटों के आधार पर तय होते हैं। ऐसे में रियल एस्टेट बाजार और आम लोगों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
संभावना है कि रेट बढ़ाने के प्रस्ताव पर कुछ संगठनों और प्रॉपर्टी मालिकों की ओर से विरोध भी किया जा सकता है।
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