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मान सरकार की औद्योगिक क्रांति: FastTrack पंजाब पोर्टल से 96% केस खत्म, निवेश और रोजगार में Record बढ़ोतरी!
पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली सरकार ने उद्योग और निवेश के क्षेत्र में बड़ा बदलाव करते हुए एक नई औद्योगिक क्रांति की शुरुआत कर दी है। 29 मई 2025 को CM मान ने फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल को नए रूप में लॉन्च किया और 10 जून को इसकी भव्य शुरुआत की गई। यह डिजिटल पोर्टल पुराने जटिल और कागजी सिस्टम को खत्म कर अब पंजाब को कारोबार शुरू करने के लिए देश का सबसे तेज और आसान राज्य बना रहा है। इस पहल ने न केवल निवेशकों का विश्वास जीता है, बल्कि युवाओं के लिए रोज़गार और पंजाब की अर्थव्यवस्था के लिए नए रास्ते खोल दिए हैं।
फरवरी 2025 में जहां 8,075 आवेदन समय सीमा से अधिक लंबित थे, अब वो घटकर सिर्फ 283 रह गए हैं—यानि 96% की कमी। जिला स्तर पर 833 में से सिर्फ 17 केस बचे हैं, जो 98% की सफाई दर्शाते हैं। राज्य स्तर पर 166 केसों का निपटारा 100% हो चुका है। इन आंकड़ों की पुष्टि इन्वेस्ट पंजाब की रिपोर्ट में हुई है, जिसे मीडिया और व्यापारिक समुदाय से भी सराहना मिली है। यह सिर्फ प्रशासनिक आंकड़े नहीं, बल्कि हजारों उद्यमियों के सपनों को साकार करने का प्रमाण है।
www.fasttrack.punjab.gov.in पोर्टल अब निवेशकों के लिए वन-स्टॉप सॉल्यूशन बन चुका है। इसमें 20 से ज्यादा विभागों को जोड़ा गया है, जिससे जमीन, पर्यावरण, अग्निशमन, वन विभाग जैसी सभी मंजूरियां एक ही स्थान पर मिल जाती हैं। सिर्फ एक फॉर्म और एक स्टैंप पेपर से प्रक्रिया शुरू होती है। पंजाब राइट टू बिजनेस कानून 2025 के तहत, औद्योगिक पार्कों में प्रोजेक्ट्स को 5 दिन में और अन्य को 15 से 18 दिन में मंजूरी दी जा रही है। अगर कोई विभाग देरी करता है, तो आवेदन ऑटो-एप्रूव हो जाता है।

राजस्व विभाग ने देश में पहली बार CRO (Certificate of Revenue Ownership) को ऑनलाइन कर दिया है, जिससे जमीन की वैधता की पुष्टि बिना दफ्तर जाए मिल रही है। 134 में से 78 आवेदन पहले ही मंजूर हो चुके हैं और शेष पर तेजी से काम चल रहा है। पोर्टल में स्मार्ट तकनीक लागू की गई है, जिससे गलतियाँ तुरंत पकड़ी जाती हैं और समय पर सुधार होता है। SMS और ईमेल के माध्यम से निवेशकों को हर स्टेप की जानकारी मिलती रहती है।
अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच कुल 1,295 प्रोजेक्ट आवेदन मिले, जिनसे ₹29,480 करोड़ का निवेश और 67,672 नई नौकरियों की संभावना बनी है। मार्च 2022 से अब तक 7,414 प्रोजेक्ट्स के माध्यम से कुल ₹1.29 लाख करोड़ का निवेश हुआ है और 4.6 लाख से ज्यादा रोजगार पैदा हुए हैं। फास्टट्रैक पोर्टल से केवल इस साल ₹21,700 करोड़ की परियोजनाएं आई हैं, जो 2024 के मुकाबले 167% और 2023 के मुकाबले 110% अधिक है।
इस बीच, 260 से अधिक औद्योगिक भूखंड बेचे जा चुके हैं और 52 औद्योगिक क्षेत्रों को बेहतर बनाने के लिए ₹300 करोड़ का निवेश किया गया है। इसके साथ ही ₹150 करोड़ की औद्योगिक सहायता भी अप्रैल 2025 से वितरित की जा चुकी है, जिससे पुरानी सरकारों के अधूरे काम पूरे हुए हैं। सरकार अब ₹7,300 करोड़ की लागत से एक नया औद्योगिक हब भी विकसित कर रही है, जो पंजाब को मेगा इंडस्ट्रियल हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

ईज ऑफ डूइंग बिजनेस रैंकिंग में पंजाब अब पांच पायदान ऊपर चढ़ चुका है, जिससे राज्य ने बड़े राज्यों को भी टक्कर देनी शुरू कर दी है। निवेशकों का कहना है कि जहां पहले मंजूरी में महीनों लग जाते थे, अब कुछ ही दिनों में पूरा काम हो रहा है। सोशल मीडिया पर @invest_punjab को ‘क्लीन, ट्रांसपेरेंट और तेज़’ पोर्टल बताया जा रहा है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने इसे देश का सबसे बड़ा कारोबारी सुधार बताते हुए कहा कि अब पंजाब भ्रष्टाचार से मुक्त हो गया है और निवेशक वापस लौट रहे हैं।
फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल ने सरकारी प्रक्रिया को तेज, पारदर्शी और निवेशक-हितैषी बना दिया है। इससे न केवल दफ्तरों का बोझ कम हुआ है, बल्कि युवाओं को बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं। यह पहल सिर्फ आर्थिक बदलाव नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन भी ला रही है—नशे जैसी समस्याओं से जूझ रहे पंजाब को एक नया रास्ता दिखा रही है। यह साबित करता है कि जब सरकार की नीयत साफ हो और सोच आधुनिक हो, तो बदलाव मुमकिन है। और पंजाब में, यह बदलाव अब ज़मीन पर दिखने भी लगा है।
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अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीदों से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, पेट्रोल-डीजल भी हो सकता है सस्ता!
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते तथा होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए तेल आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीदों ने वैश्विक तेल बाजार को राहत दी है। इसके साथ ही भारत में भी लोगों की नजरें पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर टिकी हुई हैं।
हाल ही में पश्चिम एशिया में तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई थी। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला और इसका असर भारत समेत कई देशों के ईंधन बाजार पर भी पड़ा।
अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ने तथा होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए तेल परिवहन सामान्य होने की संभावनाओं के चलते कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। वैश्विक बाजार में WTI कच्चा तेल घटकर 80.47 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि ब्रेंट क्रूड करीब 4 प्रतिशत गिरकर 83.28 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। वहीं इंडियन बास्केट में भी कच्चे तेल की कीमत लगभग 93.19 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई है।
हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें केवल कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर नहीं करतीं। इनमें केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स, रिफाइनिंग लागत, परिवहन खर्च और तेल कंपनियों का मार्जिन भी शामिल होता है।
यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक निचले स्तर पर बनी रहती हैं और तेल कंपनियों को लागत में स्थायी राहत मिलती है, तो देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है।
ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार यदि ब्रेंट क्रूड की कीमत मौजूदा स्तर से नीचे बनी रहती है, तो आने वाले हफ्तों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 1 से 3 रुपये प्रति लीटर तक की कटौती संभव है। हालांकि इस संबंध में अंतिम फैसला तेल विपणन कंपनियों और सरकार की कर नीति पर निर्भर करेगा।
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी का सीधा लाभ आम लोगों को मिल सकता है। इससे परिवहन लागत कम होगी, महंगाई पर दबाव घटेगा और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में भी स्थिरता आ सकती है। इसके अलावा हवाई किराए, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक उत्पादन की लागत में भी कमी आ सकती है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिल सकता है।
अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई यह नरमी भारतीय उपभोक्ताओं को कब और कितनी राहत दिला पाती है।
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अकाली दल को बड़ा झटका! मनप्रीत इयाली ‘वारिस पंजाब दे’ में हुए शामिल
पंजाब की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। दाखा से शिरोमणि अकाली दल के विधायक मनप्रीत सिंह इयाली मंगलवार को औपचारिक रूप से ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन में शामिल हो गए। उनके इस फैसले को पंजाब की पंथक राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
संगठन में शामिल होने के बाद मनप्रीत सिंह इयाली ने कहा कि उन्होंने बिना किसी शर्त और पद की अपेक्षा के इस मंच का साथ चुना है। उनका उद्देश्य पंजाब की पंथक और क्षेत्रीय ताकतों को एकजुट करना तथा राज्य से जुड़े अहम मुद्दों को मजबूती से उठाना है।
इयाली ने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल विधायक पद से इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि कानूनी और तकनीकी रूप से वह अभी भी शिरोमणि अकाली दल के विधायक हैं। उन्होंने बताया कि ‘वारिस पंजाब दे’ फिलहाल एक सामाजिक और संगठनात्मक मंच है, न कि चुनाव आयोग में पंजीकृत राजनीतिक दल, इसलिए विधायक पद छोड़ने का कोई सवाल नहीं उठता।
उन्होंने कहा कि पंजाब के कई महत्वपूर्ण मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं, जिनमें राज्य के पानी का मुद्दा, पंजाबी भाषी क्षेत्रों का मामला, चंडीगढ़ पर पंजाब का अधिकार और अन्य क्षेत्रीय हित शामिल हैं। इन मुद्दों को नई ऊर्जा और मजबूती के साथ उठाया जाएगा।
मनप्रीत इयाली ने कहा कि पंजाब, पंजाबी पहचान और पंथक विचारधारा को मजबूत करने के लिए समान सोच रखने वाली सभी ताकतों को एक मंच पर आने की जरूरत है। उनके इस कदम के बाद पंजाब की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं और आने वाले समय में इसके राजनीतिक असर देखने को मिल सकते हैं।
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पंजाब की बेटियों ने बढ़ाया देशभर में मान, अमन अरोड़ा ने किया सम्मानित
रक्षा सेवाओं में अपने परिवार और पंजाब का नाम रोशन करने वाली होनहार बेटियों महिकप्रीत कौर और कोमलप्रीत कौर को आज चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान कैबिनेट मंत्री एवं आम आदमी पार्टी पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने सम्मानित किया।
रूपनगर जिले के पपराली गांव के एक किसान परिवार से संबंध रखने वाली महिकप्रीत कौर ने एयर फोर्स अकादमी की मेरिट सूची में पूरे देश में पहला स्थान हासिल कर पंजाब का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि को राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।
वहीं, अमृतसर के शाहूरा गांव की रहने वाली और सैन्य परिवार से संबंध रखने वाली कोमलप्रीत कौर ने नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) प्रवेश परीक्षा में देशभर में 18वां रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा और मेहनत का परिचय दिया है।
इस अवसर पर अमन अरोड़ा ने दोनों बेटियों को बधाई देते हुए कहा कि महिकप्रीत और कोमलप्रीत पंजाब की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि इनकी सफलता यह साबित करती है कि पंजाब की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और अवसर मिलने पर राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं।
उन्होंने बताया कि माई भागो आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट और महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट से अब तक 377 से अधिक युवा देश की सशस्त्र सेनाओं में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब देश का एकमात्र राज्य है, जहां लड़कियों के लिए रक्षा सेवाओं की तैयारी हेतु विशेष संस्थान संचालित किया जा रहा है।
अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य युवाओं, खासकर बेटियों को रक्षा सेवाओं में आगे बढ़ने के लिए हर संभव अवसर और सहयोग उपलब्ध कराना है, ताकि वे देश सेवा के अपने सपनों को साकार कर सकें।
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