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Punjab ने रचा नया इतिहास: Government Offices से खत्म हुए सभी पुराने Cases, Investment में आई नई रफ्तार

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पंजाब सरकार ने सरकारी कामकाज में सुधार करते हुए एक बड़ी और ऐतिहासिक कामयाबी हासिल की है। अब राज्य के किसी भी सरकारी दफ्तर में कोई पुराना लंबित केस (pending case) नहीं बचा है। यानी 100% पुराने केस खत्म कर दिए गए हैं।

यह कामयाबी इसलिए भी खास है क्योंकि इससे सरकारी सिस्टम में पारदर्शिता (transparency) और काम की रफ्तार (efficiency) दोनों में जबरदस्त सुधार हुआ है।

फास्टट्रैक पंजाब पोर्टलबना बदलाव की नई पहचान

मुख्यमंत्री ने 29 मई 2025 को फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल को नए रूप में लॉन्च किया था।
इस पोर्टल की मदद से निवेशकों को अब अपने प्रोजेक्ट के लिए आवेदन करना, ट्रैक करना और मंजूरी पाना बेहद आसान हो गया है।

पोर्टल के ज़रिए सरकार ने सभी विभागों को एक ही प्लेटफॉर्म पर जोड़ दिया है, जिससे फाइलें अटकने या देरी होने की समस्या लगभग खत्म हो गई है।

लंबित मामलों में जबरदस्त कमी

सरकार ने कुछ महीनों में ही पुराने केसों को खत्म करने में शानदार नतीजे हासिल किए हैं।
फरवरी 2025 में राज्य और ज़िला स्तर पर हजारों केस लंबित थे, जो अब लगभग पूरी तरह खत्म हो गए हैं।

स्तरफरवरी 2025 में लंबित केसअब (अक्टूबर 2025 तक)कमी
राज्य स्तर1660✅ 100% सफाई
ज़िला स्तर83317✅ 98% कमी
समय पर पूरे न होने वाले आवेदन8,075283✅ 96% कमी

यह साफ दिखाता है कि पंजाब में अब सरकारी कामकाज पहले से कहीं ज्यादा तेज़ और जिम्मेदार हो गया है।

सरकारी कामकाज में बड़े सुधार

पंजाब सरकार ने हर सरकारी आवेदन के लिए अधिकतम 45 दिन की समयसीमा तय की है।
अगर किसी आवेदन पर तय समय में जवाब नहीं आता, तो वो अपने आप मंजूर (auto-approved) हो जाता है।

वहीं, जो आवेदक समय पर जवाब नहीं देते, उनकी फाइलें अपने आप बंद कर दी जाती हैं।
अगर किसी को मंजूरी नहीं मिलती तो अब वह ऊपरी स्तर पर शिकायत (appeal) भी कर सकता है।

इन कदमों ने सिस्टम में जवाबदेही (accountability) और भरोसा (trust) दोनों को मजबूत किया है।

निवेश में आई जबरदस्त तेजी

‘फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल’ लॉन्च होने के बाद निवेश के आंकड़े तेज़ी से बढ़े हैं।
अब तक इस पोर्टल के ज़रिए ₹21,700 करोड़ के प्रोजेक्ट आए हैं, जो 2024 की तुलना में 167% और 2023 की तुलना में 110% ज़्यादा हैं।

परियोजनाओं के आवेदन भी 950 तक पहुंच गए हैं, यानी लगभग 76% की बढ़त दर्ज हुई है।

तेज़ मंजूरी की नई व्यवस्था

Punjab Right to Business Act (RTBA) के तहत अब ₹125 करोड़ तक के निवेश वाली परियोजनाओं को बहुत जल्दी मंजूरी मिल जाती है।

  • औद्योगिक पार्कों में: सिर्फ 5 दिन में मंजूरी
  • पार्कों से बाहर: 15 से 18 दिन में मंजूरी, वो भी सिर्फ अपनी घोषणा (self-declaration) के आधार पर

अब तक कुल 112 आवेदन आए, जिनमें से 85 (76%) को मंजूरी मिल चुकी है।
इनमें से 7 आवेदन अपने आप मंजूर हुए, जबकि 34 पर अभी काम चल रहा है।

ऑनलाइन CRO सेवा देश में पहली बार

राजस्व विभाग ने देश में पहली बार CRO (Certificate of Revenue Online) सेवा शुरू की है।
अब निवेशकों को जमीन की व्यवहार्यता (feasibility) का सर्टिफिकेट ऑनलाइन मिल जाता है।
अब तक 134 आवेदन आए हैं, जिनमें से 78 (लगभग 50%) मंजूर हो चुके हैं।

नए निवेश और रोजगार के आंकड़े

केवल अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच ही

  • 1,295 प्रोजेक्ट आवेदन आए,
  • जिनसे ₹29,480 करोड़ का निवेश और
  • 67,672 नई नौकरियों के मौके बनेंगे।

जबकि मार्च 2022 से अब तक, सरकार ने

  • 7,414 प्रोजेक्ट आकर्षित किए,
  • जिनसे कुल ₹1.29 लाख करोड़ का निवेश और
  • करीब 4.6 लाख रोजगार सृजित हुए हैं।

पंजाब बना निवेशकों की पहली पसंद

पुराने केस खत्म होने और निवेश प्रक्रिया आसान होने से पंजाब अब उन राज्यों में शामिल हो गया है,
जहां बिज़नेस करना आसान (Ease of Doing Business) होता जा रहा है।

सरकारी दफ्तरों में काम की गति बढ़ी है,
निवेशकों का भरोसा मजबूत हुआ है,
और राज्य की अर्थव्यवस्था को नई दिशा मिल रही है।

पंजाब सरकार का यह कदम सिर्फ प्रशासनिक सुधार नहीं, बल्कि एक नई सोच का उदाहरण है —
जहां काम समय पर होता है, जवाबदेही तय है, और निवेशकों को विश्वास है कि उनका प्रोजेक्ट अब “फाइलों में नहीं फंसेगा”।

फास्टट्रैक पंजाब पोर्टल ने दिखा दिया है कि अगर नीयत साफ हो और सिस्टम सही ढंग से काम करे, तो सरकारी कामकाज भी फास्ट, ट्रांसपेरेंट और रिजल्ट-ओरिएंटेड हो सकता है।

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पंजाब सरकार के विरोध के बाद हिमाचल ने बदला रुख, बढ़े एंट्री टैक्स पर फिर होगा विचार

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एंट्री टैक्स को लेकर चल रहे विवाद के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार अब नरम रुख अपनाती नजर आ रही है। पंजाब सरकार के कड़े विरोध और प्रदर्शन के बाद हिमाचल कैबिनेट ने बढ़ाई गई एंट्री टैक्स दरों पर दोबारा विचार करने का फैसला किया है।

हिमाचल प्रदेश की कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सरकार सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद एक संतुलित और लोगों के हित में फैसला लेगी। उन्होंने संकेत दिया कि नई नीति को ज्यादा व्यावहारिक और जनहितैषी बनाने पर काम किया जा रहा है।

सरकार ने बताया कि एंट्री टैक्स से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, लेकिन अब आम जनता और व्यापारियों को ध्यान में रखते हुए इसमें सुधार की संभावनाएं देखी जा रही हैं।

इस बीच हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस मुद्दे पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से भी बातचीत की है, जिससे दोनों राज्यों के बीच समाधान निकालने की कोशिशें तेज हो गई हैं।

हालांकि, इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि पंजाब चाहे तो इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जा सकता है। वहीं विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह के फैसलों से राज्य की छवि प्रभावित हो रही है।

कुल मिलाकर, एंट्री टैक्स को लेकर दोनों राज्यों के बीच जारी तनातनी के बीच अब उम्मीद की जा रही है कि बातचीत के जरिए कोई सकारात्मक समाधान निकलेगा।

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‘मेरे लिए पूरा पंजाब एक परिवार’, लालजीत भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद CM Bhagwant Singh Mann का सख्त संदेश

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पंजाब में एक बड़े घटनाक्रम के तहत वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री Laljit Singh Bhullar को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। खास बात यह है कि गिरफ्तारी से एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने भुल्लर से मंत्री पद से इस्तीफा ले लिया था। जानकारी के अनुसार, भुल्लर ने मंडी गोबिंदगढ़ में खुद ही गिरफ्तारी दी।

इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए साफ संदेश दिया। उन्होंने लिखा, “मेरे लिए पूरा पंजाब एक परिवार है। अगर कोई भी व्यक्ति कानून का उल्लंघन करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, चाहे वह किसी भी पद पर हो या कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। हमारी सरकार किसी की भी पैरवी या सिफारिश को स्वीकार नहीं करती।”

मुख्यमंत्री ने पहले भी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट किया था कि सरकार और पार्टी में किसी भी तरह की लापरवाही या गलत काम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी दबाव के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई को सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तौर पर देखा जा रहा है, जहां कानून के सामने सभी को बराबर माना जा रहा है और किसी को भी विशेष छूट नहीं दी जा रही।

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Entry Tax को लेकर पंजाब-हिमाचल में बढ़ा विवाद, मामला Supreme Court तक ले जाएगी सरकार: Harjot Singh Bains

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एंट्री टैक्स को लेकर Punjab और Himachal Pradesh के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर पंजाब सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ किया है कि यदि जरूरत पड़ी तो मामला Supreme Court of India तक ले जाया जाएगा। पंजाब के कैबिनेट मंत्री Harjot Singh Bains ने कहा कि नेशनल हाईवे पर किसी भी तरह का एंट्री टैक्स लगाना गलत है और यह नियमों के खिलाफ है।

दरअसल, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा एंट्री टैक्स की दरों में बढ़ोतरी के बाद पंजाब में इसका विरोध तेज हो गया है। इस फैसले के खिलाफ पंजाब में धरना-प्रदर्शन भी शुरू हो चुके हैं। साथ ही, पंजाब विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाया गया है और हिमाचल द्वारा लगाए गए टैक्स को वापस लेने की मांग की जा रही है।

पंजाब सरकार इस मामले में जवाबी कदम उठाने की तैयारी भी कर रही है। जानकारी के मुताबिक, यदि हिमाचल सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती है तो पंजाब भी हिमाचल की कमर्शियल गाड़ियों पर एंट्री टैक्स लगाने पर विचार कर सकता है।

इस पूरे विवाद पर बोलते हुए आनंदपुर साहिब के विधायक और शिक्षा मंत्री Harjot Singh Bains ने कहा कि चंडीगढ़ से गुजरने वाला मार्ग एक नेशनल हाईवे है, जिस पर किसी भी राज्य का एकतरफा अधिकार नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस मुद्दे को लेकर पूरी मजबूती से खड़ी है और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।

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