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“Punjab के साथ अनुचित व्यवहार किया गया”, PM Modi द्वारा Punjab को relief fund देने पर Minister Aman Arora का बयान

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पंजाब में बाढ़ संकट के बीच केंद्र सरकार द्वारा जारी 1,600 करोड़ रुपए के राहत पैकेज को लेकर कैबिनेट मंत्री और ‘आप’ पंजाब के प्रधान अमन अरोड़ा ने शुक्रवार को तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने इसे अनुचित और बाढ़ पीड़ितों के जख्मों पर नमक छिड़कने जैसा” बताया।

अमन अरोड़ा ने कहा कि केंद्र सरकार के प्रचार के मुताबिक पंजाब के SDRF (State Disaster Response Fund) में 12,000 करोड़ रुपए हैं, लेकिन असल में यह पैसा केंद्र के नियमों में बंधा हुआ है और बाढ़ पीड़ितों को मिलने वाली मदद नगण्य है। उन्होंने इसे देशवासियों को गुमराह करने वाला प्रचार बताया।

SDRF के नियमों के अनुसार मदद:

  • मृतक के परिवार को: 4 लाख रुपए
  • अंग खोने या नकारा होने पर: 74,000 रुपए
  • घर का सामान नष्ट होने पर: 2,500 रुपए
  • पूरी तरह क्षतिग्रस्त मकान के लिए: 1.20 लाख रुपए
  • आंशिक रूप से क्षतिग्रस्त मकान के लिए: 6,500 रुपए

अमन अरोड़ा ने सवाल उठाया कि क्या 2,500 रुपए बाढ़ में बह गए घरेलू सामान की भरपाई कर सकते हैं? उन्होंने इसे बहुत ही कम और अपमानजनक मदद बताया।

केंद्र के पैकेज की तुलना वास्तविक नुकसान से:

  • पंजाब में बाढ़ से 4.80 लाख एकड़ फसल प्रभावित हुई।
  • भाजपा नेताओं की मांग थी कि प्रति एकड़ मुआवजा 50,000 रुपए दिया जाए।
  • इस हिसाब से कुल मुआवजा 24,000 करोड़ रुपए होना चाहिए, जो केंद्र के 1,600 करोड़ रुपए पैकेज से काफी ज्यादा है।
  • केंद्र ने जान-माल, मकान और मरे हुए पशुओं का ध्यान नहीं रखा।

राज्य सरकार की प्रतिक्रिया:

  • मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की अगुवाई में पंजाब सरकार हर बाढ़ पीड़ित के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
  • मुख्यमंत्री जल्द अस्पताल से छुट्टी पाने के बाद राहत और मदद कार्यों में और सक्रिय होंगे
  • राज्य सरकार ने 20,000 करोड़ रुपए का राहत पैकेज और 60,000 करोड़ रुपए के बकाया फंड की तुरंत जारी करने की मांग की है।

केंद्र सरकार पर आरोप:

अमन अरोड़ा ने कहा कि मोदी सरकार ने पिछले 11.5 वर्षों में 15 लाख करोड़ रुपए कॉर्पोरेट कर्ज माफ किए, जबकि पंजाब के लाखों बाढ़ पीड़ितों के लिए केवल 1,600 करोड़ रुपए का पैकेज दिया गया। उन्होंने इसे पक्षपाती रवैया बताया।

अमन अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार हर बाढ़ पीड़ित की मदद के लिए सक्रिय और तत्पर है, और केंद्र की उदासीनता के बावजूद राज्य के लोग सुरक्षा और राहत कार्यों में पूरी तरह सहयोग पाएंगे

NOTE: NEWS SOURCE AVP News Punjab

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गायक गुरु रंधावा के जिम में हुई गोलीबारी मामले में कार्रवाई; दिल्ली पुलिस के साथ मुठभेड़ में 2 शूटर घायल

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पंजाबी गायक गुरु रंधावा के दिल्ली स्थित ‘24 HS Fitness’ जिम में हुई गोलीबारी के मामले में दिल्ली पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पश्चिम विहार इलाके में स्थित इस जिम पर 11 जून को हुई फायरिंग की घटना के बाद फरार चल रहे लॉरेंस बिश्नोई गैंग के दो शूटरों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हकीकत और सागर के रूप में हुई है। दोनों को बुधवार रात एक मुठभेड़ (एनकाउंटर) के बाद गिरफ्तार किया गया। बताया जा रहा है कि पुलिस को उनकी मौजूदगी के बारे में खुफिया सूचना मिली थी, जिसके आधार पर कार्रवाई की गई। मुठभेड़ के दौरान दोनों शूटर घायल भी हो गए।

11 जून को हुई गोलीबारी की घटना ने उस समय हड़कंप मचा दिया था, जब कुछ अज्ञात हमलावरों ने गुरु रंधावा के जिम को निशाना बनाते हुए फायरिंग की थी। हालांकि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई थी, लेकिन इलाके में दहशत का माहौल बन गया था।

दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच इस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। इस केस में अब तक कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे पहले पिछले सप्ताह क्राइम ब्रांच ने हरियाणा के बहादुरगढ़ से लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े दो अन्य शूटरों को भी गिरफ्तार किया था।

पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गोलीबारी के पीछे असली मकसद क्या था और क्या इस घटना का संबंध किसी धमकी, रंगदारी या गैंगवार से जुड़ा हुआ है। जांच एजेंसियां गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर गैंग के अन्य सदस्यों और साजिश से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही हैं।

फिलहाल दिल्ली पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और जल्द ही इस केस से जुड़े अन्य महत्वपूर्ण खुलासे हो सकते हैं।

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प्रधानमंत्री मोदी ने कोलकाता में अंतरराष्ट्रीय योग दिवस समारोह का किया नेतृत्व, ‘स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग’ पर दिया जोर

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प्रधानमंत्री Narendra Modi ने रविवार को कोलकाता के प्रतिष्ठित Red Road पर आयोजित 12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के राष्ट्रीय समारोह का नेतृत्व किया। इस अवसर पर हजारों लोगों ने एक साथ योगाभ्यास कर स्वास्थ्य, संतुलित जीवनशैली और समग्र कल्याण का संदेश दिया।

इस वर्ष अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की थीम “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” रखी गई है। इसका उद्देश्य जीवन के हर चरण में शारीरिक स्वास्थ्य, मानसिक संतुलन और सक्रिय जीवनशैली को बढ़ावा देना है। बढ़ती जीवन प्रत्याशा और जीवनशैली से जुड़ी बीमारियों के बीच योग को स्वस्थ और गुणवत्तापूर्ण जीवन का प्रभावी माध्यम बताया जा रहा है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि योग केवल एक व्यायाम नहीं, बल्कि शरीर, मन और आत्मा के बीच संतुलन स्थापित करने वाली जीवन पद्धति है। उन्होंने कहा कि भारत की हजारों वर्ष पुरानी योग परंपरा आज पूरी दुनिया को स्वस्थ जीवन का मार्ग दिखा रही है।

भारत और योग का संबंध सदियों पुराना है। भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक परंपराओं में रचा-बसा योग आज एक वैश्विक आंदोलन बन चुका है। योग के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए संयुक्त राष्ट्र ने वर्ष 2014 में 21 जून को अंतरराष्ट्रीय योग दिवस घोषित किया था। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा संयुक्त राष्ट्र महासभा में रखे गए प्रस्ताव को 175 देशों का अभूतपूर्व समर्थन मिला था।

पहला अंतरराष्ट्रीय योग दिवस 21 जून 2015 को मनाया गया था। तब से लेकर अब तक यह दुनिया की सबसे बड़ी जन-स्वास्थ्य पहलों में शामिल हो चुका है, जिसमें हर वर्ष करोड़ों लोग भाग लेते हैं।

12वें अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर भारत सहित दुनिया के अनेक देशों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस अवसर ने एक बार फिर योग के सार्वभौमिक संदेश—स्वास्थ्य, शांति और सद्भाव—को दुनिया के सामने मजबूती से प्रस्तुत किया।

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मोदी सरकार के 12 साल आजाद भारत के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में लिखे जाएंगे: अमित शाह

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केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने कहा है कि प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में बीते 12 वर्ष आजाद भारत के इतिहास में एक महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक दौर के रूप में याद किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि इस अवधि में भारत ने विकास, सांस्कृतिक पुनर्जागरण और वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान स्थापित करने में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं।

महाराष्ट्र के Kolhapur में स्थित Ambabai Temple कॉरिडोर परियोजना के शुभारंभ अवसर पर आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए अमित शाह ने कहा कि जब आजाद भारत का इतिहास लिखा जाएगा, तब मोदी सरकार के 12 वर्षों को देश के पुनरुत्थान और विश्व मंच पर भारत की बढ़ी हुई प्रतिष्ठा के लिए विशेष रूप से याद किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार ने ऐसे कई कार्य पूरे किए हैं, जिन्हें लंबे समय तक असंभव या अधूरा माना जाता रहा। शाह ने Ram Mandir के निर्माण, Kashi Vishwanath Corridor के विकास, Kedarnath Temple के पुनर्निर्माण और Badrinath Temple में हुए विकास कार्यों को सरकार की प्रमुख उपलब्धियां बताया।

अमित शाह ने बताया कि अंबाबाई मंदिर कॉरिडोर परियोजना लगभग 500 करोड़ रुपये की लागत से विकसित की जाएगी। उन्होंने कहा कि इस परियोजना के पूरा होने के बाद श्रद्धालुओं को आधुनिक और बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। परियोजना में एआई आधारित सुरक्षा प्रणाली, अत्याधुनिक एलईडी लाइटिंग, विरासत गैलरियां, बेहतर यातायात व्यवस्था और अन्य आधुनिक सुविधाएं शामिल की जाएंगी।

गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देश के सबसे लंबे समय तक सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्रियों में शामिल हो चुके हैं। उन्होंने दावा किया कि मोदी के नेतृत्व में भारत ने बुनियादी ढांचे, सेमीकंडक्टर निर्माण, क्वांटम टेक्नोलॉजी, सॉफ्टवेयर विकास, डिजिटल अर्थव्यवस्था और अंतरिक्ष विज्ञान जैसे क्षेत्रों में तेज गति से प्रगति की है।

अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार का लक्ष्य भारत को दुनिया की अग्रणी अर्थव्यवस्थाओं में शामिल करना है और पिछले 12 वर्षों में किए गए कार्य इस दिशा में एक मजबूत आधार साबित हुए हैं।

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