Punjab
Akali Dal को बड़ा झटका: Former MLA Harmeet Singh Sandhu Aam Aadmi Party में शामिल, कहा- अब Punjab के Development के लिए काम करूंगा
पंजाब की सियासत में एक बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। माझा क्षेत्र के वरिष्ठ नेता और तरनतारन से तीन बार विधायक रह चुके हरमीत सिंह संधू ने शिरोमणि अकाली दल को अलविदा कह दिया है और अपने दर्जनों समर्थकों के साथ आम आदमी पार्टी (AAP) में शामिल हो गए हैं।
हरमीत संधू ने चंडीगढ़ में मुख्यमंत्री भगवंत मान और आप के वरिष्ठ नेता मनीष सिसोदिया की मौजूदगी में पार्टी की सदस्यता ली। इस मौके पर AAP के कई और नेता भी शामिल थे।
लंबे समय से राजनीति में सक्रिय
हरमीत सिंह संधू का पंजाब की राजनीति में अच्छा खासा अनुभव है। वह 2002 में पहली बार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में विधायक चुने गए थे। इसके बाद 2007 और 2012 में उन्होंने अकाली दल के टिकट पर जीत दर्ज की। उन्होंने बताया कि वे पिछले लगभग 30 सालों से सियासत में सक्रिय हैं और तरनतारन की जनता ने उन्हें हमेशा प्यार और सम्मान दिया है।
आम आदमी पार्टी की नीति से हुए प्रभावित
AAP में शामिल होने की वजह बताते हुए संधू ने कहा,
“आम आदमी पार्टी की सरकार ने पिछले तीन सालों में साफ नीयत और मजबूत नीति के साथ काम किया है। मुझे यह देखकर बहुत प्रेरणा मिली और मैंने फैसला लिया कि अब मैं भी इस सरकार के साथ मिलकर अपने इलाके के विकास के लिए काम करूं।”
उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें भगवंत मान सरकार द्वारा विधानसभा में बेअदबी के खिलाफ सख्त कानून लाने का फैसला बहुत पसंद आया। उनके अनुसार,
“यह कानून पंजाब और सिख समाज के लिए बेहद जरूरी था।”
भगवंत मान का बयान
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने हरमीत संधू का पार्टी में स्वागत करते हुए कहा कि,
“हमारे लिए ये बहुत खुशी की बात है कि इतने अनुभवी नेता हमारे साथ आए हैं। जब हम छोटे थे, तब से हम इनकी जीतों को देखते आ रहे हैं। अब इनके अनुभव का फायदा पार्टी को मिलेगा।”
मान ने आगे कहा कि अरविंद केजरीवाल ने पार्टी बनाते वक्त कहा था कि,
“रिवायती पार्टियों में भी अच्छे लोग हैं, लेकिन वो वहां घुटन महसूस करते हैं। ऐसे लोग आम आदमी पार्टी का हिस्सा बन सकते हैं।”
राजनीतिक असर
हरमीत संधू के आम आदमी पार्टी में आने से तरनतारन और माझा क्षेत्र में AAP को एक बड़ी ताकत मिल सकती है। वहीं, अकाली दल के लिए ये एक और राजनीतिक झटका माना जा रहा है।
हरमीत सिंह संधू जैसे अनुभवी नेता का आम आदमी पार्टी में आना भगवंत मान सरकार की लोकप्रियता और भरोसे का संकेत है। अब देखना होगा कि उनके आने से पार्टी को आगामी चुनावों में कितना फायदा मिलेगा और तरनतारन में विकास की दिशा में क्या नया देखने को मिलेगा।
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CM मान की ‘शुक्राना यात्रा’ का तीसरा दिन, बठिंडा से हुई शुरुआत
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ‘शुक्राना यात्रा’ आज तीसरे दिन में प्रवेश कर गई। यह यात्रा बेअदबी के खिलाफ बनाए गए सख्त कानून के लिए पंजाबवासियों का धन्यवाद करने के उद्देश्य से निकाली जा रही है। तीसरे दिन की शुरुआत बठिंडा से हुई, जहां सुबह करीब 10 बजे यात्रा ‘थ्री कॉर्नर्स’ से रवाना हुई।
इस दौरान बड़ी संख्या में आम लोगों और ‘आप’ कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री का स्वागत किया। बठिंडा के डिप्टी कमिश्नर राजेश धीमान और एसएसपी डॉ. ज्योति यादव बैंस की ओर से सुरक्षा और ट्रैफिक व्यवस्था को लेकर विशेष इंतजाम किए गए हैं। प्रशासन के मुताबिक यात्रा के पूरे रूट का ट्रैफिक प्लान पहले ही जारी कर दिया गया था ताकि लोगों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
बठिंडा में यात्रा ‘थ्री कॉर्नर्स’ से अमरीक सिंह रोड, गोल डिग्गी, हनुमान चौक, बस स्टैंड, कोटशमीर और भागीवंदर होते हुए आगे बढ़ी। इसके बाद यात्रा तलवंडी साबो के लिए रवाना हुई। तलवंडी साबो में मुख्यमंत्री भगवंत मान तख्त श्री दमदमा साहिब में माथा टेकेंगे और अरदास करेंगे।
इसके बाद शुक्राना यात्रा सरदूलगढ़, मानसा और बरनाला होते हुए आगे बढ़ेगी। यात्रा के दौरान मुख्यमंत्री मान विभिन्न स्थानों पर लोगों को संबोधित भी कर सकते हैं। इस यात्रा का उद्देश्य बेअदबी के खिलाफ बने नए कानून के बारे में लोगों को जागरूक करना और सरकार के फैसलों के लिए जनता का धन्यवाद करना है।
शाम को मुख्यमंत्री सुनाम स्थित गुरुद्वारा मस्तुआणा साहिब भी जाएंगे। इसके बाद यात्रा कुछ समय के लिए संगरूर में रुकेगी और फिर वहां से श्री फतेहगढ़ साहिब के लिए रवाना होगी।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की यह ‘शुक्राना यात्रा’ 6 मई को श्री आनंदपुर साहिब से शुरू हुई थी और लगातार पंजाब के अलग-अलग इलाकों में निकाली जा रही है।
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Punjab में निर्धारित लोड से ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने वालों पर PSPCL सख्त, लगेगा जुर्माना
पंजाब में बढ़ती बिजली मांग के बीच पंजाब स्टेट पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (PSPCL) ने निर्धारित लोड से अधिक बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं के खिलाफ सख्ती करने के निर्देश जारी किए हैं। नए नियमों के अनुसार यदि कोई उपभोक्ता अपने स्वीकृत लोड से 10 प्रतिशत अधिक बिजली की खपत करता है, तो उसे 7 दिनों के भीतर नोटिस जारी किया जाएगा।
PSPCL के मुताबिक, तय सीमा से ज्यादा बिजली इस्तेमाल करने पर उपभोक्ताओं पर जुर्माना और अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा। यदि कोई उपभोक्ता तीसरी बार भी नियमों का उल्लंघन करता पाया गया, तो उसके खिलाफ बिजली चोरी का मामला दर्ज करते हुए FIR भी दर्ज की जा सकती है।
कॉर्पोरेशन प्रबंधन ने अधिकारियों को भी सख्त निर्देश दिए हैं कि लगातार निर्धारित सीमा से अधिक बिजली इस्तेमाल करने वाले उपभोक्ताओं पर समय रहते कार्रवाई की जाए। यदि ऐसा नहीं किया गया तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी।
बिजली आपूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने और राजस्व नुकसान रोकने के लिए PSPCL ने सप्लाई कोड 2024 में संशोधन किया है। इसके तहत सभी मुख्य अभियंताओं को नए नियमों को तत्काल प्रभाव से लागू करने के आदेश जारी किए गए हैं।
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बेअदबी कानून मामले में आज श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष पेश होंगे स्पीकर संधवां
पंजाब विधानसभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां आज श्री अकाल तख्त साहिब सचिवालय पहुंचकर जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज के सामने अपना स्पष्टीकरण पेश करेंगे। जानकारी के मुताबिक, वह सुबह 11 बजे श्री अकाल तख्त साहिब में हाजिरी भरेंगे। यह मामला आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा बनाए गए नए बेअदबी विरोधी कानून को लेकर चर्चा में आया था, जिसके संबंध में जत्थेदार की ओर से स्पीकर संधवां को तलब किया गया था।
दरअसल, श्री अकाल तख्त साहिब की ओर से इस कानून को तैयार करने की प्रक्रिया पर गंभीर सवाल उठाए गए थे। जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने कहा था कि बेअदबी जैसे संवेदनशील और धार्मिक मामले पर कोई भी कानून बनाने से पहले पंथक संगठनों, सिख विद्वानों और पूरे पंथ की राय लेना जरूरी था।
उन्होंने यह भी कहा कि सिख मर्यादा और धार्मिक परंपराओं से जुड़े मामलों में श्री अकाल तख्त साहिब की भूमिका सर्वोच्च मानी जाती है और उसकी अनदेखी उचित नहीं है।
इस मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा था कि श्री अकाल तख्त साहिब उनके लिए सर्वोच्च है। उन्होंने कहा कि यदि उन्हें आधिकारिक तौर पर बुलाया गया है तो वह पूरी श्रद्धा और सम्मान के साथ उपस्थित होकर अपना पक्ष रखेंगे।
अब राजनीतिक और पंथक हलकों की नजरें आज होने वाली इस अहम पेशी पर टिकी हुई हैं, क्योंकि यह मामला धार्मिक भावनाओं और कानूनी प्रक्रिया दोनों से जुड़ा हुआ माना जा रहा है।
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