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Air India का Plane Ahmedabad में हादसे का शिकार – अब तक की पूरी जानकारी

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देश ने एक बेहद दर्दनाक हादसा देखा जब अहमदाबाद एयरपोर्ट से उड़ान भरते ही एयर इंडिया की फ्लाइट AI-171 क्रैश हो गई। ये फ्लाइट अहमदाबाद से लंदन गेटविक जा रही थी। हादसा इतना भयानक था कि 241 लोगों की जान चली गई, जिनमें यात्री और क्रू मेंबर्स शामिल हैं। साथ ही, 28 लोग जो ज़मीन पर मौजूद थे, उनकी भी जान चली गई।

जानकारी के मुताबिक, प्लेन ने दोपहर 1:38 बजे अहमदाबाद के सरदार वल्लभ भाई पटेल इंटरनेशनल एयरपोर्ट से उड़ान भरी। लेकिन उड़ान भरने के सिर्फ़ 30 सेकेंड बाद, यानी लगभग 625 फीट की ऊंचाई पर पहुंचते ही, पायलट ने “Mayday-Mayday” कॉल दी। इसके तुरंत बाद प्लेन पास ही स्थित B.J. मेडिकल कॉलेज हॉस्टल से टकरा गया।

हादसे के वक्त प्लेन में 230 यात्री और 12 क्रू मेंबर, यानी कुल 242 लोग सवार थे।

इस भयानक हादसे में सिर्फ़ एक शख्स जिंदा बच पाया है – 40 वर्षीय विश्वाश कुमार रमेश, जो ब्रिटेन के रहने वाले हैं लेकिन भारतीय मूल के हैं। वो प्लेन की seat number 11A पर बैठे थे। जैसे ही प्लेन क्रैश हुआ, उन्होंने किसी तरह इमरजेंसी एग्ज़िट से बाहर निकलकर जान बचाई। फिलहाल उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती किया गया है, उन्हें सीने, आंखों और पैरों में चोट आई है।

प्लेन जिस हॉस्टल से टकराया, वहां मेडिकल के छात्र, डॉक्टर और स्टाफ रहते थे। इस वजह से ज़मीन पर भी कई लोगों की जान गई और कई घायल हुए हैं। अब तक कम से कम 28 लोग ज़मीन पर मारे गए हैं।

जैसे ही हादसे की खबर मिली, NDRF, फायर ब्रिगेड, आर्मी, और एम्बुलेंस की टीमें मौके पर पहुंच गईं। आग बुझाने और लोगों को निकालने का काम शुरू हुआ। प्लेन का black box भी मिल गया है, जिससे हादसे की असली वजह पता चलने में मदद मिलेगी।

भारत की Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) के साथ-साथ अमेरिका की NTSB टीम भी जांच में शामिल है। Boeing कंपनी और Air India भी पूरी तरह से सहयोग कर रहे हैं। शुरुआती तौर पर यह माना जा रहा है कि प्लेन के दोनों इंजन में एक साथ खराबी या bird strike हुआ हो सकता है, लेकिन अभी तक कोई पक्की जानकारी सामने नहीं आई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी खुद मौके पर पहुंचे और इसे “बेहद दुखद और दिल दहला देने वाली घटना” बताया। उन्होंने सभी पीड़ित परिवारों के लिए गहरी संवेदना जताई।
एविएशन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि हादसे की निष्पक्ष और गहराई से जांच होगी और जो भी जिम्मेदार होगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।

अब सबकी नजरें Black Box की रिपोर्ट पर टिकी हैं। इससे यह साफ़ हो पाएगा कि हादसा तकनीकी खराबी की वजह से हुआ या मानव भूल की वजह से। इसके साथ ही उड़ान से जुड़े सभी डेटा जैसे कि प्लेन की स्पीड, इंजन की स्थिति, और पायलट की बातचीत को जांचा जाएगा।

अब तक का सार

  • प्लेन: Air India Flight AI-171 (Boeing 787 Dreamliner)
  • टेक-ऑफ टाइम: दोपहर 1:38 बजे
  • मंज़िल: London Gatwick
  • सवार लोग: 242 (230 यात्री + 12 क्रू)
  • मृतक: 241 (सिर्फ 1 जिंदा)
  • ज़मीन पर मौतें: 28
  • हॉस्पिटल में भर्ती: कई लोग घायल
  • Black Box मिला: हां
  • जांच कर रही एजेंसियां: AAIB (India), NTSB (USA), Boeing

यह भारत के इतिहास का सबसे बड़ा हवाई हादसा बन चुका है। पूरे देश में दुख और शोक का माहौल है। लोग सोशल मीडिया पर #PrayForAI171 और #AirIndiaCrash के साथ संवेदनाएं जता रहे हैं।

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भारतीय वायुसेना का AN-32 विमान हादसे का शिकार, लैंडिंग के दौरान हुआ क्रैश

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असम के जोरहाट स्थित रोरिया एयरबेस पर शनिवार सुबह भारतीय वायुसेना का एक AN-32 मालवाहक विमान लैंडिंग के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। हादसा इतना भीषण था कि विमान में आग लग गई और वह दो हिस्सों में टूट गया। घटना के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड और आपातकालीन टीमों को मौके पर तैनात कर दिया गया।

भारतीय वायुसेना के अनुसार, यह AN-32 परिवहन विमान एक नियमित उड़ान पर था और जोरहाट एयरबेस पर लैंडिंग की कोशिश कर रहा था, तभी यह हादसा हो गया। शुरुआती जानकारी के मुताबिक इस दुखद दुर्घटना में वायुसेना के 5 जवानों की मौत हो गई, जबकि सह-पायलट घायल हो गया है और उसका इलाज जारी है।

मृतकों में स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा तथा अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और दानिश आलम शामिल हैं।

AN-32 भारतीय वायुसेना का एक महत्वपूर्ण मालवाहक विमान है, जिसका उपयोग सैनिकों, सैन्य सामग्री और रसद की ढुलाई के लिए किया जाता है, खासकर पूर्वोत्तर और सीमावर्ती क्षेत्रों में।

हादसे के कारणों को लेकर फिलहाल कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। भारतीय वायुसेना ने मामले की जांच के लिए कोर्ट ऑफ इंक्वायरी के आदेश जारी कर दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।

इस दुखद हादसे ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया है और शहीद हुए वायु योद्धाओं को श्रद्धांजलि दी जा रही है।

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डीजल खरीद पर केंद्र सरकार की सख्ती, अब एक दिन में सिर्फ 200 लीटर डीजल मिलेगा

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देश में डीजल की बढ़ती मांग और संभावित कालाबाजारी पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। नए आदेशों के तहत अब औद्योगिक और बड़े व्यावसायिक उपभोक्ता पेट्रोल पंपों से असीमित मात्रा में डीजल नहीं खरीद सकेंगे। सरकार ने एक ग्राहक या वाहन के लिए प्रतिदिन डीजल खरीद की सीमा 200 लीटर तय कर दी है, जबकि बड़े उद्योगों को अपनी जरूरत का ईंधन थोक केंद्रों से ही खरीदना होगा।

सरकार द्वारा लागू की गई यह व्यवस्था अगले 90 दिनों तक प्रभावी रहेगी। अधिकारियों के अनुसार इसका उद्देश्य डीजल की उपलब्धता को बनाए रखना, आपूर्ति व्यवस्था को संतुलित करना और आम उपभोक्ताओं को किसी तरह की कमी से बचाना है।

दरअसल, खुदरा और थोक बाजार में डीजल की कीमतों के बीच बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है। दिल्ली में जहां पेट्रोल पंपों पर डीजल करीब 95.20 रुपये प्रति लीटर बिक रहा है, वहीं थोक उपभोक्ताओं के लिए इसकी कीमत लगभग 134.50 रुपये प्रति लीटर है। इस अंतर का फायदा उठाकर कई बड़े उपभोक्ता खुदरा पेट्रोल पंपों से ही बड़ी मात्रा में डीजल खरीद रहे थे, जिससे कई क्षेत्रों में मांग अचानक बढ़ गई थी।

सरकारी तेल कंपनियां आम जनता को राहत देने के लिए खुदरा कीमतों को नियंत्रित रखे हुए हैं, लेकिन इसका लाभ बड़े उद्योग और व्यावसायिक उपभोक्ता भी उठाने लगे थे। इसी स्थिति को देखते हुए सरकार को हस्तक्षेप करना पड़ा।

वहीं पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसके साथ ही वैश्विक आपूर्ति और शिपिंग नेटवर्क पर भी असर पड़ रहा है। टेलीकॉम टावर, बिजली उत्पादन इकाइयों और अन्य बड़े उद्योगों को बाजार दरों पर महंगा ईंधन खरीदना पड़ता है, जिसके चलते वे सस्ते खुदरा पेट्रोल पंपों का रुख कर रहे थे।

पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि यह कदम मौजूदा परिस्थितियों में डीजल की निर्बाध उपलब्धता सुनिश्चित करने और आपूर्ति श्रृंखला को सुचारू बनाए रखने के लिए उठाया गया है। सरकार का कहना है कि इस फैसले से आम लोगों को डीजल की कमी का सामना नहीं करना पड़ेगा और बाजार में संतुलन बना रहेगा।

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ED की रेड करा पंजाब के हिन्दू व्यापारियों को तंग कर रही ईडी पार्टी- केजरीवाल

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पंजाब के हिन्दू व्यापारियों के यहां मंगलवार को एक बार फिर ईडी की रेड पड़ने पर आम आदमी पार्टी और उसकी पंजाब सरकार ने कड़ी प्रतिक्रिया दी है। पंजाब सरकार ने व्यापारियों को पंजाब के विकास की रीढ़ की हड्डी बताते हुए उनके साथ खड़े होने की बात कही है। उधर, ‘‘आप’’ के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने केंद्र की सत्ता में बैठी भाजपा पर तीखा हमला बोला है। उन्होंने कहा कि ईडी पार्टी पंजाब के हिन्दू व्यापारियों पर ईडी की रेड कराकर उन्हें तंग कर रही है। उन्होंने सभी व्यापारियों से अपील करते हुए कहा कि कोई भी व्यापारी घबराए नहीं, पूरा पंजाब आपके साथ खड़ा है। हम सब मिलकर ईडी पार्टी का मुकाबला करेंगे।

अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि ईडी पार्टी मंगलवार को एक बार फिर पंजाब के हिंदू व्यापारियों पर ईडी की रेड कर रही है। ईडी पार्टी पंजाब के छोटे-छोटे हिंदू व्यापारियों को तंग कर रही है। मेरी सभी व्यापारियों से अपील है कि घबराने की कोई बात नहीं है, पूरा पंजाब और पंजाब सरकार आपके साथ है। हम सब मिलकर ईडी पार्टी का मुकाबला करेंगे।

अरविंद केजरीवाल ने अकाली दल और भाजपा के बीच गठबंधन को लेकर चल रही चर्चा पर कहा कि सुना है कि ईडी पार्टी पंजाब की बेअदबी पार्टी/चिट्टा पार्टी से गठबन्धन करने को बहुत बेचौन है, पर बेअदबी पार्टी/चिट्टा पार्टी उनको घास नहीं डाल रही है।

उधर, पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ईडी की रेड पर कहा कि पंजाब के हिंदू व्यापारी हमारे राज्य के आर्थिक विकास की रीढ़ की हड्डी हैं और ‘रंगला पंजाब’ बनाने में उनका बहुत बड़ा योगदान है। ईडी पार्टी सेंट्रल एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करके हमारे व्यापारियों को परेशान करना चाहती है। ऐसा करके वे राजनीतिक दबाव डालकर उन्हें अपने साथ मिलाने की कोशिश कर रहे हैं, जिसको पंजाबी बिल्कुल बर्दाश्त नहीं करेंगे। हम अपने व्यापारियों के साथ खड़े हैं।

इस दौरान कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस को मेरे द्वारा ‘ईडी पार्टी’ और बेअदबी पार्टी / चिट्टा पार्टी के खिलाफ बोलने पर इतनी तकलीफ क्यों हो रही है? कांग्रेस खुलकर उनके बचाव में सामने आ गई है।

वहीं, आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब के प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि व्यापारियों को ईडी रेड से बर्बाद कर दिया और युवाओं को परीक्षा घोटालों से, मोदी जी आप महान हैं। लेकिन देश को इनोवेशन इकोनॉमी चाहिए, ईडी इकोनॉमी नहीं। लच्छेदार भाषण और मीडिया मैनेजमेंट से अर्थव्यवस्था का सच ज्यादा दिन तक नहीं छिप सकता।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि 26 साल में पहली बार एमएससीआई इमर्जिंग मर्केट्स इंडेक्स की टॉन 10 कंपनियों में से भारत की कंपनियां बाहर हो गई हैं। एमएससीआई इमरर्जिंग मार्केट्स इंडेक्स दुनिया के सबसे बड़े निवेश सूचकांकों में से एक है। दुनिया भर के सैकड़ों अरब डॉलर के फंड इसी इंडेक्स को देखकर निवेश करते हैं। और दुनिया का पैसा कहां जा रहा है- एआई, सेमीकंडक्टर्स, फ्यूचर टेक्नोलॉजी, टीएसएमसी, एसके हाइनिक्स और मीडिया टेक जैसी कंपनियां आगे बढ़ रही हैं।

लेकिन भारत में नई सोच – नई तकनीक और नए उद्यमों को बढ़ावा देने की जगह एक अलग ही मॉडल चल रहा है। जो भी कंपनी आगे बढ़ती है, उसके यहाँ पहले ईडी की रेड कराओ, फिर पार्टी के लिए चंदा वसूलो। नतीजा – निवेश घट रहा है। नई नौकरियां कम पैदा हो रही हैं। अच्छी सैलरी वाली नौकरियों के अवसर सिमट रहे हैं।

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