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Haryana: सीएम ने साइक्लोथॉन यात्रा को किया रवाना: नायब सैनी बोले – नशे की कमाई से फैल रहा आ/तंक/वाद।

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Haryana के जींद में शुक्रवार सुबह मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने साइक्लोथॉन साइकिल यात्रा को हरी झंडी दिखाकर हिसार के लिए रवाना किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज नशा पूरी मानवता के लिए एक गंभीर संकट बन चुका है। नशे की तस्करी से मिलने वाली रकम आतंकवाद को बढ़ावा देती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार की नशा मुक्त Haryana की पहल को अब जनता ने भी अपने आंदोलन के रूप में अपना लिया है, और उन्हें विश्वास है कि Haryana जल्द ही नशा मुक्त राज्य बनेगा।

सीएम ने कहा कि पिछले दिनों जम्मू कश्मीर के पहलगाम में जो आतंकवादी हमला हुआ है, उसके लिए भी पैसा नशे की तस्करी करने वाले रैकेट से मिला। पूरी दुनिया में आतंकवाद की फंडिंग नशीले पदार्थों की तस्करी से मिलने वाले पैसे से होती है।

आज नशा पूरी मानवता के सामने बड़ी चुनौती बन गया है। Haryana में नशे को जड़ से समाप्त करने के लिए अब जिस तरह खाप पंचायतों ने आगे आकर मोर्चा संभाला है, उससे उन्हें उम्मीद है कि Haryana बहुत जल्द नशे की बीमारी से मुक्त हो जाएगा। सीएम ने कहा कि खाप पंचायतों की बहुत बड़ी भूमिका समाज सुधार में शुरू से रही है।

खाप पंचायतों ने कई बड़े फैसले लिए हैं, और अतीत में विदेशी आक्रांताओं के साथ भी खाप पंचायत में मजबूती से लड़ी हैं। उन्होंने कहा कि Haryana सरकार के नशा मुक्ति अभियान को अब जनता ने अपना समझकर Haryana को नशा मुक्त बनाने का बीड़ा उठा लिया है।

इस मौके पर हरियाणवी कलाकारों केडी, एमडी, अमित ढुल, सुभाष फौजी ने नशे के खिलाफ शानदार प्रस्तुतियां दी। सीएम के साथ डिप्टी स्पीकर डॉ कृष्ण मिड्ढा, मंत्री कृष्ण बेदी, विधायक रामकुमार गौतम, देवेंद्र अत्री, भाजपा जिला अध्यक्ष तिजेंद्र ढुल, डॉ ओमप्रकाश पहल, डॉ. राज सैनी, खाप पंचायतों के राष्ट्रीय अध्यक्ष टेकराम कंडेला, डीसी मोहम्मद इमरान रजा, एडीसी विवेक आर्य, एसपी कुलदीप सिंह और एसडीएम सत्यवान मान भी थे।

साइक्लोथोन यात्रा को झंडी दिखाने के बाद मीडिया से बात करते हुए सीएम नायब सैनी ने कहा कि Haryana का युवा नशे का नाश करने की ठान चुका है। Haryana में नशे के खिलाफ सरकार एक तरफ जागरूकता अभियान चला रही है, तो दूसरी तरफ कड़ा कानून बनाकर नशे के सामान की तस्करी करने वालों को सख्त सजा का प्रावधान किया गया है। सीएम नायब सैनी ने कहा कि हरियाणा को फिर से देशां मैं देश Haryana, जित दूध दही का खाना वाला Haryana बनाना है। ड्रग मुक्त Haryana अब बनकर रहेगा।

यह रहेगी वाहनों के लिए व्यवस्था

गोहाना रोड : साइक्लोथॉन यात्रा के दौरान गोहाना रोड बंद रहेगा। यहां बेरिकेडिंग कर साइक्लोथॉन यात्रा में भाग लेने के लिए आने वालों के लिए व्यवस्था की गई।

सफीदों रोड : गोहाना रोड से निकलने वाले सभी वाहन सफीदों रोड से निकल सकेंगे। यहां वाहन जाम में नहीं फंसे इसके लिए प्रबंध किए गए।

बाईपास से जाएंगी बस : साइक्लोथॉन यात्रा को देखते हुए सभी रोडवेज और निजी बसों को बाईपास से निकाला जाएगा। इसके लिए सभी रूट की बस के लिए रूट निर्धारित किया गया।

साइकिल से पहुंचने का रूट

नरवाना रोड और कैथल रोड से आने वाले साइकिल सवार प्रतिभागी नए बाईपास से हैबतपुर गांव होते हुए परशुराम चौक से गोहाना रोड पर पहुंचें। सफीदों रोड से आने वाले प्रतिभागी भी परशुराम चौक से गोहाना रोड पहुंच सकते हैं। हांसी रोड, भिवानी रोड और रोहतक रोड से आने वाले प्रतिभागी सीआरएसयू से होते हुए गोहाना रोड नाका से पहुंचे। शहर से आने वाले साइकिल सवारों के लिए सभी मार्ग खुले रहेंगे।

गाड़ियों पहुंचने वालों की व्यवस्था

नरवाना रोड, कैथल रोड, गोहाना रोड, रोहतक रोड और भिवानी रोड से आने वाले प्रतिभागी नए बाईपास रोड से होकर निर्जन पुल से सफीदों रोड से आकर एकलव्य स्टेडियम में पहुंचे। सभी वाहनों के लिए एकलव्य स्टेडियम के सामने उतरने का स्थान निर्धारित किया गया।

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भीषण गर्मी के चलते हरियाणा में स्कूल बंद, छुट्टियों का ऐलान

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हरियाणा के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया गया।

अब हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 1 जून से शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव और लू के अलर्ट के बाद सरकार ने छुट्टियां एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने छुट्टियों के फैसले को मंजूरी दी।

गौरतलब है कि इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया था। अब हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लेते हुए विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दी है।

वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।

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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल

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भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।

पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक

बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।

कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।

इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।

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जालंधर में विपक्ष पर गरजे पूर्व CM खट्टर: महिला आरक्षण विधेयक पर बोले- कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा परिणाम

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जालंधर में केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री बेबी मोर्या ने प्रैस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। खट्टर ने कहा कि लोकसभा में महिलाओं के साथ और देश की आधी आबादी के साथ अन्याय हो रहा था। कांग्रेस सरकार ने कभी इसके बारे में नहीं सोचा।

जब कभी भी भारतीय जनता ने इस क्षेत्र में काम करना चाहता तब-तब कांग्रेस सरकार सहित अन्य पार्टियों ने अड़चन डाली। 1971-74 तक महिलाओं को आरक्षण देने के लिए काम शुरू किया गया लेकिन विपक्ष ने कोई न कोई अड़चन डाल दी। इसके बाद 1979 में पहली बार पंचायत में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्ति हुई। कुछ पंचायतों ने इसे 50 प्रतिशत तक भागीदारी दी।

2023 में नहीं लाया जा सका बिल

2023 में 128वें संशोधन के रूप में पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण बिल को लाया गया। लेकिन कुछ कमियों के कारण नहीं लाया जा सका। अब फिर से मोदी सरकार ने 2029 से पहले महिला आरक्षण को लागू करने की पहल की। हमने इसका प्रारूप तैयार किया। अब फिर से विपक्ष घिनौना खेल खेल रहा है। कांग्रेस ने इस बिल पर सरकार का साथ नहीं दिया।

आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए

खट्टर ने कहा कि कांग्रेस को इस अपराध का परिणाम भुगतना पड़ेगा। चुनाव परिणाम के रूप में महिलाओं का गुस्सा दिखेगा। पीएम ने कहा है कि इस आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे तो इसका श्रेय भी नहीं चाहिए। अगर इसका श्रेय कोई भी लेना चाहता है तो ले ले। खट्टर ने कहा कि महिलाओं को जो राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण मिलना था वो कांग्रेस के चलने नहीं मिल पाया है। अब ये गैर राजनीतिक मुद्दे की तरह आगे बढ़ेगा। खट्टर ने कहा कि चैन्नई के अंदर को एक विधायक ने इस विधेयक की प्रतियां तक जलाईं। तमिलनाड़ू में इसका विरोध किया।

बेबी रानी मोर्या बोलीं- महिलाएं अपमान नहीं सहतीं, वो बदला जरूर लेंगी

आगरा की पहली मेयर, पूर्व राज्यापाल और नेशनल वूमेन कमीशन चेयपर्सन रह चुकीं बेबी रानी मौर्या ने कहा कि जब ये बिल संसद में पेश हुआ। जब इस पर वोटिंग होनी थी तो विरोधी पार्टियों ने मिलकर देश की आधी आबादी के अधियनियम को गिरा दिया। ये महिलाओं को बड़ा अपमान है। महिलाएं सब सह लेती हैं लेकिन अपना अपमान नहीं सहती। महिलाएं इस अपमान का बदला आने वाले चुनाव में लेंगी।

परिवारवादी पार्टियों ने किया बिल का विरोध

पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए शुरू से काम किया है। उज्ज्वला का सिलेंडर दिया, शौचालय दिया ताकि महिलाओं की जिंदगी आसान हो सके। महिला वंदन बिल भी इसी कड़ी का हिस्सा है। मैं आपको बताना चाहती हूं कि जब पंचायती राज में महिलाएं इतना अच्छा काम कर रही हैं। अगर ये राष्ट्रीय राजनीति में आ जातीं तो कितना अच्छा होता। मोर्या ने कहा कि सभी परिवारवारवादी पार्टियों ने इस विधेयक का विरोध किया है।

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