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Punjab में रजिस्ट्री कराने वालों के लिए अहम जानकारी, मान सरकार करने जा रही है बड़ा बदलाव।

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पंजाब। Punjab के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने तहसीलों में फैले भ्रष्टाचार को रोकने के लिए हाल ही में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया। उन्होंने राज्य भर के 273 तहसीलदारों और नायब तहसीलदारों के तबादले किए और प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन का कार्य अब कानूनगो के जिम्मे सौंपा है। अब Punjab सरकार एक और अहम फैसला लेने जा रही है, जिसके तहत रजिस्ट्रेशन का काम सेवा केंद्रों को सौंपा जाएगा, ताकि लोगों को उनके घरों तक सुविधाएं पहुंचाई जा सकें। इस संबंध में रेवेन्यू विभाग ने आवश्यक सॉफ़्टवेयर भी तैयार कर लिया है, जिससे नागरिक अब रेवेन्यू विभाग के पोर्टल पर जाकर इन सेवाओं के लिए आवेदन कर सकेंगे।

इसके अलावा, विभाग ने एक मास्टर प्लान भी तैयार किया है, जिसके तहत डोर-टू-डोर सेवाएं प्रदान की जाएंगी। इस सुविधा के लागू होने के बाद लोग अब पोर्टल के माध्यम से या सेवा केंद्रों के जरिए रेवेन्यू विभाग से संबंधित दस्तावेजों के रजिस्ट्रेशन फॉर्म भर सकेंगे। पटवारी, कानूनगो और तहसीलों से संबंधित सभी कार्य अब सेवा केंद्र के कर्मचारी भी कर सकेंगे।

पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव (रेवेन्यू) द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, सेवा केंद्रों के कर्मचारियों को दस्तावेजों के रजिस्ट्रेशन के लिए आज से ट्रेनिंग दी जाएगी। इस प्रक्रिया को अंतिम रूप देने के लिए रेवेन्यू रिहैबिलिटेशन एंड डिजास्टर मैनेजमेंट विभाग काम कर रहा है। इसी सिलसिले में सेवा केंद्रों के कर्मचारियों को आज 2 घंटे की ट्रेनिंग मास्टर ट्रेनर द्वारा प्रदान की गई।

उल्लेखनीय है कि असिस्टैंट चीफ सैक्रेटरी के द्वारा सभी जिलों के डिप्टी कमिश्नरों को जारी पत्र के अनुसार उक्त ट्रेनर ए.डी.सी. या एस.डी.एम., तहसीलदार और नायब तहसीलदार के अलावा डिस्ट्रिक सिस्टम मैनेजर (डी.एस.एम.), 2 असिस्टैंट सिस्टम मैनेजर (एएसएम), सेवा केंद्र के मास्टर ट्रेनर, डिस्ट्रिक्ट टेक्निकल कोऑर्डिनेटर (डी.आई.टी.एम.) और सेवा केंद्र के इंचार्ज होंगे, जिन्हें डिप्टी कमिश्नर द्वारा चुना जाएगा। यह सुविधा शुरू होने के बाद कोई भी व्यक्ति अपने घर के नजदीक के सेवा केंद्र में जाकर या खुद ही रजिस्ट्रेशन को लेकर आवेदन कर सकेंगे। इस पोर्टल के शुरू होने से रेवेन्यू सर्विसेज से जुड़े किसी भी काम को कराने के लिए लोगों को अब एजैंटों से छुटकारा मिल जाएगा। आवेदक सरकार द्वारा निर्धारित रकम को सेवा केंद्र में जमा कर आवेदन करवा सकेंगे।

ऑभ्रष्टाचार पर नकेल पर हजारों लोग बेरोजगार होंगे।

Punjab सरकार द्वारा राज्य की तहसीलों व सब तहसीलों में भ्रष्टाचार को खत्म करने को लेकर शुरू की जंग के तहत रजिस्ट्रेशन संबंधी काम सेवा केंद्रों के हवाले करने का फैसला किया है। दूसरी तरफ इन सेवाओं के शुरू होने पर तहसीलों व सब तहसीलों में काम करके अपने परिवार का गुजारा करने वाले वकील, अर्जीनवीस, अष्टम फरोश , टाइपिस्ट का काम बंद होने की कगार पर पहुंच जाएगा। इतना ही नही अर्जीनवीस व अष्टम फरोश तो बाकायदा जिला प्रशासन से लाइसैंस जारी होने के बाद ही तहसीलों व सब तहसीलों में काम करते आ रहे हैं। सेवा केंद्रों का संचालन करने वाली प्राइवेट कंपनी के कर्मचारियों को प्रशिक्षित करने के बाद रैवेन्यू विभाग से जुड़े सभी काम सेवा केंद्रों में शिफ्ट हो जाएंगे। इससे जाहिर है कि राज्य की तहसीलों व सब तहसीलों में काम करने वाले हजारों लोग बेरोजगार हो जाएंगे।

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वित्तीय बिल 2026 पर मलविंदर कंग का हमला: “खोखले दावे, जमीनी हकीकत चिंताजनक”

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आम आदमी पार्टी (आप) के सांसद Malvinder Singh Kang ने वित्तीय बिल 2026 पर चर्चा के दौरान केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में सरकार द्वारा किए गए आर्थिक सुधारों और विकास के दावे जमीनी हकीकत से मेल नहीं खाते।

कंग ने कहा कि जहां एक ओर सरकार देश को “टॉप 5 अर्थव्यवस्था” बताने का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर प्रति व्यक्ति आय 142वें स्थान पर पहुंच गई है। उन्होंने आरोप लगाया कि महंगाई अपने चरम पर है, रुपया लगातार गिर रहा है और आम जनता पर आर्थिक बोझ बढ़ता जा रहा है।

किसानों की स्थिति पर चिंता जताते हुए कंग ने कहा कि “आय दोगुनी” करने का वादा पूरी तरह विफल रहा है। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में खेती की लागत कई गुना बढ़ गई है—खाद, कीटनाशक और डीजल सभी महंगे हो गए हैं—जिससे किसानों की हालत और खराब हुई है।

कॉर्पोरेट नीतियों पर सवाल उठाते हुए कंग ने आरोप लगाया कि बड़े उद्योगपतियों के लाखों करोड़ रुपये के कर्ज एनपीए घोषित कर माफ किए गए, जबकि किसान अब भी न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी के लिए संघर्ष कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि इससे साफ है कि सरकार की प्राथमिकता किसके साथ है। कंग ने Agniveer Scheme की भी कड़ी आलोचना की और इसे युवाओं के भविष्य के लिए खतरा बताया। उन्होंने कहा कि यह योजना बेरोजगारी और सामाजिक अस्थिरता को बढ़ा रही है और युवाओं को गलत रास्तों की ओर धकेल रही है।

अंतरराष्ट्रीय व्यापार के मुद्दे पर कंग ने भारत-अमेरिका व्यापार वार्ता पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि इस तरह की डील्स से देश के किसानों—खासकर हिमाचल, जम्मू-कश्मीर और पंजाब के उत्पादकों—की आजीविका पर खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने सीमा पार व्यापार को लेकर भी बड़ा मुद्दा उठाया। कंग ने कहा कि जहां मुंबई-कराची रूट से बड़े पैमाने पर व्यापार जारी है, वहीं अमृतसर-लाहौर (वाघा बॉर्डर) व्यापार मार्ग बंद पड़ा है। उन्होंने मांग की कि इस रूट को खोला जाए, जिससे उत्तर भारत के किसानों को सीधा लाभ मिल सके।

सामाजिक सुरक्षा योजनाओं पर बोलते हुए कंग ने कहा कि मनरेगा जैसी योजनाओं को कमजोर करना गरीब और मजदूर वर्ग के लिए नुकसानदायक है। उन्होंने पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने में सरकार की निष्क्रियता पर भी सवाल उठाए। अपने संबोधन के अंत में कंग ने कहा कि “मनरेगा को कमजोर करना मजदूरों पर हमला है, अग्निवीर योजना युवाओं पर हमला है और गलत व्यापार नीतियां किसानों पर हमला हैं। देश का वास्तविक विकास तभी संभव है जब किसान, मजदूर और युवा सुरक्षित और मजबूत हों।”

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Punjab को मिला इंटरनेशनल हॉकी टूर्नामेंट की मेजबानी का बड़ा मौका, CM भगवंत मान ने किया ऐलान

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पंजाब पहली बार अंतरराष्ट्रीय स्तर के हॉकी मुकाबलों की मेजबानी करेगा। राज्य को पुरुष एशियन चैंपियनशिप हॉकी टूर्नामेंट आयोजित करने का अवसर मिला है। इस संबंध में पंजाब के मुख्यमंत्री Bhagwant Mann ने चंडीगढ़ में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बड़ा ऐलान किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि एशियाई चैंपियनशिप ट्रॉफी की मेजबानी मिलना पंजाब के लिए गर्व और खुशी की बात है। उन्होंने बताया कि इस टूर्नामेंट में एशिया की शीर्ष 6 टीमें हिस्सा लेंगी और भारत के भी इसमें भाग लेने की पूरी उम्मीद है।

टूर्नामेंट के मुकाबले 26-27 अक्टूबर से शुरू होंगे, जिनका आयोजन मोहाली और जालंधर में किया जाएगा। इससे पहले 1997 में जालंधर में पाकिस्तान के साथ एक टेस्ट मैच खेला गया था। आयोजन से पहले संबंधित टीम द्वारा सभी तैयारियों का निरीक्षण भी किया जा चुका है।

इसके अलावा, हॉकी टीम ने हर साल चार देशों के टूर्नामेंट आयोजित करने का प्रस्ताव भी दिया है, जिसे भविष्य में इस आयोजन के साथ जोड़ा जा सकता है।

खेलों को बढ़ावा देने की दिशा में एक और बड़ी उपलब्धि के तहत पंजाब को 44 साल बाद बैडमिंटन अंडर-13 राष्ट्रीय चैंपियनशिप की मेजबानी का अधिकार भी मिला है। इस प्रतियोगिता के सभी मुकाबले जालंधर में आयोजित किए जाएंगे।

यह उपलब्धि पंजाब को खेलों के क्षेत्र में एक नए मुकाम तक ले जाने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

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पंजाब कैबिनेट में बड़ा फेरबदल, Harpal Cheema को ट्रांसपोर्ट और Dr. Ravjot Singh को जेल विभाग की जिम्मेदारी

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पंजाब कैबिनेट में बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया है। यह अहम फैसला कैबिनेट मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर की अचानक हुई गिरफ्तारी के तुरंत बाद लिया गया, ताकि सरकारी कामकाज में किसी भी प्रकार की रुकावट न आए और प्रशासनिक व्यवस्था सुचारू रूप से चलती रहे।

सरकार द्वारा जारी नए आदेशों के अनुसार, पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा के अधिकार क्षेत्र में विस्तार किया गया है। उन्हें अब ट्रांसपोर्ट विभाग की जिम्मेदारी भी सौंप दी गई है। वित्त जैसे महत्वपूर्ण विभाग के साथ-साथ अब चीमा राज्य के परिवहन तंत्र, सरकारी बस सेवाओं के संचालन, नीतिगत फैसलों और विभागीय सुधारों की निगरानी भी करेंगे। इससे प्रशासनिक कार्यों में तेजी और समन्वय बढ़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

इसके अलावा, कैबिनेट मंत्री डॉ. रवजोत सिंह को भी नई जिम्मेदारी देते हुए जेल विभाग का प्रभार सौंपा गया है। राज्य में जेलों की सुरक्षा व्यवस्था, कैदियों के पुनर्वास और सुधार से जुड़े मुद्दों के कारण यह विभाग बेहद अहम माना जाता है। डॉ. रवजोत सिंह अब जेल प्रशासन को और मजबूत बनाने तथा सुधारात्मक कदमों को लागू करने की दिशा में काम करेंगे।

उल्लेखनीय है कि लालजीत सिंह भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद कैबिनेट में एक तरह का सियासी खालीपन पैदा हो गया था, जिसे भरने के लिए सरकार को तुरंत यह कदम उठाना पड़ा। इस फेरबदल का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि राज्य में जनकल्याण योजनाएं, विकास कार्य और प्रशासनिक प्रक्रियाएं बिना किसी बाधा के जारी रहें।

सरकार ने साफ किया है कि जनता को किसी भी प्रकार की परेशानी से बचाने के लिए प्रशासनिक स्तर पर त्वरित और प्रभावी फैसले लिए जा रहे हैं, ताकि राज्य की व्यवस्था पहले की तरह सुचारू रूप से चलती रहे।

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