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Punjab : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की नशे के खिलाफ संघर्ष की शुरुआत, पंजाब को नशा मुक्त बनाने का निर्देश।

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चंडीगढ़। नशे के खिलाफ संघर्ष की शुरुआत करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज पुलिस कमिश्नरों, डिप्टी कमिश्नरों और एसएसपी को तीन महीने के भीतर Punjab को नशा मुक्त राज्य बनाने का निर्देश दिया।

आज Punjab भवन में पुलिस कमिश्नरों, डिप्टी कमिश्नरों और एसएसपी के साथ हुई बैठक में मुख्यमंत्री ने कहा कि यह ऐतिहासिक क्षण है, क्योंकि राज्य सरकार ने नशे के प्रति कोई भी सहानुभूति न रखने की नीति अपनाई है और इस गंभीर समस्या के खिलाफ व्यापक कार्रवाई शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि Punjab पुलिस का कानून-व्यवस्था बनाए रखने में एक लंबा और शानदार इतिहास रहा है, और उन्हें पूरा यकीन है कि पुलिस अपनी इस परंपरा को जारी रखते हुए आम जनता के सहयोग से राज्य को पूरी तरह से नशा मुक्त बना देगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार नशे से संबंधित मामलों की शीघ्र सुनवाई और दोषियों को सजा दिलवाने के लिए विशेष फास्ट ट्रैक अदालतों का गठन करेगी। इसके अलावा, पुलिस और सिविल प्रशासन को इस अभियान में पूरा समर्थन और सहयोग मिलेगा।

उन्होंने स्कूलों और कॉलेजों में नशे की रोकथाम के लिए आवश्यक कदम उठाने की बात कही, ताकि हमारे युवा इसके प्रभाव में न आएं। इसके साथ ही उन्होंने नशे की आपूर्ति श्रृंखला को पूरी तरह से खत्म करने और नशा बेचने वालों को कड़ी सजा देने की बात कही।

मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि नशा तस्करों और उनके परिवारों को बिजली, पानी और अन्य सुविधाओं पर कोई सब्सिडी न दी जाए, ताकि अपराधियों से सख्ती से निपटा जा सके।

उन्होंने कहा कि अगर नशा तस्करों के खिलाफ प्रभावी मिसाल स्थापित करने के लिए एनडीपीएस एक्ट में किसी संशोधन की जरूरत पड़ी, तो वे इसे केंद्र सरकार के समक्ष उठाएंगे।

मुख्यमंत्री ने अंत में कहा कि नशे के खिलाफ यह लड़ाई एक जन और सामाजिक आंदोलन में बदलनी चाहिए, जिसके लिए अधिकारियों को व्यापक कार्रवाई के लिए एक ठोस योजना तैयार करनी चाहिए।

बैठक के दौरान मुख्यमंत्री ने नारंगवाल गांव का उदाहरण देते हुए बताया कि गुरुवार शाम को नशा तस्कर की अवैध संपत्ति को नष्ट कर दिया गया था। उन्होंने यह भी कहा कि जहां यह अवैध निर्माण हुआ था, वहां अब एक लाइब्रेरी बनाई जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि जिस स्थान से नशे का कारोबार किया जाता था, उसे अब ‘ज्ञान का केंद्र’ में बदला जाएगा, ताकि युवाओं को नशे की समस्या के बारे में जागरूक किया जा सके।

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने फील्ड अधिकारियों को आश्वासन दिया कि नशे के खिलाफ कार्रवाई करते समय किसी भी अधिकारी को कोई समस्या नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब ने पहले आतंकवाद के खिलाफ अपनी जीत दर्ज की थी, और अब नशे की समस्या को भी जड़ से समाप्त करने में अधिकारी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नशे के खिलाफ इस लड़ाई को जमीनी स्तर पर ठोस योजना और प्रभावी क्रियान्वयन के द्वारा जीता जाएगा, जिसके लिए अधिकारियों को सक्रिय रूप से भाग लेना होगा। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार पहले ही युवाओं की असीम ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए ठोस कदम उठा रही है।

भगवंत सिंह मान ने यह स्पष्ट किया कि यह एक असाधारण लड़ाई है, और सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि हर अधिकारी पारंपरिक सोच से बाहर निकलकर नए और प्रभावी कदम उठाए।

मुख्यमंत्री ने पुलिस कमिश्नरों और एसएसपी से यह कहा कि उनके क्षेत्र में अगले तीन महीनों के भीतर नशे की समस्या को पूरी तरह समाप्त कर दिया जाए। एक महीने बाद, हर एसएसपी को जिले में नशा विरोधी अभियानों की प्रगति का मूल्यांकन करना होगा, और जिनमें परिणाम नहीं दिखेंगे, उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी कहा कि नशा तस्करों के खिलाफ मामले दर्ज किए जाएं, और इसके लिए एएनटीएफ द्वारा पहले ही सूची उपलब्ध कराई जा चुकी है। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों से यह आग्रह किया कि बड़े और मध्यम स्तर पर नशे की बरामदगी के मामलों में दोषियों की जमानत रद्द करने के लिए हर संभव प्रयास किया जाए।

मुख्यमंत्री ने एनडीपीएस मामलों में समय पर चार्जशीट दाखिल करने पर जोर दिया और इन मामलों में कैमिकल रिपोर्ट भी समय पर पेश करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि जिलों में नशे की ओवरडोज के सभी मामलों की गहन जांच और कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। भगवंत सिंह मान ने यह भी कहा कि नशे की आपूर्ति को रोकने के लिए वाहनों की सख्त जांच रात-दिन की जानी चाहिए।

एक अन्य मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने नशे की खपत या नशे के प्रचार में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त और उदाहरण पेश करने वाली कार्रवाई करने का आदेश दिया। इस दौरान उन्होंने यह भी कहा कि नशा तस्करी के दोषियों की संपत्ति को तुरंत जब्त किया जाए, और व्यावसायिक मात्रा में नशे की बरामदगी के मामलों में संपत्ति को पूरी तरह से जब्त कर लिया जाना चाहिए। इसके अलावा, मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि व्यावसायिक नशे के मामलों में अवैध संपत्तियों को पूरी तरह से नष्ट कर दिया जाना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने पुलिस कमिश्नरों और एसएसपीज से यह कहा कि नशे से सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों (हॉटस्पॉट्स) की गहरी पहचान की जाए, और हर पखवाड़े वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों द्वारा इन प्रभावित क्षेत्रों में तथा हर सप्ताह जेलों में घेराबंदी और तलाशी अभियान (सीएएसओ) चलाए जाएं। उन्होंने यह भी निर्देश दिया कि प्रभावित क्षेत्रों में दिन-रात व्यापक और सख्त अभियान चलाया जाए, जिसका मुख्य ध्यान नशीले पदार्थों की बरामदगी पर हो।

भगवंत सिंह मान ने यह भी कहा कि यदि कोई नशा तस्कर पुलिस के साथ दुर्व्यवहार करता है, तो उसके साथ कठोरतम कार्रवाई की जानी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों, पुलिस कमिश्नरों और एसएसपी से नशे की रोकथाम और नशा छुड़ाने की रणनीतियों को प्रभावी तरीके से लागू करने के लिए आपसी तालमेल के साथ काम करने का अनुरोध किया। उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों से यह भी कहा कि वे सरकारी और निजी दोनों प्रकार के नशा छुड़ाने और पुनर्वास केंद्रों, साथ ही ओओएटी केंद्रों का नियमित रूप से निरीक्षण करें। उन्होंने यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया कि इन केंद्रों में आवश्यक मानव संसाधन (मनोचिकित्सक, काउंसलर आदि), परीक्षण किट, दवाइयां, सुरक्षा (सुरक्षा कर्मी/सीसीटीवी), सफाई और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हों।

भगवंत सिंह मान ने कहा कि डिप्टी कमिश्नरों को मरीजों की बढ़ती संख्या के मद्देनजर आने वाली आवश्यकताओं के लिए तैयार रहना चाहिए, और साथ ही केमिस्ट दुकानों की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करनी चाहिए।

मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों से यह भी कहा कि वे यह सुनिश्चित करें कि एसडीएम और फील्ड अधिकारी, खासकर नशे की ओवरडोज से होने वाली मौतों के मामलों में, पीड़ितों के घर जाएं ताकि इस समस्या का समाधान किया जा सके। इसके अलावा, उन्होंने स्कूल पाठ्यक्रम में नशे की समस्या के खिलाफ एक पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा की, और इसके लिए शिक्षा विभाग द्वारा आवश्यक कदम उठाए जाएंगे। भगवंत सिंह मान ने डिप्टी कमिश्नरों से यह भी कहा कि नशे की ओवरडोज से हुई मौतों के प्रत्येक मामले में मुख्यमंत्री राहत कोष से उचित सहायता प्रदान की जाए।

मुख्यमंत्री ने डिप्टी कमिश्नरों को यह निर्देश दिया कि वे नशे के आदी व्यक्तियों के परिवारों को आवश्यक मार्गदर्शन और सहायता प्रदान करें। इसके अलावा, उन्होंने डिप्टी कमिश्नरों से व्यापक स्तर पर लोगों तक पहुंचने और जन संपर्क कार्यक्रमों की शुरुआत करने का आग्रह किया। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि नशे की समस्या से पूरी तरह निजात पाने के लिए जिला स्तर पर स्कूल शिक्षा, खेल, स्वास्थ्य, रोजगार और कौशल विकास विभागों के बीच बेहतर तालमेल स्थापित किया जाए।

डिप्टी कमिश्नरों को यह सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया कि वे हर महीने सार्वजनिक बैठकों, शिविरों, सेमिनारों, साइकिल रैलियों, मानव श्रृंखलाओं, खेल आयोजनों और कौशल विकास कार्यक्रमों के रूप में जन संपर्क कार्यक्रम आयोजित करें।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा, अमन अरोड़ा, डॉ. बलबीर सिंह, तरुणप्रीत सिंह सौंद और लालजीत सिंह भुल्लर भी मौजूद थे।

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सुखबीर बादल के इशारे पर मेरे खिलाफ साजिश रची गई, जिसके बाद यह आदेश जारी हुआ – CM भगवंत सिंह मान

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज उनके नाम से जोड़ी जा रही एक फर्जी वीडियो को सिरे से नकारते हुए कहा कि शिरोमणि अकाली दल के नेता सुखबीर सिंह बादल के इशारे पर उन्हें बदनाम करने और उनकी सरकार के लोक-हितैषी फैसलों से ध्यान हटाने के लिए घृणित हरकत और राजनीतिक साजिश रची जा रही है।

इस घटना को सरकार के सख्त बेअदबी विरोधी कानून और पंजाब-पक्षी फैसलों से घबराकर की गई बौखलाहट भरी कोशिश बताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनके खिलाफ झूठा प्रचार करने के लिए राजनीतिक प्रभाव के अधीन काम कर रहे अधिकारियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने जोर देकर कहा कि वे श्री अकाल तख्त साहिब को सर्वोच्च मानते हैं और सम्मान के साथ इसकी आस्था के आगे पूरी नम्रता से सिर झुकाते हैं। साथ ही मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्हें बदनाम करने की कोशिशों की परवाह किए बिना वे पंजाब के ‘पानी, जवानी, किसानी और बाणी’ के हित में दलेराना फैसले लेते रहेंगे।

एक्स पर लिखते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा: “शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के प्रधान खुलेआम अकाली दल के प्रचारक बन गए हैं। अब तो सिर्फ यही कसर बाकी रह गई है कि जत्थेदार साहिब के जरिए यह फरमान जारी करवा दिया जाए कि ‘सुखबीर बादल को वोट दो, नहीं तो पंथ खतरे में है।’ ऐसा फैसला किसी भी वक्त लिया जा सकता है।”

एक वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने दुनिया भर के पंजाबियों को संबोधित करते हुए कहा, “यह वीडियो मेरी नहीं है और मैंने श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार साहिब के सामने पहले ही यह स्पष्ट कर दिया था।” श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार द्वारा जारी आदेशों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह दावा किया गया कि यह वीडियो उनकी थी और यह एआई द्वारा तैयार नहीं की गई थी। लेकिन जब मुझे बुलाया गया तो मैंने जत्थेदार साहिब के सामने साफ कर दिया था कि वीडियो में दिखाई देने वाला व्यक्ति मैं नहीं हूं।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “वीडियो में दिखाए गए व्यक्ति की न तो शारीरिक बनावट और न ही चेहरा मेरे साथ मेल खाता है, फिर भी मेरे अक्स को खराब करने के लिए झूठा और गुमराहपूर्ण प्रचार किया जा रहा है।”

इस मुद्दे पर चिंता जताते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मुझे हैरानी होती है कि इतनी ऊंची धार्मिक पदवियों पर बैठे लोग खुद को राजनीतिक एजेंडे और झूठे प्रचार का हथियार बना रहे हैं। मेरे अक्स को खराब करने के लिए जानबूझकर अभियान चलाया जा रहा है क्योंकि कुछ लोग पंजाब के पानी, जवानी, किसानी और बाणी की रक्षा के लिए मेरी सरकार द्वारा लिए जा रहे ऐतिहासिक फैसलों को बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “मुझे राजनीतिक तौर पर निशाना बनाने के लिए धर्म का दुरुपयोग किया जा रहा है। ऐसी कोशिशें पूरी तरह निंदनीय और असहनीय हैं।”

श्री अकाल तख्त साहिब के प्रति अपनी गहरी आस्था और सम्मान को दोहराते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं हमेशा श्री अकाल तख्त साहिब को सर्वोच्च मानता हूं और पूरी नम्रता व श्रद्धा के साथ इसके आगे सिर झुकाता हूं। श्री अकाल तख्त साहिब के खिलाफ जाने के बारे में कभी सोच भी नहीं सकता और मैं कभी भी इस विश्वास से पीछे नहीं हटा। न मैं और न ही मेरी आने वाली पीढ़ियां कभी श्री अकाल तख्त साहिब के खिलाफ जाने के बारे में सोच सकती हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि ये फैसले कुछ स्वार्थी लोगों को मंजूर नहीं हैं, इसलिए ऐसे हथकंडों के जरिए उनके अक्स को धूमिल करने की कोशिशें की जा रही हैं। राजनीतिक आकाओं के इशारे पर उनके विरुद्ध प्रचार अभियान चलाए जाने की ओर इशारा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “हर कोई जानता है कि इन संस्थाओं में राजनीतिक नियुक्तियां और फैसले कैसे होते हैं।”

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “सिख संगत इस बात से भली-भांति वाकिफ है कि कैसे राजनीतिक तौर पर नियुक्त कुछ पदाधिकारी बाहरी प्रभाव के अधीन फैसले लेते हैं। मैं इस वीडियो को और ऐसे झूठे आरोपों के जरिए मुझे बदनाम करने की कोशिशों को सिरे से नकारता हूं।”

मुख्यमंत्री ने दावा किया, “पंजाब मेरे रोम-रोम में बसा हुआ है और मेरे दिल की हर धड़कन में पंजाब बसता है।”

मैं राज्य और इसके लोगों की भलाई के लिए दिन-रात काम कर रहा हूं।”

बेअदबी के खिलाफ कानून लाने के अपने प्रयासों का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “अब जब लोगों ने हमारी सरकार द्वारा लाए गए बेअदबी विरोधी कानून का स्वागत किया है तो कुछ स्वार्थी लोग इससे असहज हो गए हैं। हैरानी की बात है कि जो लोग पहले सवाल उठाते थे कि ऐसे कानून क्यों नहीं बनाए जा रहे, वे अब सवाल कर रहे हैं कि यह कानून क्यों बनाए गए।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “पहले वे पूछते थे कि सरकार बेअदबी के खिलाफ कानून क्यों नहीं ला रही। जब सरकार ने कानून बना दिया तो वे सवाल करने लगे कि उनके साथ सलाह किए बिना यह कानून क्यों बनाया गया और यहां तक कह दिया कि वे इसे स्वीकार नहीं करेंगे। यह उनके विरोधी रवैये को साफ दर्शाता है।”

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, “गुरु नानक नाम लेवा संगत इस बात से अच्छी तरह वाकिफ है कि पिछले समय में फैसले कैसे लिए गए थे। लोगों ने देखा है कि कैसे कुछ व्यक्तियों को माफी मांगे बिना ही माफ कर दिया गया और कैसे दूसरे मामलों में बाद में माफी वापस ले ली गई।”

मुख्यमंत्री ने कहा, “लोग इस बात के भी गवाह हैं कि कैसे कुछ व्यक्तियों ने श्री अकाल तख्त साहिब के सामने माना था कि बेअदबी की घटनाएं हुई थी, पुलिस फायरिंग हुई थी और दोषी अधिकारियों को नियुक्तियां व राजनीतिक संरक्षण दिया गया था, लेकिन कुछ दिनों बाद ही वे उन बयानों से मुकर गए। फिर भी इनके खिलाफ कोई सख्त कार्रवाई करने का कोई इरादा नजर नहीं आता।”

संगत से अपील करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं नानक नाम लेवा संगत से अपील करता हूं कि वे ऐसे भ्रामक और झूठे प्रचार का शिकार न हों। अंतिम फैसला हमेशा संगत और लोगों का ही होगा।”

मुख्यमंत्री ने दोहराया, “जब तक मुझे पंजाब की सेवा करने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, मैं पंजाब, इसके अधिकारों और इसके लोगों के लिए डटकर फैसले लेता रहूंगा।”

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मानसून से पहले बदला मौसम का मिजाज, पंजाब के 17 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट

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पंजाब में मानसून से पहले ही मौसम ने करवट लेनी शुरू कर दी है। मौसम विभाग ने मंगलवार के लिए राज्य के 17 जिलों में बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं को लेकर येलो अलर्ट जारी किया है। सुबह हुई बारिश के बाद लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहावना हो गया।

मौसम विभाग के अनुसार अमृतसर, तरनतारन, कपूरथला, जालंधर, फिरोजपुर, फरीदकोट, मोगा, फाजिल्का, मुक्तसर, बठिंडा, लुधियाना, बरनाला, संगरूर, मानसा, मोहाली, फतेहगढ़ साहिब और पटियाला में 40 से 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चल सकती हैं। इन जिलों में गरज-चमक के साथ बारिश की भी संभावना जताई गई है।

पिछले 24 घंटों के दौरान राज्य के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई, जिससे अधिकतम तापमान में 0.4 डिग्री सेल्सियस की गिरावट आई और तापमान सामान्य स्तर के करीब पहुंच गया। राज्य में सबसे अधिक तापमान फरीदकोट में 39.4 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

मौसम विभाग ने बुधवार को भी कई स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। इसके अलावा 18 से 20 जून तक तीन दिनों के लिए भी येलो अलर्ट जारी किया गया है। इस दौरान तेज हवाओं और बारिश के कारण तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है।

तापमान की बात करें तो अमृतसर में 36.0 डिग्री, लुधियाना में 35.6 डिग्री, पटियाला में 37.8 डिग्री, पठानकोट में 37.6 डिग्री और बठिंडा में 37.5 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान दर्ज किया गया। वहीं न्यूनतम तापमान में 2.8 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी हुई, जबकि एसबीएस नगर में सबसे कम 22.5 डिग्री सेल्सियस न्यूनतम तापमान रिकॉर्ड किया गया।

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ED पार्टी के पदाधिकारी पंजाब में नशा बेचते पकड़े गए, क्या ईडी पार्टी से नशे के तार जुड़े हैं?- केजरीवाल

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पंजाब में नशे के खिलाफ भगवंत मान सरकार की ओर से चलाई जा रही मुहिम में ईडी पार्टी (भाजपा) के पदाधिकारी को नशा बेचते पकड़े जाने के बाद राजनीति गर्मा गई है। आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने ईडी पार्टी पर तीखा हमला बोला है। अरविंद केजरीवाल ने एक्स पर कहा कि ईडी पार्टी के पदाधिकारी ख़ुद पंजाब में नशा बेचते पकड़े गए। क्या ईडी पार्टी के साथ नशे के तार जुड़े हैं?

अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज पंजाब में 70 फीसद ड्रग्स गुजरात के रास्ते आ रही हैं। ईडी पार्टी की गठबंधन की सरकार में पंजाब के घर-घर में चिट्टा पहुंचाया गया। बाकायदा सरकारी संरक्षण में सरकारी गाड़ियों में चिट्टा घर-घर बांटा जाता था। ईडी पार्टी और चिट्टा पार्टी पंजाब की जवानी बर्बाद करने की ज़िम्मेदार हैं। भगवंत मान ने चिट्टे पर वार करके पंजाब की जवानी को फिर से एक सुनहरे भविष्य की उम्मीद दी है।

आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने नशे के नेटवर्क को इतना तहस-नहस कर दिया है कि ईडी पार्टी वाले अब खुद सप्लाई के लिए मैदान में उतर गए हैं। भगवंत मान जी, रगड़ दो जो भी नशे का कारोबार पंजाब में करे। पंजाब की आने वाली पीढ़ियों को इन ईडी पार्टी वाले नशा कारोबारियों से बचा लो, बस।

उधर, ‘‘आप’’ के वरिष्ठ नेता और कोंडली से विधायक कुलदीप कुमार ने भी भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि ईडी पार्टी विदेशी से नशा मांगती है, अदानी के पोर्ट पर उतरवाती है, फिर देश के कोने-कोने में भिजवाती है और फिर ईडी पार्टी के कार्यकर्ता इसे बेचते है। पंजाब में भगवंत मान की सरकार इनके नशे के धंधे बंद कर रही है। इसलिए चिट्टा पार्टी और ईडी पार्टी परेशान है।

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