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अपने पोते को पंजाबी संस्कृति से जोड़ने का संकल्प, Tirath Singh Kang की प्रेरणादायक यात्रा

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अपनी जन्मभूमि के प्रति प्रेम, दोस्तों की यादें और अपनी संस्कृति हमें कभी न कभी वापस खींच ही लाती हैं। यही अनुभव था Tirath Singh Kang का, जो बंगा के पास कुलथम गांव के मुखिया हैं। न केवल तीरथ सिंह की पत्नी बल्कि उनके बेटे, बहू और पोते भी गांव में बस गए हैं। हालांकि उनका व्यवसाय कनाडा के शहर ब्रैम्पटन में है, फिर भी वे साल में 2-3 महीने वहां रहते हैं और बाकी समय गांव में रहकर कारोबार को ऑनलाइन संचालित करते हैं।

Tirath Singh Kang का कहना है कि वह अपने गांव के नंबरदार हैं और उनके पास साढ़े सात एकड़ ज़मीन है। वे क्षेत्र के प्रगतिशील किसान अवतार सिंह, जो गुरबाणी के मार्गदर्शन में खेती करते हैं, के मार्गदर्शन में रासायनिक खादों के बिना खेती की दिशा में कदम बढ़ा रहे हैं। उनका मानना है कि इस तरह वे न केवल खुद उर्वरक-मुक्त अनाज खा रहे हैं, बल्कि इसे बेचकर दूसरों को भी रसायनों से बचने का अवसर दे रहे हैं।

तीरथ सिंह कंग बताते हैं कि उनका विदेश में जाने का सिलसिला 2002 में इंग्लैंड से शुरू हुआ था। वहां चार साल तक कठिन परिश्रम करने के बाद, वे 2008 में अपने गांव लौट आए। इसके बाद 2013 में उनकी सबसे बड़ी बेटी कनाडा चली गई। 2017 में, तीरथ सिंह अपने बेटे जसप्रीत सिंह रॉबी कंग, छोटी बेटी और पत्नी के साथ पीआर पर कनाडा गए। बेटे जसप्रीत ने शादी के बाद वहीं बसने का फैसला किया। इस प्रकार, पूरा परिवार कनाडा में ही स्थायी रूप से बस गया।

कनाडा में रहते हुए, पूरे परिवार ने ट्रकिंग का व्यवसाय शुरू किया और सात साल की मेहनत से एक अच्छा कारोबार स्थापित किया। लेकिन पिछले साल, तीरथ सिंह कंग अपने परिवार के साथ गांव लौट आए और अब यहीं से अपना कारोबार संचालित कर रहे हैं। उनके बेटे अब राजनीति में सक्रिय हैं और आम आदमी पार्टी के राज्य सचिव के रूप में कार्य कर रहे हैं। बहू भी बहुत मेहनती है और घर की देखभाल के साथ-साथ ब्रैम्पटन में कारोबार भी कुशलता से संभाल रही है।

तीरथ सिंह कंग का कहना है कि जो व्यक्ति अपने गांव में पला-बढ़ा है और विदेश जाने के बावजूद वहां की यादों से जुड़ा है, वह कभी न कभी अपनी जन्मभूमि लौटकर आता है। उन्होंने कहा कि विदेशों में बसे बुजुर्ग वहां रहने के लिए मजबूर होते हैं, लेकिन उनकी आत्मा हमेशा पंजाब में ही रहती है।

तीरथ सिंह कंग ने यह भी बताया कि उनका दो साल का पोता अब गांव में रहकर यहां की संस्कृति, रीति-रिवाज और पंजाबी भाषा से जुड़ रहा है। वे चाहते हैं कि उनका पोता अपनी मातृभाषा सीखें, क्योंकि पंजाबी सीखने से वह न केवल अपनी जड़ों से जुड़ेगा बल्कि कनाडा की भाषाओं को भी सहजता से सीख सकेगा।

उनका मानना है कि विदेशों में बसे पंजाबी अगर अपनी अगली पीढ़ी को पंजाब से जोड़ना चाहते हैं, तो उन्हें बच्चों को गांवों में रहने का अवसर देना चाहिए। अन्यथा अगली पीढ़ी पंजाब की धरोहर और संस्कृति को भूल जाएगी।

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पंजाब सरकार का बड़ा फैसला, 1 जुलाई से सरकारी दफ्तर फिर पुराने समय के अनुसार खुलेंगे

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पंजाब सरकार ने सरकारी कार्यालयों के कामकाज के समय में एक बार फिर बदलाव करने का फैसला लिया है। सरकार की ओर से जारी नए आदेशों के अनुसार 1 जुलाई 2026 से राज्य के सभी सरकारी दफ्तर फिर अपने नियमित समय के अनुसार सुबह 9:00 बजे से शाम 5:00 बजे तक खुलेंगे।

गौरतलब है कि भीषण गर्मी और लू को देखते हुए सरकार ने कर्मचारियों और आम लोगों की सुविधा के लिए 25 मई से 30 जून 2026 तक कार्यालयों के समय में अस्थायी बदलाव किया था। इस अवधि के दौरान सभी सरकारी कार्यालय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1:30 बजे तक संचालित किए जा रहे थे।

अब मौसम में सुधार और गर्मी की तीव्रता कम होने के बाद सरकार ने यह अस्थायी व्यवस्था समाप्त करने का फैसला किया है। इसके तहत 1 जुलाई से सभी सरकारी विभाग, कार्यालय और सरकारी संस्थान पहले की तरह सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक कार्य करेंगे।

सरकार के इस निर्णय के बाद सरकारी कार्यालयों में कामकाज सामान्य समय के अनुसार शुरू होगा और आम लोगों को भी निर्धारित समय पर सरकारी सेवाओं का लाभ मिल सकेगा।

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भीषण गर्मी से मिलेगी राहत, पंजाब के कई जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

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पंजाब और चंडीगढ़ के लोगों को भीषण गर्मी और उमस से जल्द राहत मिलने की उम्मीद है। भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने अगले 24 से 48 घंटों के दौरान पंजाब के अधिकांश हिस्सों में बारिश की संभावना जताई है। 27 और 28 जून को कई जिलों में मध्यम से भारी बारिश का अनुमान है, जिसके चलते कुछ इलाकों के लिए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार अमृतसर, तरनतारन, गुरदासपुर और पठानकोट में 27 और 28 जून को भारी बारिश हो सकती है। वहीं जालंधर, कपूरथला, होशियारपुर और शहीद भगत सिंह नगर (नवांशहर) में भी लगातार बारिश की संभावना है।

इसके अलावा चंडीगढ़, मोहाली, लुधियाना, पटियाला और रूपनगर में आज रात से मौसम का मिजाज बदल सकता है। तेज हवाओं, गरज-चमक और बारिश के चलते लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं बठिंडा, फाजिल्का, श्री मुक्तसर साहिब, फिरोजपुर और मोगा में हल्की से मध्यम बारिश होने के आसार हैं।

फिलहाल पंजाब के कई जिलों में अधिकतम तापमान 36 से 41 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया जा रहा है, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों में बारिश की गतिविधियां बढ़ने से तापमान में 3 से 5 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।

मौसम विभाग ने लोगों से अपील की है कि ऑरेंज अलर्ट वाले क्षेत्रों में केवल जरूरी होने पर ही घर से बाहर निकलें। भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली के दौरान पूरी सावधानी बरतें।

यदि मौसम विभाग का यह पूर्वानुमान सही साबित होता है तो लंबे समय से पड़ रही भीषण गर्मी से लोगों को बड़ी राहत मिलेगी और प्रदेश का मौसम एक बार फिर सुहावना हो जाएगा।

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केंद्र सरकार में बड़े कैबिनेट फेरबदल की चर्चा, कई नए चेहरों की एंट्री और कई मंत्रियों की छुट्टी संभव

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केंद्र सरकार में जल्द ही बड़े स्तर पर कैबिनेट फेरबदल होने की चर्चाएं तेज हो गई हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 या 29 जून को केंद्रीय मंत्रिमंडल में बदलाव कर सकते हैं। हालांकि, सरकार की ओर से अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है।

इन अटकलों को इसलिए भी बल मिला है क्योंकि 23 जून को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से मुलाकात की थी। इसके बाद से संभावित कैबिनेट विस्तार और फेरबदल को लेकर चर्चाएं और तेज हो गई हैं।

सूत्रों के मुताबिक, प्रस्तावित फेरबदल में कई नए चेहरों को केंद्रीय मंत्रिमंडल में जगह मिल सकती है, जबकि कुछ मौजूदा मंत्रियों के विभागों में भी बदलाव किया जा सकता है। साथ ही कुछ मंत्रियों को संगठन में नई जिम्मेदारियां देकर सरकार से बाहर भी किया जा सकता है।

यह चर्चा ऐसे समय में हो रही है जब उत्तर प्रदेश समेत कई राज्यों में आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। माना जा रहा है कि भाजपा चुनावी रणनीति को ध्यान में रखते हुए सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने के उद्देश्य से मंत्रिमंडल में बदलाव कर सकती है।

हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और संगठन के प्रमुख पदाधिकारियों के साथ कई दौर की बैठकें भी की हैं। इन बैठकों के बाद कैबिनेट विस्तार और फेरबदल की संभावनाओं को और मजबूती मिली है। हालांकि, अंतिम फैसला और आधिकारिक घोषणा का इंतजार किया जा रहा है।

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