Connect with us

Punjab

आयोग ने Dera Baba Nanak के DSP जसबीर सिंह को हटाकर, नए DSP जोगा सिंह को रखा

Published

on

पंजाब विधानसभा सीट Dera Baba Nanak पर उपचुनाव के दौरान हरियाणा की कुरूक्षेत्र जेल में बंद गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया द्वारा मतदाताओं को धमकाने की शिकायत पर उचित कार्रवाई नहीं करने के मामले में चुनाव आयोग ने बड़ी कार्रवाई की है |

आयोग ने Dera Baba Nanak के डीएसपी जसबीर सिंह को हटा दिया है. साथ ही उनकी जगह जोगा सिंह को डीएसपी बनाया गया है. इससे पहले वह डीएसपी हेडक्वार्टर कपूरथला की जिम्मेदारी संभाल रहे थे।

इसके अलावा जग्गू भगवानपुरिया पर कड़ी नजर रखने के लिए हरियाणा जेल विभाग को पत्र लिखा गया है. आरोपियों के आसपास के इलाके की गहनता से जांच करने को कहा गया है. ताकि उससे डिवाइस आदि के बारे में पता चल सके। इस मामले में तुरंत कार्रवाई की गई है |

उन्होंने कहा कि उन्होंने इस मामले को स्थानीय पुलिस अधिकारियों के ध्यान में ला दिया है. लेकिन इस संबंध में कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है. उन्होंने मामले की जांच की मांग की. साथ ही लोगों की सुरक्षा का भी ख्याल रखा जाए. उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने मामला पुलिस के संज्ञान में लाया लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई. आरोपी सरकार का राजा है|

गुरदासपुर से सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा और डेरा बाबा नानक से कांग्रेस उम्मीदवार जतिंदर कौर के पति ने शुक्रवार को चुनाव आयोग को शिकायत दी. उनका आरोप था कि हरियाणा की कुरूक्षेत्र जेल में बंद गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया वीडियो कॉल के जरिए लोगों को धमका रहा है|

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Punjab

पंजाब बोर्ड ने घोषित किए 10वीं कक्षा के नतीजे, विद्यार्थियों में खुशी की लहर

Published

on

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) द्वारा 10वीं कक्षा के परिणाम आधिकारिक तौर पर घोषित कर दिए गए हैं। बोर्ड के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान नतीजों की घोषणा करते हुए बताया कि इस साल लाखों विद्यार्थियों ने परीक्षा में भाग लिया और बोर्ड द्वारा सभी परिणाम वेबसाइट पर अपलोड कर दिए गए हैं। विद्यार्थी अब अपना रोल नंबर और नाम दर्ज करके आसानी से अपना रिजल्ट देख सकते हैं।

बोर्ड के अनुसार इस वर्ष करीब 2.84 लाख विद्यार्थियों ने 10वीं की परीक्षा दी थी। परिणामों में फरीदकोट की हरलीन शर्मा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए पूरे पंजाब में पहला स्थान हासिल किया है। हरलीन ने 650 में से 646 अंक प्राप्त किए। दूसरे स्थान पर रोपड़ के मनी महेश शर्मा रहे, जिन्होंने 645 अंक हासिल किए। वहीं होशियारपुर की रिया रानी ने भी 645 अंक प्राप्त कर तीसरा स्थान हासिल किया।

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा विद्यार्थियों की सुविधा के लिए रिजल्ट देखने की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन उपलब्ध करवाई गई है। विद्यार्थी बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट PSEB पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं। वेबसाइट के होम पेज पर दिए गए “Results” लिंक पर क्लिक करके 10वीं कक्षा के नतीजे चुने जा सकते हैं। इसके बाद विद्यार्थी अपना रोल नंबर और नाम दर्ज करके अपना रिजल्ट देख सकेंगे। परिणाम को डाउनलोड या प्रिंट भी किया जा सकता है।

यदि किसी विद्यार्थी को रिजल्ट देखने में किसी प्रकार की तकनीकी समस्या आती है तो बोर्ड द्वारा हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। विद्यार्थी 9549161161 पर कॉल करके अपने परिणाम या अन्य जानकारी संबंधी सहायता प्राप्त कर सकते हैं।

Continue Reading

Punjab

भगवंत मान सरकार की ‘शिक्षा क्रांति’ लाई रंग, पंजाब ने केरल को पछाड़कर अग्रणी स्थान हासिल किया

Published

on

पंजाब प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा में केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पछाड़कर देश के सर्वोत्तम प्रदर्शन वाले राज्य के रूप में उभरा है। नीति (नेशनल इंस्टीट्यूशन फॉर ट्रांसफॉर्मिंग इंडिया) आयोग की नई रिपोर्ट में भगवंत मान सरकार के शिक्षा सुधारों को राष्ट्रीय रैंकिंग में शीर्ष स्थान दिया गया है।

रिपोर्ट के अनुसार पंजाब को बुनियादी शिक्षा, डिजिटल बुनियादी ढांचे और स्कूली सुविधाओं में पहला स्थान दिया गया है। राज्य ने भाषा और गणित में केरल से अधिक अंक प्राप्त किए हैं। साथ ही सरकारी स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, इंटरनेट पहुंच और कंप्यूटरों की उपलब्धता में भी बड़े पैमाने पर विस्तार किया गया है।

एक वीडियो संदेश के माध्यम से बधाई देते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा, “‘जो बोओगे वही काटोगे’ के कथन के अनुसार, राज्य ने शिक्षा में ईमानदारी से निवेश किया है। राज्य सरकार ने प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा को अपग्रेड किया, सिस्टम को मजबूत किया, स्मार्ट क्लासरूम की शुरुआत की और शिक्षकों को उन्नत प्रशिक्षण प्रदान किया। आज उन प्रयासों को फल मिल गया है। राज्य सरकार ने बेहतर निवेश किया, जिसके अब शानदार परिणाम मिल रहे हैं।”

नीति आयोग की रैंकिंग में पंजाब की उपलब्धि को उजागर करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री ने कहा, “नीति आयोग, भारत सरकार के प्रमुख संस्थानों में से एक है, जिसने नए आंकड़े जारी किए हैं। इन आंकड़ों के अनुसार पंजाब ने केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पछाड़कर प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा में पहला स्थान हासिल कर लिया है। तीसरी कक्षा की भाषा में पंजाब ने 82 प्रतिशत अंक प्राप्त किए जबकि केरल ने 75 प्रतिशत अंक प्राप्त किए। इसी तरह, तीसरी कक्षा के गणित में, पंजाब ने 78 प्रतिशत अंक प्राप्त किए जबकि केरल ने 70 प्रतिशत अंक प्राप्त किए और नौवीं कक्षा के गणित में पंजाब ने 52 प्रतिशत अंक प्राप्त किए जबकि केरल ने 45 प्रतिशत अंक प्राप्त किए।”

पंजाब की डिजिटल शिक्षा प्रगति के बारे में विवरण साझा करते हुए उन्होंने आगे कहा, “डिजिटल शिक्षा में भी पंजाब हरियाणा से आगे है। स्मार्ट क्लासरूम में, पंजाब ने 80.1 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं जबकि हरियाणा 50.3 प्रतिशत पर रहा। स्कूलों में इंटरनेट सुविधाओं के मामले में, पंजाब 88.9 प्रतिशत पर है जबकि हरियाणा 78.9 प्रतिशत पर है। स्कूलों में बिजली की उपलब्धता के संबंध में पंजाब ने 99.9 प्रतिशत अंक हासिल किए जबकि स्कूलों में कंप्यूटर की उपलब्धता के संबंध में 99 प्रतिशत अंक हासिल किए। पहले केरल शीर्ष स्थान पर था लेकिन अब पंजाब ने बड़े अंतर से केरल को पछाड़कर पहला स्थान हासिल किया है।”

शिक्षा क्षेत्र के भागीदारों को बधाई देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, “मैं सभी शिक्षकों, विद्यार्थियों और माता-पिता को दिल से बधाई देता हूं। ये आंकड़े देखकर मुझे अत्यधिक खुशी हो रही है कि पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में अग्रणी बनकर उभरा है। तीसरी, पांचवीं और नौवीं कक्षा के सर्वेक्षण के परिणामों ने पंजाब को पहले स्थान पर पहुंचाया है क्योंकि यह चार साल की निरंतर मेहनत का परिणाम है। पिछले चार वर्षों से राज्य सरकार ने शिक्षक प्रशिक्षण, आधुनिक शिक्षा पद्धतियों और स्मार्ट क्लासरूम पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसके कारण आज पंजाब शीर्ष पर है।”

भगवंत सिंह मान ने कहा, “मैंने यह संदेश विशेष रूप से सभी भागीदारों को बधाई देने के लिए भेजा है। मैं सभी माता-पिता, शिक्षकों, शिक्षा मंत्री, पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के प्रत्येक सदस्य और शिक्षा क्षेत्र से जुड़े सभी लोगों को तहे दिल से बधाई देता हूं। शिक्षा क्षेत्र में पंजाब का अग्रणी बनना उनके सामूहिक प्रयासों का परिणाम है। धीरे-धीरे लेकिन निश्चित रूप से पंजाब हर क्षेत्र में नंबर एक बन जाएगा।” उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार राज्य को हर क्षेत्र में अग्रणी बनाने के लिए हर संभव प्रयास करेगी।

Continue Reading

Punjab

स्कूली शिक्षा में पंजाब ने केरल को पछाड़ा, नीति आयोग की रिपोर्ट में भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य बना: हरजोत सिंह बैंस

Published

on

स्कूली शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल करते हुए पंजाब को भारत का सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाला राज्य घोषित किया गया है। नीति आयोग की शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 में पंजाब ने स्कूल शिक्षा के महत्वपूर्ण बुनियादी मानकों में लंबे समय से अग्रणी रहे केरल को पीछे छोड़ दिया है।

प्रणालीगत सुधारों और जमीनी स्तर पर किए गए समर्पित प्रयासों से हासिल इस उपलब्धि को “पंजाब युग” की शुरुआत बताते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री स हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “यह सम्मान हर उस माता-पिता, विद्यार्थी और शिक्षक का है जिसने सरकारी स्कूलों पर भरोसा बनाए रखा। यह उपलब्धि एक दिन में हासिल नहीं हुई, बल्कि बेहतर नीति, मजबूत इरादों और प्रभावी अमल का परिणाम है, जिससे बेहतर नतीजे सामने आए हैं।”

नीति आयोग की रिपोर्ट के विवरण साझा करते हुए उन्होंने कहा, “पंजाब ने तीसरी कक्षा की भाषा दक्षता में 82 प्रतिशत और गणित में 78 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं, जबकि केरल ने क्रमशः 75 प्रतिशत और 70 प्रतिशत अंक हासिल किए। नौवीं कक्षा के गणित में पंजाब ने 52 प्रतिशत दक्षता दर्ज की, जो केरल के 45 प्रतिशत से अधिक है।”

पंजाब सरकार द्वारा किए गए सुधारों के सार्थक प्रभावों को रेखांकित करते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री स भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में मिशन समर्थ और स्कूल ऑफ एमिनेंस कार्यक्रमों के तहत कोविड महामारी के बाद किए गए सुधारों के ठोस परिणाम अब सामने आ रहे हैं।

नीति आयोग की रिपोर्ट का हवाला देते हुए उन्होंने आगे कहा, “राज्य के 99.9 प्रतिशत सरकारी स्कूलों में अब बिजली उपलब्ध है, 99 प्रतिशत स्कूलों में कार्यशील कंप्यूटर मौजूद हैं और 80 प्रतिशत से अधिक स्कूल स्मार्ट क्लासरूम से लैस हैं। इसके अलावा, दसवीं कक्षा के 90 प्रतिशत से अधिक विद्यार्थी अब ग्यारहवीं कक्षा में दाखिला ले रहे हैं। यह स्कूल छोड़ने की दर में तेजी से आई गिरावट को दर्शाता है। विद्यार्थी-शिक्षक अनुपात अब 22:1 हो गया है।”

रिपोर्ट का उल्लेख करते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “नीति आयोग ने शिक्षा के क्षेत्र में शहरी और ग्रामीण अंतर को कम करने तथा गांवों के विद्यार्थियों और लड़कियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करने के प्रयासों की विशेष रूप से सराहना की है। पंजाब द्वारा विश्व के सर्वोत्तम शैक्षिक मॉडल अपनाने से सरकारी स्कूलों के विद्यार्थियों की प्रतिस्पर्धी परीक्षाओं में सफलता दर तेजी से बढ़ी है। अब तक सरकारी स्कूलों के 786 विद्यार्थियों ने जेईई मेन परीक्षा पास की है और 1,284 विद्यार्थी नीट परीक्षा में सफल हुए हैं।”

अध्यापक प्रशिक्षण और बुनियादी ढांचे के विस्तार के बारे में जानकारी देते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा, “फिनलैंड और सिंगापुर में शुरू किए गए शिक्षक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के जमीनी स्तर पर सकारात्मक परिणाम सामने आए हैं। इससे साबित होता है कि हमारे कक्षाएं विश्वस्तरीय प्रतिस्पर्धा के योग्य हैं। पंजाब सरकार ने 13,000 शिक्षकों और स्टाफ की भर्ती की है तथा लगभग 3 लाख विद्यार्थियों के लिए इंग्लिश एज कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसके अतिरिक्त 118 स्कूल ऑफ एमिनेंस खोले जा रहे हैं।”

हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि बेहतर नीति, स्पष्ट इरादों और प्रभावी अमल से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित की जा सकती है और पंजाब के शिक्षकों ने यह साबित कर दिखाया है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार द्वारा जमीनी स्तर पर किए गए शिक्षा सुधारों को अब नीति आयोग ने भी प्रमाणित कर दिया है। सरकारी स्कूलों के बच्चे अब केवल शिक्षा प्राप्त नहीं कर रहे, बल्कि देश का नेतृत्व भी कर रहे हैं।

Continue Reading

Trending