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Punjab विधानसभा मानसून सत्र के तीसरे दिन उठे सवाल, उठा RDF का मामला

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Punjab विधानसभा में आज बैठक हो रही है और यह उनके विशेष सत्र का तीसरा दिन है। उन्होंने देहात की बहुत खराब सड़कों के बारे में बात की। पंचायत मंत्री गुरमीत सिंह ने कहा कि उन्हें जल्द ही उन सड़कों को ठीक करने के लिए पैसे मिलेंगे। विधानसभा के एक सदस्य हरमीत सिंह पठानमाजरा ने उल्लेख किया कि कुछ भूमि हस्तांतरण में देरी हुई है। राजस्व मंत्री ब्रह्मा शंकर जिम्पा ने जवाब दिया कि सरकार ने पहले ही दो दिनों में 85,000 भूमि के टुकड़े हस्तांतरित करने में मदद की है।

उन्होंने यह भी वादा किया कि वे शेष भूमि हस्तांतरण को जल्द से जल्द पूरा करना सुनिश्चित करेंगे। विधानसभा में आरडीएफ नामक किसी चीज के बारे में बात हुई। प्रताप सिंह बावजा, जो विपक्ष के नेता हैं, ने कहा कि मुख्यमंत्री को नीति आयोग आयोग नामक एक विशेष बैठक में इस बारे में बात करनी चाहिए। लेकिन मुख्यमंत्री उन बैठकों में नहीं जाते हैं। अगर उन्हें वहां से पैसा नहीं मिलता है, तो उन्हें पैसे प्राप्त करने के लिए अन्य तरीके खोजने चाहिए, जैसे कि नाबार्ड बैंक से, जो एक ऐसा बैंक है जो महत्वपूर्ण परियोजनाओं में मदद करता है।

प्रताप सिंह बाजवा ने एक मीटिंग में विशेष समय के दौरान कोटकपूरा के एएसआई बोहर नामक व्यक्ति से समस्या के बारे में बात की। उन्होंने प्रभारी व्यक्ति को याद दिलाया कि उन्होंने सभी की सहमति से शीर्ष पुलिस अधिकारी से जानकारी मांगी थी। लेकिन अब वे किसी अन्य महत्वपूर्ण व्यक्ति और उनकी पूरी टीम से जानकारी मांग रहे हैं, जो उनके अनुसार सभी की सहमति के बिना अनुमति नहीं है।

डीजीपी मीटिंग में नहीं आए। इस कारण विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि कुछ बुरे लोग परेशानी पैदा कर रहे हैं। मीटिंग में कुछ लोगों ने सुझाव दिया कि हमें सभी विभागों से इस बारे में जानकारी लेनी चाहिए। इससे सभी को पता चल जाएगा कि हमें धोखाधड़ी या चोरी पसंद नहीं है।

स्पीकर ने कहा कि बोहर ने अकाली दल के समय गलत काम करने के लिए पैसे लिए और कांग्रेस के समय और पैसे लिए। अब उन्होंने जो किया, उसके कारण पुलिस ने उनके खिलाफ जांच शुरू कर दी है।

एक मीटिंग में लोगों ने राजिंदरा अस्पताल में सर्जरी के लिए टॉर्च लाइट के इस्तेमाल की बात कही। स्वास्थ्य मंत्री बलबीर सिंह ने बताया कि एक दिन बिजली की समस्या थी, लेकिन एक दिन से भी कम समय में इसे ठीक कर दिया गया। अब वे तीन अतिरिक्त बिजली लाइनें लगाने पर भी काम कर रहे हैं, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि ऐसा दोबारा न हो। मंत्री ने पीजीआई नामक अस्पताल में लगी आग के बारे में बात की। इस वजह से, वे पंजाब के सभी अस्पतालों की जाँच कर रहे हैं ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वे आग से सुरक्षित हैं। वे यह भी सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रत्येक अस्पताल में सही सुरक्षा उपाय हों।

मोहल्ला क्लीनिक कहे जाने वाले छोटे-छोटे पड़ोस के क्लीनिक लोगों की मदद करने में बहुत बढ़िया काम कर रहे हैं और उन्होंने 20 मिलियन से ज़्यादा लोगों का इलाज किया है! साथ ही, ज़्यादा लोगों को प्रशिक्षित करने में मदद करने के लिए सरकारी अस्पतालों में नई कक्षाएँ शुरू की जाएँगी। आज, सदन में चार विचार हैं जिन पर लोग वोट करेंगे और देखेंगे कि क्या वे कानून बन सकते हैं।

ये विचार अग्निशामकों की मदद करने, स्थानीय सरकारों के लिए कुछ नियमों को बदलने, किसानों के लिए बाज़ारों में सुधार करने और कर नियमों को अपडेट करने के बारे में हैं। सदन के कुछ सदस्य, जो सरकार से सहमत नहीं हैं, उन्हें चुनौती देने की कोशिश करेंगे और इन विचारों पर बात करने के लिए और समय माँगेंगे। वे शुरू से ही कहते आ रहे हैं कि उनके पास इतना समय नहीं है कि वे सभी के साथ अपने विचार साझा कर सकें।

एक बैठक में, विधायक जसविंदर सिंह नामक व्यक्ति इस बारे में बात करेंगे कि उन्हें पौधे उगाने के बारे में सिखाने वाले स्कूल के लिए ज़मीन पाने में कितना समय लग रहा है। एक अन्य व्यक्ति, विधायक जगरूप सिंह गिल, बठिंडा में एक जल नहर के चारों ओर बाड़ लगाने की ज़रूरत को सामने लाएंगे ताकि इसे सुरक्षित रखा जा सके। साथ ही, वे एक महत्वपूर्ण समूह की रिपोर्ट साझा करेंगे जो यह जाँच करता है कि देश में पैसे कैसे खर्च किए जाते हैं।

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‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ एक व्यापक लड़ाई, सामूहिक प्रयास से ही खत्म होगा नशे का जाल —Manish Sisodia

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आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि नशे के खिलाफ एक व्यापक और निर्णायक लड़ाई है। उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब को नशा मुक्त बनाने के लिए समाज के हर वर्ग की एकजुट भागीदारी बेहद जरूरी है।

जालंधर में चार जिलों के ब्लॉक कोऑर्डिनेटरों के प्रशिक्षण सत्र को संबोधित करते हुए सिसोदिया ने कहा कि गांव-गांव और वार्ड-वार्ड में जाकर नशा बेचने वालों की जानकारी इकट्ठा करनी होगी, ताकि उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल की सोच और भगवंत मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार नशे के खिलाफ बड़े स्तर पर अभियान चला रही है।

सिसोदिया ने कहा कि जहां एक ओर नशे के आदी लोगों को इलाज और पुनर्वास के जरिए मुख्यधारा में लाया जा रहा है, वहीं दूसरी ओर नशा तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है। उन्होंने बताया कि इस अभियान के तहत नशा तस्करों की अवैध संपत्तियों पर बुलडोजर कार्रवाई भी की जा रही है, ताकि भविष्य में कोई भी इस तरह के अपराध करने से पहले सोचे।

उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं और कोऑर्डिनेटरों को प्रेरित करते हुए कहा कि इस अभियान को एक सामान्य कार्यक्रम की तरह नहीं, बल्कि एक “युद्ध” की तरह लिया जाए और ‘रंगला पंजाब’ बनाने के लिए हर व्यक्ति अपनी भूमिका निभाए। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में जिला स्तर पर और अधिक प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत ने कहा कि राज्य सरकार नशा तस्करों के खिलाफ लगातार कड़ी कार्रवाई कर रही है। उन्होंने बताया कि सख्त कार्रवाई के कारण कई तस्कर या तो जेल में हैं या राज्य छोड़ चुके हैं, और भविष्य में भी यह अभियान इसी तरह जारी रहेगा।

बैठक में कई विधायक, हल्का इंचार्ज, जिला पदाधिकारी और बड़ी संख्या में ब्लॉक कोऑर्डिनेटर शामिल हुए, जिन्होंने नशा मुक्त पंजाब के लक्ष्य को हासिल करने के लिए मिलकर काम करने का संकल्प लिया।

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AAP सरकार आरोपों पर तुरंत करती है कार्रवाई, जवाबदेही तय — अमन अरोड़ा का हरियाणा सरकार पर हमला!

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आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने कहा कि भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार आरोपों पर तेज और सख्त कार्रवाई करके जवाबदेही सुनिश्चित कर रही है, जबकि भाजपा शासित हरियाणा सरकार एडीजीपी की कथित आत्महत्या के मामले में दोषियों को बचाने में लगी हुई है।

अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार ने मंत्री लालजीत सिंह भुल्लर को तुरंत पद से हटाकर और उनकी गिरफ्तारी कर यह साबित कर दिया है कि राज्य में गलत कामों के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई गई है। उन्होंने कहा कि यह कदम पारदर्शी और जवाबदेह शासन का उदाहरण है।

उन्होंने कांग्रेस और अकाली दल की पूर्व सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि पहले की सरकारें बिना जांच के ही अपने नेताओं को क्लीन चिट दे देती थीं, लेकिन AAP सरकार में अपने ही लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने का साहस है। “हम सच्चाई और जवाबदेही के लिए खड़े हैं, न कि राजनीतिक संरक्षण के लिए,” उन्होंने कहा।

मीडिया से बातचीत के दौरान अमन अरोड़ा ने दोहराया कि AAP सरकार की नीयत पूरी तरह साफ है और आरोप लगते ही तुरंत कार्रवाई की जाती है। उन्होंने कहा कि “लालजीत भुल्लर को तुरंत हटाया गया और गिरफ्तार किया गया, जिससे साफ है कि हमारी सरकार किसी भी तरह की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करती।”

हरियाणा सरकार पर हमला बोलते हुए उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेतृत्व वाले राज्य में गंभीर मामलों में भी निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हो रही और दोषियों को संरक्षण दिया जा रहा है।

अमन अरोड़ा ने अंत में कहा कि AAP सरकार पुरानी राजनीति से अलग है, जहां सत्ता में बैठे लोगों को बचाने की परंपरा रही है। “हम सच बोलने, गलती स्वीकार करने और कानून के मुताबिक कार्रवाई करने में विश्वास रखते हैं, चाहे मामला अपने ही लोगों से जुड़ा क्यों न हो,” उन्होंने कहा।

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ड्रग माफिया के खिलाफ लड़ाई पर सख्त संदेश: जो नेता झिझके, वह ‘आप’ छोड़ दे — मनीष सिसोदिया

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आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने पार्टी के मंत्रियों और विधायकों को ड्रग माफिया के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का स्पष्ट निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जो भी नेता नशे के खिलाफ इस लड़ाई में झिझकता है, उसे पार्टी में रहने का कोई अधिकार नहीं है और उसे अरविंद केजरीवाल को शर्मिंदा करने की बजाय खुद ही पार्टी छोड़ देनी चाहिए।

‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत मालवा ज़ोन की बैठक को संबोधित करते हुए सिसोदिया ने कहा कि ड्रग माफिया के खिलाफ लड़ाई ‘आप’ की राजनीति का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि वह, भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल इस मकसद से राजनीति में आए हैं कि नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

सिसोदिया ने पार्टी नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी मंत्री, विधायक या हल्का इंचार्ज को तब तक चैन से नहीं बैठना चाहिए, जब तक उसके क्षेत्र के किसी भी गांव या वार्ड में नशे की बिक्री जारी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह पार्टी से ही क्यों न जुड़ा हो।

उन्होंने ‘आप’ की कार्यशैली का जिक्र करते हुए कहा कि यह पार्टी संघर्ष से निकली है और भ्रष्टाचार के खिलाफ इसकी लड़ाई का मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। अब यही संकल्प पंजाब से नशे को जड़ से खत्म करने में काम आएगा।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने भी कहा कि भगवंत मान सरकार ड्रग्स के खिलाफ जंग को युद्ध स्तर पर लड़ रही है। उन्होंने बताया कि बड़े तस्करों की गिरफ्तारी की जा रही है और उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।

सरकार ने साफ संकेत दिया है कि पंजाब में नशे के खिलाफ अब ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जा रही है और इस दिशा में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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