Punjab
Punjab सरकार के विधायकों ने खोली पोल, परिवहन नीति के अभाव पर सवाल उठाया तो किसी ने जे.ई
आज Punjab के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पार्टी के कुछ सदस्य खुश नहीं थे और उन्होंने उनके और उनके मंत्रियों की बातों में कुछ गड़बड़ियां बताईं। ऐसा लगा कि वे उनका साथ देने के बजाय विरोधी टीम की तरह काम कर रहे थे। उनमें से कुछ ने बताया कि परिवहन के लिए कोई अच्छी योजना नहीं है, तो कुछ ने एक कार्यकर्ता का जिक्र किया जिसने दावा किया कि वह मुख्यमंत्री से ज्यादा महत्वपूर्ण है। कुछ सदस्यों ने तो यहां तक कहा कि ढाई साल में कोई नई सड़क नहीं बनी। हाल ही में गुरप्रीत गोगी नाम के एक सदस्य ने अपने इलाके में एक प्रोजेक्ट शुरू करके सबके लिए आवाज उठाई।
आज बड़ी बैठक के दौरान आम आदमी पार्टी के कुछ सदस्य अपनी सरकार की उन बातों के बारे में बात कर रहे थे जो उन्हें पसंद नहीं हैं। बैठक के प्रभारी श्री कुलतार सिंह संधवान को बीच में आकर सभी को शांत करना पड़ा।
एक बैठक में कुंवर विजय प्रताप सिंह नाम के एक व्यक्ति ने बताया कि अमृतसर में पानी और सीवेज की समस्या ने लोगों के जीवन को कितना मुश्किल बना दिया है। उन्होंने कहा कि यह रहने के लिए बहुत ही भयानक जगह है। सरकार के मंत्री बलकार सिंह ने जवाब देते हुए बताया कि अमृतसर में हालात बेहतर बनाने के लिए सरकार क्या करने की कोशिश कर रही है। लेकिन कुंवर ने बताया कि उन्होंने छह महीने पहले भी यही सवाल पूछा था और उन्हें भी यही जवाब मिला था, जिससे उन्हें लगा कि वाकई कुछ नहीं बदला है।
उन्होंने बताया कि नागेंद्र नाम के एक कार्यकर्ता के पास मुख्यमंत्री से ज़्यादा ताकत है, जो उन्हें अजीब लगा। मंत्री ने कार्यकर्ताओं का बचाव करते हुए कहा कि वे सिर्फ़ सरकार के आदेशों का पालन कर रहे हैं और वे उतने ताकतवर नहीं हैं जितना लोग सोचते हैं। तलवंडी साबो की स्थानीय नेता प्रो. बलजिंदर कौर ने कुछ अहम खबरें साझा कीं। उन्होंने कहा कि उनके इलाके में एक नई तेल फैक्ट्री, जिसे रिफाइनरी कहा जाता है, बनाई गई है। फैक्ट्री की वजह से हवा और पानी गंदा हो रहा है, जो लोगों और जानवरों के लिए अच्छा नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ बड़े ट्रक चालक छोटे ट्रक चालकों का फ़ायदा उठा रहे हैं और उनसे पैसे मांग रहे हैं, उनका कहना है कि उन्हें कुछ दबंग लोगों को टैक्स देना पड़ता है।
उन्होंने इन समस्याओं के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत मान से बात की और बताया कि रिफाइनरी अपने पैसे से समुदाय की उतनी मदद नहीं कर रही है जितनी उसे करनी चाहिए। डेराबस्सी क्षेत्र के नेता कुलजीत सिंह रंधावा ने वहां की कुछ समस्याओं के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि यहां बहुत सारे बिजली के खंभे हैं, जो हर दिन दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। उनका मानना है कि ऊर्जा मंत्री को इन खंभों को सुरक्षित स्थान पर ले जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि डेराबस्सी की सड़कें बहुत खराब हैं और उन्हें ठीक करने की जरूरत है, क्योंकि लोग इससे परेशान हैं। वह चाहते हैं कि मंत्री सड़कों की मरम्मत करवाने में मदद करें।
आज, गुरलाल घनौर नामक एक प्रसिद्ध पहलवान बहुत परेशान हो गया और उसने लालजीत भुल्लर नामक एक सरकारी नेता को थप्पड़ मार दिया। गुरलाल अपने क्षेत्र में कुछ गुम हुए पैसों के बारे में सवाल पूछ रहा था और वह जानना चाहता था कि उसमें से कितना पैसा मिला है। मंत्री कहते रहे कि वे इसे ढूंढ लेंगे, लेकिन गुरलाल जानना चाहता था कि उन्हें अब तक कितनी रकम मिली है। जब बैठक के प्रभारी व्यक्ति ने देखा कि मंत्री जवाब नहीं दे पा रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि मंत्री बाद में गुरलाल को जानकारी भेज देंगे।
रोपड़ के नेता दिनेश चड्ढा ने एक सरकारी अधिकारी से कुछ पैसे के बारे में पूछा, जो महत्वपूर्ण सांस्कृतिक चीजों की देखभाल में मदद करने के लिए एकत्र किए जाने थे। वह जानना चाहते थे कि 2013 से अब तक उन्होंने कितना धन एकत्र किया है और यह भी कि उनके कार्यस्थल के निकट महाराजा रणजीत सिंह के सम्मान में बनाए गए विशेष स्थान से कितना धन आया है।
Politics
पंजाब के बुजुर्गों को तीर्थ यात्रा पर ले जाकर भगवंत मान ने साबित कर दिया है कि वे आधुनिक युग के श्रवण पुत्र हैं: अरविंद केजरीवाल
फगवाड़ा में आज की शाम उस समय पूरी तरह आध्यात्मिक रंग में रंग गई, जब आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान कपूरथला जिले में आयोजित ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ भजन संध्या में श्रद्धालुओं के साथ शामिल हुए। हजारों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में ‘‘हर हर महादेव’’ और ‘‘बम बम भोले’’ के जयकारों से पूरा वातावरण गूंज उठा।
इस अवसर पर अरविंद केजरीवाल ने कहा कि पंजाब के बुजुर्ग माता-पिता को तीर्थ यात्रा पर ले जाकर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्वयं को आधुनिक युग का श्रवण पुत्र साबित किया है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री प्रदेश के हर बुजुर्ग की अपने माता-पिता की तरह सेवा कर रहे हैं।
‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने पंजाब के बुजुर्गों से अपील की कि वे अपने पुत्र भगवंत सिंह मान पर अपना आशीर्वाद बनाए रखें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री जीवनभर बुजुर्गों की सेवा करते रहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब में आज तक किसी भी सरकार ने सनातन धर्म के लिए इतना काम नहीं किया, जितना भगवंत मान सरकार कर रही है।
भजन संध्या को संबोधित करते हुए अरविंद केजरीवाल ने कहा कि भगवंत मान सरकार ने ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ का विस्तार किया है। सालासर जी-श्री खाटू श्याम, हरिद्वार-ऋषिकेश और मथुरा जी-वृंदावन धाम के लिए तीर्थ यात्रा के नए रूट शुरू किए गए हैं। इन तीर्थ यात्राओं के लिए भारी मांग है और लंबी वेटिंग लिस्ट है, इसलिए लोगों को अपनी बुकिंग पहले ही करवा लेनी चाहिए। उन्होंने कहा कि इन धार्मिक स्थलों के लिए 1.5 लाख श्रद्धालुओं को तीर्थ यात्रा पर ले जाया जाएगा।
पटियाला के काली माता मंदिर के पुनर्विकास का उल्लेख करते हुए ‘आप’ के राष्ट्रीय संयोजक ने कहा कि पटियाला के काली माता मंदिर का करीब 80 करोड़ रुपये की लागत से पूरी तरह पुनर्विकास किया जा रहा है। यह कार्य लगभग 10 अक्टूबर के आसपास शुरू हो जाएगा। उन्होंने कहा कि वहां एक भव्य और आकर्षक मंदिर का निर्माण किया जाएगा। उन्होंने कहा कि माता काली के प्रति लोगों की गहरी आस्था है और श्रद्धालुओं को कम से कम एक बार माता काली के दर्शन कर उनका आशीर्वाद अवश्य लेना चाहिए।
‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ पहल के संबंध में अरविंद केजरीवाल ने कहा कि आज फगवाड़ा में भगवान शिव को समर्पित भजन संध्या का आयोजन किया गया है। इसी तरह पंजाब के 23 शहरों में ‘एक शाम भगवान शिव के नाम’ भजन संध्याएं आयोजित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब की ‘आप’ सरकार सनातन धर्म के लिए अनेक कार्य कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान और वे स्वयं इन भजन संध्याओं में शामिल होते हैं तथा मुख्यमंत्री मान इन पहलों से सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं।
अरविंद केजरीवाल ने कहा, ‘‘आज तक किसी भी पार्टी या सरकार ने सनातन धर्म के लिए उतना काम नहीं किया, जितना ‘आप’ सरकार कर रही है।’’
इस दौरान मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि उन्हें खुशी है कि इतनी बड़ी संख्या में लोग इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि जनता की यह उपस्थिति राज्य सरकार को और अधिक उत्साह एवं समर्पण के साथ लोगों की सेवा करने के लिए प्रेरित करती है।
पंजाब की एकता और सांप्रदायिक सद्भाव की भावना को रेखांकित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब ऐसी उपजाऊ धरती है, जहां नफरत के बीज के अलावा हर बीज पनप सकता है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में आपसी भाईचारे की भावना बहुत मजबूत है, क्योंकि यहां लोग सभी त्योहार मिल-जुलकर मनाते हैं।
पंजाब की सांप्रदायिक सद्भावना और स्वतंत्रता की परंपरा पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘पंजाब सांप्रदायिक सद्भाव और स्वतंत्रता की धरती है तथा विभाजनकारी ताकतें यहां कभी सफल नहीं हो सकतीं। भले ही आज का कार्यक्रम भगवान शिव को समर्पित है, लेकिन इसमें सभी धर्मों के लोग शामिल हो रहे हैं। यह पंजाब की एकता और भाईचारे की भावना को दर्शाता है।’’
आम लोगों के हित में उठाए गए कदमों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सार्वजनिक सुविधाओं को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए राज्य सरकार ने 19 टोल प्लाजा बंद किए हैं, जिसके परिणामस्वरूप आम लोगों के प्रतिदिन करीब 70 लाख रुपये की बचत हो रही है।
युवाओं, परिवारों, किसानों और बुनियादी ढांचे के कल्याण के लिए सरकार की पहलों का उल्लेख करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं को 69,000 से अधिक सरकारी नौकरियां पारदर्शी तरीके से दी गई हैं। उन्होंने कहा कि 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है, किसानों को दिन के समय बिजली उपलब्ध करवाई जा रही है, करीब 44,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण किया जा रहा है तथा जनकल्याण के लिए कई अन्य पहल भी की जा रही हैं।
सिंचाई सुविधाओं के संबंध में मुख्यमंत्री ने कहा कि नहर सिंचाई व्यवस्था में सुधार किया गया है और कृषि क्षेत्र के लिए राज्य में नहरी पानी की कोई कमी नहीं है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि 1 जुलाई से महिलाओं को सीधे उनके बैंक खातों में राशि मिलनी शुरू हो गई है। ‘मावां-धीयां सत्कार योजना’ के तहत प्रत्येक महिला 1,000 रुपये प्रति माह तथा अनुसूचित जाति समुदाय से संबंधित महिलाओं को 1,500 रुपये प्रति माह की राशि दी जा रही है। यह राशि सीधे बैंक खातों में हस्तांतरित की जा रही है तथा पहले से सामाजिक सुरक्षा पेंशन प्राप्त कर रही महिलाएं भी इस योजना के लिए पात्र होंगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब की 97 प्रतिशत महिलाएं इस योजना का लाभ उठा रही हैं और राज्य सरकार ने बजट में इसके लिए 9,300 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है।
जनकल्याण के लिए राज्य सरकार की प्रतिबद्धता दोहराते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि राज्य सरकार पंजाब के लोगों की भलाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और इस दिशा में कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।
इस अवसर पर लोकसभा सदस्य डॉ. राज कुमार चब्बेवाल सहित अन्य नेता भी उपस्थित रहे।
Punjab
आप नेता बलतेज पन्नू ने तख्त श्री हजूर साहिब में सुखबीर बादल पर हमले की कोशिश की निंदा की
आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने आज तख्त श्री हजूर साहिब में शिरोमणि अकाली दल के प्रधान सुखबीर सिंह बादल पर हमले की कोशिश की कड़ी निंदा की और कहा कि ऐसी घटना नहीं होनी चाहिए, खासकर गुरुद्वारा साहिब में।
घटना की निंदा करते हुए आप पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने कहा, “हमले की कोशिश की कड़ी निंदा की जानी चाहिए। किसी भी धार्मिक संस्था में ऐसी हिंसा के लिए कोई जगह नहीं है, और गुरुद्वारों की पवित्रता और गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए।”
इसके साथ ही, बलतेज पन्नू ने कहा, “शिरोमणि अकाली दल (बादल) को 2015 की बेअदबी की घटनाओं को लेकर सिख समुदाय में अभी भी मौजूद भावनाओं को समझने की ज़रूरत है। अकाली दल ने पंथ के नाम पर वोट मांगकर पांच बार सरकार बनाई, लेकिन उसकी सरकार के दौरान 2015 में कई जगहों पर श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी की घटनाएं हुईं।”
इन घटनाओं के बाद हुए विरोध प्रदर्शनों का ज़िक्र करते हुए, बलतेज पन्नू ने कहा, “जब लोग बेअदबी के खिलाफ शांति से विरोध करने निकले, तो उन पर पानी की बौछारें की गईं और गोलियां भी चलाई गईं, जिसमें दो सिखों की जान चली गई।” उन्होंने कहा, “उन घटनाओं का दर्द और गुस्सा आज भी सिखों के मन में है। इस भावना को समझने की ज़रूरत है।”
अपनी बात दोहराते हुए बलतेज पन्नू ने कहा, “जबकि किसी व्यक्ति पर हमले की कोशिश की निंदा की जानी चाहिए, अकाली दल को भी 2015 की घटनाओं से पैदा हुई भावनाओं और शिकायतों को मानना चाहिए।”
बलतेज पन्नू ने कहा, “गुरुद्वारा साहिब की गरिमा का सम्मान किया जाना चाहिए और किसी भी धार्मिक स्थान पर हिंसा की ऐसी कोई घटना नहीं होनी चाहिए।”
Punjab
’सड़क सुरख्या फोर्स’ एआई, ड्रोन और सैटेलाइट तकनीक से पंजाब को भारत का रोड सेफ्टी हब बनाएगा
पंजाब पुलिस न केवल अपराधियों से प्रदेशवासियों की सुरक्षा सुनिश्चित कर रही है, बल्कि अपनी प्रमुख परियोजना ‘सड़क सुरख्या फोर्स’ (एसएसएफ) के माध्यम से सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में भी नए मानक स्थापित कर रही है, जो कि यात्रियों की जान बचाने के लिए समर्पित हाईवे पेट्रोल बल है और यह ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी और एआई-संचालित पूर्वानुमान प्रणालियों को एकीकृत कर पंजाब पुलिस को भारत का पहला 3डी पुलिस बल बनाने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
समर्पित हाईवे पेट्रोल बल का प्रभाव उन सड़कों पर स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है, जहाँ इसकी तैनाती है। फरवरी 2024 से जनवरी 2026 तक, एसएसएफ ने 43,983 सड़क दुर्घटनाओं में पहुँचकर कुल 47,386 लोगों की मदद की। इन कार्रवाइयों के दौरान, 19,973 लोगों को मौके पर प्राथमिक उपचार दिया गया, जबकि 27,413 घायल व्यक्तियों को अस्पताल पहुँचाया गया; जिससे तत्काल आपातकालीन प्रतिक्रिया और चिकित्सीय सहायता के माध्यम से लोगों की जान बचाने में महत्त्वपूर्ण योगदान मिला।
हाईवे सुरक्षा के लिए समर्पित बल के रूप में स्थापित पंजाब एसएसएफ का ध्यान विशेष रूप से निर्धारित हाईवे और प्रमुख सड़कों पर पेट्रोलिंग पर केंद्रित है। पारंपरिक पुलिस व्यवस्था के विपरीत, एसएसएफ के जवानों को नियमित कानून-व्यवस्था संबंधी ड्यूटी के लिए नहीं लगाया जाता। उनका प्राथमिक दायित्व सड़क सुरक्षा, तत्काल प्रतिक्रिया और दुर्घटना पीड़ितों को सहायता प्रदान करना है।
इस बल के पास 144 हाई-टेक वाहन और 1,600 से अधिक विशेष रूप से प्रशिक्षित कर्मी हैं, जिनमें लगभग 28 प्रतिशत महिला पुलिसकर्मी हैं। टीमों को महत्त्वपूर्ण राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों और प्रमुख ज़िला सड़कों के 4,100 किलोमीटर क्षेत्र में प्रत्येक 30 किलोमीटर पर रणनीतिक रूप से तैनात किया गया है। एसएसएफ की टीमें दुर्घटनाओं पर औसतन 6 से 10 मिनट में प्रतिक्रिया देती हैं, जो वैश्विक मानकों की तुलना में काफ़ी तेज़ है।
‘प्लैटिनम 10 मिनट’ के सिद्धांत पर आधारित, एसएसएफ कर्मी का लक्ष्य दुर्घटना पीड़ितों तक छह से आठ मिनट के भीतर पहुँचना है, ताकि एंबुलेंस या अस्पताल की चिकित्सा सहायता पहुँचने से पहले उन्हें तत्काल चिकित्सीय सहायता दी जा सके। एसएसएफ के वाहनों में स्पीड गन, एल्कोमीटर (ब्रेथलाइज़र), ई-चालान मशीनें, डैश कैम और प्राथमिक उपचार किट जैसी सुविधाएँ उपलब्ध हैं।
इस संबंध में, पंजाब के डीजीपी( डायरेक्टर जनरल ऑफ़ पुलिस) गौरव यादव ने कहा, “कर्मियों को क्रैश इन्वेस्टिगेशन और आपातकालीन चिकित्सा प्रतिक्रिया सहित विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। पिछले दो वर्षों की रिपोर्ट लगातार दर्शाती है कि एसएसएफ की निगरानी वाले विशिष्ट हाईवे मार्गों पर सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों में 45-48 प्रतिशत की भारी कमी आई है। ऐसे एसएसएफ-तैनात मार्गों पर मौतों की संख्या 2023 में 1,955 से घटकर 2024 में 1,016 रह गई। इसका अर्थ है कि लगभग एक वर्ष में इन विशिष्ट मार्गों पर करीब 940 लोगों की जान बचाई गई।”
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 27 जनवरी 2024 को जालंधर में एसएसएफ का औपचारिक शुभारंभ किया था। पंजाब में सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों की उच्च दर को देखते हुए इस बल का गठन किया गया था, जहाँ प्रतिदिन औसतन 17-18 लोगों की सड़क दुर्घटनाओं में मौत हो रही थी।
सड़क सुरक्षा के अलावा, एसएसएफ की टीमों ने पुलिस कार्रवाई और लोगों की मदद में भी योगदान दिया है। टीमों ने 6 किलोग्राम अफीम और चोरी के वाहन बरामद किए हैं तथा नकदी और सोना उनके असली मालिकों को लौटाने में भी मदद की है। टीमों ने 12 से अधिक आत्महत्याओं को रोकने, स्कूली बच्चों की सहायता करने तथा देर रात यात्रा करने वाली महिलाओं और पर्यटकों की मदद करने में भी महत्त्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
फेज़-II में एसएसएफ का विस्तार
इस बीच, फेज़-II विस्तार के तहत एसएसएफ का कवरेज मौजूदा 5,500 किलोमीटर से बढ़ाकर 6,000 किलोमीटर राज्य सड़कों तक किया जाएगा। लंबी अवधि की योजना विजन एसएसएफ-2047’ का उद्देश्य सैटेलाइट डेटा, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, ड्रोन और जियोस्पेशियल तकनीकों को एकीकृत करते हुए एक समग्र सड़क सुरक्षा तंत्र विकसित करना है।
प्रस्तावित 3डी पुलिसिंग मॉडल में ड्रोन, सैटेलाइट इमेजरी और एआई-संचालित पूर्वानुमान प्रणालियों को एकीकृत किया जाएगा, जिससे वास्तविक समय में स्थिति की जानकारी प्राप्त करने, संभावित ज़ोखिमों का पूर्वानुमान लगाने और पुलिस की तत्काल प्रतिक्रिया में सहायता मिलेगी, जिससे यातायात एवं सड़क सुरक्षा पुलिसिंग को अधिक व्यापक और प्रभावी बनाने में मदद मिलेगी।
डीजीपी ने कहा, “आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और सैटेलाइट डेटा को डिजिटल एनफोर्समेंट के साथ एकीकृत करने के उद्देश्य से ‘विजन एसएसएफ-2047’ में सड़क दुर्घटनाओं को न्यूनतम स्तर पर लाना, पूरी तरह हरित मोबिलिटी कॉरिडोर विकसित करना और पंजाब रोड सेफ्टी एंड ट्रैफिक रिसर्च सेंटर (पीआरएसटीआरसी) के तहत क्षेत्रीय अनुसंधान केंद्र स्थापित करना शामिल है।”
डीजीपी ने कहा, “इस परियोजना का एकमात्र लक्ष्य विज्ञान, प्रणालियों और आपसी समन्वय के माध्यम से पंजाब को भारत का रोड सेफ्टी हब बनाना है। पंजाब पुलिस घटना मानचित्रण, यातायात जाम का पूर्वानुमान और आपदा प्रबंधन के लिए सैटेलाइट संचार और जियोस्पेशियल डेटा का उपयोग करेगी। एसएसएफ पहले ही भारत का हाईवे सुरक्षा के लिए समर्पित पहला बल बन चुका है।”
उन्होंने आगे कहा, “पंजाब सरकार के नेतृत्व में, राज्य ने हाईवे सुरक्षा के लिए भारत का पहला विशेष बल स्थापित किया और सड़क सुरक्षा प्रदान करने के तरीके को बदल दिया। हम तत्काल प्रतिक्रिया, पेशेवर प्रशिक्षण और सेवा-प्रथम दृष्टिकोण पर भरोसा करते हैं। हम इसे अपने स्वयं के जियोसिंक्रोनस नैनो या माइक्रो सैटेलाइट के साथ एकीकृत करने की संभावनाओं का भी पता लगा रहे हैं।”
एसएसएफ परियोजना विभिन्न इकाइयों के माध्यम से संचालित हो रही है, जिसमें इंटेलिजेंट ट्रांसपोर्ट मैनेजमेंट सिस्टम (आईटीएमएस) तकनीकी आधार के रूप में कार्य करता है। यह एआई, आईओटी सेंसर और रियल-टाइम एनालिटिक्स को एकीकृत करते हुए ऑटोमेटेड एनफोर्समेंट, स्मार्ट सर्विलांस और डेटा-आधारित ट्रैफिक प्लानिंग को सक्षम बनाता है।
ऑटोमैटिक नंबर प्लेट रिकॉग्निशन (एएनपीआर) आधारित एनफोर्समेंट, प्रेडिक्टिव एनालिटिक्स और मोबाइल इंटरसेप्टर के माध्यम से पुलिस ने दुर्घटनाओं पर प्रतिक्रिया देने का औसत समय सात मिनट से कम कर लिया है। ‘रोड सेफ्टी पंजाब’ विजन के तहत 7E फ्रेमवर्क—इंजीनियरिंग, एनफोर्समेंट, एजुकेशन, इलेक्ट्रॉनिक्स, इमरजेंसी केयर, एंगेजमेंट और इवैल्यूएशन—के माध्यम से यातायात प्रबंधन में बदलाव किया जा रहा है। यह रणनीति अनुमान और व्यक्तिगत अनुभव पर आधारित प्रबंधन से हटकर साक्ष्य-आधारित और तकनीक-संचालित दृष्टिकोण की ओर बदलाव को दर्शाती है।
दूसरी ओर, पीआरएसटीआरसी अनुसंधान, परामर्श और प्रशिक्षण का नेतृत्व करता है। इसे शिक्षा जगत, उद्योग और नागरिक समाज से जुड़े रिसर्च एडवाइजरी ग्रुप्स (आरएजी) का सहयोग प्राप्त है। आईआईटी, एनआईटी, प्लाक्षा यूनिवर्सिटी, जीएनडीईसी लुधियाना और जीएनडीयू अमृतसर जैसे प्रमुख शिक्षण संस्थानों के साथ सक्रिय सहयोग के माध्यम से पीआरएसटीआरसी क्षेत्रीय उत्कृष्टता केंद्रों के लिए एक अम्ब्रेला संगठन के रूप में कार्य कर रहा है। यह साझा डेटा, संयुक्त परियोजनाओं और इंटर्नशिप के माध्यम से इनोवेशन को बढ़ावा दे रहा है।
अन्य राज्यों की तुलना में, उपलब्ध आंकड़े यह दर्शाते हैं कि हाईवे सुरक्षा, तकनीक के इस्तेमाल और जन-जवाबदेही तंत्र को लेकर राज्यों के दृष्टिकोण में महत्त्वपूर्ण अंतर है। एसएसएफ की संरचना अन्य राज्यों के मॉडलों से अलग है, जैसे कि, महाराष्ट्र हाईवे पुलिस मौजूदा राज्य पुलिस की एक अत्याधुनिक और प्रभावी शाखा है, न कि एक अलग बल।
डीजीपी ने कहा, “सफलता केवल नए वाहनों की वजह से नहीं है, बल्कि यह कार्रवाई से सेवा की ओर सोच में आए बदलाव का परिणाम है।”
इस बीच, एसडीजीपी (ट्रैफिक एवं रोड सेफ्टी, पंजाब) अमरदीप सिंह राय ने कहा, “नियमित पुलिसकर्मियों को कानून-व्यवस्था के लिए प्रशिक्षित किया जाता है, जिसके लिए अलग और व्यापक कौशल की आवश्यकता होती है।दूसरी ओर, एसएसएफ को स्पष्ट और सर्वोच्च प्राथमिकता—लोगों की जान बचाना—के साथ विशेष प्रशिक्षण दिया गया है। एसएसएफ कर्मियों को आपातकालीन प्रतिक्रिया और प्राथमिक उपचार के लिए विशेष प्रशिक्षण मॉड्यूल से प्रशिक्षित किया गया है, जिसमें रेड क्रॉस द्वारा दिया गया प्रशिक्षण भी शामिल है और उन्हें ‘क्रैश इन्वेस्टिगेशन’ का प्रशिक्षण भी दिया गया है। पूरा बल एक ही अवधारणा—‘प्लैटिनम 10 मिनट’—के इर्द-गिर्द बनाया गया है, जिसके तहत दुर्घटना पीड़ित तक छह से आठ मिनट के भीतर पहुँचकर एंबुलेंस या अस्पताल की सहायता पहुँचने से पहले उसे तत्काल चिकित्सीय सहायता प्रदान करना अनिवार्य है।”
उन्होंने आगे कहा, “इसके अलावा, एसएसएफ कर्मियों को वीआईपी ड्यूटी के लिए नहीं लगाया जाता और न ही स्थानीय कानून-व्यवस्था से जुड़े कार्यों के लिए उनकी ड्यूटी बदली जाती है। उनका एकमात्र प्रमुख प्रदर्शन संकेतक (की परफ़ॉर्मेंस इंडिकेटर) सड़क सुरक्षा और पीड़ितों को सहायता प्रदान करना है।”
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