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Punjab सरकार के विधायकों ने खोली पोल, परिवहन नीति के अभाव पर सवाल उठाया तो किसी ने जे.ई

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आज Punjab के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पार्टी के कुछ सदस्य खुश नहीं थे और उन्होंने उनके और उनके मंत्रियों की बातों में कुछ गड़बड़ियां बताईं। ऐसा लगा कि वे उनका साथ देने के बजाय विरोधी टीम की तरह काम कर रहे थे। उनमें से कुछ ने बताया कि परिवहन के लिए कोई अच्छी योजना नहीं है, तो कुछ ने एक कार्यकर्ता का जिक्र किया जिसने दावा किया कि वह मुख्यमंत्री से ज्यादा महत्वपूर्ण है। कुछ सदस्यों ने तो यहां तक ​​कहा कि ढाई साल में कोई नई सड़क नहीं बनी। हाल ही में गुरप्रीत गोगी नाम के एक सदस्य ने अपने इलाके में एक प्रोजेक्ट शुरू करके सबके लिए आवाज उठाई।

आज बड़ी बैठक के दौरान आम आदमी पार्टी के कुछ सदस्य अपनी सरकार की उन बातों के बारे में बात कर रहे थे जो उन्हें पसंद नहीं हैं। बैठक के प्रभारी श्री कुलतार सिंह संधवान को बीच में आकर सभी को शांत करना पड़ा।

एक बैठक में कुंवर विजय प्रताप सिंह नाम के एक व्यक्ति ने बताया कि अमृतसर में पानी और सीवेज की समस्या ने लोगों के जीवन को कितना मुश्किल बना दिया है। उन्होंने कहा कि यह रहने के लिए बहुत ही भयानक जगह है। सरकार के मंत्री बलकार सिंह ने जवाब देते हुए बताया कि अमृतसर में हालात बेहतर बनाने के लिए सरकार क्या करने की कोशिश कर रही है। लेकिन कुंवर ने बताया कि उन्होंने छह महीने पहले भी यही सवाल पूछा था और उन्हें भी यही जवाब मिला था, जिससे उन्हें लगा कि वाकई कुछ नहीं बदला है।

उन्होंने बताया कि नागेंद्र नाम के एक कार्यकर्ता के पास मुख्यमंत्री से ज़्यादा ताकत है, जो उन्हें अजीब लगा। मंत्री ने कार्यकर्ताओं का बचाव करते हुए कहा कि वे सिर्फ़ सरकार के आदेशों का पालन कर रहे हैं और वे उतने ताकतवर नहीं हैं जितना लोग सोचते हैं। तलवंडी साबो की स्थानीय नेता प्रो. बलजिंदर कौर ने कुछ अहम खबरें साझा कीं। उन्होंने कहा कि उनके इलाके में एक नई तेल फैक्ट्री, जिसे रिफाइनरी कहा जाता है, बनाई गई है। फैक्ट्री की वजह से हवा और पानी गंदा हो रहा है, जो लोगों और जानवरों के लिए अच्छा नहीं है। उन्होंने यह भी बताया कि कुछ बड़े ट्रक चालक छोटे ट्रक चालकों का फ़ायदा उठा रहे हैं और उनसे पैसे मांग रहे हैं, उनका कहना है कि उन्हें कुछ दबंग लोगों को टैक्स देना पड़ता है।

उन्होंने इन समस्याओं के बारे में मुख्यमंत्री भगवंत मान से बात की और बताया कि रिफाइनरी अपने पैसे से समुदाय की उतनी मदद नहीं कर रही है जितनी उसे करनी चाहिए। डेराबस्सी क्षेत्र के नेता कुलजीत सिंह रंधावा ने वहां की कुछ समस्याओं के बारे में बात की। उन्होंने कहा कि यहां बहुत सारे बिजली के खंभे हैं, जो हर दिन दुर्घटनाओं का कारण बन रहे हैं। उनका मानना ​​है कि ऊर्जा मंत्री को इन खंभों को सुरक्षित स्थान पर ले जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि डेराबस्सी की सड़कें बहुत खराब हैं और उन्हें ठीक करने की जरूरत है, क्योंकि लोग इससे परेशान हैं। वह चाहते हैं कि मंत्री सड़कों की मरम्मत करवाने में मदद करें।

आज, गुरलाल घनौर नामक एक प्रसिद्ध पहलवान बहुत परेशान हो गया और उसने लालजीत भुल्लर नामक एक सरकारी नेता को थप्पड़ मार दिया। गुरलाल अपने क्षेत्र में कुछ गुम हुए पैसों के बारे में सवाल पूछ रहा था और वह जानना चाहता था कि उसमें से कितना पैसा मिला है। मंत्री कहते रहे कि वे इसे ढूंढ लेंगे, लेकिन गुरलाल जानना चाहता था कि उन्हें अब तक कितनी रकम मिली है। जब बैठक के प्रभारी व्यक्ति ने देखा कि मंत्री जवाब नहीं दे पा रहे हैं, तो उन्होंने कहा कि मंत्री बाद में गुरलाल को जानकारी भेज देंगे।

रोपड़ के नेता दिनेश चड्ढा ने एक सरकारी अधिकारी से कुछ पैसे के बारे में पूछा, जो महत्वपूर्ण सांस्कृतिक चीजों की देखभाल में मदद करने के लिए एकत्र किए जाने थे। वह जानना चाहते थे कि 2013 से अब तक उन्होंने कितना धन एकत्र किया है और यह भी कि उनके कार्यस्थल के निकट महाराजा रणजीत सिंह के सम्मान में बनाए गए विशेष स्थान से कितना धन आया है।

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धनौला पुलिस की बड़ी कार्रवाई: नकली पुलिस बनकर ठगी करने वाले 3 आरोपी गिरफ्तार

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पंजाब के बरनाला जिले में धनौला पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए नकली पुलिस कर्मी बनकर लोगों को ठगने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से पुलिस की वर्दी और एक इनोवा कार भी बरामद की गई है।

जानकारी के अनुसार, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ लोग पुलिस की वर्दी पहनकर भोले-भाले लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देकर ठगी कर रहे हैं। इस सूचना के आधार पर धनौला पुलिस ने नाका लगाकर चेकिंग शुरू की।

चेकिंग के दौरान पुलिस ने एक इनोवा कार को रोका, जिसमें तीन व्यक्ति पुलिस की वर्दी में बैठे हुए थे। शक होने पर पूछताछ की गई, जिसके बाद उन्हें मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान संदीप कुमार (चक्क महंता वाला), अजय (मुनके उताड़) और गुरप्रीत सिंह (मुनके उताड़) के रूप में हुई है। तीनों आरोपी फिरोजपुर जिले के रहने वाले हैं।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना धनौला में विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। उन्हें अदालत में पेश कर रिमांड हासिल किया गया है और आगे की जांच जारी है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ के दौरान इस गिरोह से जुड़े और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।

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राजनेताओं ने अपने नेताओं के नाम पर भव्य स्मारक बनाए, लेकिन शहीद-ए-आज़म भगत सिंह को नजरअंदाज किया: CM भगवंत मान

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शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहादत दिवस पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए कहा कि यह दिन देश के लिए दी गई उनकी महान कुर्बानी को याद करने का अवसर है। उन्होंने कहा कि शहीदों के आदर्शों पर चलकर ही एक मजबूत और खुशहाल पंजाब का निर्माण किया जा सकता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं, बल्कि उनके विचारों और अन्याय के खिलाफ संघर्ष की भावना को आगे बढ़ाने का संकल्प लेने का दिन है। उन्होंने शहीदों को भारत रत्न न दिए जाने पर भी सवाल उठाया और कहा कि अगर देश की बागडोर आजादी के शुरुआती वर्षों में ऐसे नौजवानों के हाथ में होती, तो भारत की तस्वीर अलग होती।

उन्होंने कहा कि शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव की शहादत हमें अन्याय और अत्याचार के खिलाफ डटकर खड़े होने की प्रेरणा देती है। समाज से बुराइयों को खत्म करना हर नागरिक का कर्तव्य है।

शिक्षा पर जोर देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गरीबी और सामाजिक बुराइयों को खत्म करने का सबसे बड़ा हथियार शिक्षा है। पंजाब सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है और बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शहीदों ने सत्ता या लाभ के लिए नहीं, बल्कि देश की आजादी के लिए अपनी जान न्यौछावर की। उनकी कुर्बानी के कारण ही आज हमें वोट देने का अधिकार मिला है, इसलिए हर नागरिक को अपने मताधिकार का सही उपयोग करना चाहिए।

उन्होंने कहा कि पंजाब ने देश की आजादी और एकता के लिए सबसे अधिक कुर्बानियां दी हैं। देश की कुल आबादी का केवल 2% होने के बावजूद, आजादी की लड़ाई में 80% शहीद पंजाब से थे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार शहीदों की विरासत को संभालने और उनके सपनों का पंजाब बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि हुसैनीवाला में 24.99 करोड़ रुपये की लागत से ‘विरासत प्रोजेक्ट’ शुरू किया जा रहा है, जिससे आने वाली पीढ़ियां शहीदों के इतिहास और बलिदान से प्रेरणा ले सकेंगी।

उन्होंने युवाओं से आह्वान किया कि वे शहीदों के रास्ते पर चलें और देश की सेवा में अपना योगदान दें। मुख्यमंत्री ने कहा कि वोट की ताकत सबसे बड़ी ताकत है और सही नेतृत्व चुनकर ही देश में असली बदलाव लाया जा सकता है।

अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार शहीद भगत सिंह के सपनों को साकार करने में कोई कसर नहीं छोड़ेगी और राज्य को तरक्की और खुशहाली की राह पर आगे बढ़ाती रहेगी।

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नशे के खिलाफ मुहिम में नया कदम: इलाज और रोजगार से युवाओं को मिल रहा दूसरा मौका

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पंजाब में नशों के खिलाफ जारी जंग अब एक नए मोड़ पर पहुंच गई है। भगवंत मान सरकार की ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ मुहिम अब केवल कार्रवाई तक सीमित नहीं रही, बल्कि इसे पुनर्वास (rehabilitation) और समाज में दोबारा जोड़ने (reintegration) तक बढ़ा दिया गया है। सरकार अब नशा तस्करी के नेटवर्क पर सख्त कार्रवाई के साथ-साथ प्रभावित लोगों को इलाज, काउंसलिंग और रोजगार के अवसर भी उपलब्ध करवा रही है, ताकि वे एक नई और बेहतर जिंदगी शुरू कर सकें।

इस बदलाव की एक मिसाल जुगराज सिंह (बदला हुआ नाम) है। कॉलेज के दिनों में वह अपने साथियों के प्रभाव में आकर नशे की लत का शिकार हो गया था। शुरुआत में केवल जिज्ञासा के तौर पर शुरू हुई यह आदत जल्द ही उसकी जिंदगी पर हावी हो गई। लेकिन अब सरकारी सहायता और काउंसलिंग के जरिए उसने खुद को संभाला है और अपनी जिंदगी को नई दिशा दी है।

जुगराज सिंह का कहना है कि अब उसका पूरा ध्यान अपनी पढ़ाई पूरी करने और अपने भविष्य को बेहतर बनाने पर है। उसने बताया कि वह अब पहले से ज्यादा आत्मविश्वासी है और उसे लगता है कि वह एक बेहतर इंसान बन गया है।

सरकार द्वारा चलाए जा रहे पुनर्वास कार्यक्रमों के तहत ऐसे युवाओं को मानसिक समर्थन, इलाज और स्किल डेवलपमेंट की सुविधा दी जा रही है। इससे वे न केवल नशे की लत से बाहर निकल रहे हैं, बल्कि समाज में दोबारा सम्मान के साथ अपनी पहचान भी बना रहे हैं।

पंजाब सरकार का मानना है कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सख्त कार्रवाई से नहीं जीती जा सकती, बल्कि इसके लिए प्रभावित लोगों को दूसरा मौका देना भी उतना ही जरूरी है। यही कारण है कि अब इस मुहिम में मानवीय दृष्टिकोण को भी शामिल किया गया है।

इस पहल के जरिए सरकार युवाओं को एक नई शुरुआत का मौका दे रही है, जिससे वे अपने जीवन को सही दिशा में ले जाकर समाज के लिए सकारात्मक योगदान दे सकें।

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