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Punjab

जय इंदर कौर ने Punjab में बिगड़ती कानून व्यवस्था को लेकर किया प्रदर्शन

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भाजपा Punjab महिला मोर्चा नामक समूह की नेता जय इंदर कौर ने अपनी टीम की कई महिलाओं के साथ मिलकर यह दिखाया कि वे पंजाब में हो रहे हिंसक अपराधों में वृद्धि से वास्तव में चिंतित हैं। आज, उन्होंने पंजाब सरकार के समक्ष अपनी चिंताओं को व्यक्त करने के लिए एक बड़ा विरोध प्रदर्शन आयोजित किया।

जय इंदर कौर ने सभी से बात की कि कैसे भयानक चीजें हो रही हैं, जैसे लोगों को दूसरों के सामने चोट पहुंचाना और उन पर हमला करना, खासकर महिलाओं पर। उन्होंने कहा कि इससे लोग डरे हुए हैं और उन्हें सरकार पर भरोसा नहीं है कि वे उन्हें सुरक्षित रखेंगी। उनका मानना ​​है कि सरकार को सभी को फिर से सुरक्षित महसूस कराने के लिए तुरंत कुछ करने की जरूरत है।

लोग बहुत परेशान थे और विरोध प्रदर्शन करने लगे क्योंकि दूसरे देश में रहने वाले एक व्यक्ति को किसी ने उसके घर में घुसकर गोली मार दी थी, जिससे वह बुरी तरह घायल हो गया था। जय इंदर कौर नाम की एक महिला ने सरकार के नेताओं से पूछा कि वे लोगों को सुरक्षित रखने पर ध्यान क्यों नहीं दे रहे हैं और मुख्यमंत्री भगवंत मान से और अधिक अपराध होने से रोकने के लिए कुछ वास्तविक करने को कहा।

उन्होंने पंजाब में कानून और व्यवस्था की स्थिति की अनदेखी करते हुए हरियाणा में फर्जी विज्ञापनों और चुनाव अभियानों पर संसाधन खर्च करने के लिए पंजाब सरकार की भी आलोचना की। उन्होंने निष्कर्ष निकाला, “भाजपा सरकार के तहत पंजाब एक जंगल राज्य में बदल रहा है और अब प्रधानमंत्री को इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।”

धरने के बाद खुशप्रीत कौर नामक एक सरकारी अधिकारी को अनुरोधों की एक सूची दी गई। वह मुख्यमंत्री भगवंत मान के लिए काम करती हैं और मोहाली शहर में भी मदद करती हैं। सूची में सरकार से लोगों को सुरक्षित महसूस कराने और यह सुनिश्चित करने के लिए त्वरित कदम उठाने के लिए कहा गया है कि हर कोई अपने घरों और पड़ोस में सुरक्षित महसूस कर सके।

भाजपा पंजाब महिला मोर्चा की जय इंदर कौर और उनकी टीम ने मुख्यमंत्री को एक पत्र दिया है। वे उनसे पंजाब में सुरक्षा और नियमों से जुड़ी समस्याओं को ठीक करने के लिए जल्दी से कुछ करने के लिए कह रही हैं, जो बदतर होती जा रही हैं।

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पंजाब सरकार के विरोध के बाद हिमाचल ने बदला रुख, बढ़े एंट्री टैक्स पर फिर होगा विचार

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एंट्री टैक्स को लेकर चल रहे विवाद के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार अब नरम रुख अपनाती नजर आ रही है। पंजाब सरकार के कड़े विरोध और प्रदर्शन के बाद हिमाचल कैबिनेट ने बढ़ाई गई एंट्री टैक्स दरों पर दोबारा विचार करने का फैसला किया है।

हिमाचल प्रदेश की कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सरकार सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद एक संतुलित और लोगों के हित में फैसला लेगी। उन्होंने संकेत दिया कि नई नीति को ज्यादा व्यावहारिक और जनहितैषी बनाने पर काम किया जा रहा है।

सरकार ने बताया कि एंट्री टैक्स से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, लेकिन अब आम जनता और व्यापारियों को ध्यान में रखते हुए इसमें सुधार की संभावनाएं देखी जा रही हैं।

इस बीच हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस मुद्दे पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से भी बातचीत की है, जिससे दोनों राज्यों के बीच समाधान निकालने की कोशिशें तेज हो गई हैं।

हालांकि, इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि पंजाब चाहे तो इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जा सकता है। वहीं विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह के फैसलों से राज्य की छवि प्रभावित हो रही है।

कुल मिलाकर, एंट्री टैक्स को लेकर दोनों राज्यों के बीच जारी तनातनी के बीच अब उम्मीद की जा रही है कि बातचीत के जरिए कोई सकारात्मक समाधान निकलेगा।

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‘मेरे लिए पूरा पंजाब एक परिवार’, लालजीत भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद CM Bhagwant Singh Mann का सख्त संदेश

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पंजाब में एक बड़े घटनाक्रम के तहत वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री Laljit Singh Bhullar को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। खास बात यह है कि गिरफ्तारी से एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने भुल्लर से मंत्री पद से इस्तीफा ले लिया था। जानकारी के अनुसार, भुल्लर ने मंडी गोबिंदगढ़ में खुद ही गिरफ्तारी दी।

इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए साफ संदेश दिया। उन्होंने लिखा, “मेरे लिए पूरा पंजाब एक परिवार है। अगर कोई भी व्यक्ति कानून का उल्लंघन करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, चाहे वह किसी भी पद पर हो या कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। हमारी सरकार किसी की भी पैरवी या सिफारिश को स्वीकार नहीं करती।”

मुख्यमंत्री ने पहले भी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट किया था कि सरकार और पार्टी में किसी भी तरह की लापरवाही या गलत काम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी दबाव के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इस कार्रवाई को सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तौर पर देखा जा रहा है, जहां कानून के सामने सभी को बराबर माना जा रहा है और किसी को भी विशेष छूट नहीं दी जा रही।

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Entry Tax को लेकर पंजाब-हिमाचल में बढ़ा विवाद, मामला Supreme Court तक ले जाएगी सरकार: Harjot Singh Bains

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एंट्री टैक्स को लेकर Punjab और Himachal Pradesh के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर पंजाब सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ किया है कि यदि जरूरत पड़ी तो मामला Supreme Court of India तक ले जाया जाएगा। पंजाब के कैबिनेट मंत्री Harjot Singh Bains ने कहा कि नेशनल हाईवे पर किसी भी तरह का एंट्री टैक्स लगाना गलत है और यह नियमों के खिलाफ है।

दरअसल, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा एंट्री टैक्स की दरों में बढ़ोतरी के बाद पंजाब में इसका विरोध तेज हो गया है। इस फैसले के खिलाफ पंजाब में धरना-प्रदर्शन भी शुरू हो चुके हैं। साथ ही, पंजाब विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाया गया है और हिमाचल द्वारा लगाए गए टैक्स को वापस लेने की मांग की जा रही है।

पंजाब सरकार इस मामले में जवाबी कदम उठाने की तैयारी भी कर रही है। जानकारी के मुताबिक, यदि हिमाचल सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती है तो पंजाब भी हिमाचल की कमर्शियल गाड़ियों पर एंट्री टैक्स लगाने पर विचार कर सकता है।

इस पूरे विवाद पर बोलते हुए आनंदपुर साहिब के विधायक और शिक्षा मंत्री Harjot Singh Bains ने कहा कि चंडीगढ़ से गुजरने वाला मार्ग एक नेशनल हाईवे है, जिस पर किसी भी राज्य का एकतरफा अधिकार नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस मुद्दे को लेकर पूरी मजबूती से खड़ी है और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।

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