Connect with us

Blog

2017 के बाद बिजली व्यवस्था में हुआ उल्लेखनीय सुधार, पहले हाल थे बहुत खराब: AK शर्मा

Published

on

Lucknow News: उत्तर प्रदेश के ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने बुधवार को दावा किया कि 2017 में सत्ता में आयी भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कार्यकाल में बिजली व्यवस्था में उत्तरोत्तर सुधार हुआ है और कमियों को दूर करने के निरंतर प्रयास किये जा रहे हैं। विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान जौनपुर की विधायक रागिनी के सवाल का जवाब देते हुये उन्होंने कहा कि सरकार प्रदेश में विद्युत व्यवस्था को सुधारने के लिए हर संभव कोशिश कर रही है। इसमें गलत बिलिंग से लेकर खराब ट्रांसफॉर्मर बदलने, जर्जर विद्युत तारों को रिप्लेस करने संबंधी कार्य शामिल हैं। बड़े पैमाने पर केंद्र सरकार की आरडीएसएस स्कीम की मदद से भी प्रदेश में विद्युत इंफ्रास्ट्रक्चर में बदलाव लाने का प्रयास किया जा रहा है।

इस दौरान उन्होंने विपक्ष पर निशाना भी साधा और कहा कि 2017 से पहले जहां हफ्तों में भी ट्रांसफॉर्मर नहीं बदले जाते थे, वहीं अब घंटों में ट्रांसफॉर्मर बदल दिए जाते हैं। अगर किसी उपभोक्ता का बिल गलत आ रहा है तो हमने कई प्लेटफॉर्म उपलब्ध कराए गए हैं, जहां वो अपनी शिकायत कर सकते हैं। वो बिलिंग काउंटर पर जाकर अपना बिल सुधार करवा सकता है, ऑनलाइन और एप के जरिए भी बिल सुधार की व्यवस्था है। उन्होने कहा “ कुछ दिन पहले ही हमने ट्रस्ट बिलिंग या सेल्फ बिलिंग की भी शुरुआत की है। इसका मतलब ये है कि हमारे विभाग की वेबसाइट पर जाकर कोई उपभोक्ता अपना कनेक्शन नंबर डालकर अपने मीटर की रीडिंग डालता है तो उसका बिल उसके मोबाइल नंबर पर एसएमएस के माध्यम से प्राप्त हो जाएगा। अगले महीने से ये व्यवस्था चालू होने जा रही है। ये बात सच है कि सभी उपभोक्ता ऑनलाइन नहीं जा सकते, उसके लिए हमने दूसरी टेक्नोलॉजी का उपयोग करते हुए एक अलग व्यवस्था दी है।”

ऊर्जा मंत्री ने कहा कि इस समय प्रदेश में एकमुश्त समाधान योजना (ओटीएस) चल रही है। इसमें हमने छोटे घरेलू उपभोक्ताओं और किसानों को सरचार्ज पर 100 प्रतिशत तक की छूट दी है। मंगलवार शाम तक इस योजना के तहत 14 लाख लोगों ने योजना का लाभ लिया है। उसमें भी यदि कोई उपभोक्ता अपना बिल लेकर आता है जिससे वह संतुष्ट नहीं है तो उसके बिल को भी सुधारने का काम किया जा रहा है। जहां तक मीटर रीडर द्वारा गलत बिल बनाने की शिकायत है तो उसको लेकर भी हमने कार्यवाही की है। इसके तहत जहां भी मीटर रीडर की गलती या लापरवाही पाई जाती है उनके खिलाफ कार्रवाई करते हुए हमने 2508 मीटर रीडरों की सेवाएं समाप्त कर दी हैं। प्रदेश में मजरों के विद्युतीकरण को लेकर पूछे गए एक सवाल पर ऊर्जा मंत्री ने कहा कि 22339 मजरे विद्युतीकरण से बाकी हैं। कुछ में आंशिक विद्युतीकरण हुआ है, कुछ पूर्ण रूप से बाकी हैं। 2017 से पहले लगभग 1.5 लाख मजरे ऐसे बाकी थे, जिसमें से 1.21 लाख मजरों का विद्युतीकरण इस सरकार ने किया है। जो 22339 मजरे बाकी हैं, उन पर हमारा पूरा ध्यान है। भारत सरकार के विद्युत मंत्री से बातचीत की जा रही है और उन्होंने आरडीएसएस योजना के तहत इसका अनुमोदन भी कर दिया है। बहुत शीघ्र इन मजरों का विद्युतीकरण हो जाएगा।

ट्रांसफॉर्मर्स की गुणवत्ता को लेकर किए गए डॉ रागिनी के प्रश्न का जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि अप्रैल 2023 से अक्टूबर 2023 तक 1 लाख 89 हजार 803 ट्रांसफॉर्मर बदले गए हैं। जहां आवश्यकता पड़ती है वहां ट्रांसफॉर्मर को उच्चीकृत किया जाता है, ऐसे 60 हजार 400 से ज्यादा ट्रांसफॉर्मर हैं। साथ ही बिल्कुल नए ट्रांसफर भी लगाए गए हैं, ऐसे 1130 ट्रांसफॉर्मर है। जौनपुर में क्षतिग्रस्त परिवर्तकों की संख्या अप्रैल 2023 से अक्टूबर 2023 तक 5759 ऐसे ट्रांसफॉर्मर बदले गए हैं। मछलीशहर में 1071 ट्रांसफॉर्मर बदले गए हैं। जौनपुर में 1170 छतिग्रस्त खंभों को बदला गया है तो मछलीशहर में 223 खंभे बदले गए हैं। 92 वर्कशॉप में ट्रांसफार्मर की मरम्मत और उनका उच्चीकरण किया जा रहा है। पहले जहां हफ्तों में भी ट्रांसफॉर्मर नहीं बदलते थे, अब घंटों में बदले जा रहे हैं। बकाया होने पर बिजली काटने के मुद्दे पर पूछे गए सवाल पर उन्होंने कहा कि हमने इस समय सिर्फ विद्युत बकाये के कारण बिजली काटने से मना किया गया है। इसके लिए हमने कई अभियान चलाए हैं। ऐसा ही एक अभियान है, फोन घुमाओ अभियान। फोन पर हम कई बार उपभोक्ताओं को उनके बकाये बिल की जानकारी देते रहते हैं। यही नहीं, टेक्नोलॉजी आधारित नई स्कीम के तहत हम एक बिल पर 7 बार एसएमएस भेज रहे हैं। इन प्रयासों का ही परिणाम है कि बिजली काटने की समस्या कम हुई है।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Blog

अमेरिका-ईरान समझौते की उम्मीदों से कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट, पेट्रोल-डीजल भी हो सकता है सस्ता!

Published

on

अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में तेजी से गिरावट दर्ज की जा रही है। अमेरिका और ईरान के बीच संभावित समझौते तथा होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए तेल आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीदों ने वैश्विक तेल बाजार को राहत दी है। इसके साथ ही भारत में भी लोगों की नजरें पेट्रोल और डीजल की कीमतों पर टिकी हुई हैं।

हाल ही में पश्चिम एशिया में तनाव और युद्ध जैसे हालात के कारण कच्चे तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई थी। इसके चलते अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उछाल देखने को मिला और इसका असर भारत समेत कई देशों के ईंधन बाजार पर भी पड़ा।

अब हालात बदलते नजर आ रहे हैं। अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत आगे बढ़ने तथा होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए तेल परिवहन सामान्य होने की संभावनाओं के चलते कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट आई है। वैश्विक बाजार में WTI कच्चा तेल घटकर 80.47 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया है, जबकि ब्रेंट क्रूड करीब 4 प्रतिशत गिरकर 83.28 डॉलर प्रति बैरल तक पहुंच गया है। वहीं इंडियन बास्केट में भी कच्चे तेल की कीमत लगभग 93.19 डॉलर प्रति बैरल दर्ज की गई है।

हालांकि विशेषज्ञों का कहना है कि भारत में पेट्रोल और डीजल की कीमतें केवल कच्चे तेल की कीमतों पर निर्भर नहीं करतीं। इनमें केंद्र और राज्य सरकारों द्वारा लगाए जाने वाले टैक्स, रिफाइनिंग लागत, परिवहन खर्च और तेल कंपनियों का मार्जिन भी शामिल होता है।

यदि कच्चे तेल की कीमतें लंबे समय तक निचले स्तर पर बनी रहती हैं और तेल कंपनियों को लागत में स्थायी राहत मिलती है, तो देश में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी देखने को मिल सकती है।

ऊर्जा क्षेत्र के विशेषज्ञों के अनुसार यदि ब्रेंट क्रूड की कीमत मौजूदा स्तर से नीचे बनी रहती है, तो आने वाले हफ्तों में पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 1 से 3 रुपये प्रति लीटर तक की कटौती संभव है। हालांकि इस संबंध में अंतिम फैसला तेल विपणन कंपनियों और सरकार की कर नीति पर निर्भर करेगा।

पेट्रोल और डीजल की कीमतों में कमी का सीधा लाभ आम लोगों को मिल सकता है। इससे परिवहन लागत कम होगी, महंगाई पर दबाव घटेगा और रोजमर्रा की वस्तुओं की कीमतों में भी स्थिरता आ सकती है। इसके अलावा हवाई किराए, लॉजिस्टिक्स और औद्योगिक उत्पादन की लागत में भी कमी आ सकती है, जिससे देश की अर्थव्यवस्था को बड़ा फायदा मिल सकता है।

अब यह देखना दिलचस्प होगा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आई यह नरमी भारतीय उपभोक्ताओं को कब और कितनी राहत दिला पाती है।

Continue Reading

Blog

अकाली दल को बड़ा झटका! मनप्रीत इयाली ‘वारिस पंजाब दे’ में हुए शामिल

Published

on

पंजाब की राजनीति में एक अहम घटनाक्रम सामने आया है। दाखा से शिरोमणि अकाली दल के विधायक मनप्रीत सिंह इयाली मंगलवार को औपचारिक रूप से ‘वारिस पंजाब दे’ संगठन में शामिल हो गए। उनके इस फैसले को पंजाब की पंथक राजनीति में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।

संगठन में शामिल होने के बाद मनप्रीत सिंह इयाली ने कहा कि उन्होंने बिना किसी शर्त और पद की अपेक्षा के इस मंच का साथ चुना है। उनका उद्देश्य पंजाब की पंथक और क्षेत्रीय ताकतों को एकजुट करना तथा राज्य से जुड़े अहम मुद्दों को मजबूती से उठाना है।

इयाली ने स्पष्ट किया कि वह फिलहाल विधायक पद से इस्तीफा नहीं देंगे। उन्होंने कहा कि कानूनी और तकनीकी रूप से वह अभी भी शिरोमणि अकाली दल के विधायक हैं। उन्होंने बताया कि ‘वारिस पंजाब दे’ फिलहाल एक सामाजिक और संगठनात्मक मंच है, न कि चुनाव आयोग में पंजीकृत राजनीतिक दल, इसलिए विधायक पद छोड़ने का कोई सवाल नहीं उठता।

उन्होंने कहा कि पंजाब के कई महत्वपूर्ण मुद्दे लंबे समय से लंबित हैं, जिनमें राज्य के पानी का मुद्दा, पंजाबी भाषी क्षेत्रों का मामला, चंडीगढ़ पर पंजाब का अधिकार और अन्य क्षेत्रीय हित शामिल हैं। इन मुद्दों को नई ऊर्जा और मजबूती के साथ उठाया जाएगा।

मनप्रीत इयाली ने कहा कि पंजाब, पंजाबी पहचान और पंथक विचारधारा को मजबूत करने के लिए समान सोच रखने वाली सभी ताकतों को एक मंच पर आने की जरूरत है। उनके इस कदम के बाद पंजाब की राजनीति में नई चर्चाएं शुरू हो गई हैं और आने वाले समय में इसके राजनीतिक असर देखने को मिल सकते हैं।

Continue Reading

Blog

पंजाब की बेटियों ने बढ़ाया देशभर में मान, अमन अरोड़ा ने किया सम्मानित

Published

on

रक्षा सेवाओं में अपने परिवार और पंजाब का नाम रोशन करने वाली होनहार बेटियों महिकप्रीत कौर और कोमलप्रीत कौर को आज चंडीगढ़ स्थित पंजाब भवन में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान कैबिनेट मंत्री एवं आम आदमी पार्टी पंजाब के अध्यक्ष अमन अरोड़ा ने सम्मानित किया।

रूपनगर जिले के पपराली गांव के एक किसान परिवार से संबंध रखने वाली महिकप्रीत कौर ने एयर फोर्स अकादमी की मेरिट सूची में पूरे देश में पहला स्थान हासिल कर पंजाब का गौरव बढ़ाया है। उनकी इस उपलब्धि को राज्य के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है।

वहीं, अमृतसर के शाहूरा गांव की रहने वाली और सैन्य परिवार से संबंध रखने वाली कोमलप्रीत कौर ने नेशनल डिफेंस अकादमी (NDA) प्रवेश परीक्षा में देशभर में 18वां रैंक हासिल कर अपनी प्रतिभा और मेहनत का परिचय दिया है।

इस अवसर पर अमन अरोड़ा ने दोनों बेटियों को बधाई देते हुए कहा कि महिकप्रीत और कोमलप्रीत पंजाब की युवा पीढ़ी, विशेषकर बेटियों के लिए प्रेरणा हैं। उन्होंने कहा कि इनकी सफलता यह साबित करती है कि पंजाब की बेटियां किसी भी क्षेत्र में पीछे नहीं हैं और अवसर मिलने पर राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी उपलब्धियां हासिल कर सकती हैं।

उन्होंने बताया कि माई भागो आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट और महाराजा रणजीत सिंह आर्म्ड फोर्सेज प्रिपरेटरी इंस्टीट्यूट से अब तक 377 से अधिक युवा देश की सशस्त्र सेनाओं में सेवाएं दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब देश का एकमात्र राज्य है, जहां लड़कियों के लिए रक्षा सेवाओं की तैयारी हेतु विशेष संस्थान संचालित किया जा रहा है।

अमन अरोड़ा ने कहा कि पंजाब सरकार का उद्देश्य युवाओं, खासकर बेटियों को रक्षा सेवाओं में आगे बढ़ने के लिए हर संभव अवसर और सहयोग उपलब्ध कराना है, ताकि वे देश सेवा के अपने सपनों को साकार कर सकें।

Continue Reading

Trending