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क्यों हुए MDH के मसाले Ban ! क्या सच में इन मसालों से होता है Cancer ?

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असली मसाले सच-सच इसके आगे के words तो आपको याद ही होंगे MDH-MDH इस punchline को बचे से बूढ़े तक सभी ने सुना है | लेकिन आज इस MDH मसाले अपने Taste को लेकर नहीं, बल्कि किसी अलग वजह से सुर्खियों में है | दरअसल, Hong Kong, Singapore , Maldives और फिर America में इस Brand के कुछ products को लेकर investigation चल रही है|

इसमें Cancer बनने वाले Chemicals के इस्तेमाल पर Allegation लगाए जा रहे हैं| हालांकि, MDH की ओर से इन Allegations को झूठा और Baseless बताया गया है| हजारों करोड़ का Business करने वाले इस मसाला brand का इतिहास बहुत पुराना है और इसके भारत में पहुंचने से लेकर मसाला किंग बनने तक की कहानी भी काफी Interesting है|

MDH Foundation

MDH मसाले की नींव आजादी से पहले रखी गई थी| Late Mahashay Dharampal Gulati के पिता Mr. Chunni Lal Gulati ने साल 1937 में सियालकोट जो अब पाकिस्तान में है वहां से कारोबार की दुनिया में अपना कदम आगे बढ़ाया था और पहले साबुन, कपड़ा, Hardware, चावल इन सभी चीजों का Business किया और फिर उन्होंने ‘महाशय डी हट्टी’ की स्थापना की थी। उस समय उन्हें देगी मिर्च वाले के नाम से पहचाना जाता था| फिर India-Pakistan Partition के वक्त इनका परिवार 1947 में दिल्ली आ गया था|

ऐसे शुरू किया व्यापार

Mahashay Dharampal Gulati ने शुरू से ही अपने पिता के व्यापार में हाथ बंटाना शुरू कर दिया था और जब Partition के वक्त ये दिल्ली आए, तो उनके पास सिर्फ 1500 रुपये थे| उन्होंने इनमें से 650 रुपये खर्च कर एक तांगा खरीदा और इसे चलाकर अपने परिवार का भरण पोषण करने लगे| इस दौरान उनके मन में अपना पारिवारिक मसाले का व्यापर करने का विचार भी उमड़ रहा था, इसके लिए उनकी तांगा चलाकर जो भी earnings होती, उसमें से एक हिस्सा बचाकर जमा करते रहते थे| जब कुछ पैसे इकठ्ठा हो गए, तो Dharampal Gulati ने दिल्ली के करोल बाग में अजमल खां रोड पर मसालों की एक छोटी दुकान खोली |

करीब दो महीने तांगा चलाकर और पैसे जुटाकर Dharampal Gulati ने ‘महाशियां दी हट्टी’ को दिल्ली में पहुंचा दिया और इसका पंजीकरण भी महाशियां दी हट्टी सियालकोट वाले के नाम से कराया गया| गुलाटी के साथ उनका पूरा परिवार अब अपने मसालों के कारोबार पर धयान देने लगा| देगी मिर्च के साथ उन्होंने हल्दी को भी इसमें शामिल कर लिया| दुकान चलने लगी, तो उन्होंने दूसरे जगहों पर दुकानें खोलना शुरू कर दिया| इसकी ब्रांच पंजाबी बाग से लेकर खारी बावली तक में खोली गई|

महाशियां दी हट्टी यानी MDH के मसालों का स्वाद लोगों की जुबान पर जैसे-जैसे चढ़ता गया इसका कारोबार भी उसी तेजी के साथ बढ़ता गया और छोटी सी दुकान से शुरू हुआ कारोबार देशभर में फैलने लगा| पहले वे मसाला किसी और से पिसवाते थे, लेकिन व्यापार बढ़ने पर उन्होंने अपनी खुद की फैक्ट्री लगा दी| आज इसकी कई फैक्ट्री, राजस्थान-पंजाब तक नहीं बल्कि Dubai से लेकर London तक हैं|

MDH मसाले महाशियान दी हट्टी Private Limited के अंतर्गत व्यापार करते हैं और देश की प्रमुख मसाला निर्माण कंपनी है| रिपोर्ट के मुताबिक, इस क्षेत्र में करीब 12 percent बाजार हिस्सेदारी MDH मसाले के पास है| Mahashay Dharampal Gulati के साल 2020 में निधन के बाद 2022 में इस मसाला ब्रांड को बेचे जाने की खबरें भी सुर्खियों में बनी थीं और इसकी डील हिंदुस्तान यूनिलीवर के साथ हो रही थी| उस
वक्त जो रिपोर्ट जारी की गई थीं, उनके मुताबिक मार्च 2022 में MDH Value 10-15 हजार करोड़ रुपये आंकी गई थी।

मुश्किलों में घिरा MDH

पाकिस्तान से निकलकर दिल्ली पहुंचा और फिर मसाला किंग बना MDH ब्रैंड आज मुश्किलों में घिरा हुआ है| पहले Hong Kong में MDH के मद्रास करी पाउडर, सांभर सांभर मसाला पाउडर और करी पाउडर पर खतरनाक कीटनाशकों के इस्तेमाल की बात कहते हुए बिक्री पर रोक लगाई गई. इनमें एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स में कीटनाशक के तौर पर इस्तेमाल किए जाने वाले एथिलीन ऑक्साइड को मिलाने की बात कही गई|

इसके बाद मालद्वीव में इसकी बिक्री रोक दी गई और अब खबर आ रही है कि अमेरिकी फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) ने MDH मसालों में इस तरह के कीटनाशक के इस्तेमाल का पता लगाने की रिपोर्ट्स के बाद अपनी जांच शुरू कर दी है. हालांकि, मसाला किंग की ओर से इन आरोपों को सिरे से खारिज किया गया है |

NOTE: News Source Social Optical

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सत्ता के लिए हिंसा के प्रयोग को कबूलना कांग्रेस का सबसे काला चेहरा दिखाता है: Baltej Pannu

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आम आदमी पार्टी (आप) पंजाब के मीडिया इंचार्ज बलतेज पन्नू ने पंजाब की पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्टल के हालिया चौंकाने वाले बयानों पर कांग्रेस नेतृत्व की “आपराधिक चुप्पी” को लेकर कड़ा हमला बोला है। भट्टल ने एक इंटरव्यू में दावा किया था कि कांग्रेस सरकार को दोबारा सत्ता में लाने के लिए उन्हें सार्वजनिक स्थानों पर बम धमाके करवाने की सलाह दी गई थी।

गुरुवार को पार्टी कार्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए बलतेज पन्नू ने कहा कि यह बेहद गंभीर और चिंताजनक है कि इंटरव्यू वायरल होने के 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बावजूद न तो राजिंदर कौर भट्टल और न ही कांग्रेस के किसी वरिष्ठ नेता ने इस बयान पर कोई स्पष्टीकरण दिया है और न ही इसकी निंदा की है। उन्होंने सवाल उठाया कि यह चुप्पी कई गंभीर संदेहों को जन्म देती है—क्या यह दावा सच है, या कांग्रेस किसी कड़वी सच्चाई को दबाने की कोशिश कर रही है?

पन्नू ने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब ऐसे खुलासे सामने आए हैं। उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के पुराने बयानों का हवाला देते हुए कहा कि उन्होंने भी युवाओं को तत्कालीन प्रधानमंत्री के सामने पेश किए जाने और बाद में मारे जाने की बात कही थी, लेकिन उन दावों की कभी निष्पक्ष जांच नहीं हुई। पन्नू ने सवाल किया कि इतने वर्षों तक सत्ता में रहने के बावजूद कैप्टन अमरिंदर सिंह ने उन युवाओं या उनके परिवारों के लिए कभी न्याय की मांग क्यों नहीं की।

भट्टल के इंटरव्यू का ज़िक्र करते हुए पन्नू ने कहा कि वरिष्ठ नेताओं, सलाहकारों या अधिकारियों द्वारा चुनाव जीतने के लिए सार्वजनिक स्थानों पर बम धमाके करवाने की सलाह देना एक अत्यंत गंभीर अपराध है। उन्होंने कहा कि पंजाब ने आतंक और अशांति के दौर में भारी कीमत चुकाई है—परिवार उजड़ गए, युवाओं की जिंदगियां खत्म हो गईं और राज्य आज भी उस दर्द से उबर रहा है। आतंकवाद को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करने का सुझाव किसी भी सूरत में माफ़ नहीं किया जा सकता।

आप नेता ने पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, विपक्ष के नेता प्रताप सिंह बाजवा और अन्य वरिष्ठ नेताओं की चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने मांग की कि कांग्रेस पंजाब की जनता को साफ़ बताए कि क्या राजिंदर कौर भट्टल सच बोल रही हैं या झूठ। अगर सच है, तो ऐसी सलाह देने वाले नेता, अफसर और सलाहकार कौन थे?

पन्नू ने इस बयान को 2017 के चुनाव से पहले हुए बम धमाकों से भी जोड़ा, जिनमें बच्चों सहित कई निर्दोष लोगों की जान गई थी। उन्होंने कहा कि यदि भट्टल का दावा सही है, तो पंजाबियों को यह जानने का पूरा अधिकार है कि क्या वे धमाके सत्ता हासिल करने की किसी बड़ी साजिश का हिस्सा थे।

पारंपरिक पार्टियों पर निशाना साधते हुए पन्नू ने कहा कि कांग्रेस और अकाली दल ने राजनीतिक स्वार्थ के लिए बार-बार एसवाईएल, चंडीगढ़, पंजाब यूनिवर्सिटी और बीबीएमबी जैसे अहम मुद्दों पर पंजाब के हितों से समझौता किया। उन्होंने कहा कि इन पार्टियों ने सच दबाकर और पंजाब के हक कुर्बान करके शासन किया, और आज उन्हीं के नेता उस काले इतिहास को उजागर कर रहे हैं।

अंत में पन्नू ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आम आदमी पार्टी ने हमेशा पंजाब के हक, सम्मान और शांति के मुद्दों पर मज़बूती से स्टैंड लिया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि पंजाब को दोबारा कभी राजनीतिक प्रयोगों की प्रयोगशाला नहीं बनने दिया जाएगा। पंजाब की शांति, भविष्य और अधिकारों के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

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77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को राष्ट्रपति ने अशोक चक्र से सम्मानित किया,यह सम्मान के अवसर पर कड़ी सुरक्षा और भव्य समारोहों के बीच औपचारिक परेड के दौरान प्रदान किया गया।

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77वें गणतंत्र दिवस पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से किया गया सम्मानित

नई दिल्ली:
आज देश 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गर्व के साथ मना रहा है। इस अवसर पर कर्तव्य पथ पर भव्य परेड का आयोजन किया गया, जहां देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वीरता और असाधारण साहस के लिए कई जांबाजों को सम्मानित किया।

इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को राष्ट्रपति ने देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया।

कर्तव्य पथ पर हुआ सम्मान समारोह

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और भव्य समारोहों के बीच औपचारिक परेड का आयोजन किया गया। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को असाधारण साहस और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान के लिए अशोक चक्र प्रदान किया।

अंतरिक्ष में भारत का गौरव

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला पिछले वर्ष जून में एक्सिओम मिशन-4 (Ax-4) के तहत अंतरिक्ष गए थे। इस मिशन के साथ वे:

  • अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय
  • और ISS का दौरा करने वाले पहले भारतीय बने

उनकी 18 दिनों की अंतरिक्ष यात्रा, 41 वर्ष पहले राकेश शर्मा की ऐतिहासिक उड़ान के बाद भारत के मानव अंतरिक्ष अभियानों में एक नई उपलब्धि मानी जा रही है।

अनुभवी फाइटर पायलट

भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला एक अनुभवी फाइटर पायलट भी हैं। उनके पास:

  • Su-30 MKI
  • MiG-21
  • MiG-29
  • Jaguar
  • Hawk
  • Dornier
  • An-32

जैसे विमानों में 2,000 घंटे से अधिक उड़ान अनुभव है।

एक्सिओम-4 मिशन में अहम भूमिका

Ax-4 मिशन अमेरिका की निजी कंपनी Axiom Space द्वारा संचालित किया गया था, जिसमें:

  • NASA
  • यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA)
  • ISRO

भी शामिल थे। मिशन के दौरान शुभांशु शुक्ला ने पायलट के रूप में कार्य करते हुए कई जटिल वैज्ञानिक प्रयोगों में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसकी वैश्विक स्तर पर सराहना हुई।

देश के लिए प्रेरणा

सफल अंतरिक्ष मिशन के बाद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला देश-विदेश में चर्चा का विषय बने और आज उनका अशोक चक्र से सम्मानित होना हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है।

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‘हमारे संविधान ने कई उतार-चढ़ाव देखे’, गणतंत्र दिवस के मौके पर लोगो बीच बोले CM योगी आदित्यनाथ।

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77वां गणतंत्र दिवस: सीएम योगी ने लखनऊ में फहराया तिरंगा, संविधान के प्रति निष्ठा का किया आह्वान

लखनऊ। 77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार, 26 जनवरी 2026 को लखनऊ स्थित मुख्यमंत्री आवास पर राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस अवसर पर उन्होंने प्रदेशवासियों को गणतंत्र दिवस की हार्दिक शुभकामनाएं दीं।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में कहा कि 26 जनवरी 1950 को भारत का संविधान लागू हुआ था। बीते 76 वर्षों की इस यात्रा में संविधान ने कई उतार-चढ़ाव देखे हैं, लेकिन इसके बावजूद “एक भारत, श्रेष्ठ भारत” के संकल्प के अनुरूप देश ने एकता और अखंडता को मजबूती दी है।

उन्होंने कहा कि उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक हर भारतीय के गौरव को आगे बढ़ाते हुए आज एक नए भारत का निर्माण हो रहा है, जिसमें भारतीय संविधान की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण रही है।

मुख्यमंत्री योगी ने कहा,
“हर भारतीय नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह संविधान के प्रति पूर्ण विश्वास, सम्मान और समर्पण के साथ कार्य करे। संविधान अनुकूल और चुनौतीपूर्ण—दोनों परिस्थितियों में देश के लिए मार्गदर्शक शक्ति रहा है।”

उन्होंने आगे कहा कि जब हम संविधान के मूल मूल्यों और उसकी भावना को बनाए रखते हैं, तब हम उन महान सपूतों का सच्चा सम्मान करते हैं, जिनके बलिदान से एक स्वतंत्र और संप्रभु भारत की नींव रखी गई।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने देश की आंतरिक और बाहरी सुरक्षा के लिए अपने प्राणों का बलिदान देने वाले सभी ज्ञात-अज्ञात वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि वे पूरी श्रद्धा के साथ उन सभी वीरों को नमन करते हैं और विनम्र प्रणाम करते हैं।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा,
“संविधान का अपमान केवल एक दस्तावेज का अपमान नहीं है, बल्कि उन महान नेताओं और स्वतंत्रता सेनानियों का अपमान है जिनके संघर्ष और बलिदान से देश आज़ाद हुआ। संविधान हमारे लिए एक पवित्र दस्तावेज है, जो हर कठिन परिस्थिति में देश को दिशा दिखाता रहेगा।”

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