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पंजाब के 5012 स्कूलों को मिलेंगे 38649 नए कंप्यूटर, मान सरकार ने की 400 करोड़ के प्रोजेक्ट की घोषणा
पंजाब के शैक्षिक इतिहास में सबसे बड़े तकनीकी सुधारों में से एक की दिशा में कदम बढ़ाते हुए पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आज पंजाब शिक्षा क्रांति के तहत 400 करोड़ रुपये के व्यापक डिजिटलीकरण प्रोजेक्ट की घोषणा की। उन्होंने कहा कि भगवंत मान सरकार द्वारा एक अभूतपूर्व परिवर्तन की शुरुआत की गई है, जो सरकारी स्कूलों को अत्याधुनिक तकनीक से लैस करने के साथ-साथ पूरे राज्य में कक्षा शिक्षण को मूल रूप से नया स्वरूप प्रदान करेगी।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने इस पहल को पंजाब के शिक्षा क्षेत्र में एक परिवर्तनकारी मील का पत्थर करार दिया। उन्होंने कहा, “यह एक ऐतिहासिक पहल है। पंजाब के सरकारी स्कूलों के इतिहास में पहले कभी भी इतने बड़े स्तर पर डिजिटल बुनियादी ढांचा प्रस्तुत नहीं किया गया। पंजाब शिक्षा क्रांति के तहत हमने पहले कक्षाओं को मजबूत किया और सीखने के परिणामों में सुधार किया। अब हम यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि प्रत्येक बच्चे की आधुनिक डिजिटल साधनों तक आसान पहुंच हो। हमारे विद्यार्थियों को केवल आज के लिए ही नहीं, बल्कि भविष्य के लिए भी तैयार होना चाहिए।”
यहां पंजाब भवन में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि इस पहल के तहत पुराने हार्डवेयर और कंप्यूटरों को बदला जा रहा है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, हाई स्कूल और मिडिल स्कूल नवीनतम डिजिटल बुनियादी ढांचे से सुसज्जित हों।
इस ऐतिहासिक पहल के बारे में जानकारी साझा करते हुए श्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “5,012 सरकारी स्कूलों को नवीनतम सॉफ्टवेयर से लैस 38,649 नए कंप्यूटर प्रदान किए जा रहे हैं। ये कंप्यूटर सभी सीनियर सेकेंडरी और हाई स्कूलों के साथ-साथ 50 प्रतिशत मिडिल स्कूलों को दिए जाएंगे, ताकि विद्यार्थियों की नवीनतम हार्डवेयर और तकनीक तक पहुंच सुनिश्चित की जा सके।”
उन्होंने बताया कि 5,000 सरकारी स्कूलों में समर्पित कंप्यूटर लैब स्थापित की जाएंगी, ताकि सभी सेकेंडरी और सीनियर सेकेंडरी सरकारी स्कूलों में पूर्ण रूप से कार्यशील कंप्यूटर लैब सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा, “इंटरएक्टिव लर्निंग को प्रोत्साहित करने के लिए हम 3,694 स्कूलों में 8,268 इंटरएक्टिव फ्लैट पैनल स्थापित कर रहे हैं। प्रत्येक सीनियर सेकेंडरी और हाई स्कूल को ये पैनल दिए जाएंगे। विद्यार्थियों की संख्या के आधार पर बड़े स्कूलों को चार, पांच या आठ यूनिट प्रदान किए जाएंगे।”
तकनीक में किए गए इस बड़े निवेश से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि डिजिटल साक्षरता और स्मार्ट लर्निंग अब केवल निजी स्कूलों तक सीमित नहीं रहेंगी, बल्कि पंजाब के सरकारी स्कूलों में हर विद्यार्थी का बुनियादी अधिकार होंगी।
इस कदम को पारंपरिक चॉकबोर्ड से तकनीक आधारित स्मार्ट कक्षाओं की ओर एक निर्णायक बदलाव बताते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा, “इस पहल के तहत पुराने कंप्यूटरों को बदला जाएगा। लंबे समय से हमारे विद्यार्थी पुराने कंप्यूटरों पर काम कर रहे थे, जो बहुत धीमे चलते थे और अभी भी माइक्रोसॉफ्ट पेंट के पुराने संस्करणों पर चल रहे थे। हम इसे स्थायी रूप से बदल रहे हैं।”
उन्होंने कहा कि इस संबंध में क्रियान्वयन पहले ही शुरू हो चुका है और यह कोई भविष्य का वादा नहीं है। उन्होंने कहा, “यह केवल भविष्य की घोषणा नहीं है; आज से ही स्कूलों में कंप्यूटरों की डिलीवरी शुरू हो चुकी है। 20 मार्च तक पंजाब के हर जिले के प्रत्येक स्कूल को अपने नए उपकरण मिल जाएंगे।”
श्री हरजोत सिंह बैंस ने दोहराया कि बड़े पैमाने पर किया जा रहा यह परिवर्तन शिक्षा पद्धति में एक संरचनात्मक बदलाव को दर्शाता है। उन्होंने कहा, “इंटरएक्टिव फ्लैट पैनलों और कंप्यूटरों का यह व्यापक बदलाव अहम भूमिका निभाएगा। यह मूल रूप से पढ़ाने, समझने और सीखने के अनुभव को बदल देगा। पंजाब शिक्षा क्रांति प्रणालीगत सुधार के बारे में है और डिजिटल कक्षाएं इसका एक महत्वपूर्ण स्तंभ हैं।”
शिक्षा मंत्री ने बताया कि स्कूल प्रमुखों को 21 फरवरी से 20 मार्च तक स्कूल स्तर पर अनबॉक्सिंग सेलिब्रेशन कार्यक्रम आयोजित करने के निर्देश दिए गए हैं, जिसमें अभिभावकों, स्कूल प्रबंधन समितियों, पंचायतों, सेवानिवृत्त शिक्षकों और पूर्व सैनिकों को इस नए डिजिटल युग की शुरुआत के साक्षी बनने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। उन्होंने कहा, “हम चाहते हैं कि पूरा समुदाय सरकारी शिक्षा प्रणाली में हो रहे इस महत्वपूर्ण बदलाव का अनुभव करे। अक्सर लोग सरकारी स्कूलों को बाहर से देखते हैं और अंदर हो रहे परिवर्तनों से अनजान रहते हैं। अभिभावकों को यह देखने दीजिए कि उनके बच्चे अपने क्षेत्र के निजी स्कूलों से भी बेहतर नवीनतम तकनीक के साथ शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। इससे हमारी सार्वजनिक शिक्षा प्रणाली में उनका विश्वास और मजबूत होगा।”
टीईटी से संबंधित योग्यताओं पर मीडिया के प्रश्न का उत्तर देते हुए हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “मैं प्रत्येक शिक्षक को आश्वस्त करना चाहता हूं। आपकी नौकरियां सुरक्षित हैं। कोई भी अपनी नौकरी नहीं खोएगा।” उन्होंने कहा कि वे 20 से 25 वर्षों से सेवा दे रहे अनुभवी शिक्षकों के बीच बढ़ रही चिंता को समझते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि कानूनी समाधान तलाशे जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि वे शिक्षक यूनियनों के निरंतर संपर्क में हैं और हम कानूनी रास्ता खोज रहे हैं। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार अपने शिक्षकों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।
इस पहल को सख्त निगरानी, सुरक्षित इंस्टॉलेशन प्रोटोकॉल और सार्वजनिक संसाधनों के पारदर्शी उपयोग के साथ लागू किया जा रहा है, ताकि जमीनी स्तर पर प्रभावी ढंग से डिजिटल परिवर्तन लाया जा सके।
पंजाब शिक्षा क्रांति के तहत सरकारी स्कूलों को पारंपरिक कक्षाओं से स्मार्ट, तकनीक आधारित शिक्षण वातावरण में परिवर्तित करते हुए भगवंत मान सरकार ने पंजाब के विद्यार्थियों को डिजिटल तैयारी में अग्रणी बनाया है और यह सुनिश्चित किया है कि वे तेजी से विकसित हो रही दुनिया में उच्च शिक्षा, रोजगार और नेतृत्व के लिए आवश्यक योग्यताओं से लैस हों।
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AAP पंजाब ने अरविंद केजरीवाल और आप नेताओं के हक में अदालत के फैसले का चंडीगढ़ में मनाया जश्न
कथित शराब घोटाले के मामले में शुक्रवार को दिल्ली की अदालत द्वारा आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और अन्य नेताओं को बरी करने के बाद, AAP पंजाब इकाई ने चंडीगढ़ स्थित पार्टी कार्यालय में बड़े उत्साह के साथ इस फैसले का जश्न मनाया।
जश्न के दौरान पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ढोल की थाप पर भांगड़ा किया और लड्डू बांटकर खुशी का इज़हार किया। इस अवसर को उन्होंने “सच और ईमानदार राजनीति की जीत” करार दिया।
वरिष्ठ नेताओं की उपस्थिति
इस जश्न में वरिष्ठ नेताओं में शामिल थे:
- हरपाल सिंह चीमा
- अमन अरोड़ा
- हरदीप सिंह मुंडियां
- हरजोत बैंस
साथ ही सैकड़ों पार्टी कार्यकर्ता भी मौजूद थे।
नेताओं का संदेश
सभा को संबोधित करते हुए नेताओं ने कहा कि अदालत के इस फैसले ने न्यायपालिका में लोगों के विश्वास को और मजबूत किया है। उन्होंने यह भी कहा कि यह फैसला AAP के शीर्ष नेतृत्व के खिलाफ राजनीति से प्रेरित आरोपों का पर्दाफाश करता है।
नेताओं ने यह स्पष्ट किया कि अदालत के इस फैसले के बाद पार्टी:
- शिक्षा क्षेत्र में सुधार
- स्वास्थ्य सुविधाओं को बेहतर बनाना
- जनकल्याण के कार्यों को तेज करना
इन सबके लिए और भी दृढ़ता से काम करने का संकल्प करेगी।
कार्यकर्ताओं की प्रतिक्रिया
AAP के कार्यकर्ताओं ने अपनी खुशी और आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला सिर्फ़ पार्टी के लिए नहीं, बल्कि लोकतंत्र के लिए भी गर्व की बात है।
“यह अदालत का फैसला हमारे नेताओं की ईमानदारी और सच्चाई की जीत का प्रतीक है।”
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‘सच की हमेशा जीत होती है’, केजरीवाल को कोर्ट से बरी किए जाने पर बोले CM भगवंत मान, बीजेपी पर भड़की AAP
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शुक्रवार को AAP संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया को एक्साइज पॉलिसी केस में कोर्ट से बरी किए जाने की तारीफ करते हुए कहा कि सच की हमेशा जीत होती है।
भगवंत मान ने एक्स पर कहा, “सच की हमेशा जीत होती है। अरविंद केजरीवाल और दिल्ली के पूर्व डिप्टी चीफ मिनिस्टर मनीष सिसोदिया को शराब स्कैम केस में दिल्ली की माननीय कोर्ट ने बरी कर दिया है। माननीय कोर्ट के इस फैसले से सच सामने आ गया है। समय के साथ, बाकी सभी मामलों में भी सच सामने आ जाएगा।”

पंजाब AAP ने बीजेपी पर साधा निशाना
पंजाब AAP प्रेसिडेंट और कैबिनेट मिनिस्टर अमन अरोड़ा ने भी दिल्ली कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और बीजेपी पर AAP को बदनाम करने के लिए सेंट्रल एजेंसियों का गलत इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। अमन अरोड़ा ने एक्स पर कहा कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया और बाकी अन्य सभी को दिल्ली के तथाकथित शराब घोटाले के झूठे, मनगढ़ंत, झूठ के पुलिंदे से माननीय कोर्ट ने बरी कर दिया है। इससे एक बार फिर साबित हो गया है कि BJP की अगुवाई वाली केंद्र सरकार की एजेंसियों ने यह सब आप की ईमानदारी की राजनीति को बदनाम करने और नुकसान पहुंचाने के लिए किया।
बता दें कि दिल्ली की एक कोर्ट ने एक्साइज पॉलिसी केस में केजरीवाल और सिसोदिया को बरी कर दिया और सीबीआई की फाइल की गई चार्जशीट पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया। दोनों नेताओं के अलावा इस मामले मेंअन्य लोगों को भी बरी कर दिया गया।
लंबे समय तक जेल में बंद थे सिसोदिया और केजरीवाल
अदालत द्वारा दोषमुक्त किए जाने से पहले करोड़ों रुपये के भ्रष्टाचार के आरोपों के कारण केजरीवाल और सिसोदिया को लंबे समय तक जेल में रहना पड़ा था। जेल जाने के बाद केजरीवाल ने दिल्ली के मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया और यह संकल्प लिया था कि वह तभी पद पर लौटेंगे जब वह निर्दोष साबित हो जाएंगे। केजरीवाल को 21 मार्च 2024 को गिरफ्तार किया गया था और उन्हें उसी वर्ष 13 सितंबर को उच्चतम न्यायालय से जमानत मिल गयी थी। वह पद पर रहते हुए गिरफ्तार होने वाले दिल्ली के पहले मुख्यमंत्री थे। पूर्व उपमुख्यमंत्री सिसोदिया को जमानत पर रिहा होने से पहले लगभग 17 महीने जेल में बिताने पड़े थे।
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क्रिकेटर Rinku Singh के पिता का निधन, नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल में ली अंतिम सांस
भारतीय क्रिकेटर रिंकू सिंह (Rinku Singh) के पिता का निधन हो गया है. उन्होंने ग्रेटर नोएडा के यथार्थ हॉस्पिटल में अंतिम सांस ली. रिंकू सिंह के पिता खचंद्र सिंह (Khachandra Singh) स्टेज-4 लिवर कैंसर से जूझ रहे थे.हाल ही में उनकी तबीयत काफी खराब हो गई जिसके बाद उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया. पिता की खराब सेहत की जानकारी मिलते ही रिंकू सिंह को टीम इंडिया का साथ छोड़ अचानक घर लौटना पड़ा.
खचंद्र सिंह कई दिनों से मैकेनिकल वेंटीलेटर सपोर्ट पर थे और उन्हें निरंतर रीनल रिप्लेसमेंट थेरेपी दी जा रही थी.
रिंकू सिंह अचानक विश्वकप के बीच में लौटे घर
टी-20 विश्वकप में टीम इंडिया के सबसे महत्वपूर्ण खिलाड़ियों में एक रिंकू सिंह को लेकर हाल ही में खबर आई थी कि वो टीम का साथ छोड़ वापस घर लौट गए हैं. मंगलवार को चेन्नई के एमए चिदंबरम स्टेडियम में टीम इंडिया का प्रैक्टिस सेशन था, लेकिन इसमें रिंकू सिंह ने हिस्सा नहीं लिया. उनके अलावा बाकी खिलाड़ी अभ्यास करते नजर आए. इसके बाद ही खबर आई कि उनके पिता काफी बीमार हैं और जिंदगी और मौत से जूझ रहे हैं. इसी कारण रिंकू को घर लौटना पड़ा है. बता दें कि 28 साल के रिंकू सिंह उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ के रहने वाले हैं.
बता दें कि रिंकू सिंह के पिता ने बेहद संघर्ष के साथ परिवार को पाला. वो गैस सिलेंडर डिलीवरी का काम करते थे.घर-घर जाकर गैस सिलेंडर पहुंचाते हुए उन्होंने अपने बेटे के सपनों को पंख दिए. रिंकू सिंह की सफलता के बाद भी उनके पिता ने यह काम नहीं छोड़ा.
रिंकू अब विश्वकप में आगे के मैच खेलेंगे या नहीं इसपर कोई अपडेट नहीं
बुधवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारतीय टीम के बल्लेबाजी कोच सितांशु कोटक ने रिंकू सिंह पर अपडेट देकर कहा था कि रिंकू के पिता की तबीयत ठीक नहीं है. इसलिए वो घर वापस चले गए. कोच ने आगे बताया कि रिंकू जल्द टीम के साथ जुड़ जाएंगे. हालांकि अब इस दुखद खबर के बाद वो कब टीम इंडिया का हिस्सा बनेंगे इसको लेकर अभी कुछ कहा नहीं जा सकता है.
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