Punjab
40 साल पुराने विवाद खत्म… मान सरकार ने उद्योगपतियों को दिया सेकंड चांस
पंजाब में लंबे समय से चले आ रहे औद्योगिक विवादों को खत्म करने की दिशा में मान सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में राज्य सरकार ने पंजाब स्मॉल इंडस्ट्रीज एंड एक्सपोर्ट कॉरपोरेशन की वन टाइम सेटलमेंट योजना लागू की है. इस योजना का मकसद उन उद्योगपतियों को राहत देना है जो पिछले चालीस वर्षों से बढ़ी हुई भूमि लागत और मूल राशि के भुगतान में असमर्थ थे.
इस OTS योजना के तहत राज्य के 1145 औद्योगिक प्लॉट धारकों को सीधी राहत मिलने जा रही है. अनुमान है कि इस योजना से उद्योगपतियों को करीब 410 करोड़ रुपये का लाभ होगा. यह योजना 31 दिसंबर 2025 तक लागू रहेगी और इसका लाभ उठाकर उद्योगपति अपने पुराने मामलों को सुलझा सकते हैं.
केवल 8 प्रतिशत ब्याज पर भुगतान
योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि डिफॉल्टर उद्योगपतियों को केवल 8 प्रतिशत साधारण ब्याज पर बकाया राशि चुकाने का अवसर दिया गया है. इसके साथ ही 100 प्रतिशत दंडात्मक ब्याज पूरी तरह माफ कर दिया गया है. यह राहत उन उद्योगपतियों के लिए भी लागू है जिनके औद्योगिक प्लॉट पहले ही रद्द हो चुके थे.
इस योजना को सेकंड चांस कहा जा रहा है क्योंकि जिन उद्योगपतियों के आवंटन पहले रद्द हो गए थे वे भी अब अपनी बकाया राशि जमा कर अपने प्लॉट दोबारा हासिल कर सकते हैं. छोटे और मध्यम उद्योगों के लिए यह फैसला जीवनदायिनी साबित हो रहा है जो आर्थिक तंगी के कारण बंद हो चुके थे.
2020 से पहले आवंटित प्लॉट शामिल
यह OTS योजना 1 जनवरी 2020 से पहले आवंटित सभी औद्योगिक प्लॉट शेड और आवासीय प्लॉट पर लागू होगी. PSIEC द्वारा विकसित सभी औद्योगिक फोकल प्वाइंट इस योजना के दायरे में आएंगे. इससे पुराने लंबित विवादों को एक साथ सुलझाने में मदद मिलेगी.
उद्योग और वाणिज्य मंत्री तरुणप्रीत सिंह सोंद ने मुख्यमंत्री भगवंत मान का आभार जताते हुए कहा कि मंत्रिमंडल की मंजूरी के सिर्फ दस दिनों के भीतर योजना की अधिसूचना जारी कर दी गई. उन्होंने कहा कि यह योजना उन उद्योगों को नया जीवन देगी जो दशकों से वित्तीय बोझ झेल रहे थे.
संजीव अरोड़ा ने बताया गेम चेंजर
राज्यसभा सांसद और पश्चिम लुधियाना से विधायक संजीव अरोड़ा ने इस योजना को गेम चेंजर बताया है. उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से उद्योगपतियों की समस्याएं सरकार के सामने रख रहे थे. इस योजना से उद्योगपतियों का भरोसा लौटेगा और वे अपने कारोबार को दोबारा खड़ा कर पाएंगे.
पंजाब के अलग अलग औद्योगिक क्षेत्रों से इस योजना को लेकर बेहद सकारात्मक प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं. लुधियाना जालंधर और मोहाली के कई उद्योगपतियों ने कहा कि यह योजना उनके लिए राहत की सांस है. वर्षों से चल रहे कानूनी विवाद अब खत्म होने की ओर हैं.
रोजगार और निवेश को मिलेगा बढ़ावा
विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना से बंद पड़ी औद्योगिक इकाइयां फिर से शुरू होंगी. इससे हजारों लोगों को रोजगार मिलेगा और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी. उद्योग संघों का कहना है कि इससे पंजाब एक बार फिर निवेशकों के लिए आकर्षक राज्य बनेगा.
इस योजना से PSIEC को भी लंबे समय से लंबित बकाया राशि मिलने की उम्मीद है. इससे निगम की वित्तीय स्थिति मजबूत होगी और वह नई औद्योगिक परियोजनाओं में निवेश कर सकेगा. यह कदम भविष्य की औद्योगिक योजनाओं के लिए भी अहम माना जा रहा है.
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पंजाब सरकार के विरोध के बाद हिमाचल ने बदला रुख, बढ़े एंट्री टैक्स पर फिर होगा विचार
एंट्री टैक्स को लेकर चल रहे विवाद के बीच हिमाचल प्रदेश सरकार अब नरम रुख अपनाती नजर आ रही है। पंजाब सरकार के कड़े विरोध और प्रदर्शन के बाद हिमाचल कैबिनेट ने बढ़ाई गई एंट्री टैक्स दरों पर दोबारा विचार करने का फैसला किया है।
हिमाचल प्रदेश की कैबिनेट बैठक में इस मुद्दे पर विस्तार से चर्चा की गई। संसदीय कार्य मंत्री हर्षवर्धन चौहान ने कहा कि सरकार सभी पहलुओं पर विचार करने के बाद एक संतुलित और लोगों के हित में फैसला लेगी। उन्होंने संकेत दिया कि नई नीति को ज्यादा व्यावहारिक और जनहितैषी बनाने पर काम किया जा रहा है।
सरकार ने बताया कि एंट्री टैक्स से जुड़ी टेंडर प्रक्रिया पहले ही पूरी हो चुकी है, लेकिन अब आम जनता और व्यापारियों को ध्यान में रखते हुए इसमें सुधार की संभावनाएं देखी जा रही हैं।
इस बीच हिमाचल के मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने इस मुद्दे पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान से भी बातचीत की है, जिससे दोनों राज्यों के बीच समाधान निकालने की कोशिशें तेज हो गई हैं।
हालांकि, इस मुद्दे पर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। पंचायती राज मंत्री अनिरुद्ध सिंह ने कहा कि पंजाब चाहे तो इस मामले को सुप्रीम कोर्ट तक ले जा सकता है। वहीं विपक्ष के नेता जयराम ठाकुर ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस तरह के फैसलों से राज्य की छवि प्रभावित हो रही है।
कुल मिलाकर, एंट्री टैक्स को लेकर दोनों राज्यों के बीच जारी तनातनी के बीच अब उम्मीद की जा रही है कि बातचीत के जरिए कोई सकारात्मक समाधान निकलेगा।
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‘मेरे लिए पूरा पंजाब एक परिवार’, लालजीत भुल्लर की गिरफ्तारी के बाद CM Bhagwant Singh Mann का सख्त संदेश
पंजाब में एक बड़े घटनाक्रम के तहत वेयरहाउसिंग कॉर्पोरेशन के मैनेजर गगनदीप सिंह रंधावा की आत्महत्या के मामले में सरकार ने कड़ी कार्रवाई करते हुए पूर्व मंत्री Laljit Singh Bhullar को गिरफ्तार कर लिया है। इस कार्रवाई के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। खास बात यह है कि गिरफ्तारी से एक दिन पहले ही मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने भुल्लर से मंत्री पद से इस्तीफा ले लिया था। जानकारी के अनुसार, भुल्लर ने मंडी गोबिंदगढ़ में खुद ही गिरफ्तारी दी।
इस पूरे मामले पर मुख्यमंत्री Bhagwant Singh Mann ने सोशल मीडिया पर प्रतिक्रिया देते हुए साफ संदेश दिया। उन्होंने लिखा, “मेरे लिए पूरा पंजाब एक परिवार है। अगर कोई भी व्यक्ति कानून का उल्लंघन करेगा, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी, चाहे वह किसी भी पद पर हो या कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो। हमारी सरकार किसी की भी पैरवी या सिफारिश को स्वीकार नहीं करती।”

मुख्यमंत्री ने पहले भी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान स्पष्ट किया था कि सरकार और पार्टी में किसी भी तरह की लापरवाही या गलत काम को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर कोई भी व्यक्ति दोषी पाया जाता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी दबाव के सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस कार्रवाई को सरकार की ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति के तौर पर देखा जा रहा है, जहां कानून के सामने सभी को बराबर माना जा रहा है और किसी को भी विशेष छूट नहीं दी जा रही।
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Entry Tax को लेकर पंजाब-हिमाचल में बढ़ा विवाद, मामला Supreme Court तक ले जाएगी सरकार: Harjot Singh Bains
एंट्री टैक्स को लेकर Punjab और Himachal Pradesh के बीच तनाव बढ़ता जा रहा है। इस मुद्दे पर पंजाब सरकार ने कड़ा रुख अपनाते हुए साफ किया है कि यदि जरूरत पड़ी तो मामला Supreme Court of India तक ले जाया जाएगा। पंजाब के कैबिनेट मंत्री Harjot Singh Bains ने कहा कि नेशनल हाईवे पर किसी भी तरह का एंट्री टैक्स लगाना गलत है और यह नियमों के खिलाफ है।
दरअसल, हिमाचल प्रदेश सरकार द्वारा एंट्री टैक्स की दरों में बढ़ोतरी के बाद पंजाब में इसका विरोध तेज हो गया है। इस फैसले के खिलाफ पंजाब में धरना-प्रदर्शन भी शुरू हो चुके हैं। साथ ही, पंजाब विधानसभा में भी इस मुद्दे को उठाया गया है और हिमाचल द्वारा लगाए गए टैक्स को वापस लेने की मांग की जा रही है।
पंजाब सरकार इस मामले में जवाबी कदम उठाने की तैयारी भी कर रही है। जानकारी के मुताबिक, यदि हिमाचल सरकार अपना फैसला वापस नहीं लेती है तो पंजाब भी हिमाचल की कमर्शियल गाड़ियों पर एंट्री टैक्स लगाने पर विचार कर सकता है।
इस पूरे विवाद पर बोलते हुए आनंदपुर साहिब के विधायक और शिक्षा मंत्री Harjot Singh Bains ने कहा कि चंडीगढ़ से गुजरने वाला मार्ग एक नेशनल हाईवे है, जिस पर किसी भी राज्य का एकतरफा अधिकार नहीं हो सकता। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार इस मुद्दे को लेकर पूरी मजबूती से खड़ी है और जरूरत पड़ने पर सुप्रीम कोर्ट में कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी।
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