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Chandigarh : 2 साल के बच्चे ने बचाई 4 लोगो की जान, बना भारत का सबसे कम उम्र का अग्नाशय दानकर्ता

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अंगदान तब होता है जब कोई व्यक्ति अपने शरीर का कोई महत्वपूर्ण अंग, जिसे अंग कहते हैं, किसी दूसरे व्यक्ति की जान बचाने के लिए दान करता है। कुछ लोग जीवित रहते हुए अंग दान कर सकते हैं, और कुछ लोग मरने के बाद ऐसा करते हैं, जिससे उन्हें हमेशा याद रखा जाता है और प्यार किया जाता है। भारत के एक खूबसूरत शहर Chandigarh में एक खास कहानी है जिसके बारे में हर कोई बात कर रहा है और प्रशंसा कर रहा है।

लुंडा कायुम्बा नाम का एक 2 वर्षीय लड़का, जिसका दुखद निधन हो गया, चंडीगढ़ के PGIMER नामक अस्पताल में अपना अग्न्याशय दान करने वाला सबसे कम उम्र का व्यक्ति बनकर लोगों की जान बचाने में मदद की है। उसके दान की वजह से, किडनी की समस्या से बहुत बीमार दो लोग अब बेहतर महसूस कर रहे हैं। एक व्यक्ति को एक ही समय में नया अग्न्याशय और किडनी मिली, जबकि दूसरे व्यक्ति को सिर्फ़ एक किडनी मिली।

प्रॉस्पर के परिवार ने उसके अंगों को दूसरों के साथ साझा करने का एक दयालु निर्णय लिया। इसका मतलब है कि उनकी उदारता की वजह से दो लोग फिर से देख सकते हैं। लुंडा कायुम्बा के परिवार की बदौलत, अब चार लोगों के पास जीने का बेहतर मौका है। यह पहली बार है जब PGIMER चंडीगढ़ में दो देशों के बीच इस तरह का दान हुआ है।

भले ही बेबी प्रॉस्पर का परिवार बहुत दुखी था, लेकिन उन्होंने दूसरों की मदद करने का एक साहसी फैसला किया। PGIMER के निदेशक, प्रोफ़ेसर विवेक लाल ने कहा कि उन्हें जो कुछ हुआ उसके लिए बहुत दुख है, लेकिन उन्होंने प्रॉस्पर के परिवार के फैसले की सराहना की। उन्होंने बताया कि यह स्थिति दिखाती है कि अंग दान करना कितना महत्वपूर्ण है। किसी को इतनी कम उम्र में खोना वाकई दुखद है, लेकिन प्रॉस्पर के अंगों को साझा करके, उसका परिवार कुछ बहुत ही दयालु काम कर रहा है जो दूसरों को जीने में मदद कर सकता है। यह दर्शाता है कि जब हम वास्तव में दुखी होते हैं, तब भी हम दूसरों के लिए कुछ अच्छा कर सकते हैं।

17 अक्टूबर को, प्रॉस्पर का एक बुरा एक्सीडेंट हुआ और उसे तुरंत अस्पताल जाना पड़ा। दुख की बात है कि 26 अक्टूबर तक डॉक्टरों ने कहा कि उसका दिमाग अब काम नहीं कर रहा है। भले ही उसके परिवार के लिए यह दुखद समाचार सुनना बहुत कठिन था, लेकिन उन्होंने प्रॉस्पर के अंगों को दान करके दूसरों की मदद करने का फैसला किया। इससे वह देश का सबसे कम उम्र का व्यक्ति बन गया जिसने अपना अग्न्याशय दान किया, जो लोगों की जान बचाने में मदद कर सकता है।

“हमें दुख तो है लेकिन राहत भी है कि हमारे बेटे के अंग दूसरों को नया जीवन देंगे। इस तरह हम उसकी यादों को ज़िंदा रख सकते हैं और दूसरों की मदद कर सकते हैं।”

प्रोफ़ेसर विवेक लाल नाम के एक डॉक्टर ने कहा कि PGIMER की एक टीम ने विशेष सर्जरी करके दो लोगों की मदद की। उन्होंने एक व्यक्ति से अग्न्याशय और एक किडनी ली और उसका इस्तेमाल दो अन्य लोगों की मदद करने के लिए किया। साथ ही, उन्होंने दूसरे व्यक्ति की आँखों से कॉर्निया लिया, जिसका मतलब है कि दो और लोग फिर से देख सकते हैं। तो, कुल मिलाकर, चार लोगों की ज़िंदगी अब बहुत बेहतर है!

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अमृतसर सीमा के पास 27 किलो हेरोइन बरामद, BSF और पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई

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पंजाब में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान सुरक्षा एजेंसियों को एक और बड़ी सफलता मिली है। अमृतसर में भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा के पास बीएसएफ और पंजाब पुलिस ने संयुक्त ऑपरेशन के दौरान 27 किलो हेरोइन की बड़ी खेप बरामद की है।

मिली जानकारी के अनुसार सुरक्षा एजेंसियों को गुप्त सूचना मिली थी कि पाकिस्तान में बैठे तस्करों ने ड्रोन की मदद से अमृतसर के घरिंडा क्षेत्र में नशीले पदार्थों की एक बड़ी खेप भेजी है। सूचना मिलते ही बीएसएफ और पंजाब पुलिस की टीमें सक्रिय हो गईं और सीमावर्ती इलाके में संयुक्त तलाशी अभियान शुरू किया गया।

तलाशी के दौरान पुल मोरां के पास संदिग्ध स्थान की घेराबंदी कर जांच की गई, जहां से 27 किलो हेरोइन बरामद हुई। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। इस कार्रवाई के साथ सीमा पार से नशा तस्करी की एक बड़ी कोशिश को नाकाम कर दिया गया है।

सुरक्षा एजेंसियां मामले की गहराई से जांच कर रही हैं। यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह खेप किसके लिए भेजी गई थी और इस नेटवर्क से जुड़े स्थानीय तस्कर कौन हैं। साथ ही ड्रोन के जरिए नशे की तस्करी करने वाले सीमा पार बैठे तस्करों के नेटवर्क की भी जांच की जा रही है।

गौरतलब है कि इससे दो दिन पहले भी अमृतसर के अजनाला-रामदास क्षेत्र में सुरक्षा एजेंसियों ने हथियार तस्करी के एक बड़े मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया था। उस कार्रवाई के दौरान 25 पिस्तौल, एक AK-47 राइफल, 360 जिंदा कारतूस, 47 मैगजीन और एक बुलेटप्रूफ जैकेट बरामद की गई थी।

सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में ड्रोन गतिविधियों और तस्करी के प्रयासों को रोकने के लिए लगातार तलाशी और निगरानी अभियान चलाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब को नशा और हथियार तस्करी से मुक्त बनाने के लिए ऐसी कार्रवाइयां आगे भी जारी रहेंगी।

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पंजाब पुलिस की बड़ी कार्रवाई, विदेशी हैंडलरों से जुड़े गैंगस्टर मॉड्यूल का भंडाफोड़

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पंजाब पुलिस को संगठित अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक और बड़ी सफलता मिली है। स्टेट स्पेशल ऑपरेशन सेल (SSOC) अमृतसर और काउंटर इंटेलिजेंस जालंधर ने एक केंद्रीय एजेंसी के साथ संयुक्त अभियान चलाकर विदेशों में बैठे हैंडलरों से जुड़े एक गैंगस्टर मॉड्यूल का पर्दाफाश किया है।

इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने गैंग के तीन सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से तीन विदेशी अत्याधुनिक पिस्तौल और भारी मात्रा में कारतूस बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार इन हथियारों का इस्तेमाल आपराधिक गतिविधियों में किया जाना था।

इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब के पुलिस महानिदेशक Gaurav Yadav ने बताया कि मामले में एसएसओसी अमृतसर थाने में एफआईआर दर्ज कर ली गई है और पूरे नेटवर्क की गहन जांच की जा रही है।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी विदेशों में बैठे गैंगस्टरों के निर्देश पर काम कर रहे थे। ये गैंगस्टर पंजाब में गैंगवार, फिरौती, हत्या और अन्य आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने के लिए अपने नेटवर्क का संचालन कर रहे थे। गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका हथियारों की सप्लाई करना, उन्हें विभिन्न स्थानों तक पहुंचाना और आपराधिक वारदातों में सहयोग करना थी।

जांच के दौरान यह भी पता चला है कि गिरफ्तार आरोपी अमृतसर में हुए एक हत्या मामले और बटाला में हत्या के प्रयास के एक मामले में भी वांछित थे। पुलिस इन मामलों में भी आरोपियों से पूछताछ कर रही है।

पंजाब पुलिस का कहना है कि मॉड्यूल से जुड़े अन्य सदस्यों, सहयोगियों और विदेशों में बैठे हैंडलरों की पहचान के लिए जांच को आगे बढ़ाया जा रहा है। साथ ही इस संगठित अपराध सिंडिकेट की पूरी कार्यप्रणाली और इसके आपराधिक नेटवर्क को उजागर करने के प्रयास जारी हैं।

पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि पंजाब में कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने की कोशिश करने वाले गैंगस्टरों और उनके नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी तथा किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।

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महाराजा रणजीत सिंह की बरसी पर 290 सिख श्रद्धालुओं का जत्था पाकिस्तान के लिए रवाना

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Shiromani Gurdwara Parbandhak Committee की ओर से आज सुबह अमृतसर स्थित एसजीपीसी मुख्यालय से सिख श्रद्धालुओं का एक जत्था शेर-ए-पंजाब Maharaja Ranjit Singh की बरसी के अवसर पर पाकिस्तान स्थित ऐतिहासिक गुरुद्वारों के दर्शन के लिए रवाना किया गया। श्रद्धालुओं को धार्मिक अरदास के बाद खालसाई जयकारों और शुभकामनाओं के साथ विदाई दी गई।

एसजीपीसी द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार इस वर्ष कुल 302 श्रद्धालुओं के पासपोर्ट वीजा के लिए भेजे गए थे, जिनमें से 290 श्रद्धालुओं को पाकिस्तान का वीजा जारी किया गया। वीजा प्राप्त सभी श्रद्धालु आज जत्थे के साथ पाकिस्तान के लिए रवाना हुए।

एसजीपीसी अधिकारियों के मुताबिक यह धार्मिक यात्रा 9 दिनों की होगी। इस दौरान श्रद्धालु पाकिस्तान में स्थित विभिन्न ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व वाले गुरुद्वारों के दर्शन करेंगे। जत्था अपनी यात्रा पूरी करने के बाद 30 जून को भारत लौटेगा।

श्रद्धालुओं में इस यात्रा को लेकर खासा उत्साह देखने को मिला। कई श्रद्धालु पहली बार पाकिस्तान में स्थित पवित्र गुरुधामों के दर्शन करने जा रहे हैं। उन्होंने इसे अपने जीवन का एक विशेष और भावुक अवसर बताया।

रवाना होने से पहले बड़ी संख्या में संगत ने जत्थे को शुभकामनाएं दीं और उनकी सुरक्षित, सफल एवं सुखद यात्रा के लिए अरदास की। श्रद्धालुओं ने भी गुरु घर के दर्शनों का अवसर मिलने पर खुशी व्यक्त करते हुए यात्रा को यादगार बताया।

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