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श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 169 गुम स्वरूप मिले, यह उपलब्धि नहीं, हमारा कर्तव्य था- भगवंत सिंह मान
माघी के पवित्र अवसर पर पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने श्री मुक्तसर साहिब का दौरा किया, जहां उन्होंने गुरुद्वारा श्री टुट्टी गंढी साहिब में माथा टेका और बड़े जनसमूह को संबोधित किया। उन्होंने श्री गुरु ग्रंथ साहिब के 169 गुमशुदा स्वरूपों के मिलने पर पंजाब सरकार का रुख दोहराया। सिख इतिहास और बलिदान से जुड़े इस दिन मुख्यमंत्री ने कहा कि स्वरूपों की बरामदगी प्राप्ति के बजाय फर्ज का मामला है।
मुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि पंजाब सरकार आगामी बजट में महिलाओं के लिए एक हजार रुपए प्रति माह सहायता योजना के लिए बजट में प्रावधान करेगी। उनकी सरकार ने पंजाब के लोगों से किए हर वादे को पूरा किया है। ‘आप’ नेताओं ने कहा कि माघी अवसर पर यहां हुआ समागम सरकार में लोगों के विश्वास को दर्शाता है।
माघी अवसर पर एक विशाल राजनीतिक सम्मेलन को संबोधित करते हुए पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि सरकार ने अब तक पंजाब के लोगों से किए हर वादे को पूरा किया है। उन्होंने कहा, “हमने लोगों से किए हर वादे का सम्मान किया है और अब हम राज्य की हर महिला को एक हजार रुपए देने की योजना शुरू करेंगे। आगामी बजट में आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। यह सरकार सभी की भलाई के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और पंजाब के लोगों से किया गया हर वादा हर हाल में पूरा किया जाएगा।”
इस पवित्र स्थान के ऐतिहासिक महत्व को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि यह धरती भाई महां सिंह जी के नेतृत्व में सिख योद्धाओं के महान बलिदान की गवाह है और समूची सिख संगत उनकी शहादत को श्रद्धांजलि अर्पित कर रही है। उन्होंने कहा, “लोग यहां राज्य भर से एकत्र हुए हैं और इस समागम का हिस्सा बनकर खुद को सौभाग्यशाली मान रहे हैं। यह पवित्र धरती और यहां हुए बलिदान दुनिया भर के हर सिख के दिल में बसते हैं और अन्याय तथा अन्याय के खिलाफ खड़े होने के लिए प्रेरित करते हैं।”
विपक्षी पार्टियों पर निशाना साधते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि पिछली सरकारें कमजोर याददाश्त से पीड़ित हैं और चुनावों के बाद पंजाब को लूटने के लिए केवल अपनी बारी का इंतजार कर रही हैं। उन्होंने कहा, “‘झाड़ू’, जो ‘आप’ का प्रतीक है, ने राजनीतिक व्यवस्था को साफ कर दिया है और इसी कारण पारंपरिक पार्टियां हैरान हैं। ये नेता मुझ पर केवल इसलिए हमला कर रहे हैं क्योंकि मैं एक साधारण परिवार से हूं, जिसे वे बर्दाश्त नहीं कर पा रहे हैं।”
लोकतंत्र में लोगों को सर्वोच्च मानते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि जनता ने अवसरवादी नेताओं को सबक सिखाने का मन बना लिया है। उन्होंने टिप्पणी की, “इस रैली में भारी समागम लोगों के सरकार और इसकी नीतियों के प्रति प्रेम और स्नेह को दर्शाता है। अन्य पार्टियां भी रैलियां कर रही हैं, लेकिन सुखबीर बादल की रैली अब तक खत्म हो चुकी होगी क्योंकि शायद ही कोई वहां गया होगा।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली दल द्वारा किराए पर ली गई बसों में लाए गए लोग भी ‘आप’ रैली में शामिल हुए हैं। उन्होंने आगे कहा कि विपक्षी दल राज्य सरकार को बदनाम करने के लिए अंधेरे में तीर चला रहे हैं और सरकार के लोगों के पक्ष में तथा पंजाब के पक्ष में रुख से ईर्ष्या कर रहे हैं। उन्होंने जोर देकर कहा, “मैं किसी भी कीमत पर पंजाब और पंजाबियों के हितों की रक्षा के लिए कोई कसर बाकी नहीं छोड़ूंगा।”
शासन की प्राथमिकताओं की ओर इशारा करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किसी भी सरकार की भूमिका बच्चों के सपनों को पंख देना होती है ताकि वे जीवन में सफलता की नई कहानियां लिख सकें। उन्होंने कहा, “मेरे द्वारा हस्ताक्षर की गई हर फाइल का उद्देश्य आम आदमी और राज्य को लाभ पहुंचाना है। 63,000 से अधिक युवाओं को भ्रष्टाचार या सिफारिश के बिना पूरी तरह योग्यता के आधार पर नौकरियां दी गई हैं। हमारी सरकार द्वारा लिया गया हर फैसला पंजाब की प्रगति और लोगों की खुशहाली पर केंद्रित है।”
जनसेवाओं को मजबूत करने के बारे में मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब पुलिस की दक्षता बढ़ाने के लिए 10,000 से अधिक नए पुलिस कर्मचारी भर्ती किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि छात्रों को पढ़ाई में सहायता के लिए कई जनसार्वजनिक लाइब्रेरियां खोली गई हैं, सभी क्षेत्रों को निर्बाध बिजली प्रदान की जा रही है और 90 प्रतिशत घरों को मुफ्त बिजली मिल रही है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि टेलों पर स्थित गांवों को भी पहली बार नहरी पानी मिला है, जिसे विपक्षी नेताओं ने कभी प्राथमिकता नहीं दी। उन्होंने कहा, “जिन्हें यह नहीं पता कि 12 को 5 से गुणा करने पर क्या परिणाम आता है, वे सत्ता में आने के दिन गिन रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि दिल्ली के लोग अब एक गलत सरकार चुनकर पछता रहे हैं, जिसने आम आदमी पार्टी के शासनकाल में लिए गए लोगों के पक्ष में फैसलों को रोक दिया है।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें अपनी दोषपूर्ण नीतियों के कारण ‘ब्रेन ड्रेन’ के लिए जिम्मेदार थीं, लेकिन जब से उनकी सरकार ने पद संभाला है, तब से ‘रिवर्स माइग्रेशन’ (वापसी) शुरू हो गई है। उन्होंने कहा, “पंजाब के समझदार, बहादुर और मेहनती लोग इन नेताओं के दोहरे चरित्र से अच्छी तरह परिचित हैं, जिन्हें वे पहले नकार चुके हैं। आज पंजाब हर क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है क्योंकि हमारी सरकार ने सर्वांगीण विकास के लिए ठोस कदम उठाए हैं, जिसमें स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली के क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल शामिल हैं।”
बुनियादी ढांचे के विकास का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 49,000 किलोमीटर से अधिक सड़कों का काम पूरे वेग से चल रहा है। महिलाओं की सहायता योजना को दोहराते हुए उन्होंने कहा कि हर महिला को एक हजार रुपये प्रति माह देने का वादा आगामी बजट के माध्यम से पूरा किया जाएगा, जैसे कि हर वादे को निभाया गया है। उन्होंने आगे कहा कि सुखबीर (बादल) दावा करते हैं कि सारा विकास उनके शासनकाल में हुआ, लेकिन उन्होंने बरगाड़ी और बहिबल कलां की बेअदबी घटनाओं को जानबूझकर अनदेखा किया।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि निजी राजनीतिक हितों के लिए धर्म का उपयोग करने से आम लोगों की मानसिकता को गहरी चोट पहुंची है और यह एक अक्षम्य अपराध है। उन्होंने कहा, “वे सिख पंथ और पंजाब की दुश्मन ताकतों से मिले हुए हैं।” उन्होंने आगे बताया कि श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी के 328 गुमशुदा स्वरूपों के मामले की जांच कर रही एसआईटी ने बंगा के पास एक धार्मिक स्थान से 169 स्वरूप मिले हैं, जिनमें से 139 का कोई सरकारी रिकॉर्ड नहीं है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “यह कोई प्राप्ति नहीं बल्कि हमारा फर्ज है।” उन्होंने आगे कहा कि स्वरूपों की छपाई करवाना शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी की जिम्मेदारी है और ऐसी संस्थाएं अकालियों के कारण अपनी ड्यूटी निभाने में असफल रही हैं। उन्होंने कहा, “ये नेता ऐसे अपराधों के लिए माफी के हकदार नहीं हैं।”
आर्थिक राहत और स्वास्थ्य देखभाल पहलों पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अब तक 19 टोल प्लाजा बंद किए जा चुके हैं, जिससे लोगों के रोजाना 64 लाख रुपए बच रहे हैं। उन्होंने आगे कहा कि पंजाब भर में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं, जो मुफ्त इलाज और दवाइयां प्रदान कर रहे हैं और जल्द ही ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू की जाएगी ताकि 10 लाख रुपए तक का कैशलेस (नकद रहित) इलाज दिया जा सके।
समागम को संबोधित करते हुए आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा कि पंजाब सरकार ने लोगों की भलाई के लिए अनुकरणीय कदम उठाए हैं। उन्होंने कहा, “इस रैली में लोगों की भारी भागीदारी स्पष्ट दर्शाती है कि लोगों ने भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली सरकार को एक और मौका देने का मन बना लिया है। इस सरकार द्वारा किए गए कार्यों की देश भर में सराहना हुई है और लोग ‘आप’ की निरंतर लोगों के पक्ष में पहलों के कारण इसे फिर से चुनने के लिए बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।”
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, गुरमीत सिंह खुड्डीयां, डॉ. बलवीर सिंह, डॉ. बलजीत कौर, हरभजन सिंह ई.टी.ओ., लालजीत सिंह भुल्लर, लाल चंद कटारूचक, हरदीप सिंह मुंडियां सहित विधायक बलजिंदर कौर, अमनशेर सिंह शैरी कलसी और अन्य भी उपस्थित थे।
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अमन अरोड़ा ने शाहकोट हलके में नौकरियों के मामले में कांग्रेसी विधायक लाडी को घेरा
पंजाब विधान सभा में विपक्ष को घेरते हुए पंजाब के रोजगार सृजन, कौशल विकास और प्रशिक्षण तथा उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री श्री अमन अरोड़ा ने कहा कि राज्य सरकार ने पिछले साढ़े चार सालों में 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं और 1,83,837 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने के साथ-साथ निजी क्षेत्र में 6,36,636 नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं।
आज सदन में विधायक स. कुलदीप सिंह धालीवाल द्वारा रोजगार के अवसरों के बारे में पेश किए गए प्रस्ताव पर चर्चा का समापन करते हुए श्री अमन अरोड़ा ने सदन को बताया कि इस बड़े निवेश प्रवाह ने सीधे और अप्रत्यक्ष रूप से निजी क्षेत्र में 6.36 लाख से अधिक नौकरियों के अवसर पैदा किए हैं। उन्होंने जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आइची स्टील का उदाहरण दिया, जिसने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली राज्य सरकार की सुविधाओं और कारोबार को आसान बनाने वाली नीतियों से प्रभावित होकर अपने नियोजित निवेश को 500 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 1100 करोड़ रुपये कर दिया है।
कांग्रेस के विधायक हरदेव सिंह लाडी शेरोवालिया द्वारा उनके शाहकोट विधानसभा हलके में किसी भी व्यक्ति को सरकारी नौकरी न मिलने के आरोप पर श्री अमन अरोड़ा ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए उन्हें अपने शाहकोट हलके में सभा रखने की चुनौती दी। उन्होंने कहा, ”मैं आऊंगा और हम लोगों से पूछेंगे, क्या उन्हें नौकरियां मिली हैं। अगर मैं गलत हुआ, तो मैं मंत्री पद और विधायक के तौर पर इस्तीफा दे दूंगा। अगर मैं सही हुआ तो लाडी को इस्तीफा देना होगा।” कांग्रेसी विधायक लाडी ने यह चुनौती स्वीकार नहीं की और चर्चा छोड़कर बैठ गए।
उन्होंने जोर देकर कहा कि पंजाब सरकार ने सभी सरकारी नौकरियां बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के केवल योग्यता के आधार पर दी हैं।
श्री अमन अरोड़ा ने कौशल विकास के लिए राज्य सरकार के रिकॉर्ड प्रयासों का हवाला देते हुए बताया कि राज्य के बजट में 75 सालों में पहली बार कौशल विकास मिशन के लिए 25 करोड़ रुपये रखे गए हैं, जो पिछले साल 10 करोड़ रुपये थे। उन्होंने दावा किया कि 22 लाख से अधिक नौजवानों को रोजगार में प्लेसमेंट कैंपों और हैंडहोल्डिंग अभ्यासों के माध्यम से सुविधा दी गई है। उन्होंने बताया कि सुनाम में हाल ही में आयोजित एक मेगा रोजगार मेले में, 61 कंपनियों ने भाग लिया और लगभग 700 नौजवानों को मौके पर ही नियुक्ति पत्र जारी किए।
रोजगार सृजन मंत्री ने आगे बताया कि राज्य सरकार द्वारा 100 करोड़ रुपये की लागत से संगरूर जिले में विश्व स्तरीय संत अतर सिंह महाराज आर्म्ड फोर्सेज प्रेपरेटरी इंस्टीट्यूट स्थापित किया जा रहा है। यह विश्व स्तर पर अपनी तरह का पहला संस्थान है, जहां सशस्त्र सेनाओं में अधिकारी स्तर के पदों के लिए वार्षिक 500 नौजवानों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
केंद्र सरकार के आंकड़ों का हवाला देते हुए श्री अमन अरोड़ा ने बताया कि 15-29 साल आयु वर्ग में पंजाब की बेरोजगारी दर वर्ष 2022 की 19.1 प्रतिशत से घटकर 2025 में 17 प्रतिशत हो गई है। मंत्री ने पीरियोडिक लेबर फोर्स सर्वेक्षण का हवाला देते हुए बताया कि अब पंजाब बेहतर रोजगार मैट्रिक्स वाले राज्यों में शामिल है।
वैश्विक स्तर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि आजादी के समय भारत की जीडीपी चीन से थोड़ी अधिक थी। उन्होंने कहा, ”चीन ने अपने प्रत्येक व्यक्ति को काम पर लगाया और दुनिया की सबसे बड़ी फैक्ट्री बनकर उभरा। चीन निकट भविष्य में अमेरिका को पछाड़ सकता है। हमारे पास वही क्षमता है, लेकिन सही वातावरण की कमी थी। पर अब हम इसे ठीक कर रहे हैं।”
कैबिनेट मंत्री ने जोर देकर कहा कि दुनिया की कोई भी सरकार प्रत्येक नागरिक को नौकरी देने की गारंटी नहीं दे सकती। उन्होंने जोर देते हुए कहा कि सरकार का असल कर्तव्य उद्योग और रोजगार के लिए अनुकूल माहौल तैयार करना होता है। उन्होंने कहा, ”हम यहां केवल आंकड़े पेश करने के लिए नहीं हैं। हम ऐसा माहौल बना रहे हैं, जहां हर नौजवान अपने पैरों पर खड़ा हो सके।”
विपक्ष द्वारा नौकरियों के बारे में व्हाइट पेपर जारी करने की मांग पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा, ‘सबसे अच्छा, सस्ता और टिकाऊ व्हाइट पेपर लोगों से सीधे तौर पर पूछना है। आरटीआई दायर करो या लोगों के साथ मीटिंग करो। लोग खुद बताने देंगे कि उन्हें नौकरियां मिली हैं या नहीं।”
श्री अमन अरोड़ा ने पिछली कांग्रेस सरकार के ‘हर घर नौकरी’ वादे पर कटाक्ष करते हुए इसे पंजाब के नौजवानों के साथ ‘सबसे बड़ा धोखा’ बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि ‘आप’ सरकार ने बिना किसी रिश्वत के पारदर्शी तरीके से 68000 से अधिक सरकारी नौकरियां प्रदान की हैं। उन्होंने दोहराया कि सरकार का एकमात्र उद्देश्य पंजाब को ‘कारोबार करने में आसानी’ के लिए एक मॉडल राज्य बनाना और सम्मानजनक, कौशल-आधारित रोजगार पैदा करना है।
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सियाम ने भी माना, ई-20 में ज्यादा क्लोराइड और नमी के कारण खराब हो रही गाड़ियां- केजरीवाल
आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने ई-20 को लेकर सियाम की सौंपी गई रिपोर्ट को वापस कराने पर केंद्र की मोदी सरकार को आड़े हाथ लिया है। उन्होंने सोशल मीडिया एक्स पर कहा कि सियाम (सोसायटी ऑफ इंडिया ऑटोमोबाइल मैनुफैक्चरर्स) की एक रिपोर्ट आई है, जिसमें साफ़ लिखा है कि ई-20 में बहुत ज्यादा क्लोराइड और नमी है, जिससे आपकी गाड़ियां ख़राब हो रही हैं। मोदी सरकार ने सियाम पर दबाव डालकर वो रिपोर्ट वापस करवा दी। क्यों? जब विज्ञान और इंजीनियरिंग कह रहे हैं कि ई-20 ख़राब है, तो मोदी सरकार इसे देश पर जबरन क्यों थोप रही है?
अरविंद केजरीवाल ने कहा कि ई-20 को लेकर सियाम की यह रिपोर्ट चौंकाने वाली है। सियाम ने रिसर्च की और ऑटोमोबाइल के सभी मैन्युफैक्चरर्स ने मिलकर यह पाया कि क्लोराइड और मॉइस्चर ज्यादा होने की वजह से ई-20 गाड़ियों को खराब कर रहा है। सियाम ने 28 जुलाई को मोदी सरकार को यह रिपोर्ट सौंपी थी। 4 अगस्त तक केंद्र सरकार ने सियाम पर जबरदस्ती करके वह रिपोर्ट वापस करा दी। रिपोर्ट वापस करने के बाद सियाम की तरफ से कहा गया कि शायद उनकी रिपोर्ट में कुछ गड़बड़ी है और कुछ तथ्यों को दोबारा चेक करने की जरूरत है। एक तरह से मोदी सरकार जबरदस्ती करके पूरे देश पर ई-20 थोप रही है, लेकिन क्यों?
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RBI ने लगातार तीसरी बार रेपो रेट 5.25% पर रखा, ब्याज दरों में नहीं किया कोई बदलाव
भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने बुधवार को लगातार तीसरी बार अपनी प्रमुख नीतिगत ब्याज दर यानी रेपो रेट में कोई बदलाव नहीं किया। मौद्रिक नीति समिति (MPC) ने सर्वसम्मति से रेपो रेट को 5.25 फीसदी पर ही बरकरार रखने का फैसला किया। RBI के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव, ऊर्जा कीमतों में अनिश्चितता और आपूर्ति से जुड़े जोखिमों को देखते हुए यह फैसला लिया गया है।
RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि भारत अब भी दुनिया की सबसे तेज़ी से बढ़ती बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है। उन्होंने कहा कि मजबूत घरेलू मांग से आर्थिक विकास को सहारा मिल रहा है और अप्रैल-जून तिमाही का प्रदर्शन RBI के अनुमान से बेहतर रहा है।
तीसरी द्विमासिक मौद्रिक नीति की घोषणा करते हुए गवर्नर ने कहा कि सेवा क्षेत्र की मजबूती से शहरी खपत में और बढ़ोतरी की उम्मीद है। हालांकि उन्होंने चेतावनी दी कि पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव, वैश्विक वित्तीय बाजारों में अस्थिरता और अल नीनो से जुड़े जोखिम अर्थव्यवस्था के लिए चुनौती बने हुए हैं। उनके अनुसार, पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष से प्रमुख व्यापारिक मार्ग भी प्रभावित हो रहे हैं।
संजय मल्होत्रा ने कहा कि कच्चे तेल और खाद्य पदार्थों की बढ़ती कीमतों के कारण आने वाले महीनों में खुदरा महंगाई बढ़ सकती है। उनका अनुमान है कि तीसरी तिमाही में महंगाई अपने उच्च स्तर पर पहुंचने के बाद धीरे-धीरे कम होगी। उन्होंने कहा कि महंगाई पर सबसे अधिक असर खाद्य और ईंधन की कीमतों का है।
RBI ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए GDP वृद्धि दर का अनुमान 6.6 फीसदी से बढ़ाकर 6.7 फीसदी कर दिया है। वहीं, उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) आधारित महंगाई का अनुमान 5.1 फीसदी से घटाकर 5 फीसदी कर दिया गया है।
गवर्नर ने बताया कि जून से बैंकिंग प्रणाली में औसत तरलता (Liquidity) 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक बनी हुई है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग प्रणाली में ऋण वृद्धि मजबूत बनी हुई है और पर्याप्त तरलता उपलब्ध है।
RBI ने यह भी चेतावनी दी कि वैश्विक व्यापार में सुस्ती, ऊर्जा कीमतों में बढ़ोतरी और व्यापार नीतियों से जुड़ी अनिश्चितता भारत के चालू खाते के घाटे पर दबाव डाल सकती है।
इस बीच रुपया भी लगातार दबाव में है। डॉलर के मुकाबले रुपया 95 से 96 रुपये प्रति डॉलर के बीच कारोबार कर रहा है। महंगा कच्चा तेल, विदेशी निवेश की निकासी, बढ़ता व्यापार घाटा और मजबूत होता डॉलर रुपये पर लगातार दबाव बना रहे हैं। वर्ष 2026 में अब तक रुपया करीब 7 फीसदी कमजोर हो चुका है, जबकि ईरान के साथ तनाव शुरू होने के बाद इसमें लगभग 6 फीसदी की गिरावट दर्ज की गई है।
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