Connect with us

Punjab

अशीर्वाद योजना के तहत ₹14.16 करोड़ जारी: डॉ. बलजीत कौर

Published

on

सामाजिक न्याय, अधिकारिता और अल्पसंख्यक मंत्री डॉ. बलजीत कौर ने जानकारी दी कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार ने वित्त वर्ष 2025–26 के दौरान अशीर्वाद योजना के तहत 2,777 पात्र लाभार्थियों को कुल ₹14.16 करोड़ की वित्तीय सहायता जारी की है।

डॉ. बलजीत कौर ने कहा कि पंजाब सरकार पिछड़े वर्गों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की सहायता के लिए प्रतिबद्ध है, ताकि वे अपनी बेटियों का विवाह सम्मानपूर्वक कर सकें।

उन्होंने बताया कि चालू वित्तीय वर्ष में अशीर्वाद पोर्टल के माध्यम से श्री अमृतसर साहिब, बरनाला, फरीदकोट, श्री फतेहगढ़ साहिब, गुरदासपुर, होशियारपुर, जालंधर, लुधियाना, मोगा, श्री मुक्तसर साहिब, पटियाला, एस.ए.एस. नगर, संगरूर, मलेरकोटला और तरनतारन सहित 15 जिलों से प्राप्त आवेदनों में से 2,777 पात्र लाभार्थियों को वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।

जिला-वार विवरण देते हुए मंत्री ने बताया कि श्री अमृतसर साहिब में 351, बरनाला में 37, फरीदकोट में 59, श्री फतेहगढ़ साहिब में 46, गुरदासपुर में 523, होशियारपुर में 354 और जालंधर में 24 लाभार्थियों को योजना का लाभ मिला है।

इसी तरह लुधियाना में 62, मोगा में 42, श्री मुक्तसर साहिब में 107, पटियाला में 519, एस.ए.एस. नगर में 79, संगरूर में 164, मलेरकोटला में 155 और तरनतारन में 255 लाभार्थियों को भी वित्तीय सहायता प्रदान की गई है।

मंत्री ने बताया कि अशीर्वाद योजना के तहत पंजाब सरकार पात्र परिवारों की बेटियों के विवाह के लिए ₹51,000 की वित्तीय सहायता प्रदान करती है, जिससे परिवार इस महत्वपूर्ण अवसर को सम्मान और खुशी के साथ मना सकें।

उन्होंने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर और पिछड़े वर्गों के परिवारों के लिए बड़ा सहारा साबित हो रही है, जिससे वे अपनी बेटियों का विवाह सम्मान और आत्म-सम्मान के साथ कर पा रहे हैं।

डॉ. बलजीत कौर ने विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि योजना का लाभ पात्र लाभार्थियों तक समय पर पहुंचाना सुनिश्चित किया जाए। साथ ही उन्होंने कहा कि आवेदन प्रक्रिया अशीर्वाद पोर्टल पर सेवा केंद्रों के माध्यम से पारदर्शी और सरल तरीके से जारी रखी जाए, ताकि योग्य परिवारों को बिना किसी परेशानी के योजना का लाभ मिल सके।

Continue Reading
Click to comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Punjab

मान सरकार का टैक्स चोरी पर बड़ा एक्शन, 7 करोड़ का माल जब्त; 3.5 करोड़ का जुर्माना

Published

on

पंजाब सरकार ने टैक्स चोरी करने वालों के खिलाफ अपनी मुहिम और तेज कर दी है। जीएसटी विभाग द्वारा मंडी गोबिंदगढ़ और खन्ना में पिछले एक सप्ताह के दौरान चलाए गए विशेष अभियान में बड़ी कार्रवाई की गई है। विभाग ने करीब 2400 मीट्रिक टन माल जब्त किया है, जिसका कारोबार बिना वैध बिलों या संदिग्ध दस्तावेजों के आधार पर किया जा रहा था।

विभाग के अनुसार जब्त किए गए माल की अनुमानित कीमत करीब 7 करोड़ रुपये है। इसके साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वाले कारोबारियों पर लगभग 3.50 करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है।

इस संबंध में जानकारी देते हुए पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि राज्य में टैक्स चोरी करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि मान सरकार राजस्व की सुरक्षा और पारदर्शी कर व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

वित्त मंत्री ने बताया कि जीएसटी विभाग की विशेष टीमें लगातार संदिग्ध लेन-देन और कर नियमों के उल्लंघन पर नजर रख रही हैं। विभाग द्वारा की जा रही जांच और छापेमारी के दौरान कई बड़े मामलों का खुलासा हुआ है।

उन्होंने कहा कि पहले टैक्स चोरी को मिलने वाली ढील अब खत्म हो चुकी है और सरकार ने जवाबदेह तथा पारदर्शी व्यवस्था लागू की है। राज्यभर में तैनात विशेष टीमें आगे भी ऐसे मामलों पर सख्त कार्रवाई जारी रखेंगी।

हरपाल सिंह चीमा ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार ईमानदारी से कारोबार करने वाले व्यापारियों के साथ मजबूती से खड़ी है। सरकार का उद्देश्य व्यापारिक माहौल को बेहतर बनाना और सभी कारोबारियों के लिए समान अवसर सुनिश्चित करना है, ताकि राज्य की अर्थव्यवस्था को और मजबूती मिल सके।

Continue Reading

Punjab

उत्तर प्रदेश में मौसम का बदला मिजाज, कई जिलों में बारिश और आंधी का असर जारी

Published

on

उत्तर प्रदेश में पिछले कई दिनों से बारिश और आंधी-तूफान का दौर जारी है। शुक्रवार सुबह वाराणसी में तेज बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया और लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। करीब आधे घंटे तक हुई जोरदार बारिश के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई। वहीं, कौशांबी में भी सुबह हल्की बूंदाबांदी देखने को मिली।

हालांकि बारिश ने लोगों को राहत दी है, लेकिन कुछ इलाकों में यह आफत भी बनकर सामने आई। अमेठी के जामो थाना क्षेत्र के घाटमपुर पूरे परमेश्वरी गांव में एक दर्दनाक हादसा हुआ। शाम करीब चार बजे मिट्टी के घर की दीवार गिरने से मां और बेटी उसकी चपेट में आ गईं, जिससे दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं परिवार का आठ वर्षीय बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसका इलाज जारी है।

दूसरी ओर लखनऊ, कानपुर समेत प्रदेश के कई जिलों में सुबह से धूप निकली रही। हालांकि हवा में नमी अधिक होने के कारण गर्मी का असर कुछ कम महसूस किया गया। मौसम विभाग ने आज प्रदेश के 43 जिलों में बारिश की संभावना जताई है, जबकि 21 जिलों के लिए आंधी और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया गया है।

मौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी विक्षोभ का प्रभाव अगले 24 घंटों में कमजोर पड़ने लगेगा। इसके बाद करीब 12 दिनों से जारी बारिश और तूफान का दौर समाप्त हो सकता है और गर्मी फिर से जोर पकड़ सकती है। अनुमान है कि आने वाले दिनों में तापमान 5 से 6 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ सकता है और पारा 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। विभाग ने 9 जून से हीटवेव शुरू होने की भी संभावना जताई है।

इससे पहले गुरुवार को लखनऊ, मऊ, बिजनौर और आगरा समेत कई जिलों में तेज हवाओं के साथ रुक-रुक कर बारिश हुई थी। वहीं अन्य इलाकों में तेज धूप और उमस भरी गर्मी का असर बना रहा। वाराणसी प्रदेश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां अधिकतम तापमान 42.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं हरदोई में न्यूनतम तापमान 22 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया।

फिलहाल मौसम विभाग ने आज भी कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई है। लोगों को खराब मौसम के दौरान सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी गई है।

Continue Reading

Punjab

भगवंत मान सरकार का ई-रिक्शा अभियान 3,440 गांवों तक पहुंचा, पंजाब में जमीनी स्तर पर ‘युद्ध नशों विरुद्ध’ आंदोलन को मिली और मजबूती

Published

on

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान द्वारा निजी स्कूलों द्वारा मनमाने ढंग से फीस वृद्धि को रोकने के लिए व्यापक सुधारों की घोषणा के 24 घंटों से भी कम समय में पंजाब सरकार ने इस निर्णय को कानून का रूप देने के लिए तेजी से कदम उठाए हैं। स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने स्कूल शिक्षा विभाग के सचिव को पत्र लिखकर तुरंत कानून का मसौदा तैयार करने के निर्देश दिए हैं, ताकि निजी स्कूलों की फीस को नियमित किया जा सके और पारदर्शिता तथा जवाबदेही सुनिश्चित की जा सके। इससे 32 लाख से अधिक विद्यार्थियों और उनके परिवारों को अनुचित आर्थिक बोझ से राहत मिलेगी।

यह प्रस्तावित कानून वार्षिक फीस वृद्धि को 5 प्रतिशत तक सीमित करेगा और पिछले तीन वर्षों में निर्धारित 15 प्रतिशत सीमा से अधिक फीस बढ़ाने वाले स्कूलों को विद्यार्थियों के अभिभावकों से ली गई अतिरिक्त राशि वापस करनी होगी। यह कदम पंजाब सरकार द्वारा शिक्षा क्षेत्र में मुनाफाखोरी को रोकने और यह सुनिश्चित करने के लिए एक निर्णायक पहल है कि निजी स्कूल व्यावसायिक लाभ की बजाय विद्यार्थियों और अभिभावकों के हित में कार्य करें।

अपने निर्देशों में स्कूल शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “सुलभ और किफायती शिक्षा प्रदान करना हमारी सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में से एक है। इस समय पंजाब भर के लगभग 7,800 निजी स्कूलों में 32 लाख से अधिक विद्यार्थी पढ़ रहे हैं। ये विद्यार्थी और उनके परिवार मनमाने तरीके से फीस वृद्धि के खिलाफ मजबूत सुरक्षा और इन संस्थानों के कामकाज में पूर्ण पारदर्शिता के हकदार हैं।”

शिक्षा मंत्री ने कहा कि शिक्षा क्षेत्र में मुनाफाखोरी को सख्ती से रोकने के लिए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में यह निर्णय लिया गया है। शिक्षा एक पवित्र और जनकल्याणकारी कार्य है, न कि कोई व्यापारिक गतिविधि जिसे लाभ कमाने के लिए चलाया जाए।

उन्होंने आगे कहा कि इस सिद्धांत को भारत के सर्वोच्च न्यायालय ने भी समर्थन दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कई बार यह स्पष्ट किया है कि निजी संस्थानों को उचित फीस लेने का अधिकार है, लेकिन शिक्षा क्षेत्र में व्यावसायीकरण और अत्यधिक मुनाफाखोरी स्वीकार्य नहीं है।

शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा, “नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए सरकार एक ऐसा विधायी ढांचा लाएगी जिससे निजी संस्थानों की जवाबदेही सुनिश्चित होगी और मनमानी फीस वृद्धि पर रोक लगेगी। इस मामले को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है और विभाग को जल्द से जल्द कैबिनेट के विचार हेतु एक व्यापक प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं।”

प्रस्तावित कानून के तहत पंजाब सरकार निजी स्कूलों के लिए एक सख्त वार्षिक फीस सीमा लागू करेगी। नए ढांचे के अनुसार निजी स्कूलों को एक वर्ष में 5 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाने की अनुमति नहीं होगी।

यह कानून अभिभावकों को पूर्वव्यापी राहत भी प्रदान करेगा। कोई भी निजी स्कूल जिसने लगातार पिछले तीन वर्षों में निर्धारित सीमा 15 प्रतिशत से अधिक फीस बढ़ाई है, उसे कानूनी रूप से अतिरिक्त ली गई फीस अभिभावकों को वापस करनी होगी।

भगवंत मान सरकार का मानना है कि शिक्षा हर बच्चे के लिए सुलभ और किफायती होनी चाहिए तथा अभिभावकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ना चाहिए। इस प्रस्तावित कानून से पूरे पंजाब में निजी स्कूलों के लिए एक पारदर्शी और जवाबदेह नियामक ढांचा स्थापित होने की उम्मीद है।

कांग्रेस सरकार ने निजी स्कूलों को फीस बढ़ाने की छूट दी थी

2019 में कांग्रेस सरकार ने ऐसे प्रावधान लागू किए थे जिनके तहत निजी स्कूलों को फीस बढ़ाने की छूट मिल गई थी। स्कूलों को केवल नोटिस बोर्ड और वेबसाइटों पर संशोधित फीस की जानकारी प्रदर्शित करने के बाद फीस ढांचे में बदलाव की अनुमति दी गई थी, जिसमें नियामक निगरानी बहुत कम थी। इससे मनमानी फीस वृद्धि का रास्ता खुल गया और पूरे पंजाब में अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ता गया।

भगवंत मान सरकार द्वारा लाए जाने वाले नए कानून का उद्देश्य इस व्यवस्था को समाप्त करना, निजी स्कूलों की जवाबदेही सुनिश्चित करना और विद्यार्थियों तथा अभिभावकों को अतिरिक्त फीस के बोझ से राहत देना है।

Continue Reading

Trending