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Uttar Pradesh

10 ऐसे काम, जिससे योगी का हुआ नाम, 2026 में चमक गया उत्तर प्रदेश

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योगी सरकार के इन 10 कामों ने यूपी को बना दिया विकास का मॉडल

वर्ष 2025 उत्तर प्रदेश के लिए सिर्फ एक कैलेंडर वर्ष नहीं रहा, बल्कि यह Governance, Development और Welfare का ऐसा दौर साबित हुआ, जिसने 2026 में प्रदेश को राष्ट्रीय फलक पर मजबूती से खड़ा कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ (CM Yogi Adityanath) के नेतृत्व में लिए गए फैसलों ने किसानों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और वंचित वर्गों के जीवन को सीधे तौर पर प्रभावित किया। इन्हीं 10 बड़े कामों की वजह से कहा जा रहा है कि 2026 में उत्तर प्रदेश “पिछड़ा प्रदेश” नहीं, बल्कि Growth Engine of India बनकर उभरा है। 10 Big Works of CM Yogi that made Uttar Pradesh Shine

1. शिक्षक : 9 लाख शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सौगात

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के करीब 9 लाख शिक्षकों को कैशलेस इलाज की सुविधा देने का ऐतिहासिक ऐलान किया। इस योजना में बेसिक, माध्यमिक, उच्च शिक्षा के शिक्षक, शिक्षामित्र, अनुदेशक और रसोइए भी शामिल किए गए। इससे शिक्षक और उनके परिवारों को बड़ी स्वास्थ्य सुरक्षा मिली।

2. कर्मचारी : आउटसोर्स कर्मचारियों के लिए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम

आउटसोर्स कार्मिकों के शोषण को समाप्त करने के लिए उत्तर प्रदेश आउटसोर्स सेवा निगम लिमिटेड का गठन किया गया। इसके माध्यम से अब पारदर्शी भर्ती, समय पर वेतन, ईपीएफ-ईएसआई, न्यूनतम 16 से 20 हजार रुपये मानदेय और रोजगार सुरक्षा सुनिश्चित हुई।

3. किसान : लघु व सीमांत किसानों को महज छह फीसदी पर मिलेगा लोन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंतरराष्ट्रीय सहकारिता वर्ष 2025 के अंतर्गत 21 दिसंबर को लघु व सीमांत किसानों के लिए बड़ी घोषणा की। मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजना के तहत प्रदेश के लघु व सीमांत किसानों को यूपी सहकारी ग्राम विकास बैंक (एलडीबी) के माध्यम से महज 06 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मिलेगा। अभी तक किसानों को इस बैंक से 11.50 प्रतिशत ब्याज दर पर ऋण मिलता था। ब्याज की शेष धनराशि राज्य सरकार वहन करेगी।

गन्ना किसानों को बड़ी राहत, 30 रुपये प्रति क्विंटल इजाफा

पेराई सत्र 2025-26 के लिए गन्ना के मूल्य में 30 रुपये प्रति क्विंटल की रिकॉर्ड वृद्धि की गई। इससे अगैती गन्ना 400, सामान्य 390 और अनुपयुक्त प्रजाति 355 रुपये प्रति क्विंटल हो गया। इस फैसले से लाखों किसानों की आय में सीधा इजाफा हुआ।

4. युवा : उत्तर प्रदेश में ऐतिहासिक पुलिस भर्ती

यूपी में 60,244 पुलिस सिपाहियों की ऐतिहासिक भर्ती के तहत नियुक्ति पत्र बांटे गए, जिसमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शामिल हुए। यह भर्ती देश की सबसे बड़ी और पारदर्शी भर्तियों में से एक मानी गई। इसमें 12,000 से ज्यादा महिलाएं भी चयनित हुईं और इसे ‘सुरक्षित उत्तर प्रदेश’ व ‘नए भारत’ की दिशा में एक बड़ा कदम बताया गया।

5. विकास : प्रदेश के समग्र विकास के लिए ‘विकसित यूपी अभियान’ का शुभारंभ

उत्तर प्रदेश सरकार ने प्रदेश के समग्र विकास के लिए ‘समर्थ उत्तर प्रदेश-विकसित उत्तर प्रदेश @2047’ महाअभियान का शुभारंभ किया है, जिसका उद्देश्य 2047 तक राज्य को विकसित बनाना है। इसके लिए ‘समर्थ उत्तर प्रदेश पोर्टल’ के माध्यम से जनता से सुझाव लिए जा रहे हैं, जिसमें शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि और शहरी-ग्रामीण विकास जैसे क्षेत्रों पर फोकस किया जा रहा है।

6. महिला सशक्तिकरण : महिलाओं को रजिस्ट्री शुल्क में 1% की अतिरिक्त छूट

उत्तर प्रदेश सरकार ने महिलाओं को संपत्ति रजिस्ट्री शुल्क (Stamp Duty) में 1% की अतिरिक्त छूट दी है, जो पहले केवल 10 लाख रुपए तक की संपत्ति पर थी, उसे अब एक करोड़ रुपए तक की प्रॉपर्टी के लिए बढ़ाया गया है, जिससे उन्हें अधिकतम एक लाख रुपए तक की बचत हो सकती है और यह महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक अहम कदम है, जिससे वे आर्थिक रूप से सशक्त बनें।

7. अग्निवीर : अग्निवीरों को यूपी पुलिस व पीएसी में 20% आरक्षण

देश सेवा के बाद अग्निवीरों के पुनर्वास के लिए यूपी पुलिस और पीएसी भर्ती में 20 प्रतिशत आरक्षण का निर्णय लिया गया। इससे युवाओं का भविष्य सुरक्षित हुआ।

8. बेटियां : गरीब बेटियों के लिए मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना में दोगुना अनुदान

मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत विवाह अनुदान 51 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया गया। साथ ही आय सीमा बढ़ाकर 3 लाख रुपये कर दी गई, जिससे हजारों गरीब परिवारों को राहत मिली।

9. महाकुंभ : महाकुंभ के अवसर पर कैबिनेट बैठक का ऐतिहासिक निर्णय

महाकुंभ नगरी में कैबिनेट बैठक कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ऐतिहासिक निर्णय लिया। अयोध्या के बाद महाकुंभ नगर में कैबिनेट बैठक कर मुख्यमंत्री ने एक मिसाल पेश की। बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लेने के बाद पूरी कैबिनेट ने एक साथ संगम स्नान भी किया।

10. बुजुर्ग : वृद्धावस्था पेंशन योजना को फैमिली आईडी से जोड़ा गया

वृद्धावस्था पेंशन योजना को फैमिली आईडी से जोड़ने का निर्णय भी इसी वर्ष लिया गया। अमेठी, कासगंज, गोरखपुर, ललितपुर और बस्ती में पायलट प्रोजेक्ट शुरू किया जाएगा। 60 वर्ष की आयु पूरी करते ही पेंशन खाते में पहुंचने लगेगी। आवेदन की आवश्यकता नहीं होगी। फैमिली आईडी से स्वतः पहचान होगी और एसएमएस से सहमति ली जाएगी।

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Uttar Pradesh

‘पहले आस्था को अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया’, CM योगी का विपक्ष पर तीखा प्रहार

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को अयोध्या पहुंचे, जहां उन्होंने आध्यात्मिक गुरु माता अमृतानंदमयी से भेंट की। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू और राज्यपाल आनंदीबेन पटेल भी रामनगरी में मौजूद रहीं। तीनों ने राम जन्मभूमि मंदिर में दर्शन किए।

इस अवसर पर सीएम योगी ने विपक्ष पर तीखा प्रहार करते हुए कहा, “जिस आस्था को पहले अंधविश्वास कहकर अपमानित किया गया, वही लोग उस समय सत्ता में थे।

कुर्सी बचाने के लिए वे नोएडा जाने से कतराते थे

मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि ये वही लोग हैं जो अपनी कुर्सी बचाने के लिए नोएडा जाने से कतराते थे। वह उन्हें अंधविश्वास नहीं लगता था। लेकिन राम मंदिर की बात करना, काशी में काशी विश्वनाथ धाम का निर्माण या मथुरा-वृंदावन का उल्लेख करना उन्हें अंधविश्वास और रूढ़िवादिता लगता था।

वृंदावन जाएंगी राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु

राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु गुरुवार शाम लगभग 5 बजे वृंदावन पहुंचेंगी। उनके स्वागत को लेकर शहर में व्यापक स्तर पर सजावट और व्यवस्थाएं की गई हैं। राष्ट्रपति के आगमन के बाद वे होटल रेडिसन में ठहरेंगी और शाम करीब 6:30 बजे इस्कॉन मंदिर, वृंदावन से अपने धार्मिक कार्यक्रमों की शुरुआत करेंगी। इसके बाद उनके प्रेम मंदिर, नीब करौरी आश्रम, उड़िया बाबा आश्रम और रामकृष्ण मिशन सेवाश्रम में दर्शन करने का कार्यक्रम निर्धारित है।

एक मंच पर जुटेंगे विशेषज्ञ, योगी होंगे मुख्य अतिथि

विश्व वानिकी दिवस (21 मार्च) के अवसर पर लखनऊ स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में देशभर के विशेषज्ञों का एक मंच पर जुटान होगा। इसमें राज्यों में चल रहे वनीकरण, वन संरक्षण और पारिस्थितिकी संतुलन से जुड़े कार्यों की समीक्षा और अनुभवों को साझा किया जाएगा।

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UP पुलिस भर्ती परीक्षा में विवादित प्रश्न पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ बेहद सख्त, हो सकती है कार्रवाई

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उत्तर प्रदेश पुलिस में सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा में एक विवादित प्रश्न को लेकर योगी आदित्यनाथ सरकार को काफी किरकिरी झेलनी पड़ रही है। रविवार को परीक्षा के दूसरे दिन मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस प्रकरण पर गंभीर रुख अपनाया है।

विवादित प्रश्न को लेकर डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और राज्यसभा सदस्य डॉ. दिनेश शर्मा के साथ ही आधा दर्जन से अधिक ब्राह्मण विधायक तो शनिवार से ही डैमेज कंट्रोल में जुट गए थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने रविवार को मोर्चा संभाला और जिम्मेदारों को सख्त लहजे में चेतावनी भी दी है।

प्रदेश में भर्ती परीक्षाओं के प्रश्नपत्रों में आपत्तिजनक या विवादित सवालों को लेकर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी भर्ती बोर्डों के अध्यक्षों को निर्देश दिए हैं कि प्रश्नपत्र तैयार करते समय किसी भी व्यक्ति, जाति, पंथ या संप्रदाय की मर्यादा और आस्था से जुड़े विषयों पर अमर्यादित टिप्पणी किसी भी स्थिति में शामिल न की जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि इस संबंध में सभी पेपर तैयार करने वालों को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया जाए ताकि प्रश्नपत्रों में संवेदनशीलता बनी रहे।

उत्तर प्रदेश पुलिस उपनिरीक्षक भर्ती परीक्षा में शनिवार को पूछे गए एक सवाल ने नया विवाद खड़ा कर दिया है। परीक्षा में एक बहु विकल्पीय प्रश्न पूछा गया-‘अवसर के अनुसार बदलने वाला।’ परीक्षार्थियों को इसके जो विकल्प दिए गए उसमें एक विकल्प है-’पंडित’। भाजपा के प्रदेश मंत्री अभिजात मिश्रा ने इस पर सवाल उठाते हुए मुख्यमंत्री को चिट्ठी लिखी थी, जबकि उप मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक ने कहा कि जिम्मेदारों पर कार्रवाई की जाएगी। मामला संज्ञान में आने के बाद सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

मुख्यमंत्री ने रविवार को कहा कि यदि कोई पेपर तैयार करने वाला बार-बार ऐसी गलती करता है तो उसे आदतन उल्लंघन करने वाला (हैबिचुअल आफेंडर) मानते हुए तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाए। मुख्यमंत्री ने यह भी निर्देश दिया है कि पेपर बनाने वालों के साथ किए जाने वाले एमओयू में भी इस प्रविधान को शामिल किया जाए, ताकि प्रश्नपत्र तैयार करने की प्रक्रिया अधिक जिम्मेदार और जवाबदेह बन सके। सरकार का मानना है कि इससे भर्ती परीक्षाओं की विश्वसनीयता बनी रहेगी और अनावश्यक विवादों से भी बचा जा सकेगा।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इस संबंध में सभी पेपर सेटर्स को स्पष्ट रूप से निर्देशित किया जाए ताकि प्रश्नपत्रों में संवेदनशीलता बनी रहे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कोई पेपर सेटर बार-बार ऐसी गलती करता है तो उसे आदतन उल्लंघन करने वाला (हैबिचुअल आफेंडर) मानते हुए तत्काल प्रभाव से प्रतिबंधित किया जाए। इस प्रकरण में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के कड़े रुख के बाद यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड भविष्य में प्रश्नों के ‘ऑडिट’ के लिए नई समीक्षा समिति बनाने पर विचार कर रहा है।

दरअसल, शनिवार को आयोजित पुलिस भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक विवादित प्रश्न के बाद अभ्यर्थियों और विभिन्न वर्गों की ओर से आपत्ति जताई गई थी। मामले के संज्ञान में आने के बाद सरकार ने इसे गंभीरता से लेते हुए भविष्य में ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए हैं।

यूपी सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा 2026 के पहले ही दिन एक सवाल के जवाब में ‘पंडित’ शब्द के विकल्प पर भारी बवाल मच गया है। इस प्रकरण पर यूपी पुलिस भर्ती बोर्ड के चेयरमैन एसबी शिरोडकर ने कहा कि जांच के आदेश दिए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया है कि पुलिस भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र स्थानीय स्तर पर तैयार नहीं होते हैं। इन्हें बाहरी अतिगोपनीय संस्थाएं सेट करती हैं, जिन्हें बोर्ड का कोई अधिकारी भी परीक्षा से पहले नहीं देख सकता। इस विवाद ने परीक्षा कराने वाली एजेंसियों की जवाबदेही और प्रश्नपत्र तैयार करने की पूरी प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

क्या है बवाल का कारण

यूपी पुलिस दरोगा भर्ती परीक्षा में पूछे गए एक प्रश्न को लेकर शनिवार को विवाद खड़ा हो गया है। इस सवाल में पूछा गया, “अवसर के अनुसार बदल जाने वाला” इस वाक्यांश के लिए एक शब्द का चयन कीजिए। इसके उत्तर में चार विकल्प में ‘पंडित’ भी दिया गया।

‘पंडित’ विकल्प पर ही विवाद है। प्रतियोगी छात्र संघर्ष समिति के मीडिया प्रभारी प्रशांत पांडेय ने विकल्प में पंडित शब्द रखे जाने पर कड़ी आपत्ति जताई है। डिप्टी सीएम बृजेश पाठक की भी प्रतिक्रिया सामने आई है। हिंदू महासभा ब्राह्मणों के इस बड़े अपमान पर एफआईआर दर्ज कराएगी।

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CM योगी की मां पर विवादित टिप्पणी करने वाले मौलाना के खिलाफ कार्रवाई, पुलिस ने दर्ज की FIR

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उत्तर प्रदेश के बलरामपुर में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने CM योगी की मां पर विवादित टिप्पणी करने वाले मौलाना सलीम के खिलाफ एक्शन लिया है। पुलिस ने मौलाना के खिलाफ FIR दर्ज की है।बलरामपुर जिले के भारतीय जनता पार्टी के जिलाध्यक्ष की तहरीर पर मौलाना के खिलाफ FIR दर्ज हुई है।

यूपी के 83 थानों में तहरीर

सामने आई जानकारी के मुताबिक, मौलाना के खिलाफ बलरामपुर के अलावा यूपी के 83 थानों में तहरीर दी गई है। हिंदू संगठनों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बीजेपी पदाधिकारियों और छात्रों ने पुलिस को मौलाना के खिलाफ तहरीर दी है। संगठनों ने मौलाना की जल्द से जल्द गिरफ्तारी न होने पर दी बड़े प्रदर्शन की चेतावनी।

कई जिलों में जोरदार प्रदर्शन

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के मामले ने बीते कुछ दिनों से तूल पकड़ लिया है। विवादित बयान देने वाले मौलाना अब्दुल सलीम के खिलाफ पूरे प्रदेश में गुस्सा बढ़ता जा रहा है। कई जिलों में लोगों ने सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया है। प्रदर्शनकारियों ने मौलाना के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई की मांग की, यहां तक कि बुल्डोजर कार्रवाई और फांसी की सजा की मांग तक कर डाली है।

अधिवक्ताओं ने भी किया प्रदर्शन

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ अभद्र टिप्पणी के मामले में लखनऊ विश्वविद्यालय के छात्रों के साथ अधिवक्ताओं ने हजरतगंज चौराहे पर विरोध प्रदर्शन किया था। विरोध में बिहार के मौलाना अब्दुल्ला सलीम के पुतले को भी जलाया गया था। प्रदर्शन कर रहे लोगों ने कहा था कि जिस तरह से अब्दुल्लाह सलीम ने अभद्र टिप्पणी की है हम चाहते हैं कि यूपी पुलिस उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करके जो कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो उसे मामले में करें किसी की मां के खिलाफ इस तरीके की टिप्पणी करना भारतीय समाज कतई बर्दाश्त नहीं करेगा।

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