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विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में युवा शक्ति का होगा अहम योगदान : मुख्यमंत्री मनोहर लाल

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चंडीगढ़ : हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने आने वाले 25 वर्षों में विकसित भारत की परिकल्पना को साकार करने में प्रदेश व देश की युवाशक्ति का महत्वपूर्ण योगदान होगा। मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने शनिवार को चंडीगढ़ में ऑडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सीएम की विशेष चर्चा कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा अमृत काल के 4 स्तंभ – युवा शक्ति, नारी शक्ति, हमारे किसान, मध्यम एवं गरीब वर्ग, में से एक युवा शक्ति से संवाद किया। इस अवसर पर लगभग 22,000 युवाओं ने राष्ट्र के भविष्य के पथ पर अपना दृष्टिकोण व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री के साथ चर्चा में सक्रिय रूप से भाग लिया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री के अतिरिक्त प्रधान सचिव एवं सूचना, जनसंपर्क, भाषा तथा संस्कृति विभाग के महानिदेशक डा. अमित अग्रवाल भी मौजूद रहे। समृद्ध और उन्नत भारत के व्यापक लक्ष्य में महत्वपूर्ण योगदान देने की युवाओं की क्षमता पर विश्वास व्यक्त किया करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं में आर्थिक विकास को गति देने की अपार शक्ति है। युवाओं की इस ताकत को सकारात्मक दिशा देने के लिए मनोहर लाल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए ‘मेक इन इंडिया‘, ‘स्किल इंडिया‘, ‘डिजिटल इंडिया‘, ‘स्टैंडअप इंडिया‘, और ‘स्टार्टअप इंडिया‘ जैसे अनेक कार्यक्रमों की सराहना की। ये कार्यक्रम युवाओं को रोजगार के अवसर प्रदान करने, स्वरोजगार के लिए हुनरमंद बनाने, डिजीटली दक्ष बनाने और अपना कारोबार शुरू करने में सक्षम बनाने में कारगर सिद्ध हो रहे हैं।

युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए श्री मनोहर लाल ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अगले 25 वर्षों के अमृत काल में भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के सपने को साकार करने के लिए हमें चार अमृत स्तंभों को और मजबूत करना होगा, जो हैं – हमारी युवा शक्ति, हमारी नारी शक्ति, हमारे किसान तथा मध्यम व गरीब वर्ग। हर वर्ग अपना दायित्व निभाएगा तो निश्चित रूप से 2047 तक हम विकसित राष्ट्र की श्रेणी में अग्रिम पंक्ति में शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने बताया कि नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति के तहत शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन किया गया है और स्कूलों से लेकर विश्वविद्यालयों तक कौशल शिक्षा को महत्वपूर्ण बनाया जा रहा है ताकि 2030 तक राज्य का हर युवा शिक्षित होने के साथ-साथ हुनरमंद बने। जब हम इस लक्ष्य को प्राप्त कर लेंगे, तब हरियाणा संयुक्त राष्ट्र के वर्ष 2030 तक के सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त कर लेगा। मुख्यमंत्री ने युवाओं को सफलता के मूल मंत्र देते हुए कहा कि जीवन में वे अपने लक्ष्य को ध्यान में रखें, सकारात्मक सोचें, अनुशासित और धैर्यवान रहें, स्वस्थ जीवनशैली अपनाएं, समय का सदुपयोग करें और समाज और राष्ट्र की सेवा के लिए समर्पित रहें। मुख्यमंत्री ने युवाओं से अगले 25 वर्षों में प्रदेश व देश को सतत विकास की ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए उनका साथ चाहा और उन्हें इन मंत्रों का पालन करने के लिए प्रेरित भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने युवाओं के स्वाभिमान की रक्षा के लिए सरकारी नौकरियों को मिशन मैरिट में बदला है। युवाओं को योग्यता के आधार पर ‘बिना खर्ची – बिना पर्ची‘ के 1 लाख 10 हजार से अधिक सरकारी नौकरियां देकर उनका मनोबल बढ़ाया है। इसके अतिरिक्त, सरकारी नौकरियों में गरीब परिवारों के उम्मीदवारों को 5 अतिरिक्त अंक देने का प्रावधान किया है। हमारा इस वर्ष 60 हजार नौकरियां देने का लक्ष्य है, जिनमें से 41 हजार से अधिक पदों पर भर्ती प्रक्रिया चल रही है। यही नहीं, हमने युवाओं को निजी क्षेत्र में भी रोजगार देने के लिए अनेक योजनाएं शुरू की हैं, जिनकी बदौलत प्रदेश में लगभग 32 लाख लोगों को रोजगार व स्वरोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि विदेशों में शिक्षा व रोजगार दिलाने के लिए विदेश सहयोग विभाग का गठन किया गया है। विदेश में रोजगार के अवसर तलाशने वाले युवाओं के कॉलेज में ही निःशुल्क पासपोर्ट बनाए जा रहे हैं। अब तक 27 हजार से अधिक युवाओं के पासपोर्ट बनाये जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप और अनुसंधान के लिए भारत दुनियाभर में एक केन्द्र के रूप में उभर रहा है। हरियाणा में स्टार्टअप संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए नई स्टार्टअप नीति बनाई गई है। इस नीति के तहत युवाओं को आर्थिक व तकनीकी सहायता देकर उन्हें अपना स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। उन्होंने युवाओं से अनुरोध करते हुए कहा कि वे कृषि आधारित उत्पादों के लिए भी स्टार्टअप शुरू करते हुए आगे बढें। साथ ही अनुसंधान के क्षेत्र में भी अपना कैरियर बनाने के लिए कड़ी मेहनत करें।

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भीषण गर्मी के चलते हरियाणा में स्कूल बंद, छुट्टियों का ऐलान

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हरियाणा के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया गया।

अब हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 1 जून से शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव और लू के अलर्ट के बाद सरकार ने छुट्टियां एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने छुट्टियों के फैसले को मंजूरी दी।

गौरतलब है कि इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया था। अब हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लेते हुए विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दी है।

वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।

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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल

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भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।

पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक

बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।

कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।

इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।

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जालंधर में विपक्ष पर गरजे पूर्व CM खट्टर: महिला आरक्षण विधेयक पर बोले- कांग्रेस को भुगतना पड़ेगा परिणाम

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जालंधर में केंद्रीय मंत्री और हरियाणा के पूर्व सीएम मनोहर लाल खट्टर और केंद्रीय मंत्री बेबी मोर्या ने प्रैस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। खट्टर ने कहा कि लोकसभा में महिलाओं के साथ और देश की आधी आबादी के साथ अन्याय हो रहा था। कांग्रेस सरकार ने कभी इसके बारे में नहीं सोचा।

जब कभी भी भारतीय जनता ने इस क्षेत्र में काम करना चाहता तब-तब कांग्रेस सरकार सहित अन्य पार्टियों ने अड़चन डाली। 1971-74 तक महिलाओं को आरक्षण देने के लिए काम शुरू किया गया लेकिन विपक्ष ने कोई न कोई अड़चन डाल दी। इसके बाद 1979 में पहली बार पंचायत में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्ति हुई। कुछ पंचायतों ने इसे 50 प्रतिशत तक भागीदारी दी।

2023 में नहीं लाया जा सका बिल

2023 में 128वें संशोधन के रूप में पीएम मोदी के नेतृत्व में महिला आरक्षण बिल को लाया गया। लेकिन कुछ कमियों के कारण नहीं लाया जा सका। अब फिर से मोदी सरकार ने 2029 से पहले महिला आरक्षण को लागू करने की पहल की। हमने इसका प्रारूप तैयार किया। अब फिर से विपक्ष घिनौना खेल खेल रहा है। कांग्रेस ने इस बिल पर सरकार का साथ नहीं दिया।

आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए

खट्टर ने कहा कि कांग्रेस को इस अपराध का परिणाम भुगतना पड़ेगा। चुनाव परिणाम के रूप में महिलाओं का गुस्सा दिखेगा। पीएम ने कहा है कि इस आरक्षण को राजनीतिक एंगल नहीं दिया जाना चाहिए। प्रधानमंत्री ने कहा कि मुझे तो इसका श्रेय भी नहीं चाहिए। अगर इसका श्रेय कोई भी लेना चाहता है तो ले ले। खट्टर ने कहा कि महिलाओं को जो राजनीति में 33 फीसदी आरक्षण मिलना था वो कांग्रेस के चलने नहीं मिल पाया है। अब ये गैर राजनीतिक मुद्दे की तरह आगे बढ़ेगा। खट्टर ने कहा कि चैन्नई के अंदर को एक विधायक ने इस विधेयक की प्रतियां तक जलाईं। तमिलनाड़ू में इसका विरोध किया।

बेबी रानी मोर्या बोलीं- महिलाएं अपमान नहीं सहतीं, वो बदला जरूर लेंगी

आगरा की पहली मेयर, पूर्व राज्यापाल और नेशनल वूमेन कमीशन चेयपर्सन रह चुकीं बेबी रानी मौर्या ने कहा कि जब ये बिल संसद में पेश हुआ। जब इस पर वोटिंग होनी थी तो विरोधी पार्टियों ने मिलकर देश की आधी आबादी के अधियनियम को गिरा दिया। ये महिलाओं को बड़ा अपमान है। महिलाएं सब सह लेती हैं लेकिन अपना अपमान नहीं सहती। महिलाएं इस अपमान का बदला आने वाले चुनाव में लेंगी।

परिवारवादी पार्टियों ने किया बिल का विरोध

पीएम मोदी ने महिलाओं के लिए शुरू से काम किया है। उज्ज्वला का सिलेंडर दिया, शौचालय दिया ताकि महिलाओं की जिंदगी आसान हो सके। महिला वंदन बिल भी इसी कड़ी का हिस्सा है। मैं आपको बताना चाहती हूं कि जब पंचायती राज में महिलाएं इतना अच्छा काम कर रही हैं। अगर ये राष्ट्रीय राजनीति में आ जातीं तो कितना अच्छा होता। मोर्या ने कहा कि सभी परिवारवारवादी पार्टियों ने इस विधेयक का विरोध किया है।

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