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राजस्थान: टिकट नहीं मिलने से नाराज कांग्रेस के नेताओं व समर्थकों ने किया प्रदर्शन, कइयों ने थामा भाजपा का दामन

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नेशनल डेस्क: राजस्थान में टिकट से वंचित रहे कांग्रेस के नाराज नेताओं व समर्थकों ने बुधवार को कई जगह विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने टायर और पुतले जलाकर विरोध प्रकट किया। कार्यकर्ताओं ने पार्टी आलाकमान को पत्र लिखे हैं, धरने दिए और यहां तक कि कुछ नेताओं ने पार्टी की ओर से जारी सूची के बाद अपने-अपने पदों से इस्तीफा दे दिया है। टिकट नहीं मिलने के बाद बसेड़ी से मौजूदा विधायक खिलाड़ी लाल बैरवा ने राजस्थान अनुसूचित जाति आयोग के अध्यक्ष पद से इस्तीफा दे दिया।

कांग्रेस ने कल 61 उम्मीदवारों की सूची जारी की जिसमें खिलाड़ी लाल बैरवा, भरत सिंह, भरोसी लाल जाटव, हीरा लाल मेघवाल, जौहरी लाल मीणा, बाबूलाल बैरवा समेत सात मौजूदा कांग्रेस विधायकों का टिकट काट दिया गया। बैरवा ने बुधवार को संवाददाताओं से बातचीत में कहा, “मुझे सच बोलने और पार्टी नेतृत्व के साथ खड़े होने की सजा मिली है।” चुनाव लड़ने को लेकर उन्होंने कहा, ”समर्थक जो कहेंगे मैं वही करूंगा।” बैरवा पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट के समर्थक हैं।

जयपुर में जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (पीएचईडी) मंत्री महेश जोशी के समर्थकों ने उन्हें हवामहल सीट से उम्मीदवार बनाए जाने की मांग को लेकर प्रदेश कांग्रेस कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। पार्टी ने अभी तक जोशी को टिकट नहीं दिया है और हवामहल से कोई उम्मीदवार घोषित नहीं किया है। उल्लेखनीय है कि पार्टी आलाकमान ने 25 सितंबर 2022 को विधायक दल की बैठक के खिलाफ विधायकों की समानांतर बैठक करने के लिए जोशी और शहरी विकास मंत्री शांति धारीवाल को कारण बताओ नोटिस जारी किया।

सांगोद से विधायक भरत सिंह कुंदनपुर ने प्रदेश पार्टी प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा को पत्र लिखकर आरोप लगाया कि एक साजिश के तहत उन्हें टिकट नहीं दिया गया और किसी बाहरी व्यक्ति को उम्मीदवार बनाया गया। कुंदनपुर पहले भी गहलोत सरकार के खिलाफ मुखर रहे हैं। राजगढ़-लक्ष्मणगढ़ से एक और विधायक जौहरी लाल मीणा कांग्रेस के वरिष्ठ नेता भंवर जितेंद्र सिंह के आवास के बाहर धरने पर बैठ गए। उन्होंने दावा किया कि सर्वे में शीर्ष पर रहने के बावजूद टिकट काटकर बाहरी व्यक्ति को दे दिया गया है।

जौहरी लाल और उनके बेटे के खिलाफ दुष्कर्म के आरोप में मामला दर्ज है। कांग्रेस ने बाड़मेर में शिव सीट से मौजूदा विधायक अमीन खान पर भरोसा जताया है। हालांकि, इस बार खान को भारी विरोध का सामना करना पड़ रहा है। टिकट के लिए दावेदारी कर रहे बाड़मेर जिला कांग्रेस के अध्यक्ष फतेह खान ने अपने समर्थकों के साथ बाड़मेर में विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने कांग्रेस विरोधी नारे लगाते हुए पार्टी आलाकमान की आलोचना की। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के पुतले भी फूंके।

फतेह खान ने कहा कि “सभी सर्वेक्षणों, मानदंडों और समीकरणों को दरकिनार करते हुए कांग्रेस आलाकमान ने मौजूदा विधायक को फिर से उम्मीदवार बनाया है। यह उचित नहीं है।” उन्होंने कहा कि वह अपने समर्थकों से चर्चा के बाद ही कोई फैसला लेंगे। सिवाना सीट से पूर्व सांसद मानवेंद्र सिंह को टिकट देने पर गहलोत के करीबी सुनील परिहार ने भी बागी होने के संकेत दिए हैं। इसी तरह गंगानगर, चूरू, अजमेर और बीकानेर, अलवर में भी असंतुष्ट नेताओं और उनके समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया।

बीकानेर में, कांग्रेस के दो नेताओं- अब्दुल माजिद खोखर और गुलाम मुस्तफा ने पार्टी से इस्तीफा दे दिया है और घोषणा की है कि वे बीकानेर (पश्चिम) और बीकानेर (पूर्व) सीटों पर कांग्रेस उम्मीदवारों के खिलाफ निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ेंगे। शिक्षा मंत्री बी. डी. कल्ला को बीकानेर पश्चिम और जिला कांग्रेस अध्यक्ष यशपाल गहलोत को बीकानेर पूर्व सीटों से पार्टी का टिकट दिया गया। श्रीगंगानगर में निर्दलीय विधायक राजकुमार गौड़ के समर्थकों ने भी कांग्रेस द्वारा अंकुर मिगलानी को पार्टी टिकट देने पर आपत्ति जताई है।

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ईरान-इजरायल तनाव के बीच भारत ने जारी की एडवाइजरी, भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह

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पश्चिम एशिया में Iran और Israel के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। दोनों देशों के बीच जारी सैन्य टकराव के चलते क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। हालात को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है।

Embassy of India in Tehran ने भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। दूतावास ने कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचें और वहां मौजूद भारतीय स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें तथा सुरक्षा संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखें।

क्षेत्र में तनाव उस समय और बढ़ गया जब दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ हमले और जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आईं। कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं।

इस संघर्ष का असर केवल ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र पर पड़ रहा है। लाल सागर समेत महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है, क्योंकि ये वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माने जाते हैं।

अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील कर रहा है। कई विश्व नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि तनाव और बढ़ता है तो इसके व्यापक प्रभाव पूरे क्षेत्र और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति केवल क्षेत्रीय सुरक्षा ही नहीं, बल्कि ऊर्जा आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए भी बड़ी चुनौती बन सकती है। ऐसे में दुनिया की नजरें अब कूटनीतिक प्रयासों पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में तनाव कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।

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जयपुर में 24 घंटे के लिए डिजिटल कर्फ्यू, इंटरनेट सेवाएं बंद

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राजस्थान की राजधानी जयपुर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। यह प्रतिबंध बीती रात 12 बजे से लागू हो गया है और आज रात 12 बजे तक जारी रहेगा।

प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार शहर के संवेदनशील इलाकों में 2G, 3G, 4G और 5G मोबाइल इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह से बंद रहेंगी। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए उठाया गया है।

प्रशासन को आशंका है कि सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें और भड़काऊ संदेश फैलाए जा सकते हैं, जिससे माहौल खराब होने का खतरा है। इसी को देखते हुए इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाई गई है।

मोबाइल इंटरनेट के साथ-साथ फेसबुक, व्हाट्सएप और एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी प्रभावित रहेंगे। इसके अलावा SMS और MMS सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि किसी भी तरह की भ्रामक या गलत जानकारी के प्रसार को रोका जा सके।

पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि कोई व्यक्ति गलत सूचना फैलाने, शांति भंग करने या जारी आदेशों का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और हालात सामान्य रहने पर प्रतिबंध हटाने को लेकर उचित फैसला लिया जाएगा।

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7 साल बाद SAFF चैंपियन बना भारत, PM मोदी ने दी बधाई

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भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने 7 साल बाद SAFF महिला चैम्पियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को 3-1 से हराकर रिकॉर्ड छठी बार यह टूर्नामेंट जीता। यह मैच गोवा के मडगांव स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेला गया।

भारत की ओर से पियारी जाखसा, सनफिदा नोंगरूम और लिंडा कोम सेत्रो ने एक-एक गोल किया, जबकि बांग्लादेश के लिए एकमात्र गोल रितु पोर्ना ने किया। पियारी जाखसा ने 42वें मिनट में भारत को बढ़त दिलाई, लेकिन पहले हाफ के इंजरी टाइम में बांग्लादेश ने बराबरी कर ली। दूसरे हाफ में सनफिदा नोंगरूम के शानदार हेडर और 82वें मिनट में लिंडा कोम सेत्रो के गोल ने भारत की जीत सुनिश्चित कर दी।

पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा। टीम ने अपने सभी चार मुकाबले जीते, 18 गोल किए और सिर्फ एक गोल ही खाया। इस जीत के साथ मौजूदा चैंपियन बांग्लादेश की लगातार तीसरी बार खिताब जीतने की उम्मीद भी टूट गई।

इस अवसर पर भारतीय टीम की अनुभवी खिलाड़ी डांगमेई ग्रेस ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कह दिया। उन्होंने वर्ष 2012 में भारत के लिए पदार्पण किया था और 95 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के बाद अपने करियर का समापन एक और SAFF खिताब के साथ किया।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय महिला टीम को इस ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है और यह उपलब्धि देश की युवा खिलाड़ियों को फुटबॉल में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। प्रधानमंत्री ने टीम के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।

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