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भाजपा नीत गठबंधन 2024 में स्पष्ट जनादेश के साथ सत्ता में वापसी करेगा : रोहन खुंटे
नई दिल्ली : गोवा के मंत्री रोहन खुंटे ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत गठबंधन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में 2024 के लोकसभा चुनाव में ‘स्पष्ट जनादेश के साथ’ सत्ता में वापसी करेगा। उन्होंने सत्तारूढ़ भाजपा के प्रदर्शन पर भरोसा जताते हुए विपक्षी गठबंधन ‘इंडियन नेशनल डेवलपमेंट इन्क्लूसिव अलायंस’ (इंडिया) का मखौल उड़ाया। खुंटे ने ‘पीटीआई-भाषा’को दिए साक्षात्कार में सवाल किया, ‘‘विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ का नेता कौन है।” उन्होंने कहा, ‘‘यह उन लोगों का समूह है जो एक व्यक्ति के खिलाफ साथ आए हैं।” खुंटे गोवा के प्रमोद सावंत नीत सरकार में पर्यटन और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) मंत्री हैं। उन्होंने डबल इंजन की सरकार के बारे में बात करते हुए कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी दल प्रधानमंत्री के लिए विशाल जनादेश सुनिश्चित करने के लिए काम कर रहे हैं।
यह पूछे जाने पर कि 2024 के लोकसभा चुनावों से पहले विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के गठन के मद्देनजर उनका आगामी आम चुनाव को लेकर क्या आकलन है? इस पर खुंटे ने कहा, ‘‘ आकलन करने की जरूरत नहीं है”। उन्होंने कहा कि बिना नेता कुछ लोगों और पार्टियों के साथ आने से पार्टी नहीं बनती। भाजपा नेता ने कहा, ‘‘वह शत प्रतिशत आश्वस्त हैं” कि प्रधानमंत्री का नेतृत्व 2024 का चुनाव जीतेगा जो हमें ‘‘ आगे काम करने का मौका देगा।”
उन्होंने दिल्ली में ‘पीटीआई-भाषा’से कहा, ‘‘और, अगले पांच साल, प्रधानमंत्री मोदी जी अपने नेतृत्व में हमें समग्र दृष्टिगत योजना की अपेक्षा को पूरा करने के लिए अपने विचारों और उनकी निरंतरता को आगे बढ़ाने की अनुमति देंगे जो हमने पर्यटन 2.0 गोवा के लिए बनाई है।” सूत्रों ने बताया कि गोवा के पर्यटन मंत्री इस सप्ताह विभिन्न संबंधित मंत्रालयों से जुड़े शीर्ष अधिकारियों से मुलाकात करने के लिए पहुंचे हैं ताकि तटीय राज्य के लिए परिकल्पित योजना को आगे बढ़ाया जा सके। गोवा को ‘परशुराम भूमि’ बताते हुए खुंटे ने कहा कि पर्यटन विभाग ने समुद्र के किनारे ‘सिविल अवसंरचना’की परिकल्पना की है जो बाहर से धनुष के आकार की दिखेगी और भीतर विभिन्न सुविधाएं होंगी।
उन्होंने कहा, ‘यह विचार है लेकिन इसे राज्य सरकार अकेला पूरा नहीं कर सकती बल्कि यह केंद्रीय मंत्रालयों के सहयोग से होगा। हम इसमें संस्कृति और पर्यटन मंत्रालयों का सहयोग चाहते हैं। हम इसे दोनों मंत्रालयों के जरिये पूरा करना चाहते हैं।” चुनाव से पहले ‘इंडिया’ गठबंधन की ताकत के बारे में पूछे जाने पर खुंटे ने कहा, ‘‘विपक्ष को विपक्ष के तौर पर बात करने की जरूरत है।”
मंत्री ने कहा, ‘‘यह कुछ लोगों के एक साथ आने और ‘इंडिया’का गठन करने और चर्चा में आने से कुछ उपयोगी नहीं हो सकता है। एक सवाल यह है कि उनका नेता कौन है?” आगामी लोकसभा चुनाव में भाजपा का मुकाबला करने के लिए विपक्ष ने ‘इंडिया’ नाम से नया गठबंधन बनाया गया है। इसके सदस्यों में कांग्रेस, राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा), जनता दल यूनाइटेड (जदयू), राष्ट्रीय जनता दल (राजद), तृणमूल कांग्रेस समेत कई अन्य दल शामिल हैं। खुंटे ने आरोप लगाया, ‘‘ ‘इंडिया’ गठबंधन क्या है? लोगों, नेताओं और पार्टियों का समूह है जो एक नेता के खिलाफ एकजुट होने की कोशिश कर रहे है? देश के लिए कुछ बेहतर करने की कौन कोशिश कर रहा है? ” भाजपा नेता ने दावा किया कि केवल उन्होंने ही नहीं, बल्कि देश ने भी गत नौ साल में देश में जिस तरह से विकास कार्य हुआ है उसके मद्देनजर जनादेश को लेकर ‘पहले ही फैसला’ कर लिया है।
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ईरान-इजरायल तनाव के बीच भारत ने जारी की एडवाइजरी, भारतीय नागरिकों को सतर्क रहने की सलाह
पश्चिम एशिया में Iran और Israel के बीच बढ़ते तनाव ने वैश्विक चिंता बढ़ा दी है। दोनों देशों के बीच जारी सैन्य टकराव के चलते क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति लगातार गंभीर होती जा रही है। हालात को देखते हुए भारत सरकार ने अपने नागरिकों के लिए महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है।
Embassy of India in Tehran ने भारतीय नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। दूतावास ने कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों को देखते हुए ईरान की गैर-जरूरी यात्रा से बचें और वहां मौजूद भारतीय स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें तथा सुरक्षा संबंधी अपडेट पर नजर बनाए रखें।
क्षेत्र में तनाव उस समय और बढ़ गया जब दोनों पक्षों की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ हमले और जवाबी कार्रवाई की खबरें सामने आईं। कई रणनीतिक ठिकानों को निशाना बनाए जाने के बाद पूरे क्षेत्र में सुरक्षा को लेकर चिंताएं गहरा गई हैं।
इस संघर्ष का असर केवल ईरान और इजरायल तक सीमित नहीं है, बल्कि पूरे मध्य-पूर्व क्षेत्र पर पड़ रहा है। लाल सागर समेत महत्वपूर्ण समुद्री मार्गों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता जताई जा रही है, क्योंकि ये वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिए बेहद अहम माने जाते हैं।
अंतरराष्ट्रीय समुदाय लगातार दोनों देशों से संयम बरतने और बातचीत के जरिए समाधान निकालने की अपील कर रहा है। कई विश्व नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि तनाव और बढ़ता है तो इसके व्यापक प्रभाव पूरे क्षेत्र और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि मौजूदा स्थिति केवल क्षेत्रीय सुरक्षा ही नहीं, बल्कि ऊर्जा आपूर्ति, अंतरराष्ट्रीय व्यापार और वैश्विक आर्थिक स्थिरता के लिए भी बड़ी चुनौती बन सकती है। ऐसे में दुनिया की नजरें अब कूटनीतिक प्रयासों पर टिकी हैं और उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में तनाव कम करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जाएंगे।
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जयपुर में 24 घंटे के लिए डिजिटल कर्फ्यू, इंटरनेट सेवाएं बंद
राजस्थान की राजधानी जयपुर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए 24 घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं। यह प्रतिबंध बीती रात 12 बजे से लागू हो गया है और आज रात 12 बजे तक जारी रहेगा।
प्रशासन द्वारा जारी आदेश के अनुसार शहर के संवेदनशील इलाकों में 2G, 3G, 4G और 5G मोबाइल इंटरनेट सेवाएं पूरी तरह से बंद रहेंगी। अधिकारियों का कहना है कि यह कदम शहर में शांति और सुरक्षा बनाए रखने के लिए उठाया गया है।
प्रशासन को आशंका है कि सोशल मीडिया के जरिए अफवाहें और भड़काऊ संदेश फैलाए जा सकते हैं, जिससे माहौल खराब होने का खतरा है। इसी को देखते हुए इंटरनेट सेवाओं पर अस्थायी रोक लगाई गई है।
मोबाइल इंटरनेट के साथ-साथ फेसबुक, व्हाट्सएप और एक्स (पूर्व में ट्विटर) जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म भी प्रभावित रहेंगे। इसके अलावा SMS और MMS सेवाओं पर भी प्रतिबंध लगाया गया है, ताकि किसी भी तरह की भ्रामक या गलत जानकारी के प्रसार को रोका जा सके।
पुलिस और प्रशासन ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने और केवल आधिकारिक जानकारी पर भरोसा करने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि कोई व्यक्ति गलत सूचना फैलाने, शांति भंग करने या जारी आदेशों का उल्लंघन करते हुए पाया गया तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
प्रशासन का कहना है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और हालात सामान्य रहने पर प्रतिबंध हटाने को लेकर उचित फैसला लिया जाएगा।
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7 साल बाद SAFF चैंपियन बना भारत, PM मोदी ने दी बधाई
भारतीय महिला फुटबॉल टीम ने 7 साल बाद SAFF महिला चैम्पियनशिप का खिताब अपने नाम कर लिया है। फाइनल मुकाबले में भारत ने बांग्लादेश को 3-1 से हराकर रिकॉर्ड छठी बार यह टूर्नामेंट जीता। यह मैच गोवा के मडगांव स्थित पंडित जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में खेला गया।
भारत की ओर से पियारी जाखसा, सनफिदा नोंगरूम और लिंडा कोम सेत्रो ने एक-एक गोल किया, जबकि बांग्लादेश के लिए एकमात्र गोल रितु पोर्ना ने किया। पियारी जाखसा ने 42वें मिनट में भारत को बढ़त दिलाई, लेकिन पहले हाफ के इंजरी टाइम में बांग्लादेश ने बराबरी कर ली। दूसरे हाफ में सनफिदा नोंगरूम के शानदार हेडर और 82वें मिनट में लिंडा कोम सेत्रो के गोल ने भारत की जीत सुनिश्चित कर दी।
पूरे टूर्नामेंट में भारतीय टीम का प्रदर्शन शानदार रहा। टीम ने अपने सभी चार मुकाबले जीते, 18 गोल किए और सिर्फ एक गोल ही खाया। इस जीत के साथ मौजूदा चैंपियन बांग्लादेश की लगातार तीसरी बार खिताब जीतने की उम्मीद भी टूट गई।
इस अवसर पर भारतीय टीम की अनुभवी खिलाड़ी डांगमेई ग्रेस ने अंतरराष्ट्रीय फुटबॉल को अलविदा कह दिया। उन्होंने वर्ष 2012 में भारत के लिए पदार्पण किया था और 95 अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने के बाद अपने करियर का समापन एक और SAFF खिताब के साथ किया।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय महिला टीम को इस ऐतिहासिक जीत पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि टीम ने पूरे टूर्नामेंट में शानदार प्रदर्शन किया है और यह उपलब्धि देश की युवा खिलाड़ियों को फुटबॉल में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करेगी। प्रधानमंत्री ने टीम के उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं भी दीं।
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