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Punjab

पंजाब CM भगवंत मान थोड़ी देर में करेंगे प्रेस कॉन्फ्रेंस:कृषि और सिंचाई मंत्री भी मौजूद रहेंगे, दो दिन में दूसरी प्रेसवार्ता

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पंजाब के सीएम भगवंत मान चंडीगढ़ स्थित आवास पर प्रेस कांफ्रेंस करने जा रहे हैं। सुबह साढ़े दस बजे के करीब वह मीडिया से रूबरू होंगे। उनके साथ पंजाब के कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां व सिंचाई मंत्री बरिंदर कुमार गोयल भी मौजूद रहेंगे। अभी तक पीसी की वजह साफ नहीं की गई है। हालांकि दो दिन में यह सीएम की दूसरी प्रेस कांफ्रेंस है।

सीएम केंद्र पर पर हमलावर

14 तारीख को पंजाब दौरे पर देश के गृहमंत्री अमित शाह मोगा में आए थे। उन्होंने वहां पर रैली को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने पंजाब सरकार पर जुबानी तीर छोड़े थे। उसके बाद से सीएम भी केंद्र सरकार व पीएम पर हमलावर हैं। वह लगातार पीएम को निशाना बना रहे हैं।

विधानसभा में निंदा प्रस्ताव पास

विधानसभा में इस बार भी केंद्र सरकार की देश में पैदा हुई गैस किल्लत के मुद्दे पर स्पेशल प्रस्ताव लाया गया। इस दौरान केंद्र सरकार की विदेश नीति के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया गया। इसके बाद 16 मार्च को जब सेशन संपन्न होना था, उस दिन आम आदमी पार्टी विधायक व मंत्रियों ने गैस किल्लत के मुद्दे पर सदन के बाहर और अंदर प्रदर्शन किया।

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अमृतसर में 11 आम आदमी क्लीनिक मंजूर:4 करोड़ का फंड जारी, फ्री होंगे 42 तरह के टेस्ट; मुफ्त इलाज सुविधाएं जल्द शुरू

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अमृतसर में आम आदमी पार्टी के विधायक कुलदीप सिंह धालीवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान और स्वास्थ्य मंत्री के सहयोग से 11 आम आदमी क्लीनिकों को मंजूरी दी गई है। इन सभी प्रोजेक्ट्स के लिए करोड़ों रुपए के फंड जारी हो चुके हैं और टेंडर प्रक्रिया तेजी से जारी है।

अजनाला में स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान धालीवाल ने बताया कि बल्ललवाल और गुज्जरपुरा में दो नए हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर बनाए जाएंगे, जिनके लिए लगभग 55-55 लाख रुपए का बजट निर्धारित किया गया है।

प्रति क्लीनिक के लिए 25 लाख रुपए का फंड

इसके अलावा कई गांवों में आम आदमी क्लीनिकों के निर्माण के लिए 24 से 25 लाख रुपए प्रति क्लीनिक के हिसाब से फंड जारी किया गया है। कुल मिलाकर करीब 4 करोड़ रुपए स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए दिए गए हैं।

उन्होंने कहा कि इन क्लीनिकों में लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिलेगी। यहां लगभग 42 तरह के टेस्ट मुफ्त किए जाएंगे और दवाइयां भी फ्री उपलब्ध होंगी। सरकार का लक्ष्य है कि मई महीने तक सभी प्रोजेक्ट्स पूरे कर लिए जाएं, ताकि लोगों को जल्द से जल्द इन सुविधाओं का लाभ मिल सके।

सरकार का उद्देश्य स्वास्थ्य और शिक्षा सुधार

इसके साथ ही उन्होंने बताया कि सड़कों और स्कूलों के विकास के लिए भी पर्याप्त फंड जारी किया गया है। बाढ़ से बचाव के लिए नालों की सफाई, मजबूती पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अंत में धालीवाल ने कहा कि सरकार का मुख्य उद्देश्य स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करना है, ताकि लोगों को बेहतर सुविधाएं मिल सकें।

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पंजाब में सिंचाई क्षेत्र में बड़ा बदलाव: चार साल में तीन गुना बढ़ा बजट, 58 लाख एकड़ तक पहुंचा नहरी पानी

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपनी सरकार के चार साल के कार्यकाल के दौरान सिंचाई विभाग द्वारा किए गए बड़े कामों की विस्तृत जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2022 में सरकार बनने के समय राज्य में नहरी पानी का उपयोग केवल 26.5 प्रतिशत था, जो अब बढ़कर लगभग 58 लाख एकड़ क्षेत्र तक पहुंच गया है। यह करीब 78 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है, जो राज्य में सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

मुख्यमंत्री के अनुसार, इन चार वर्षों में सिंचाई क्षेत्र में लगभग 6,700 करोड़ रुपये खर्च किए गए, जिससे सिंचाई बजट तीन गुना बढ़ गया। इस दौरान 13,938 किलोमीटर नए खाल (नहरें) बनाए गए और 18,000 किलोमीटर से अधिक पुराने ढांचे का पुनरुद्धार किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि राज्य के 2,444 ऐसे गांव थे, जिन्हें आजादी के बाद भी नहरी पानी नहीं मिला था, लेकिन अब पहली बार इन गांवों तक पानी पहुंचाया गया है।

कांडी क्षेत्र में 1,500 किलोमीटर भूमिगत पाइपलाइनों की बहाली के जरिए 24,000 एकड़ जमीन को सिंचाई से जोड़ा गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि कई नहरें कागजों में तो मौजूद थीं, लेकिन जमीन पर उनका अस्तित्व खत्म हो चुका था। सरकार ने ऐसी नहरों की पहचान कर उन्हें दोबारा चालू किया। उदाहरण के तौर पर, तरनतारन जिले की सरहाली नहर के करीब 22 किलोमीटर हिस्से को पुनर्जीवित किया गया।

उन्होंने दावा किया कि नहरी पानी की आपूर्ति बढ़ने से भूजल के दोहन में कमी आई है। गुरदासपुर के कई ब्लॉकों में भूजल दोहन की दर आधे से अधिक घट गई है, जबकि 57 प्रतिशत से अधिक कुओं में जल स्तर 0 से 4 मीटर तक बढ़ा है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि 25 वर्षों से लंबित शाहपुर कंडी डैम परियोजना को 3,394.49 करोड़ रुपये की लागत से पूरा किया गया है। इस परियोजना से सिंचाई के साथ-साथ पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा, और 26 नए पर्यटन स्थलों का विकास किया गया है।

राज्य सरकार ने राज्य आपदा राहत कोष के तहत 470 करोड़ रुपये खर्च कर 195 परियोजनाएं पूरी की हैं। बाढ़ और जलभराव की समस्या को कम करने के लिए 3,700 किलोमीटर नालों की सफाई की गई है और नई मशीनरी भी लगाई गई है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने राजस्थान को पानी की आपूर्ति और भुगतान से जुड़े मुद्दे को भी उठाया। उन्होंने कहा कि पानी की सप्लाई 1920 में बीकानेर राज्य और बहावलपुर के बीच हुए समझौते के तहत शुरू हुई थी, जो बाद में राजस्थान तक पहुंची। उस समय प्रति एकड़ पानी के उपयोग के लिए शुल्क निर्धारित किया गया था और यह भुगतान 1960 तक जारी रहा।

उन्होंने बताया कि 1960 के बाद यह भुगतान व्यवस्था समाप्त हो गई और न तो राजस्थान और न ही पंजाब ने इस मुद्दे को आगे बढ़ाया। अब पुराने रिकॉर्ड के आधार पर अनुमान लगाया गया है कि 1960 से 2026 तक का बकाया लगभग 1.44 लाख करोड़ रुपये बनता है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि राजस्थान 1920 के समझौते के तहत पानी प्राप्त कर रहा है, तो उसे उसी अनुसार भुगतान भी करना चाहिए। अन्यथा, इस समझौते की समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने संकेत दिए कि इस मुद्दे को अब उच्च स्तर पर उठाया जाएगा।

उन्होंने यह भी बताया कि वर्तमान में राजस्थान फीडर से लगभग 18,000 क्यूसेक पानी की आपूर्ति हो रही है, जबकि इसके बदले कोई वित्तीय मुआवजा नहीं मिल रहा। मुख्यमंत्री ने सवाल उठाया कि पहले भुगतान किया जाता था, तो अब क्यों नहीं किया जा रहा।

इस बयान से साफ संकेत मिलते हैं कि आने वाले समय में पंजाब और राजस्थान के बीच पानी और भुगतान को लेकर मुद्दा एक बार फिर प्रमुखता से उठ सकता है।

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अब राजस्थान से पानी की पेमेंट वसूलेगा पंजाब:CM बोले- 1960 के बाद नहीं दिए 1.44 लाख करोड़

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पंजाब सरकार राजस्थान से वहां को दिए जाने वाले पानी के बदले पैसे वसूलेगी। 1960 से अब तक 1.44 लाख करोड़ बकाया है। इसके लिए हमने राजस्थान सरकार को पत्र भी लिखा है, पत्र में कहा है कि हम आपके साथ इस मुद्दे पर बैठना चाहते हैं। केंद्र सरकार भी इसमें बैठेगी।

यह दावा पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में किया। उन्होंने साफ किया है कि अब यह मुद्दा आगे बढेगा। वहीं, उन्होंने बताया कि तरनातरन में 22 किलोमीटर लंबी सरहाली लंबी नहर तलाशी है। यह कई सालों से गायब थी। वहीं, 26 नए रेस्टहाउस शुरू करेंगे। उन्होंने अपने राजनीतिक विरोधियों पर हमला करते हुए कहा कि जो पानी के राखे (रक्षक) थे, उन्होंने पानी नहीं संभाला है। वहीं, जो बाणी के राखों ने बाणी को रोल दिया है।

सीएम ने कहा कि 1920 में महाराजा बीकानेर और बहाबलपुर रिसायत के लिए पानी देने का एग्रीमेंट हुआ था। राजस्थान फीडर से पंजाब का 18000 क्यूसिक पानी जाता है। 1960 तक राजस्थान पानी की पेमेंट करता था। लेकिन 1960 में नई संधी आ गई थी। इसके बाद राजस्थान पैसे देने पीछे हट गया और पंजाब वसूली करने से पीछे हो गया।

सीएम केंद्र पर हमलावर

14 तारीख को पंजाब दौरे पर देश के गृहमंत्री अमित शाह मोगा में आए थे। उन्होंने वहां पर रैली को संबोधित किया था। इस दौरान उन्होंने पंजाब सरकार पर जुबानी तीर छोड़े थे। उसके बाद से सीएम भी केंद्र सरकार व पीएम पर हमलावर हैं। वह लगातार पीएम को निशाना बना रहे हैं।

विधानसभा में निंदा प्रस्ताव पास

विधानसभा में इस बार भी केंद्र सरकार की देश में पैदा हुई गैस किल्लत के मुद्दे पर स्पेशल प्रस्ताव लाया गया। इस दौरान केंद्र सरकार की विदेश नीति के खिलाफ निंदा प्रस्ताव पेश किया गया। इसके बाद 16 मार्च को जब सेशन संपन्न होना था, उस दिन आम आदमी पार्टी विधायक व मंत्रियों ने गैस किल्लत के मुद्दे पर सदन के बाहर और अंदर प्रदर्शन किया।

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