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Haryana

उपराष्ट्रपति का अपमान देश के किसान, गरीब व अन्य तबके का अपमान है: प्रो.रामबिलास शर्मा

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महेंद्रगढ़ : हरियाणा भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष व पूर्व शिक्षा मंत्री प्रो.रामबिलास शर्मा ने देश के उपराष्ट्रपति माननीय जगदीप धनखड़ का मजाक उड़ाने पर टीएमसी सांसद कल्याण बनर्जी पर तीखी टिप्पणी की है। पूर्व शिक्षा मंत्री ने वीरवार को जारी बयान में कहा कि “भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का ममता बनर्जी के सांसद कल्याण बनर्जी द्वारा मजाक उड़ाना निंदनीय है। कल्याण बनर्जी को संसद से बर्खास्त कर देना चाहिए साथ ही पूर्व मंत्री ने सांसद कल्याण बनर्जी को उकसाने के लिए कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी जिम्मेदार ठहराया।श्री शर्मा ने कहा कि कल्याण बनर्जी जब उपराष्ट्रपति के खिलाफ अशोभनीय भाषा बोल रहा था तो कांग्रेसी सांसद राहुल गांधी वीडियो बना रहे थे। उन्होंने राहुल गांधी को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि राहुल गांधी भारत के संस्कारों की भाषा न बोलकर इटली की भाषा बोलते हैं क्योंकि राहुल गांधी में इटली के संस्कार हैं।

पूर्व मंत्री ने कहा कि जगदीप धनखड़ देश के संवैधानिक पद उपराष्ट्रपति के पद पर विराजमान है साथ ही जगदीप धनखड़ एक गरीब किसान के घर में पैदा हुए धनखड़ स्वयं सांसद व केंद्र सरकार में मंत्री भी रहे। उन्होंने जयपुर में वकालत के साथ-साथ पश्चिम बंगाल के संवैधानिक पद राज्यपाल भी रहे जहां उन्होंने भारत विरोधी ताकतों पर कार्रवाई की जो ममता बनर्जी की पार्टी व कांग्रेस को अच्छी नहीं लगी इस बात की टीस कांग्रेस व अन्य पार्टियों को आज भी है। उन्होंने कहा कि यह उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ का अपमान ना होकर देश के अन्नदाता किसान,मजदूर गरीब व्यापारी सहित सभी वर्गों का अपमान है।

उन्होंने कहा कि उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ पर की गई टीका टिप्पणी को लेकर महेंद्रगढ़, राजस्थान सहित पूरे देश के किसानों व अन्य लोगों में आक्रोश है। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ की ससुराल महेंद्रगढ़ जिले के कस्बा सतनाली में है।पिछले दिनों वे देश के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से मिले थे। वे बड़े सरल और सोम्य स्वभाव के व्यक्तित्व के धनी हैं। उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ भारत के प्रत्येक नागरिक की चिंता करते हैं। श्री शर्मा ने उपराष्ट्रपति के साथ मुलाकात की फोटो भी प्रेस को साझा की। उन्होंने कहा कि देश की जनता सांसदों को संसद में क्षेत्र के मुद्दों पर बहस करने क्षेत्र व देश की चिंता के लिए भेजती है लेकिन बड़े दुर्भाग्य की बात है कि जनता के चुने हुए लोग अपने कर्तव्य का पालन न करके उपराष्ट्रपति जैसे सम्मानित पद को ठेस पहुंचाने का कार्य करते हैं।

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अब शादी के लिए मजबूर नहीं कर सकते माता-पिता, पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट का बड़ा फैसला

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पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने व्यक्तिगत स्वतंत्रता और अपनी पसंद से विवाह करने के अधिकार को लेकर एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाया है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि कोई भी माता-पिता या रिश्तेदार किसी बालिग व्यक्ति को उसकी इच्छा के विरुद्ध शादी करने के लिए मजबूर नहीं कर सकते।

जस्टिस दीपक गुप्ता ने एक एमबीए छात्रा की याचिका पर सुनवाई करते हुए कहा कि शादी करना है या नहीं, कब करनी है और किससे करनी है, यह पूरी तरह से व्यक्ति का निजी निर्णय है। यह अधिकार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 21 के तहत प्रदत्त जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के अधिकार का हिस्सा है।

याचिकाकर्ता ने अदालत को बताया कि वह नौकरी और उच्च शिक्षा के कारण स्वतंत्र रूप से रह रही है, लेकिन उसके माता-पिता, मामा और अन्य रिश्तेदार उस पर अपनी पसंद के व्यक्ति से विवाह करने का लगातार दबाव बना रहे हैं।

अदालत ने कहा कि विवाह किसी व्यक्ति के जीवन का सबसे महत्वपूर्ण निजी निर्णय होता है और इस मामले में किसी भी प्रकार का बाहरी दबाव या जबरदस्ती स्वीकार नहीं की जा सकती। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि किसी भी व्यक्ति को उसकी इच्छा के खिलाफ विवाह के बंधन में नहीं बांधा जा सकता।

हाईकोर्ट ने यह भी कहा कि ऐसे मामलों में राज्य की जिम्मेदारी है कि वह नागरिकों के जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की सुरक्षा सुनिश्चित करे।

मामले का निपटारा करते हुए अदालत ने मोहाली के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) या उनके द्वारा अधिकृत अधिकारी को छात्रा की शिकायत पर विचार करने, खतरे का आकलन करने और यदि उसकी जान या स्वतंत्रता को वास्तविक खतरा हो तो तत्काल सुरक्षा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं।

इस फैसले को बालिग व्यक्तियों के अपनी पसंद से जीवनसाथी चुनने और स्वतंत्र रूप से जीवन जीने के संवैधानिक अधिकार को मजबूत करने वाला महत्वपूर्ण निर्णय माना जा रहा है।

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भीषण गर्मी के चलते हरियाणा में स्कूल बंद, छुट्टियों का ऐलान

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हरियाणा के स्कूली बच्चों के लिए बड़ी खुशखबरी सामने आई है। प्रदेश में पड़ रही भीषण गर्मी और लगातार बढ़ते तापमान को देखते हुए हरियाणा सरकार ने गर्मियों की छुट्टियों का ऐलान कर दिया है। मुख्यमंत्री द्वारा शिक्षा विभाग के साथ बैठक करने के बाद यह फैसला लिया गया।

अब हरियाणा के सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में 25 मई से 30 जून तक गर्मियों की छुट्टियां रहेंगी। पहले ये छुट्टियां 1 जून से शुरू होनी थीं, लेकिन मौसम विभाग द्वारा जारी हीटवेव और लू के अलर्ट के बाद सरकार ने छुट्टियां एक सप्ताह पहले करने का निर्णय लिया है।

मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ सकता है तथा कई इलाकों में लू चलने की संभावना है। इसे ध्यान में रखते हुए बच्चों की सेहत और सुरक्षा के लिए यह अहम कदम उठाया गया है। शिक्षा मंत्री और शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ चर्चा के बाद मुख्यमंत्री सैनी ने छुट्टियों के फैसले को मंजूरी दी।

गौरतलब है कि इससे पहले चंडीगढ़ प्रशासन ने भी बढ़ती गर्मी को देखते हुए सरकारी और प्राइवेट स्कूलों में छुट्टियों का ऐलान किया था। अब हरियाणा सरकार ने भी इसी तरह का फैसला लेते हुए विद्यार्थियों को गर्मी से राहत दी है।

वहीं अभिभावकों ने भी सरकार के इस फैसले का स्वागत किया है, क्योंकि पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज गर्मी ने लोगों की परेशानी बढ़ा दी थी। दोपहर के समय तेज धूप और गर्म हवाओं के कारण बच्चों की सेहत पर बुरा असर पड़ने का खतरा बढ़ गया था।

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हरियाणा CM नायब सैनी का दावा: बंगाल में भाजपा का एकतरफा माहौल, पंजाब में भी खिलेगा कमल

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भाजपा के प्रमुख स्टार प्रचारकों में शामिल हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी का मानना है कि बंगाल चुनाव में पार्टी के पक्ष में एकतरफा माहौल है। दीदी जा रही हैं। जनता ने कमल खिलाने का मन बना लिया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किए जा रहे विकास कार्यों की चर्चा बंगाल में हर तरफ हो रही है। केंद सरकार की कल्याणकारी नीतियों को लोग पसंद कर रहे हैं। बंगाल के बाद पंजाब का नंबर है। वहां के लोगों ने भी कमल खिलाने का मन बना लिया है।

पहली बार गुरुग्राम में हुई कैबिनेट बैठक

बुधवार को हरियाणा मंत्रिमंडल की बैठक की अध्यक्षता करने के लिए साइबर सिटी पहुंचे मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने राजनीतिक विषयों पर किए गए सवालों के जवाब में कहा कि बंगाल का माहौल पूरी तरह बदला हुआ है। वहां की सरकार को लोगों ने पूरी तरह उखाड़ फेंकने का मन बना रखा है। जहां तक पंजाब का सवाल है तो वहां के काफी लोग उनसे मिलने आते रहते हैं।

कुछ दिन पहले भी काफी लोग मिलने पहुंचे थे। सभी वहां की सरकार से परेशान हैं। सभी चाहते हैं कि जल्द से जल्द पंजाब में कमल खिले। नारी शक्ति वंदन अधिनियम का विरोध कर विपक्ष ने देश की आधी आबादी को नाराज कर दिया है। कई देशों की जितनी आबादी नहीं है, उससे अधिक महिलाएं अपने देश में है।

इसके बाद भी उन्हें उनके अधिकारों से वंचित करने का प्रयास विपक्ष ने किया है। चुनावों में देश की जनता जवाब देगी। बंगाल या पंजाब ही नहीं बल्कि जहां पर भी चुनाव होंगे वहां महिलाएं विपक्ष को माफ नहीं करेंगी।

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