Uttar Pradesh

Mahakumbh मेले में वाटर एटीएम दे रहा है फ्री आरओ पानी, बटन दबाते ही निकलने लगता है शुद्ध जल

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यूपी जल निगम ने मेला क्षेत्र में 200 वाटर एटीएम लगाए हैं। इनके माध्यम से श्रद्धालुओं को फ्री आरओ पानी मिल रहा है। वहीं, Mahakumbh में इस बार 116 देशों के राजनायिक आ रहे हैं। वे शनिवार को सुबह अरैल पहुंचेंगे। अरैल स्थित टेंट सिटी में उनका परंपरागत तरीके से स्वागत किया जाएगा।

116 देशों के राजनायिक भी शनिवार को Mahakumbh नगर का हिस्सा होंगे। दिन भर के कार्यक्रम के दौरान वे संगम स्नान के साथ मेला क्षेत्र का भ्रमण भी करेंगे। अरैल में सभी देशों के झंडे भी लगाए जाएंगे। कुंभ 2019 में भी 72 देशों के राजनायिक आए थे।

इस बार 116 देशों के राजनायिक आ रहे हैं। वे शनिवार को सुबह अरैल पहुंचेंगे। अरैल स्थित टेंट सिटी में उनका परंपरागत तरीके से स्वागत किया जाएगा। इसी क्रम में राजनायिक झंडे को सलामी देंगे। इसके बाद उन्हें क्रूज से वीआईपी घाट लाया जाएगा। संगम पर उनके स्नान की भी व्यवस्था रहेगी।

इसके लिए जेटी तैयार की जा रही है। वे अक्षयवट, हनुमान मंदिर में दर्शन करेंगे और संतों से भी मिलेंंगे। विदेशी डेलीगेट्स कला Mahakumbh , डिजिटल अनुभूति केंद्र समेत अन्य प्रदर्शनियों का अवलोकन करेंगे। शाम को सांस्कृतिक आयोजन में भी शामिल होंगे। इसके बाद वे वाराणसी के लिए रवाना होंगे।
मेले में वाटर एटीएम दे रहा है फ्री आरओ पानी
यूपी जल निगम ने मेला क्षेत्र में 200 वाटर एटीएम लगाए हैं। इनके माध्यम से श्रद्धालुओं को फ्री आरओ पानी मिल रहा है। प्रतिदिन 12 से 15 हजार लीटर पानी उपलब्ध कराया जा रहा है। अधिशासी अभियंता ने बताया कि मेला प्रशासन ने पहले इसके लिए एक रुपये का शुल्क लगाया था, पर अब यह पूरी तरह मुफ्त है। वाटर एटीएम पर ऑपरेटर बैठते हैं, जो श्रद्धालुओं के कहने पर बटन दबाकर शुद्ध जल उपलब्ध करा रहे हैं। इनकी सेंसर के माध्यम से निगरानी भी होती है।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति को डेढ़ करोड़ ने किए हस्ताक्षर
श्रीकृष्ण जन्मभूमि की मुक्ति और मंदिर के भव्य निर्माण को लेकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति न्यास की ओर से मेले में चल रहे अभियान में डेढ़ करोड़ लोग हस्ताक्षर कर चुके हैं। एक फरवरी को सेक्टर-16 स्थित जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी राजेश्वर माऊली के पंडाल में महासंवाद होगा। इसमें आगे के आंदोलन की आधारशिला रखी जाएगी।
अध्यक्ष एडवोकेट महेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि भगवान श्रीकृष्ण की मूल जन्मस्थली (वर्तमान में शाही ईदगाह मस्जिद) को मुक्त कराने के लिए अभियान की शुरुआत जन्मभूमि के मुख्य द्वार से की गई थी। इसमें अब तक डेढ़ करोड़ लोगों ने हस्ताक्षर कर आंदोलन को समर्थन दिया है। साधु-महात्मा, महामंडलेश्वर, जगद्गुरु और शंकराचार्य महासंवाद में शामिल होंगे।

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