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Mahakal मंदिर के पास दीवार गिरने से दो लोगों की गई जान, सीएम मोहन यादव ने पीड़तों को मुआवजे देने का किया ऐलान

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उज्जैन में एक Mahakal मंदिर के पास स्कूल के पास दीवार गिरने से दो लोगों की दुखद मौत हो गई। वे बहुत गरीब थे और मंदिर में लोगों को चढ़ाने के लिए फूल और चीजें बेचकर पैसे कमाते थे। हादसे में घायल हुए लोगों की हालत भी ठीक नहीं है। राज्य के नेता सीएम मोहन यादव इस घटना से बहुत दुखी हैं और उन्होंने मरने वालों और घायलों के परिवारों की मदद करने का वादा किया है। Mahakal पुलिस स्टेशन ने एक दुखद खबर साझा की। दो लोग, अजय के पिता ओम योगी, जो 30 साल के थे और शिव शक्ति नगर में रहते थे, और परहीन राठौर, जो प्रवीण की पत्नी थी और जयसिंहपुरा में रहती थी, की दुखद मौत दीवार गिरने से हो गई।

वे दोनों गेट नंबर 4 के पास एक मंदिर में आने वाले लोगों के लिए फूल और विशेष सामान बेचते थे। वे कई सालों से यह काम कर रहे थे और उन्हें नहीं पता था कि भारी बारिश के कारण इतना भयानक हादसा हो जाएगा। बारिश की वजह से एक दीवार गिर गई और दो लोग उसके नीचे दब गए। महाकालेश्वर मंदिर के कर्मचारियों और पुलिस ने कड़ी मेहनत कर उन्हें बाहर निकाला। उन्हें मंदिर से एम्बुलेंस में अस्पताल ले जाया गया, लेकिन दुख की बात है कि उनमें से एक की जान नहीं बची। शारदाबाई नाम की एक महिला, जो सोहनलाल की पत्नी है, को बहुत ज़्यादा चोट लगी है। कुछ बच्चे भी घायल हुए हैं, और उन सभी को अस्पताल में मदद मिल रही है।

वे महाकालेश्वर मंदिर में बड़े पैमाने पर निर्माण और सुधार कर रहे हैं, और इसमें बहुत पैसा खर्च हो रहा है!

महाकाल लोक एक खास क्षेत्र है जिसे उज्जैन में महाकालेश्वर मंदिर के पास बनाया गया था। इस क्षेत्र को बनाने में बहुत ज़्यादा पैसा, लगभग 460 करोड़, खर्च हुआ। अभी और भी काम हो रहे हैं, जिस पर मंदिर को और भी सुंदर बनाने के लिए 700 करोड़ से ज़्यादा खर्च होंगे। जबकि मंदिर के आस-पास के क्षेत्र को सुंदर बनाया गया है, एक सवाल यह है कि एक दीवार की ठीक से देखभाल क्यों नहीं की गई, और लोग इस बारे में बात कर रहे हैं।

महाकालेश्वर मंदिर पूजा के लिए महत्वपूर्ण स्थानों में से एक है, जिसे ज्योतिर्लिंग के रूप में जाना जाता है, और यह बहुत खास है क्योंकि यह अपने आप प्रकट हुआ था। इस मंदिर में बहुत से लोग आते थे, हर दिन लगभग 25,000 से 30,000 लोग। लेकिन अब, जब से पास में महाकाल लोक नामक एक नया क्षेत्र बनाया गया है, तब से और भी अधिक लोग आते हैं – हर दिन लगभग 200,000 से 250,000 लोग आते हैं! सभी को सुरक्षित रखने के लिए, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने महाकाल लोक में एक पुलिस स्टेशन स्थापित करने का निर्णय लिया। मंदिर के कर्मचारी भी यह सुनिश्चित कर रहे हैं कि आगंतुकों के लिए सुरक्षा के पुख्ता उपाय किए जाएं। दुर्भाग्य से, एक दुर्घटना हुई जब एक दीवार गिर गई, और मंदिर के बाहर कुछ फूल बेचने वाले घायल हो गए।

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ड्रग माफिया के खिलाफ लड़ाई पर सख्त संदेश: जो नेता झिझके, वह ‘आप’ छोड़ दे — मनीष सिसोदिया

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आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने पार्टी के मंत्रियों और विधायकों को ड्रग माफिया के खिलाफ सख्त रुख अपनाने का स्पष्ट निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि जो भी नेता नशे के खिलाफ इस लड़ाई में झिझकता है, उसे पार्टी में रहने का कोई अधिकार नहीं है और उसे अरविंद केजरीवाल को शर्मिंदा करने की बजाय खुद ही पार्टी छोड़ देनी चाहिए।

‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत मालवा ज़ोन की बैठक को संबोधित करते हुए सिसोदिया ने कहा कि ड्रग माफिया के खिलाफ लड़ाई ‘आप’ की राजनीति का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने कहा कि वह, भगवंत मान और अरविंद केजरीवाल इस मकसद से राजनीति में आए हैं कि नशे के नेटवर्क को पूरी तरह खत्म किया जा सके।

सिसोदिया ने पार्टी नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा कि किसी भी मंत्री, विधायक या हल्का इंचार्ज को तब तक चैन से नहीं बैठना चाहिए, जब तक उसके क्षेत्र के किसी भी गांव या वार्ड में नशे की बिक्री जारी है। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि नशे के कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वह पार्टी से ही क्यों न जुड़ा हो।

उन्होंने ‘आप’ की कार्यशैली का जिक्र करते हुए कहा कि यह पार्टी संघर्ष से निकली है और भ्रष्टाचार के खिलाफ इसकी लड़ाई का मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड रहा है। अब यही संकल्प पंजाब से नशे को जड़ से खत्म करने में काम आएगा।

इस दौरान कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां ने भी कहा कि भगवंत मान सरकार ड्रग्स के खिलाफ जंग को युद्ध स्तर पर लड़ रही है। उन्होंने बताया कि बड़े तस्करों की गिरफ्तारी की जा रही है और उनकी अवैध संपत्तियों को जब्त करने की प्रक्रिया भी तेज कर दी गई है।

सरकार ने साफ संकेत दिया है कि पंजाब में नशे के खिलाफ अब ‘जीरो टॉलरेंस’ नीति अपनाई जा रही है और इस दिशा में सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।

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पेट्रोल पंपों पर ‘NO STOCK’ के बोर्ड, लंबी कतारों से मची अफरा-तफरी — अफवाहों पर सरकार की सख्त चेतावनी

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मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, खासकर ईरान-इज़राइल तनाव को लेकर फैल रही अफवाहों ने भारत के कई राज्यों में अचानक घबराहट का माहौल पैदा कर दिया है। सोशल मीडिया पर पेट्रोल-डीजल की कमी की खबरें वायरल होने के बाद कई शहरों में लोगों ने घबराहट में बड़े पैमाने पर ईंधन खरीदना शुरू कर दिया, जिससे पेट्रोल पंपों पर लंबी कतारें लग गईं।

तेलंगाना, मध्य प्रदेश और गुजरात के कई शहरों में हालात ऐसे बन गए कि पेट्रोल पंपों के बाहर वाहनों की लंबी लाइनें देखने को मिलीं। खास तौर पर हैदराबाद में अफवाहों के चलते भारी भीड़ उमड़ पड़ी, जिससे ट्रैफिक जाम और लोगों के बीच बहस के मामले भी सामने आए। इसी तरह इंदौर, अहमदाबाद, सूरत और राजकोट में भी लोग बड़ी मात्रा में पेट्रोल-डीजल भरवाने के लिए पंपों पर पहुंच गए।

घबराहट में की गई इस पैनिक बाइंग के चलते कुछ जगहों पर अस्थायी रूप से स्टॉक कम हो गया, जिसके कारण कई पेट्रोल पंपों पर ‘NO STOCK’ के बोर्ड तक लगाने पड़े। हालांकि, अधिकारियों ने साफ किया है कि यह स्थिति केवल अचानक बढ़ी मांग के कारण बनी है, न कि किसी वास्तविक कमी के कारण।

सरकार और तेल कंपनियों ने स्थिति को लेकर स्पष्ट किया है कि देश में पेट्रोल और डीजल की कोई कमी नहीं है और सप्लाई पूरी तरह सामान्य रूप से जारी है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें और अनावश्यक रूप से ईंधन जमा करने से बचें।

साथ ही प्रशासन ने चेतावनी दी है कि जो लोग जानबूझकर इस तरह की भ्रामक खबरें फैलाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और घबराने की कोई जरूरत नहीं है।

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MLA हरमीत सिंह पठानमाजरा गिरफ्तार, SSP के बड़े खुलासे — कई महीनों से फरार विधायक को मध्य प्रदेश से पकड़ा गया!

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पंजाब के सनौर विधानसभा क्षेत्र से विधायक हरमीत सिंह पठानमाजरा को आखिरकार पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। लंबे समय से फरार चल रहे विधायक को पटियाला पुलिस की टीमों ने मध्य प्रदेश के ग्वालियर के बाहरी इलाके से दबोचा। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कड़ी सुरक्षा में पंजाब लाया गया है, जहां अब उनसे पूछताछ की जा रही है।

गिरफ्तारी के बाद पटियाला के एसएसपी ने प्रेस को संबोधित करते हुए कई अहम खुलासे किए। उन्होंने बताया कि पुलिस को मजबूत तकनीकी इनपुट (Strong Technical Input) प्राप्त हुए थे, जिनके आधार पर लगातार ट्रैकिंग और निगरानी की जा रही थी। कई राज्यों में टीमों ने छापेमारी की और आखिरकार ग्वालियर के पास उनकी लोकेशन ट्रेस कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया गया। एसएसपी के मुताबिक आरोपी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था।

जानकारी के अनुसार, कोर्ट ने हरमीत सिंह पठानमाजरा को दिसंबर महीने में ही भगोड़ा घोषित कर दिया था। वह पिछले साल सितंबर से ही फरार चल रहे थे और उनके खिलाफ कई गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस सूत्रों का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी से जुड़े मामलों में और भी अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।

पुलिस अब आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड लेने की तैयारी कर रही है, ताकि विस्तृत पूछताछ की जा सके और यह पता लगाया जा सके कि फरारी के दौरान उसे किस-किस का सहयोग मिला। अधिकारियों का मानना है कि पूछताछ में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं, जिससे पूरे मामले की परतें खुल सकती हैं।

यह गिरफ्तारी पंजाब की राजनीति और कानून-व्यवस्था के लिहाज से एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है और आने वाले दिनों में इस मामले पर और भी अपडेट सामने आ सकते हैं।

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