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सच की जीत हुई : BJP को अरविंद केजरीवाल के खिलाफ साज़िश करने के लिए देश से माफ़ी मांगनी चाहिए: अमन अरोड़ा

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आम आदमी पार्टी (AAP) पंजाब के प्रधान अमन अरोड़ा ने शुक्रवार को एक महत्वपूर्ण प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि, “सच में देर हो सकती है, लेकिन उसे कभी हराया नहीं जा सकता।” उन्होंने यह स्पष्ट किया कि कथित शराब घोटाले केस में AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल, सीनियर नेता मनीष सिसोदिया और अन्य साथियों का बरी होना सिर्फ़ पार्टी की जीत नहीं, बल्कि सच और न्याय की जीत है। उनके साथ पार्टी के मंत्री हरजोत सिंह बैंस और हरदीप सिंह मुंडियन भी मौजूद थे।


इंसाफ़ में देर हो सकती है, लेकिन सच्चाई को खत्म नहीं किया जा सकता

अरोड़ा ने कहा कि अदालत ने भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार द्वारा एजेंसियों के माध्यम से रची गई झूठी साजिश का पर्दाफाश कर दिया है। उन्होंने बताया कि विशेष अदालत ने केजरीवाल को राजनीतिक रूप से खत्म करने के लिए भाजपा की बनाई मनगढ़ंत साजिश को पूरी तरह से खारिज कर दिया।

विवरण:

  • लगभग छह महीने तक एक मौजूदा मुख्यमंत्री को उनके घर से उठाकर जेल में रखा गया।
  • मनीष सिसोदिया को करीब दो साल तक जेल में रखा गया।
  • यह सब केवल उन्हें बदनाम करने, उनके राजनीतिक वजूद को खत्म करने और उनकी लोकप्रियता को रोकने के लिए किया गया।

अदालत ने एजेंसियों पर भी लगाई कड़ी टिप्पणी

अरोड़ा ने कहा कि अदालत ने न केवल अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया और अन्य को सम्मान सहित बरी किया, बल्कि जांच एजेंसियों की भूमिका पर भी कड़ी टिप्पणियाँ की हैं। अदालत ने साफ कहा कि पहली नजर में कोई केस नहीं बनता और सरकार की थ्योरी केवल अंदाजे पर आधारित थी।

उन्होंने आगे कहा कि अदालत ने यह भी संकेत दिया कि इस साजिश को रचने वाले अधिकारियों के खिलाफ विभागीय जांच शुरू की जानी चाहिए।


मोदी और अमित शाह से माफी की मांग

अरोड़ा ने सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर निशाना साधते हुए कहा कि वे देशवासियों से माफी मांगें। उन्होंने कहा:
“मोदी और शाह इस देश के लोगों के कर्जदार हैं। उन्हें अरविंद केजरीवाल के राजनीतिक करियर को खत्म करने के लिए रची गई इस साज़िश के लिए माफी मांगनी चाहिए।”


केवल AAP की नहीं, बल्कि सच्चाई की जीत

अरोड़ा ने स्पष्ट किया कि यह सिर्फ़ केजरीवाल या सिसोदिया की जीत नहीं है, सिर्फ़ आम आदमी पार्टी की जीत नहीं है, बल्कि यह सच्चाई और न्याय की जीत है। उन्होंने कहा:
“भगवान ने न्याय किया है। सच्चाई को कभी मिटाया नहीं जा सकता।”


भाजपा को देश से माफी मांगनी चाहिए

अरोड़ा ने दोहराया कि भाजपा को राजनीतिक बदले की भावना से केंद्रीय एजेंसियों का दुरुपयोग करने और देश में शिक्षा क्रांति लाने वाले नेताओं को बदनाम करने के लिए माफी मांगनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि भाजपा को झूठे केसों के माध्यम से राजनीतिक विरोधियों को खत्म करने के बजाय देश के विकास और आम लोगों के वास्तविक मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए।


मुख्य बिंदु:

  • अदालत ने अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया को फर्जी शराब घोटाले से बरी किया।
  • भाजपा की झूठी साजिश नाकाम।
  • जांच एजेंसियों और दोषी अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की सिफारिश।
  • प्रधानमंत्री मोदी और गृह मंत्री अमित शाह से सार्वजनिक माफी की मांग।
  • यह सिर्फ़ AAP की जीत नहीं, बल्कि सच और न्याय की जीत है।
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मोदी सरकार ने आप को बदनाम करने के लिए CBI-ED का दुरुप्रयोग किया; फैसले से भाजपा की मनगढ़ंत कहानी का पर्दाफाश: हरपाल चीमा

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पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कथित दिल्ली शराब घोटाले के मामले में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कन्वीनर अरविंद केजरीवाल, सीनियर नेता मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, दुर्गेश पाठक, सतिंदर जैन और अन्यों के बरी होने से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राजनीति से प्रेरित साजिश पूरी तरह से बेनकाब हो गई है। 

शराब घोटाले केस में क्लीन चिट देने के दिल्ली अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए चीमा ने कहा कि इस फैसले से पूरे देश के सामने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह केस केंद्रीय एंजसियों का दुरुप्रयोग करके आम आदमी पार्टी लीडरशिप को बदनाम करने और उसे राजनीतिक तौर पर खत्म करने की कोशिश के तौर पर बनाया गया था।

चीमा ने कहा कि जज का फैसला अपने आप में उस साजिश की हद को उजागर करता है जो भाजपा ने आम आदमी पार्टी के खिलाफ रची थी। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) और एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) का गलत इस्तेमाल करके आप की ईमानदारी पर सवाल उठाने की कोशिश की गई। आज देश के लोगों को यह साफ हो गया है कि कैसे इन एजेंसियों का राजनीतिक फायदे के लिए गलत इस्तेमाल किया गया था।

    उन्होंने याद दिलाया कि आप का जन्म भ्रष्टाचार के विरुद्ध देशव्यापी आंदोलन मे से हुआ था। और इसकी स्थापना उन नेताओं ने की थी जिन्होंने अपनी ज़िंदगी साफ-सुथरी राजनीति के लिए लगा दी थी। अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, दुर्गेश पाठक, सतिंदर जैन, ये वो नेता हैं जिन्होंने आम आदमी पार्टी की नींव रखी और इसे पूरे देश में फैलाया। आज, उनके कमिटमेंट और बलिदान की वजह से ही हम कई राज्यों में सरकार और विपक्ष में हैं।

चीमा ने ज़ोर देकर कहा कि यह फ़ैसला बी.आर. अंबेडकर के बनाए संविधान की भी जीत है। डॉ. बी.आर. अंबेडकर, जिन्होंने गरीबी से उठकर भारत का संविधान बनाया, उन्होंने हर नागरिक के लिए बराबरी, निजी आज़ादी की सुरक्षा और बुनियादी अधिकारों को पक्का किया। अगर आप संविधान को ध्यान से पढ़ेंगे, तो आप समझ सकते हैं कि यह कितनी गहराई से निजी आज़ादी की रक्षा करता है। आज दिल्ली अदालत का फ़ैसला यह साबित करता है कि संविधान सबसे ऊपर है।

खुद वकालत कर चुके चीमा ने कहा कि यह केस देश के कानूनी इतिहास में याद रखा जाएगा। यह इस देश के इतिहास का ऐसा केस है जिसमें भाजपा की सीबीआई पूरी तरह से बेनकाब हो गई है। कोई सबूत नहीं था, फिर भी एक कथित घोटाला किया गया। बाबासाहेब अंबेडकर के कानून के खिलाफ खेले गए इस खेल के लिए भाजपा और केंद्रीय गृह मंत्री को जवाब देना होगा।

उन्होंने न्यायपालिका का धन्यवाद करते हुए कहा कि अदालतें हमेशा न्याय और सच्चाई के साथ खड़ी होती हैं। संविधान के तहत, हर नागरिक को सम्मान के साथ जीने, राजनीति में हिस्सा लेने और लोगों की सेवा करने का अधिकार है। आज का फैसला उस सिद्धांत को पक्का करता है।

चीमा ने भाजपा पर संवैधानिक प्रावधानों का गलत इस्तेमाल करके लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। संविधान भाजपा या किसी एक पार्टी का नहीं है। यह बाबासाहेब अंबेडकर और 140 करोड़ भारतीयों का है। इसे इसलिए बनाया गया था ताकि लोग सम्मान के साथ जी सकें और अच्छी शिक्षा पा सकें। लेकिन भाजपा यह पचा नहीं पा रही है कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया गरीबों को अच्छी शिक्षा दे रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकारी स्कूल के स्टूडेंट्स को आईआईटी जैसे बड़े इंस्टीट्यूशन में एडमिशन, गरीब परिवारों को अच्छी हेल्थ सुविधाएं मिलना और दिल्ली और पंजाब से करप्शन और ड्रग्स को खत्म करने की कोशिशों से परेशान है।

इसीलिए उन्होंने आम आदमी पार्टी को तोड़ने की कोशिश की। लेकिन आज, देश भर में संविधान में विश्वास रखने वाले लाखों लोग जश्न मना रहे हैं। सच की जीत हुई है।

चीमा ने आप कार्यकर्ताओ को मुश्किल समय में चट्टान की तरह पार्टी के साथ खड़े रहने और भाजपा की हरकतों को लगातार सामने लाने के लिए धन्यवाद दिया।

उन्होंने अंत में कहा कि जहां कांग्रेस और भाजपा दोनों ने डॉ. अंबेडकर के नाम का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया है, वहीं आम आदमी पार्टी ने ही असल में उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाया है।

चीमा ने कहा कि यह फैसला सच की जीत है। आज देश के करोड़ों लोग समझ गए हैं कि भाजपा झूठ का सहारा लेती है, लेकिन आखिर में जीत संविधान और इंसाफ की होती है।

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मोदी सरकार ने आप को बदनाम करने के लिए CBI-ED का दुरुप्रयोग किया; फैसले से भाजपा की मनगढ़ंत कहानी का पर्दाफाश: हरपाल चीमा

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पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि कथित दिल्ली शराब घोटाले के मामले में आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय कन्वीनर अरविंद केजरीवाल, सीनियर नेता मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, दुर्गेश पाठक, सतिंदर जैन और अन्यों के बरी होने से भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की राजनीति से प्रेरित साजिश पूरी तरह से बेनकाब हो गई है। 

शराब घोटाले केस में क्लीन चिट देने के दिल्ली अदालत के फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए चीमा ने कहा कि इस फैसले से पूरे देश के सामने यह स्पष्ट कर दिया है कि यह केस केंद्रीय एंजसियों का दुरुप्रयोग करके आम आदमी पार्टी लीडरशिप को बदनाम करने और उसे राजनीतिक तौर पर खत्म करने की कोशिश के तौर पर बनाया गया था।

चीमा ने कहा कि जज का फैसला अपने आप में उस साजिश की हद को उजागर करता है जो भाजपा ने आम आदमी पार्टी के खिलाफ रची थी। सेंट्रल ब्यूरो ऑफ़ इन्वेस्टिगेशन (सीबीआई) और एनफोर्समेंट डायरेक्टरेट (ईडी) का गलत इस्तेमाल करके आप की ईमानदारी पर सवाल उठाने की कोशिश की गई। आज देश के लोगों को यह साफ हो गया है कि कैसे इन एजेंसियों का राजनीतिक फायदे के लिए गलत इस्तेमाल किया गया था।

    उन्होंने याद दिलाया कि आप का जन्म भ्रष्टाचार के विरुद्ध देशव्यापी आंदोलन मे से हुआ था। और इसकी स्थापना उन नेताओं ने की थी जिन्होंने अपनी ज़िंदगी साफ-सुथरी राजनीति के लिए लगा दी थी। अरविंद केजरीवाल, मनीष सिसोदिया, संजय सिंह, दुर्गेश पाठक, सतिंदर जैन, ये वो नेता हैं जिन्होंने आम आदमी पार्टी की नींव रखी और इसे पूरे देश में फैलाया। आज, उनके कमिटमेंट और बलिदान की वजह से ही हम कई राज्यों में सरकार और विपक्ष में हैं।

चीमा ने ज़ोर देकर कहा कि यह फ़ैसला बी.आर. अंबेडकर के बनाए संविधान की भी जीत है। डॉ. बी.आर. अंबेडकर, जिन्होंने गरीबी से उठकर भारत का संविधान बनाया, उन्होंने हर नागरिक के लिए बराबरी, निजी आज़ादी की सुरक्षा और बुनियादी अधिकारों को पक्का किया। अगर आप संविधान को ध्यान से पढ़ेंगे, तो आप समझ सकते हैं कि यह कितनी गहराई से निजी आज़ादी की रक्षा करता है। आज दिल्ली अदालत का फ़ैसला यह साबित करता है कि संविधान सबसे ऊपर है।

खुद वकालत कर चुके चीमा ने कहा कि यह केस देश के कानूनी इतिहास में याद रखा जाएगा। यह इस देश के इतिहास का ऐसा केस है जिसमें भाजपा की सीबीआई पूरी तरह से बेनकाब हो गई है। कोई सबूत नहीं था, फिर भी एक कथित घोटाला किया गया। बाबासाहेब अंबेडकर के कानून के खिलाफ खेले गए इस खेल के लिए भाजपा और केंद्रीय गृह मंत्री को जवाब देना होगा।

उन्होंने न्यायपालिका का धन्यवाद करते हुए कहा कि अदालतें हमेशा न्याय और सच्चाई के साथ खड़ी होती हैं। संविधान के तहत, हर नागरिक को सम्मान के साथ जीने, राजनीति में हिस्सा लेने और लोगों की सेवा करने का अधिकार है। आज का फैसला उस सिद्धांत को पक्का करता है।

चीमा ने भाजपा पर संवैधानिक प्रावधानों का गलत इस्तेमाल करके लोकतंत्र को कमजोर करने की कोशिश करने का आरोप लगाया। संविधान भाजपा या किसी एक पार्टी का नहीं है। यह बाबासाहेब अंबेडकर और 140 करोड़ भारतीयों का है। इसे इसलिए बनाया गया था ताकि लोग सम्मान के साथ जी सकें और अच्छी शिक्षा पा सकें। लेकिन भाजपा यह पचा नहीं पा रही है कि अरविंद केजरीवाल और मनीष सिसोदिया गरीबों को अच्छी शिक्षा दे रहे हैं।

उन्होंने आगे कहा कि भाजपा सरकारी स्कूल के स्टूडेंट्स को आईआईटी जैसे बड़े इंस्टीट्यूशन में एडमिशन, गरीब परिवारों को अच्छी हेल्थ सुविधाएं मिलना और दिल्ली और पंजाब से करप्शन और ड्रग्स को खत्म करने की कोशिशों से परेशान है।

इसीलिए उन्होंने आम आदमी पार्टी को तोड़ने की कोशिश की। लेकिन आज, देश भर में संविधान में विश्वास रखने वाले लाखों लोग जश्न मना रहे हैं। सच की जीत हुई है।

चीमा ने आप कार्यकर्ताओ को मुश्किल समय में चट्टान की तरह पार्टी के साथ खड़े रहने और भाजपा की हरकतों को लगातार सामने लाने के लिए धन्यवाद दिया।

उन्होंने अंत में कहा कि जहां कांग्रेस और भाजपा दोनों ने डॉ. अंबेडकर के नाम का इस्तेमाल राजनीतिक फायदे के लिए किया है, वहीं आम आदमी पार्टी ने ही असल में उनकी विचारधारा को आगे बढ़ाया है।

चीमा ने कहा कि यह फैसला सच की जीत है। आज देश के करोड़ों लोग समझ गए हैं कि भाजपा झूठ का सहारा लेती है, लेकिन आखिर में जीत संविधान और इंसाफ की होती है।

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मनीष सिसोदिया सहित सभी 23 आरोपियों के विरुद्ध मामला समाप्त होना दर्शाता है कि आरोप न्यायिक जांच में टिक नहीं सके: Kultar Singh Sandhwan

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पंजाब विधान सभा के स्पीकर कुलतार सिंह संधवां ने कहा कि आबकारी नीति मामले में माननीय न्यायालय का हालिया निर्णय संवैधानिक नैतिकता और कानून के शासन की सशक्त पुनर्पुष्टि है। उन्होंने कहा कि पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया सहित सभी 23 आरोपियों के विरुद्ध मामलों को निरस्त किया जाना स्पष्ट रूप से दर्शाता है कि राजनीतिक क्षेत्र में प्रचारित आरोप न्यायिक जांच में टिक नहीं सके।

स्पीकर संधवां ने कहा, “जब लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित मुख्यमंत्री का नाम बिना ठोस साक्ष्य के लिया जाता है और जांच एजेंसियां प्रथम दृष्टया भी कोई मामला स्थापित करने में असमर्थ रहती हैं, तो यह संस्थागत शुचिता और विधिसम्मत प्रक्रिया पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। जांच अधिकारी के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई के संबंध में न्यायालय का निर्देश हमारे संवैधानिक ढांचे में जवाबदेही की सर्वोच्चता को रेखांकित करता है।”

निर्णय के व्यापक राजनीतिक और नैतिक प्रभावों पर प्रकाश डालते हुए स्पीकर संधवां ने कहा, “अरविंद केजरीवाल केवल बरी ही नहीं हुए, बल्कि सत्य सिद्ध होकर उभरे हैं। जमीनी संघर्षों से तपे हुए नेता के रूप में उन्होंने सदैव आम नागरिकों की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व किया है। वे आधुनिक दृष्टि के दूरदर्शी नेता हैं, जो पारदर्शिता, जनसेवा और सहभागी लोकतंत्र पर आधारित ‘जनता का, जनता के द्वारा और जनता के लिए’ शासन की अवधारणा को साकार करते हैं।”

उन्होंने आगे कहा, “यह फैसला इस धारणा को मजबूत करता है कि उन्हें बदले की राजनीति का शिकार बनाया गया, किंतु साथ ही यह एक बड़े सत्य की पुष्टि भी करता है—संवैधानिक लोकतंत्र में सत्य की विजय होती है और ईमानदारी भय और दबाव के बावजूद अडिग रहती है। अरविंद केजरीवाल का संघर्षपूर्ण सफर उनकी दृढ़ता, नैतिक साहस और जनता के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

 अंततः जब न्याय की विजय होती है, तभी लोकतंत्र सशक्त होता है, और यह निर्णय उसी शाश्वत सिद्धांत का प्रमाण है।”

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