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पाकिस्तान प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ पूरी दुनिया हो एकजुट, Operation Sindoor से भारत ने दिया करारा जवाब – सांसद राघव चड्ढा।

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सियोल, दक्षिण कोरिया, 21 मई 2025 – आम आदमी पार्टी के सांसद राघव चड्ढा ने आज सियोल में आयोजित प्रतिष्ठित एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस 2025 में भारत की आतंकवाद विरोधी नीति और Operation Sindoor पर अपने विचार साझा किए।

सांसद चड्ढा ने कहा, “भारत अब आतंकवादी हमलों पर केवल शोक व्यक्त नहीं करता, बल्कि सटीक और निर्णायक सैन्य कार्रवाई के माध्यम से जवाब देता है, जैसा Operation Sindoor में किया गया। जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की हत्या के बाद, भारत ने यह स्पष्ट कर दिया कि यदि हमारे देश की शांति से खिलवाड़ किया गया, तो हम आतंक के ढांचे को जमींदोज कर देंगे, चाहे वह देश की सीमा के भीतर हो या बाहर।”

उन्होंने आगे कहा कि Operation Sindoor ने न केवल पाकिस्तान और पाकिस्तान-आधारित आतंकवादी समूहों के खिलाफ भारत की दृढ़ता को प्रदर्शित किया, बल्कि यह भी दिखाया कि भारत अब आतंकवाद के खिलाफ अपनी नीति में कोई समझौता नहीं करेगा।

सांसद चड्ढा ने इस अवसर पर भारत की बढ़ती सैन्य क्षमता और आत्मनिर्भरता की भी सराहना की, और कहा कि Operation Sindoor भारत के आत्मनिर्भर रक्षा क्षेत्र की सफलता का प्रतीक है।

इस सम्मेलन में सांसद चड्ढा के संबोधन ने भारत की आतंकवाद विरोधी नीति और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर उसकी स्थिति को स्पष्ट रूप से प्रस्तुत किया।

पाकिस्तान को दी कड़ी चेतावनी

सांसद राघव चड्ढा ने दुनिया के सामने भारत की नई रणनीति पर बोलते हुए कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने यह साबित कर दिया कि भारत अब एक नई सैन्य और कूटनीतिक नीति के तहत काम कर रहा है। उन्होंने जोर देकर कहा, “हम केवल आतंकी हमलों की प्रतिक्रिया नहीं करते, बल्कि अब हम आतंक के मूल ढांचे को जड़ से खत्म करते हैं।”

सांसद राघव चड्ढा ने आगे कहा कि भारत अहिंसा के पुजारी महात्मा गांधी की भूमि से आता है, लेकिन साथ ही इस भूमि पर जहां भगत सिंह और सुभाष चंद्र बोस जैसे क्रांतिकारी भी पैदा हुए हैं। उन्होंने कहा, “हम शांति में विश्वास करते हैं, लेकिन आतंकवाद का समर्थन करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा।

ग्लोबल मंच पर पेश की भारत की नई छवि

सियोल में आयोजित एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने भारत की तरफ से एक निर्णायक, आत्मनिर्भर और रणनीतिक रूप से मजबूत राष्ट्र की छवि को दुनिया के सामने रखा। उन्होंने पाकिस्तान की तरफ से प्रायोजित आतंकवाद के खिलाफ वैश्विक मंच से एकजुटता का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि इस दुख की घड़ी में भारत एक निर्णायक और दृढ़ राष्ट्र के रूप में उभरा है और यह बताया है कि हम आतंकवाद, आतंकी ढांचे और दुष्ट राष्ट्रों के साथ कैसे निपटते हैं। ऑपरेशन सिंदूर के रूप में भारत सरकार और हमारी भारतीय सेना ने यह साफ कर दिया कि हम शांति के पक्षधर हैं, लेकिन अगर कोई हमारे देश की शांति को भंग करता है और हमारे लोगों को नुकसान पहुंचाता है, तो हम आतंकी ढांचे को बख्शेंगे नहीं, चाहे वह कहीं भी हो। नतीजतन, सीमा पार आतंकी ढांचे को नष्ट करने के लिए सटीक सैन्य कार्रवाई की गई।

भारत की जीरो टॉलरेंस टू टेररिज्म पॉलिसी

राघव चड्ढा ने स्पष्ट किया कि भारत अब आतंकवाद के प्रति “जीरो टॉलरेंस” नीति पर काम करता है। उन्होंने कहा, “आज का भारत वह नहीं है जो हमलों को चुपचाप सह लेता था। हम अब हमला सहते नहीं, बल्कि सीमापार जाकर आतंक के ठिकानों को खत्म करते हैं।”

राघव चड्ढा ने कहा, “भारत अब आतंक के खिलाफ सिर्फ कूटनीतिक बयान नहीं देता, बल्कि जमीन पर कार्रवाई करता है। ऑपरेशन सिंदूर इसका सबसे बड़ा प्रमाण है। भारत अब न केवल अपने नागरिकों की सुरक्षा करता है, बल्कि दुनिया को भी आतंक मुक्त बनाने में अपना योगदान देने को तैयार है।”

दिग्गज नेताओं के साथ साझा किया मंच

इस बार की एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस में राघव चड्ढा ने ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री ऋषि सुनक, अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री माइक पोंपियो, ऑस्ट्रेलिया के पूर्व प्रधानमंत्री टोनी एबॉट, नेटफ्लिक्स के सीईओ रीड हेस्टिंग्स, ब्लैकस्टोन के सीईओ स्टीव श्वार्जमैन और हार्वर्ड सेंटर फॉर पब्लिक लीडरशिप के डीन विलियम्स जैसे ग्लोबल लीडर्स के साथ मंच साझा किया।

एशियन लीडरशिप कॉन्फ्रेंस एशिया का एक प्रमुख मंच है, जहां राजनीति, व्यवसाय, शिक्षा और समाज से जुड़े वैश्विक नेता विचार-विमर्श के लिए एकत्र होते हैं। इस कॉन्फ्रेंस की अहमियत का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पूर्व में अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा, जॉर्ज डब्ल्यू बुश, यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की, ब्रिटेन के पूर्व प्रधानमंत्री बोरिस जॉनसन और डेविड कैमरन, नेटफ्लिक्स के सीईओ रीड हेस्टिंग्स और ब्लैकस्टोन के सीईओ स्टीव श्वार्जमैन जैसे दिग्गज इस मंच को संबोधित कर चुके हैं।

इस बार की थीम: “राष्ट्रों का उदय: बड़ी तरक्की की राह”

इस वर्ष कॉन्फ्रेंस का थीम “राष्ट्रों का उदय: बड़ी तरक्की की राह” रखा गया है, जो दक्षिण कोरिया की आजादी की 80वीं वर्षगांठ और कोरियाई युद्ध की 75वीं वर्षगांठ के अवसर पर आयोजित की जा रही है। इस मंच पर स्वास्थ्य, जलवायु परिवर्तन और भू-राजनीतिक संघर्ष जैसे वैश्विक मुद्दों पर गहन चर्चा हो रही है, ताकि इन चुनौतियों से निपटने के लिए प्रभावी रणनीतियां बनाई जा सकें।

राघव चड्ढा को मिला यंग ग्लोबल लीडर का सम्मान

सांसद राघव चड्ढा को हाल ही में ग्लोबल इकनॉमिक फोरम (WEF) ने यंग ग्लोबल लीडर (YGL) चुना गया है। यह सम्मान विश्व के उन 40 वर्ष से कम उम्र के नेताओं को दिया जाता है जो बेहतर भविष्य के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। सांसद राघव चड्ढा अपनी पॉलिसी नॉलेज, यंग लीडरशिप और गवर्नेंस में इनोवेशन के लिए जाने जाते हैं। दिल्ली सरकार में रहते हुए उन्होंने हेल्थ, पानी और फाइनेंस जैसे क्षेत्रों में बड़े रिफॉर्म्स भी किए हैं।

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शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को ‘भारत रत्न’ दिए जाने की मांग की थी, पर भाजपा सरकार ने नहीं मानी: CM Bhagwant Singh Mann

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पंजाब के फिरोजपुर स्थित हुसैनीवाला में शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहीदी दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ऐतिहासिक राष्ट्रीय शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने शहीदों के सपनों का ‘रंगला पंजाब’ बनाने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।

मुख्यमंत्री ने इस मौके पर शहीदों के परिवारों को सम्मानित किया और 24.99 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हुसैनीवाला विरासती कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट शहीदों की विरासत को संजोने और आने वाली पीढ़ियों को उनके बलिदान से प्रेरित करने का प्रयास है।

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह दिन केवल शहीदों को याद करने का नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपनाने का भी है। उन्होंने कहा कि इन महान क्रांतिकारियों ने कम उम्र में देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए, लेकिन आज भी उन्हें उनके योगदान के अनुसार सम्मान नहीं मिला।

मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे महान शहीदों को अब तक भारत रत्न से सम्मानित क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि अगर आजादी के शुरुआती दौर में देश की कमान ऐसे युवाओं के हाथ में होती, तो देश की दिशा कुछ और ही होती।

उन्होंने कहा कि कुछ नेता अपने नाम पर स्मारक और स्टेडियम बनवाते हैं, जबकि असली हकदार शहीदों को उचित सम्मान नहीं मिल पाया। उन्होंने लोगों से अपील की कि शहीदों को सिर्फ खास दिनों पर याद न करें, बल्कि उनके दिखाए रास्ते पर चलकर देश और समाज की सेवा करें।

मुख्यमंत्री ने आजादी की कीमत का जिक्र करते हुए कहा कि देश की आजादी बहुत बड़ी कुर्बानियों के बाद मिली है। विभाजन के दौरान लाखों लोगों ने अपनी जान गंवाई और करोड़ों लोग विस्थापित हुए।

उन्होंने कहा कि आज के समय में बदलाव लाने के लिए हथियारों की नहीं, बल्कि वोट की ताकत की जरूरत है। सही नेतृत्व का चुनाव करके ही देश को सही दिशा दी जा सकती है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने हुसैनीवाला विरासती कॉम्प्लेक्स के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसमें भव्य प्रवेश द्वार, शहीदों के जीवन पर आधारित गैलरी, दीवार चित्र, पार्क, 3-डी मैपिंग शो, म्यूजिकल फाउंटेन, बच्चों के खेलने का क्षेत्र, वरिष्ठ नागरिकों के लिए आराम स्थल और सोलर पावर प्लांट जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।

उन्होंने कहा कि यह पवित्र भूमि आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और निस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए आगे आएं और एक प्रगतिशील व खुशहाल पंजाब के निर्माण में अपना योगदान दें।

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नशों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, सीमा पार Drug Module का भंडाफोड़, करोड़ों की हेरोइन समेत 3 गिरफ्तार!

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पंजाब में नशों के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए एएनटीएफ (ANTF) और बीएसएफ (BSF) ने संयुक्त ऑपरेशन में एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में सीमा पार से चल रहे नेटवर्क को बेनकाब किया गया।

इस ऑपरेशन के दौरान तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान जगजीत सिंह, मनप्रीत सिंह और रोशन सिंह के रूप में हुई है। तीनों आरोपी अमृतसर जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 24.5 किलोग्राम हेरोइन, करीब 21 लाख रुपये की ड्रग मनी और एक ड्रोन बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल तस्करी के लिए किया जा रहा था।

पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपी पाकिस्तान स्थित तस्करों के सीधे संपर्क में थे और ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे। इस पूरे नेटवर्क के जरिए ड्रग्स को भारत में लाकर आगे सप्लाई किया जाता था।

इस संबंध में जानकारी देते हुए Gaurav Yadav ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसे नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।

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Chandigarh

पंजाब में Universal Healthcare Model बना मिसाल, हर परिवार को बिना शर्त 10 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा!

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पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए ऐसा मॉडल पेश किया है, जो देश की पारंपरिक योजनाओं से अलग और ज्यादा व्यापक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत अब राज्य के हर परिवार को बिना किसी शर्त के 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। बढ़ते इलाज के खर्च के बीच यह योजना लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।

जहां केंद्र सरकार की Ayushman Bharat योजना सीमित पात्रता और 5 लाख रुपये तक के कवर तक ही सीमित है, वहीं पंजाब का यह मॉडल हर निवासी को कवर करता है, चाहे उसकी आय कुछ भी हो। यही कारण है कि इसे Universal Healthcare Model के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें इलाज का अधिकार किसी सूची या शर्त पर नहीं बल्कि जरूरत के आधार पर तय होता है।

वित्तीय दृष्टि से भी पंजाब का यह मॉडल काफी मजबूत माना जा रहा है। केंद्र सरकार जहां 140 करोड़ आबादी के लिए 9,500 करोड़ रुपये का बजट रखती है, वहीं पंजाब सरकार करीब 3 करोड़ लोगों के लिए 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस हिसाब से प्रति व्यक्ति निवेश कई गुना ज्यादा है, जो राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को साफ तौर पर दर्शाता है।

इस योजना के तहत करीब 65 लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मरीज 2,300 से अधिक इलाज पैकेजों के जरिए दिल की बीमारी, कैंसर, किडनी से जुड़ी समस्याएं, एक्सीडेंट केस और अन्य गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। इसके लिए 900 से अधिक अस्पतालों का नेटवर्क तैयार किया गया है, जहां कैशलेस सुविधा उपलब्ध है।

योजना का एक बड़ा फायदा इसकी आसान प्रक्रिया भी है। जहां अन्य योजनाओं में पात्रता साबित करने के लिए कई दस्तावेजों की जरूरत होती है, वहीं पंजाब में लोग सिर्फ आधार कार्ड या वोटर आईडी के जरिए आसानी से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके लिए सेवा केंद्रों और Common Service Centers के साथ-साथ ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी गई है। साथ ही, गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और रजिस्ट्रेशन कराने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।

इस योजना का असर जमीनी स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। कई ऐसे परिवार, जो पहले इलाज के खर्च के कारण परेशान रहते थे, अब बिना किसी आर्थिक दबाव के इलाज करवा पा रहे हैं। यह मॉडल न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बना रहा है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर करने में मदद कर रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि एक सोच में बदलाव है, जहां स्वास्थ्य सेवा को अधिकार के रूप में देखा जा रहा है। उनका कहना है कि पंजाब सरकार का उद्देश्य हर व्यक्ति तक बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में परेशान न हो।

कुल मिलाकर, पंजाब का यह यूनिवर्सल हेल्थकेयर मॉडल देश के लिए एक नई दिशा दिखाता है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं सीमित नहीं बल्कि सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।

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