Uttar Pradesh

Aligarh जेल के कैदियों की कला महाकुंभ मेले में बिखेरेगी रंग

Published

on

उत्तर प्रदेश के Aligarh जिले, जो अपनी ताला बनाने की कला और कुशल कारीगरों के लिए प्रसिद्ध है, अब एक नई पहल के माध्यम से चर्चा में है। इस बार अलीगढ़ जेल में बंद कैदियों की कला का प्रदर्शन प्रयागराज में आयोजित होने वाले महाकुंभ मेले में किया जाएगा।

कैदियों के बनाए उत्पाद होंगे आकर्षण का केंद्र

महाकुंभ मेले में Aligarh जेल के कैदियों द्वारा तैयार किए गए लकड़ी के शिवलिंग, ओम, और अन्य आकर्षक हस्तनिर्मित सामान प्रदर्शित किए जाएंगे। इसके अलावा, मेले में अलीगढ़ के प्रसिद्ध ताले भी कैदियों द्वारा बनाए गए हैं, जो श्रद्धालुओं को सस्ते दामों पर उपलब्ध कराए जाएंगे।

कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने की पहल

जेल अधीक्षक वीरेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि जेल में हर दिन लगभग 1,200 ताले तैयार किए जा रहे हैं। यह पहल कैदियों को आत्मनिर्भर बनाने, उनके हुनर को निखारने और समाज में उनकी सकारात्मक पहचान बनाने का एक प्रयास है। यह केवल रोजगार सृजन तक सीमित नहीं है, बल्कि कैदियों को आत्मसम्मान के साथ दोबारा समाज में स्थापित होने का अवसर भी प्रदान करती है।

जेल विभाग का स्टॉल होगा मुख्य आकर्षण

महाकुंभ मेले में जेल विभाग द्वारा एक विशेष स्टॉल स्थापित किया जाएगा। इस स्टॉल पर कैदियों द्वारा बनाए गए ताले और लकड़ी के अन्य उत्पाद प्रदर्शित किए जाएंगे। श्रद्धालु इन उत्पादों को खरीद सकेंगे, जिससे न केवल कैदियों की कला को पहचान मिलेगी, बल्कि लोगों को गुणवत्तापूर्ण और किफायती उत्पाद भी उपलब्ध होंगे।

Aligarh का योगदान

Aligarh पहले से ही अपनी ताला निर्माण कला के लिए मशहूर है। इस बार महाकुंभ में कैदियों की मेहनत और कला को भी इसी परंपरा का हिस्सा बनाया गया है। यह कदम न केवल अलीगढ़ की पहचान को मजबूत करेगा, बल्कि कैदियों के पुनर्वास में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

यह पहल कैदियों को एक नई दिशा देने और उनके कौशल को व्यापक स्तर पर प्रस्तुत करने का एक प्रभावी माध्यम है। महाकुंभ के माध्यम से कैदियों के ये उत्पाद देशभर के लोगों तक पहुंचेंगे, जो अलीगढ़ जेल की एक अनूठी कहानी को साझा करेंगे।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending

Exit mobile version