Health and Fitness

EVM पर Supreme Court ka faisla

Published

on


EVM जो है इनमे एक प्रोग्रामबल Memory होती है क्योंकि सिंबल लोडिंग करी जाती है और इसलिए इनको मैनिपुलेट किया जा सकता है अगर आप कोई उसमें मलेशियस प्रोग्राम डाल दे।
EVM और VVPAT से जुड़े मामले में सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को सभी याचिकाओं को खारिज कर दिया। सुप्रीम कोर्ट ने बैलेट पेपर से चुनाव करवाने और वि वि पैट के 700 फीसदी मिलान करने की याचिका को खारिज कर खारिज किया है।

जस्टिस संजीव खन्ना ने कहा कि हमने दो निर्देश जारी किए हैं। पहला ये कि सिंबल के लोड होने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद उस यूनिट को सील किया जाए। दूसरा निर्देश ये कि सिम्बल स्टोर यूनिट को कम से कम 45 दिन के लिए रखा जाए। वि वि पैट स्लिप पर पार्टी का चुनाव चिन्ह और उम्मीदवार का नाम छापने के लिए सिम्बल लोडिंग यूनिट का इस्तेमाल होता है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अगर वेरिफिकेशन के दौरान यह पाया गया कि इ वि एम के साथ छेड़छाड़ हुई है तो चुनाव आयोग उम्मीदवारों को उनकी फीस लौटाएगा

चुनाव में दूसरे या तीसरे नंबर पर रहे उम्मीदवारों की शिकायत पर चुनाव आयोग इ वि एम निर्माता को इ वि एम के माइक्रो चिप के वेरिफिकेशन के लिए कह सकता है। कोर्ट के फैसले के बाद वरीष्ठ वकील Prashant Bhushan ने कहा कि इ वि एम में ऐसी मेमॅरि होती है जिससे छेड़छाड़ की जा सकती है। इसलिए VVPAT की जांच करनी चाहिए।

EVM जो है इनमे एक प्रोग्रामबल मेमॅरि होती है क्योंकि सिंबल लोडिंग करी जाती है और इसलिए इनको मैनिपुलेट किया जा सकता है अगर आप कोई उसमें मलेशियस प्रोग्राम डाल दे। और इस वजह से ये जरूरी है की जो वि वि पैट है उसका पूरा पेपर ट्रेल का ऑडिट होना चाहिए। सारे वि वि पैट स्लिप्स को काउंट करना चाहिए और क्योंकि वि वि पैट में भी काला शीशा लगा दिया गया था तो इस वजह से हम लोग ये कह रहे थे की या तो उसका ट्रांसपेरेंट शीशा करिए और या नहीं तो उसको जो स्लिप जो प्रिंट होती है वोटर के हाथ में देकर और उसको उसमें बैलट बॉक्स में डायल कर और उसकी काउंटिंग कर लीजिये। सुप्रीम कोर्ट ने ये सारी हमारी मांगे को ठुकरा दिया है और ये बोला है की अच्छा इलेक्शन कमिशन इसको examine करे की सारे बैलेट पेपर्स पर अगर हम वो पे मार्क डालते हैं जीसको बार कोड जीसको कहते हैं, बार कोड डाल दे तो उसकी फिर मेकानिकली मशीन से काउंटिंग हो सकती है की नहीं? इसको एग्ज़ैमने करें और दूसरा उन्होंने ये बोला है की सिंबल लोडिंग यूनिट जो होती है जिससे सिंबल लोडिंग कॉन्स्टिट्यून्सी ब्य क्षेत्र करी जाती है।

उसको कम से कम 45 दिन तक चुनाव सील करके रखा जाए और चुनाव के बाद कम से कम 45 दिन तक रखा जाए जिससे की अगर कोई इलेक्शन पीटिशन फाइल होती है कोई उसकी कोर्ट मांग करता है तो उसको देखा जा सके। तीसरी बात उन्होंने ये बोली है कि जो इसमें इलेक्शन कमिशन ने बोला कि नहीं, इसमें जो मेमॅरि होती है वो तो चिप में बर्न्ट होती है और कोर्ट ने बोला है कि जो भी बंट मेमॅरि है उसमें पांच हर असेंबली क्षेत्र में पांच VVPAT सॉरी EVM यूनिट्स की बर्न्ट मेमॅरि को एग्ज़ैमने करने का नंबर टू या नंबर थ्री कैंडिडेट दरखास्त दे सकता है और उसको फिर एक टेक्निकल टीम एग्ज़ैमने करेगी। लेकिन।

उसका खर्चा उस कैंडिडेट को देना होगा जो उसकी मांग करता है। ये कहके उन्होंने ये सारी पीटिशन डिस्पोज़ ऑफ कर दी। इससे पहले ही सुप्रीम कोर्ट ने इ वि एम के जरिए डाले गए सभी वोटों का वि वि पैट के साथ मिलान के लिए आग्रह करने वाली याचिकाओं पर बुधवार को फैसला सुरक्षित रखा था। जस्टिस संजीव खन्ना और जस्टिस दीपांकर दत्ता की पीठ ने कहा था कि कुछ विषयों पर स्पष्टीकरण की जरूरत है।

क्योंकि EVM के बारे में बार बार पूछे जाने वाले सवालों के जो जवाब आयोग की तरफ से दिए गए हैं, उसमें बहुत कुछ साफ़ नहीं है। इ वि एम भारत में चुनाव प्रक्रिया का सबसे महत्वपूर्ण अंग बन गई है। करीब दो दशक से हर संसदीय और विधानसभा चुनाव में इन्हें इस्तेमाल किया जा रहा है। इ वि एम का मतलब है इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीन। साधारण बैटरी पर चलने वाली एक ऐसी मशीन जो मतदान के दौरान डाले गए वोटों को दर्ज करती है और वोटों की गिनती भी करती है। इ वि एम को लेकर कई राजनीतिक दल आपत्ति जताते रहे हैं। इन शंकाओं को दूर करने के इरादे से चुनाव आयोग एक नई व्यवस्था लेकर आया, जिसे वोटर वेरिफाइएबल पेपर ऑडिट ट्रेल यानी वि वि पी 80 कहा जाता है।

आम बोलचाल में इसे VVPAT भी कहते हैं। ये इ वि एम से जोड़ा गया एक ऐसा सिस्टम है जिससे वोटर ये देख सकते हैं कि उनका वोट सही उम्मीदवार को पड़ा है या नहीं। इ वि एम की बैलट यूनिट पर नीला बटन दबते ही बगल में रखी VVPAT मशीन में उम्मीदवार के नाम, क्रम और चुनाव चिन्ह वाली एक पर्ची छपती है। सात सेकंड के लिए वह वि वि पैट मशीन में एक छोटे से पारदर्शिक हिस्से में नजर आती है और फिर सील बंद बक्से में गिर जाती है

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Trending

Exit mobile version