Connect with us

Delhi

Common People और Businesses को Relief: S. Jaishankar ने GST Reforms को बताया Milestone

Published

on

देश में महंगाई पर काबू पाने और व्यापार को आसान बनाने के लिए केंद्र सरकार ने जीएसटी (GST) सिस्टम में बड़ा और ऐतिहासिक सुधार किया है। जीएसटी काउंसिल ने बुधवार को फैसला लिया कि अब देश में चार टैक्स स्लैब की जगह सिर्फ दो स्लैब रहेंगे — 5% और 18%
इसका सीधा फायदा आम जनता, किसानों, छोटे व्यापारियों (MSMEs), महिलाओं और युवाओं को मिलेगा।

नए टैक्स रेट 22 सितंबर 2025 से लागू होंगे। हालांकि, तंबाकू, पान मसाला और सॉफ्ट ड्रिंक जैसे प्रोडक्ट्स पर नए रेट तुरंत लागू कर दिए जाएंगे।

पीएम मोदी का बड़ा ऐलान हुआ हकीकत

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त के स्वतंत्रता दिवस भाषण में ही जीएसटी सुधार का संकेत दिया था।
अब जब यह फैसला लागू हुआ, तो पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (ट्विटर) पर लिखा:

ये सुधार आम आदमी के जीवन को आसान बनाने और छोटे व्यापारियों को सशक्त करने के लिए हैं। इससे किसानों, महिलाओं, युवाओं और MSMEs को बड़ी राहत मिलेगी। साथ ही, यह Ease of Living और Ease of Doing Business को और मजबूत करेगा।”

विदेश मंत्री एस. जयशंकर की प्रतिक्रिया

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने इस फैसले की सराहना करते हुए कहा कि यह सुधार भारत की आर्थिक परिवर्तन यात्रा में मील का पत्थर साबित होंगे।
उन्होंने कहा कि यह कदम सरकार की उस कोशिश को और मजबूत करेगा जिससे आम आदमी की जिंदगी आसान हो और देश में कारोबार करने की प्रक्रिया सरल हो।

क्या बदला जीएसटी में पूरी जानकारी

पहले जीएसटी में चार स्लैब थे — 5%, 12%, 18% और 28%
अब 12% और 28% स्लैब को खत्म कर दिया गया है।
इससे सिर्फ 5% और 18% दो ही स्लैब रहेंगे।

5% जीएसटी में आने वाले सामान

अब ये सामान पहले से ज्यादा सस्ते हो जाएंगे:

  1. जरूरी घरेलू सामान
    1. हेयर ऑयल
    1. साबुन
    1. टूथपेस्ट और डेंटल फ्लॉस
    1. साइकिल
    1. टेबलवेयर
  2. खाने-पीने की चीज़ें
    1. नमकीन
    1. भुजिया
    1. चबेना
    1. मिक्सचर
  3. खेती-बाड़ी के उपकरण
    1. ट्रैक्टर
    1. खेती की मिट्टी तैयार करने की मशीनें
    1. हार्वेस्टिंग और क्रशिंग मशीनें
    1. घास काटने वाली मशीनें
    1. कम्पोस्टिंग मशीनें
    1. फॉरेस्ट्री और हर्टीकल्चर मशीनें

पहले इन चीजों पर 12% जीएसटी लगता था, अब यह घटकर 5% हो गया है।

18% जीएसटी में आने वाले सामान

अब ये वाहन सस्ते होंगे:

  • 1200cc तक की कारें
  • 350cc तक की बाइक्स

पहले इन पर 28% जीएसटी लगता था, अब घटकर 18% रह गया है।

40% जीएसटी वाले प्रोडक्ट्स (महंगे होंगे)

कुछ प्रोडक्ट्स पर टैक्स बढ़ाकर 40% कर दिया गया है। यह खासतौर पर स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाने वाले प्रोडक्ट्स हैं।

  • पान मसाला
  • गुटखा
  • सिगरेट
  • बिना तैयार किया हुआ तंबाकू (Unmanufactured Tobacco)
  • चबाने वाला तंबाकू (जैसे ज़र्दा)
  • कैफिनेटेड और कार्बोनेटेड ड्रिंक्स
  • मीठे, फ्लेवर वाले और शुगर-एडेड बेवरेजेस (Soft Drinks)

पहले इन पर 28% टैक्स लगता था।

नए नियम और अहम फैसले

1. तंबाकू और गुटखा पर टैक्स कैलकुलेशन बदला

अब इन प्रोडक्ट्स पर टैक्स ट्रांजैक्शन वैल्यू के बजाय रिटेल सेल प्राइस (RSP) के आधार पर लगेगा।
यानि जो MRP पैकेट पर लिखा होगा, उसी पर टैक्स की गणना की जाएगी।

2. इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर का समाधान

पहले कुछ सेक्टर्स में कच्चे माल पर ज्यादा टैक्स और तैयार सामान पर कम टैक्स लगता था, जिससे कारोबारियों को नुकसान होता था।
अब इसे ठीक कर दिया गया है।

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण का बयान

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा:

  • यह सिर्फ टैक्स रेट्स को बदलने का सुधार नहीं है, बल्कि यह स्ट्रक्चरल रिफॉर्म भी है।”
  • पीएम मोदी चाहते थे कि आम जनता को जल्द से जल्द फायदा मिले।
  • इन सुधारों से:
    • महंगाई कम होगी
    • घरेलू खर्च घटेगा
    • छोटे व्यापारियों और MSMEs को बढ़ावा मिलेगा
    • Aatmanirbhar Bharat को मजबूती मिलेगी

उन्होंने बताया कि किसानों और हेल्थ सेक्टर से जुड़े उत्पादों पर टैक्स में भारी कटौती की गई है।

आम जनता को सीधा फायदा

  • घर में इस्तेमाल होने वाली चीज़ें जैसे हेयर ऑयल, साबुन, टूथपेस्ट अब सस्ती होंगी।
  • नमकीन, भुजिया, मिक्सचर जैसे खाने के सामान पर टैक्स कम हो गया है।
  • किसानों के लिए ट्रैक्टर और मशीनें सस्ती हो गईं।
  • छोटे व्यापारी और MSMEs को कारोबार में आसानी होगी।
  • कार और बाइक खरीदना पहले से सस्ता होगा।

यह जीएसटी सुधार भारत के टैक्स सिस्टम को सरल, पारदर्शी और जनहितैषी बनाने की दिशा में बड़ा कदम है।

  • सरकार का मकसद है कि आम आदमी की जिंदगी आसान हो, महंगाई पर नियंत्रण हो और व्यापारियों को आसानी से कारोबार करने का मौका मिले।
  • यह फैसला भारत के इतिहास का सबसे बड़ा जीएसटी सुधार माना जा रहा है।
  • इन बदलावों से आने वाले समय में Ease of Living और Ease of Doing Business दोनों में जबरदस्त सुधार होगा।

Delhi

हलवा सेरेमनी ‘; यूनियन बजट 2026-27 की तैयारियां अंतिम दौर में वित्त मंत्री ने ‘हलवा सेरेमनी’ के साथ बजट को दिया अंतिम रूप 1 फरवरी को खुलेगा पिटारा |

Published

on

यूनियन बजट 2026-27: नॉर्थ ब्लॉक में अंतिम चरण की तैयारी, हलवा सेरेमनी के साथ शुरू हुआ ‘लॉक-इन’ पीरियड

नई दिल्ली:
नॉर्थ ब्लॉक में यूनियन बजट 2026-27 की तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस मौके पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पारंपरिक हलवा सेरेमनी के जरिए बजट टीम के परिश्रम और समर्पण को सम्मानित किया। इसके साथ ही बजट से जुड़ी गोपनीय प्रक्रिया यानी ‘लॉक-इन पीरियड’ की आधिकारिक शुरुआत हो गई है।

क्या है लॉक-इन पीरियड?

लॉक-इन पीरियड के दौरान बजट से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी अगले कुछ दिनों तक नॉर्थ ब्लॉक परिसर में ही रहेंगे। इस अवधि में वे पूरी तरह बाहरी दुनिया से कटे रहते हैं, ताकि बजट की गोपनीयता बनी रहे।

वित्त मंत्री ने किया बजट प्रेस का निरीक्षण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वयं नॉर्थ ब्लॉक स्थित बजट प्रेस का दौरा किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था और बजट दस्तावेजों की छपाई से जुड़ी तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया और यह सुनिश्चित किया कि सभी इंतजाम पूरी तरह दुरुस्त हों।

डिजिटल इंडिया को मिलेगा नया बल

इस बार का यूनियन बजट ‘डिजिटल इंडिया’ मिशन को और मजबूती देने वाला माना जा रहा है। 1 फरवरी, 2026 को संसद में पेश होने वाला यह बजट आम लोगों तक ‘यूनियन बजट मोबाइल ऐप’ के जरिए तुरंत पहुंच जाएगा।

मोबाइल ऐप पर मिलेगा पूरा बजट

बजट भाषण समाप्त होते ही सभी दस्तावेज डिजिटल पोर्टल और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

  • बजट हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगा
  • आम नागरिक, सांसद और विशेषज्ञ एक क्लिक में बजट से जुड़े सभी आंकड़े देख सकेंगे
  • भारी-भरकम फाइलों की जरूरत नहीं होगी

केवल आंकड़े नहीं, अनुशासन और समर्पण की कहानी

यूनियन बजट सिर्फ आय-व्यय का ब्योरा नहीं होता, बल्कि यह उन अधिकारियों की मेहनत, अनुशासन और गोपनीयता का प्रतीक भी है, जो महीनों तक पर्दे के पीछे रहकर देश की आर्थिक दिशा तय करने में जुटे रहते हैं।

हलवे की मिठास के साथ अब पूरी बजट टीम उस दिन का इंतजार कर रही है, जब देश का नया वित्तीय खाका जनता के सामने पेश किया जाएगा। यह बजट न सिर्फ आर्थिक नीतियों की दिशा तय करेगा, बल्कि डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।

Continue Reading

Delhi

जम्मू-कश्मीर ; की 26 साल की CRPF अधिकारी सिमरन बाला आज रिपब्लिक डे परेड में पुरुष सदस्यीय टुकड़ी का कमान संभाल रही हैं।

Published

on

गणतंत्र दिवस परेड में इतिहास रचेंगी सिमरन बाला

CRPF की 26 वर्षीय अधिकारी पहली बार करेंगी 140 से अधिक पुरुष जवानों का नेतृत्व

नई दिल्ली:
आज दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में जम्मू-कश्मीर की 26 वर्षीय सिमरन बाला इतिहास रचने जा रही हैं। वह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की सहायक कमांडेंट के रूप में 140 से अधिक पुरुष जवानों की टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी। यह पहला मौका है जब किसी महिला अधिकारी को गणतंत्र दिवस परेड में इतनी बड़ी पुरुष टुकड़ी की कमान सौंपी गई है।


कौन हैं सिमरन बाला?

सिमरन बाला जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले की रहने वाली हैं। वह अपने जिले से CRPF में अधिकारी बनने वाली पहली महिला हैं। CRPF देश का सबसे बड़ा पैरामिलिट्री बल है, जिसमें लगभग 3.25 लाख जवान कार्यरत हैं और यह भारत की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ माना जाता है।

CRPF मुख्य रूप से तीन अहम क्षेत्रों में काम करता है:

  • नक्सल विरोधी अभियान
  • जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी कार्रवाई
  • उत्तर-पूर्वी राज्यों में उग्रवाद विरोधी ऑपरेशन

शिक्षा और करियर

  • स्नातक: राजनीति शास्त्र, सरकारी महिला कॉलेज, गांधी नगर (जम्मू)
  • UPSC CAPF परीक्षा: वर्ष 2025 में उत्तीर्ण
  • बल: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF)
  • पहली पोस्टिंग: छत्तीसगढ़ की ‘बस्तरिया’ बटालियन

छत्तीसगढ़ में तैनाती के दौरान सिमरन बाला को नक्सल विरोधी अभियानों में सक्रिय रूप से काम करने का अवसर मिला।


प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन

CRPF अकादमी, गुरुग्राम में प्रशिक्षण के दौरान सिमरन बाला ने:

  • उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्रदर्शन
  • प्रभावशाली सार्वजनिक भाषण

के लिए विशेष पुरस्कार भी प्राप्त किए।


गणतंत्र दिवस परेड में महिला शक्ति का प्रदर्शन

इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में महिलाओं की भागीदारी और भी खास होगी।
CRPF और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की संयुक्त महिला टीमडेयर डेविल्स’ के रूप में रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिलों पर रोमांचक करतब दिखाएगी।

उल्लेखनीय है कि इन दोनों बलों की महिला जवानों ने 2020 की गणतंत्र दिवस परेड में भी यह साहसिक प्रदर्शन किया था।


प्रेरणा का प्रतीक

सिमरन बाला की यह उपलब्धि न सिर्फ जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे देश की युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका नेतृत्व, समर्पण और साहस यह साबित करता है कि भारतीय सुरक्षा बलों में महिलाएं किसी भी भूमिका में पीछे नहीं हैं।


Continue Reading

Blog

77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को राष्ट्रपति ने अशोक चक्र से सम्मानित किया,यह सम्मान के अवसर पर कड़ी सुरक्षा और भव्य समारोहों के बीच औपचारिक परेड के दौरान प्रदान किया गया।

Published

on

77वें गणतंत्र दिवस पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से किया गया सम्मानित

नई दिल्ली:
आज देश 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गर्व के साथ मना रहा है। इस अवसर पर कर्तव्य पथ पर भव्य परेड का आयोजन किया गया, जहां देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वीरता और असाधारण साहस के लिए कई जांबाजों को सम्मानित किया।

इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को राष्ट्रपति ने देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया।

कर्तव्य पथ पर हुआ सम्मान समारोह

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और भव्य समारोहों के बीच औपचारिक परेड का आयोजन किया गया। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को असाधारण साहस और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान के लिए अशोक चक्र प्रदान किया।

अंतरिक्ष में भारत का गौरव

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला पिछले वर्ष जून में एक्सिओम मिशन-4 (Ax-4) के तहत अंतरिक्ष गए थे। इस मिशन के साथ वे:

  • अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय
  • और ISS का दौरा करने वाले पहले भारतीय बने

उनकी 18 दिनों की अंतरिक्ष यात्रा, 41 वर्ष पहले राकेश शर्मा की ऐतिहासिक उड़ान के बाद भारत के मानव अंतरिक्ष अभियानों में एक नई उपलब्धि मानी जा रही है।

अनुभवी फाइटर पायलट

भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला एक अनुभवी फाइटर पायलट भी हैं। उनके पास:

  • Su-30 MKI
  • MiG-21
  • MiG-29
  • Jaguar
  • Hawk
  • Dornier
  • An-32

जैसे विमानों में 2,000 घंटे से अधिक उड़ान अनुभव है।

एक्सिओम-4 मिशन में अहम भूमिका

Ax-4 मिशन अमेरिका की निजी कंपनी Axiom Space द्वारा संचालित किया गया था, जिसमें:

  • NASA
  • यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA)
  • ISRO

भी शामिल थे। मिशन के दौरान शुभांशु शुक्ला ने पायलट के रूप में कार्य करते हुए कई जटिल वैज्ञानिक प्रयोगों में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसकी वैश्विक स्तर पर सराहना हुई।

देश के लिए प्रेरणा

सफल अंतरिक्ष मिशन के बाद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला देश-विदेश में चर्चा का विषय बने और आज उनका अशोक चक्र से सम्मानित होना हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है।

Continue Reading

Trending