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Punjab Politics: महिला योजना पर मंथन, सभी को नहीं, जरूरतमंदों को मिल सकते हैं 1000 रुपये

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Punjab Politics: पंजाब में आम आदमी पार्टी (आप) सरकार महिलाओं को 1,000 रुपये
हर महीने देने की अपनी प्रस्तावित योजना को वैकल्पिक बनाने पर विचार कर रही है। इसके तहत महिलाएं चुन सकेंगी कि वे योजना में शामिल होना चाहती हैं या नहीं। सूत्रों ने बताया कि यह योजना आप के शासन के आखिरी साल में आगामी बजट सत्र में शुरू होने की संभावना है।

सूत्रों ने बताया कि सरकार इस योजना को कम आय वाले तबके की जरूरतमंद महिलाओं तक सीमित रखने के विकल्प पर विचार कर रही है, क्योंकि उन्हें चिंता है कि इससे राज्य के खजाने पर और दबाव पड़ सकता है। एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि इस योजना की आधिकारिक घोषणा आने वाले राज्य बजट सत्र में होने की उम्मीद है।

कितना आएगा सरकार का खर्च?
अगर योजना को वैकल्पिक बनाया जाता है तो प्रदेश सरकार को लगभग 6,000 करोड़ रुपये देने पड़ सकते हैं। यदि राज्य की सभी महिलाओं के लिए इसे लागू किया जाता है, तो यह आंकड़ा 10,000 करोड़ तक जा सकता है। इससे राज्य की आर्थिक स्थिति पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

सूत्रों ने बताया कि सरकार इस योजना में शामिल न होने वाली महिलाओं को बाहर निकालने के विकल्प पर विचार कर रही है। समाज और शहर की ऊंचे दर्जे की महिलाएं चाहें तो वे इस योजना का लाभ न लेने का निर्णय ले सकती हैं। इससे उन महिलाओं को लाभ मिल सकेगा जोकि समाज के निचले तबके से आती हैं।

केजरीवाल और सीएम मान लेंगे आखिरी फैसला
सूत्रों ने बताया कि इस बारे में आखिरी फैसला आप के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान लेंगे। वित्त मंत्री हरपाल चीमा इस मुद्दे पर बात करने के लिए जल्द ही केजरीवाल से मिल सकते हैं।

एक सरकारी अधिकारी ने बताया कि सरकार एकमुश्त रकम के बजाय हर महीने रकम देने के विकल्प पर भी विचार कर रही है। अगर एक बार में 10,000 करोड़ रुपये देते हैं, तो ब्याज में बड़ी रकम चुकानी होगी।


2022 के चुनावों में किया था वादा


बता दें कि महिलाओं को हर महीने 1,000 रुपये देने का वादा आम आदमी पार्टी ने साल 2022 के पंजाब विधानसभा चुनावों से पहले किया था। चुनाव के बाद आप को प्रचंड बहुमत मिला, लेकिन चार साल बीतने पर भी इस वादे को न निभाने का दबाव आम आदमी पार्टी पर रहा है।

चुनाव पूर्व की घोषणा में अरविंद केजरीवाल ने कहा था कि अगर आप की सरकार बनती है तो पंजाब में 18 साल और उससे ज्यादा उम्र की हर महिला को हर महीने 1,000 रुपये मिलेंगे।

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पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत बैंस ने India AI Impact Summit 2026 में हुए शामिल, भविष्य की शिक्षा पर की चर्चा

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राज्य की शैक्षिक संरचना के भविष्य को तकनीकी रूप से और अधिक सक्षम बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, पंजाब के शिक्षा मंत्री श्री हरजोत सिंह बैंस के नेतृत्व में स्कूल शिक्षा विभाग का उच्च-स्तरीय प्रतिनिधिमंडल आज भारत मंडपम, नई दिल्ली में इंडिया ए.आई. इम्पैक्ट एक्सपो 2026 में शामिल हुआ।

यहां उन्होंने राज्य के विशाल स्कूली ढांचे के लिए कृत्रिम बुद्धिमत्ता (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) आधारित विस्तृत संभावनाओं और शिक्षा के अधिक रचनात्मक परिणामों के लिए समाधान तलाशने हेतु विश्व-स्तरीय तकनीकी क्षेत्र के दिग्गजों और केंद्र सरकार के संस्थानों के साथ लगातार रणनीतिक विचार-विमर्श में भाग लिया।

प्रदर्शनी हॉलों के व्यापक दौरे के दौरान, जिसमें उनके साथ स्कूल शिक्षा के सचिव सोनाली गिरि, पी.एस.ई.बी. के चेयरमैन डॉ. अमरपाल सिंह और डी.जी.एस.ई. श्री अरविंद भी मौजूद थे, शिक्षा मंत्री ने गूगल, डेलॉइट, इंटेल, ओपन एआई, एनवीडिया और डेल सहित प्रमुख विश्व तकनीकी कंपनियों के साथ बातचीत की।

उन्होंने पंजाब की शिक्षा प्रणाली में उन्नत एआई तकनीकों को अपनाने पर विशेष ध्यान देते हुए भविष्य की शिक्षा के बारे में विचार-चर्चा की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी तथा शिक्षा मंत्रालय के प्रतिनिधियों से भी बातचीत की और देश की एआई रणनीति, डिजिटल सार्वजनिक बुनियादी ढांचे तथा गवर्नेंस मॉडलों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त की, जो पंजाब के कक्षाओं के लिए उपयुक्त हो सकते हैं।

शिक्षा मंत्री ने शिक्षा और ए.आई. पारिस्थितिकी तंत्र में अग्रणी कंपनियों, जिनमें वाधवानी एआई, जीएनएएनआई. एआई और बोध एआई शामिल हैं, के साथ विस्तृत विचार-विमर्श भी किया। ये विचार-विमर्श एआई-सक्षम स्कूल शिक्षा एप्लिकेशनों पर केंद्रित थे, जिसमें व्यक्तिगत अनुकूलित शिक्षण (पी.ए.एल.), मूलभूत साक्षरता और गणित शिक्षा (एफएलएन), एआई-सक्षम मूल्यांकन, बहुभाषी शिक्षण उपकरण, शिक्षक सहायता तथा मजबूत शासन और बुनियादी ढांचे की निगरानी के लिए समय-आधारित निगरानी प्रणालियों के विश्लेषण पर चर्चा की गई।

श्री हरजोत सिंह बैंस ने एक्सपो में पंजाब स्टार्टअप पैवेलियन का दौरा किया, जहां उन्होंने पंजाब सरकार के कार्यक्रमों के तहत तैयार किए गए कई विशेष, क्षेत्र-विशेष एआई स्टार्टअप्स के साथ बातचीत की, जो शैक्षिक तकनीकी नवाचार के क्षेत्र में पंजाब को एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभार रहे हैं।

श्री हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि यह दौरा पंजाब की आने वाली पीढ़ियों को भविष्य के साधनों से लैस करने में मदद करेगा। एनवीडिया, गूगल और ओपन एआई जैसी वैश्विक कंपनियों के साथ चल रही हमारी चर्चा और हमारे घरेलू स्टार्टअप्स ने हमें एक स्पष्ट भविष्य की दिशा प्रदान की है। हम अब विशेष रूप से व्यक्तिगत अनुकूलित शिक्षण और एआई के माध्यम से फाउंडेशनल लिटरेसी तथा न्यूमरेसी को मजबूत करने पर केंद्रित हैं।

इन तकनीकों को एमईआईटीवाई और शिक्षा मंत्रालय द्वारा साझा किए गए मजबूत नीतिगत ढांचे के साथ जोड़कर, हम ऐसा मॉडल तैयार करेंगे जहां तकनीक हमारे शिक्षकों के लिए एक सार्थक साधन और पंजाब के प्रत्येक विद्यार्थी के लिए एक व्यक्तिगत मार्गदर्शक के रूप में कार्य करेगी।

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BJP राजनीतिक फ़ायदे के लिए एसआईआर प्रक्रिया का कर रही है गलत इस्तेमाल, यह गंभीर चिंता का विषय: नील गर्ग

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आम आदमी पार्टी (आप) ने वोटर लिस्ट के चल रहे स्पेशल इन-डेप्थ रिवीजन (एसआईआर) को लेकर गहरी चिंता जताई है। पार्टी नेता नील गर्ग ने कहा कि यह मुद्दा अब सार्वजनिक बहस के साथ-साथ संस्थागत जांच का विषय भी बन गया है।

नील गर्ग ने कहा कि वोटर लिस्ट का स्पेशल इन-डेप्थ रिवीजन गंभीर चिंता का विषय है और मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच चुका है, जो स्थिति की गंभीरता को दर्शाता है। उन्होंने बताया कि रिपोर्टों के अनुसार पंजाब में एसआईआर अप्रैल से शुरू हो सकता है और पार्टी इस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है।

विरोधी क्षेत्रों में वोट काटने के आरोप

गर्ग ने आरोप लगाया कि कई ऐसे इलाकों और बूथों पर, जहां विरोधी पक्षों के वोटरों की संख्या अधिक है, बड़ी संख्या में वोट काटने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने दावा किया कि दलित भाईचारे को विशेष रूप से निशाना बनाया जा रहा है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि वोटर रिवीजन प्रक्रिया का राजनीतिक लाभ के लिए इस्तेमाल स्वीकार नहीं किया जाएगा।

पारदर्शी संशोधन से कोई एतराज़ नहीं

पार्टी का पक्ष रखते हुए नील गर्ग ने कहा कि आम आदमी पार्टी को वोटर लिस्ट के वास्तविक और पारदर्शी सुधार से कोई आपत्ति नहीं है। यदि किसी वोटर की मृत्यु हो गई है या वह स्थानांतरित हो गया है, तो उसका नाम अपडेट किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि कानूनी और पारदर्शी तरीके से किया गया संशोधन लोकतांत्रिक प्रक्रिया का हिस्सा है, लेकिन संशोधन के नाम पर राजनीति करना और विरोधी पक्ष के वोट काटना लोकतंत्र के खिलाफ है।

भाजपा पर सीधा आरोप, कड़ी चेतावनी

नील गर्ग ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी की ऐसी किसी भी योजना को पंजाब में सफल नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी का हर वॉलंटियर हर वोट पर कड़ी नजर रखेगा और मतदाता स्तर पर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा, ताकि एसआईआर के नाम पर किसी भी तरह की धोखाधड़ी न हो सके।

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पंजाब के उद्योग मंत्री संजीव अरोड़ा की उद्योगपति सज्जन जिंदल से मुलाकात; राजपुरा में इस्पात क्षेत्र में ₹1,500 करोड़ के निवेश की घोषणा

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पंजाब के उद्योग एवं वाणिज्य, निवेश प्रोत्साहन और बिजली मंत्री संजीव अरोड़ा ने आज मुंबई में प्रमुख उद्योगपति सज्जन जिंदल, चेयरमैन, JSW Group के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक में पंजाब इन्वेस्ट के सीईओ अमित ढाका भी उपस्थित रहे।

बैठक के दौरान सज्जन जिंदल ने राजपुरा में इस्पात क्षेत्र में ₹1,500 करोड़ के निवेश की घोषणा की। उन्होंने यह भी कहा कि JSW समूह पंजाब में अपने विविध व्यवसायिक क्षेत्रों में अतिरिक्त निवेश के अवसरों का अन्वेषण करेगा। प्रस्तावित निवेश से राज्य के विनिर्माण आधार को मजबूती, इस्पात मूल्य श्रृंखला को गहराई और क्षेत्र में प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर सृजित होंगे।

सज्जन जिंदल ने यह भी पुष्टि की कि वह 13 मार्च को Plaksha University में आयोजित होने वाले इन्वेस्ट पंजाब समिट के उद्घाटन सत्र में उपस्थित रहेंगे। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में राज्य सरकार द्वारा विकसित किए जा रहे उद्योग-अनुकूल वातावरण और सक्रिय औद्योगिक पहुँच प्रयासों की सराहना की।

मंत्री संजीव अरोड़ा का बयान

मंत्री संजीव अरोड़ा ने पंजाब की मजबूत औद्योगिक नींव को रेखांकित करते हुए कहा कि राज्य में उत्तरी बाजारों से उत्कृष्ट कनेक्टिविटी, सशक्त एमएसएमई तंत्र, कुशल मानव संसाधन तथा इस्पात, ऑटो कंपोनेंट्स, वस्त्र, खेल सामान, खाद्य प्रसंस्करण और लाइट इंजीनियरिंग जैसे क्षेत्रों में विकसित औद्योगिक क्लस्टर मौजूद हैं।

उन्होंने बताया कि ईज ऑफ डूइंग बिजनेस सुधारों में पंजाब लगातार “टॉप अचीवर” रहा है और समयबद्ध स्वीकृतियों के लिए प्रगतिशील सिंगल विंडो क्लीयरेंस प्रणाली लागू की गई है।

नई औद्योगिक नीति

मंत्री ने कहा कि पंजाब सरकार नई, सुदृढ़ और भविष्य उन्मुख औद्योगिक नीति को अंतिम रूप देने के उन्नत चरण में है। यह नीति अगली पीढ़ी के विनिर्माण और प्रौद्योगिकी आधारित निवेश को प्रोत्साहित करेगी। इसमें शामिल हैं:

  • प्रतिस्पर्धी वित्तीय प्रोत्साहन
  • प्लग-एंड-प्ले औद्योगिक अवसंरचना
  • क्षेत्र-विशिष्ट पार्क और त्वरित स्वीकृतियाँ
  • बेहतर लॉजिस्टिक्स दक्षता
  • रक्षा निर्माण, इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, उन्नत सामग्री, नवीकरणीय ऊर्जा और उच्च स्तरीय इंजीनियरिंग जैसे उभरते क्षेत्रों के लिए मजबूत नीति समर्थन

इस नीति का उद्देश्य मूल्य संवर्धित विनिर्माण को बढ़ावा, निर्यात में वृद्धि और युवाओं के लिए बड़े पैमाने पर रोजगार सृजन है।

उद्योगपतियों का भरोसा

सज्जन जिंदल ने पंजाब सरकार की सक्रिय औद्योगिक नीतियों की सराहना की और नए निवेश आकर्षित करने में मंत्री संजीव अरोड़ा के प्रयासों की प्रशंसा की। उन्होंने रक्षा निर्माण, ऑटोमोबाइल और नवीकरणीय ऊर्जा में निवेश के अवसरों में गहरी रुचि दिखाई।

मंत्री संजीव अरोड़ा ने JSW परियोजनाओं के लिए हर संभव सहयोग और त्वरित स्वीकृतियों का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब उद्योगों की स्थापना और विस्तार के लिए विश्वसनीय बिजली आपूर्ति, बेहतर लॉजिस्टिक्स अवसंरचना और उत्तरदायी प्रशासनिक ढांचा उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

यह बैठक प्रगतिशील पंजाब निवेशक शिखर सम्मेलन 2026 से पूर्व राज्य को भारत के सबसे पसंदीदा और प्रतिस्पर्धी निवेश गंतव्यों में स्थापित करने के सतत प्रयासों में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।

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