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पंजाब पुलिस ने महज 72 घंटों में केस सुलझाया, एक आरोपी का किया एनकाउंटर में ढेर, दूसरा सलाखों के पीछे: रंधावा

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आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक Gurdeep Singh Randhawa ने कांग्रेस नेता और मौजूदा सांसद Sukhjinder Singh Randhawa द्वारा पुलिस प्रशासन पर की गई टिप्पणी की कड़ी निंदा की।

विधायक रंधावा ने कहा कि गुरदासपुर में हाल ही में शहीद हुए दो जांबाज पुलिस कर्मियों की शहादत पर राजनीति करना बेहद शर्मनाक है।

पुलिस की सराहनीय कार्रवाई

रंधावा ने कहा कि सुखजिंदर रंधावा द्वारा एसएसपी पर किए गए अपशब्द उनकी ओछी मानसिकता को दर्शाते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि उसी एसएसपी और पंजाब पुलिस ने महज 72 घंटों के भीतर एक आरोपी को एनकाउंटर में ढेर किया और दूसरा सलाखों के पीछे है।

कांग्रेस नेताओं और आतंकवाद के संदर्भ

विधायक ने सुखजिंदर रंधावा पर हमला बोलते हुए सवाल किया कि जनता को बताएं कि उस समय के आतंकवादी ‘नट्टी’ के साथ उनके परिवार का क्या संबंध था, जो उनके पिता संतोख सिंह रंधावा को अपना ‘पिता’ कहकर संबोधित करता था। उन्होंने यह भी पूछा कि उत्तर प्रदेश के कुख्यात अंसारी परिवार और अन्य गैंगस्टरों के साथ उनके संबंधों पर क्यों चुप्पी साधी जाती है।

रंधावा ने कहा कि जिनके अपने संबंध अपराधियों से जुड़े हों, उन्हें वर्दीधारी ईमानदार पुलिस कर्मियों पर इल्जाम लगाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है।

भ्रष्टाचार और घोटाले का खुलासा

विधायक ने बताया कि कलानौर में हुए भ्रष्टाचार का मामला उजागर हुआ है। 2018 से 2021 के बीच सुखजिंदर रंधावा के मंत्री रहते हुए वहां 8 करोड़ रुपये का भारी घोटाला हुआ।

रंधावा ने कहा कि इस भ्रष्टाचार का सबूत 22 तारीख को दर्ज हुआ पर्चा है, जिसमें विजिलेंस ऑफिसर ने 2 BDPO और DTPO समेत 8 लोगों पर मामला दर्ज किया। यह स्पष्ट सबूत है कि कांग्रेस राज में ‘ईमानदारी’ के नाम पर लूट का खेल चल रहा था।

चेतावनी

विधायक ने चेतावनी देते हुए कहा कि सुखजिंदर रंधावा जनता को गुमराह करना बंद करें, क्योंकि उनकी असलियत अब सबके सामने आ चुकी है।

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CM मान के नेतृत्व में पंजाब को मिला ‘टॉप अचीवर’ पुरस्कार, केंद्र ने उद्योग समर्थक नीतियों को सराहा

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मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की उद्योग-समर्थक नीतियों को मान्यता देते हुए भारत सरकार ने आज व्यापार सुधार कार्य योजना (बी आर ए पी ) 2024 के अंतर्गत पंजाब को “टॉप अचीवर” पुरस्कार से सम्मानित किया है।

केंद्रीय वाणिज्य और उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली में आयोजित समारोह के दौरान पंजाब सरकार को यह प्रतिष्ठित पुरस्कार प्रदान किया।

उल्लेखनीय है कि पंजाब ने भारत के पाँच प्रमुख सुधार क्षेत्रों — व्यवसाय प्रारंभ , निर्माण परमिट प्राप्तकर्ता, निवेश आकर्षण, क्षेत्र-विशेष स्वास्थ्य सेवाएँ , और सेवा प्रबंधन— में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है।

भारत सरकार के उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग (डी पी आई आई टी ) ने पंजाब को “टॉप अचीवर” घोषित करते हुए उसकी पारदर्शी, कुशल और निवेशक-हितैषी व्यावसायिक नीतियों की सराहना की है। यह सम्मान राज्य में व्यवसाय करने में सुगमता के क्षेत्र में पंजाब की अग्रणी भूमिका की पुष्टि करता है।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की दूरदर्शी नेतृत्व क्षमता के चलते पंजाब निरंतर औद्योगिक विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है। पारदर्शी शासन, उद्योग-हितैषी नीतियाँ और निवेश के अनुकूल वातावरण के कारण राज्य में लगातार निवेश आ रहा है। पंजाब के शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल ने औद्योगिक निवेश को बड़ी गति दी है।

मार्च 2022 में मान सरकार के सत्ता में आने के बाद से अब तक राज्य को 1.23 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए हैं, जिनसे लगभग 4.7 लाख युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। फूड प्रोसेसिंग, टेक्सटाइल, ऑटो कंपोनेंट्स, हैंड टूल्स, साइकिल, आईटी और पर्यटन जैसे क्षेत्रों में अभूतपूर्व प्रगति के कारण पंजाब आज अन्य राज्यों के लिए एक रोल मॉडल बन चुका है।

राज्य सरकार की उद्योग-समर्थक नीतियों के परिणामस्वरूप पंजाब अब जापान, अमेरिका, जर्मनी, यू.के., यू.ए.ई., स्विट्ज़रलैंड, फ्रांस, और स्पेन जैसे विकसित देशों से भी निवेश आकर्षित कर रहा है।

सरकार के ठोस प्रयासों से पंजाब न केवल भारत बल्कि विश्व के पसंदीदा निवेश स्थलों में तेजी से उभर रहा है। कारोबार करने में सुगमता के मामले में भी पंजाब अग्रणी स्थान पर है।

इसके साथ ही, राज्य सरकार द्वारा आरंभ किया गया ‘फास्ट ट्रैक पंजाब पोर्टल’ भारत का सबसे उन्नत सिंगल-विंडो सिस्टम बन गया है, जो 150 से अधिक व्यावसायिक सेवाएँ ऑनलाइन प्रदान करता है और ऑफलाइन आवेदन की आवश्यकता को पूरी तरह समाप्त करता है।

पंजाब की यह उपलब्धि राज्य की उद्योग-हितैषी सोच, प्रशासनिक दक्षता और निवेशक विश्वास का प्रतीक है।

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केंद्रीय गृह मंत्री का पंजाब दौरा फाइनल:चौदह मार्च को मोगा में करेंगे रैली, विधानसभा चुनाव 2027 का करेंगे आगाज

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पंजाब की राजनीति में चुनावी सरगर्मियां तेज होती दिख रही हैं। सूत्रों के अनुसार केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 14 मार्च को मोगा जिले के किल्ली चहल गांव से पार्टी के चुनावी अभियान का आगाज कर सकते हैं। खास बात यह है कि इसी स्थान से आम आदमी पार्टी (AAP) ने 17 फरवरी को अपने 2027 चुनाव अभियान की शुरुआत की थी।

राजनीतिक सूत्रों का कहना है कि रैली का स्थान बेहद सोच-समझकर चुना गया है, क्योंकि मोगा को पंजाब की राजनीति के लिहाज से बेहद अहम माना जाता है। यह क्षेत्र मालवा इलाके का केंद्र बिंदु है, जिसे राज्य की सियासी दिशा तय करने वाला इलाका भी कहा जाता है। हाल ही में AAP ने भी यहां नशा विरोधी अभियान को केंद्र में रखते हुए बड़ी रैली की थी, जिसमें पार्टी संयोजक अरविंद केजरीवाल और मुख्यमंत्री भगवंत मान मौजूद रहे थे। बीजेपी के एक वरिष्ठ सूत्र के मुताबिक, “मोगा राज्य का सेंटर प्वाइंट है और पंजाब की राजनीति का कोर क्षेत्र माना जाता है। मालवा में मजबूत उपस्थिति किसी भी पार्टी की जमीन पर पकड़ को दर्शाती है।” ऐसे में अमित शाह की रैली को राजनीतिक ताकत दिखाने के तौर पर देखा जा रहा है।

बताया जा रहा है कि 14 मार्च की यह रैली पार्टी के शीर्ष स्तर पर अंतिम रूप दी गई है। संगठन से जुड़े वरिष्ठ नेताओं, खासकर राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) बी.एल. संतोष ने इसकी तैयारियों को अंतिम रूप दिया है। पार्टी नेताओं का मानना है कि गृह मंत्री की यह रैली राज्य में बीजेपी के चुनावी अभियान की औपचारिक शुरुआत का संकेत देगी। एक वरिष्ठ बीजेपी नेता ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हालिया पंजाब दौरे के बाद अमित शाह की रैली यह स्पष्ट संदेश देगी कि पंजाब अब पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल है। उन्होंने कहा कि यह रैली इस बात का भी संकेत होगी कि प्रधानमंत्री मोदी और अमित शाह दोनों की नजरें पंजाब पर टिकी हुई हैं।

कुछ समय से यह धारणा बन रही थी कि बीजेपी ने पंजाब को राजनीतिक रूप से बैक बर्नर पर रख दिया है, क्योंकि पार्टी पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी जैसे चुनावी राज्यों की तैयारियों में व्यस्त थी। हालांकि, जालंधर के पास डेरा सचखंड बल्लां में संत रविदास जयंती के अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी की हालिया यात्रा को पंजाब में फिर से सक्रिय चुनावी रणनीति की शुरुआत के रूप में देखा जा रहा है। साल 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव बीजेपी के लिए एक बड़ी राजनीतिक परीक्षा माने जा रहे हैं, खासकर इसलिए क्योंकि कृषि कानूनों के मुद्दे पर 2020 में शिरोमणि अकाली दल से उसका गठबंधन टूट गया था। अब राजनीतिक हलकों में यह सवाल भी बना हुआ है कि क्या दोनों पुराने सहयोगी फिर से चुनाव से पहले एकजुट होंगे। दोनों दलों के कुछ वर्गों में गठबंधन की संभावनाओं को लेकर चर्चा जारी है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मालवा क्षेत्र में बढ़ती गतिविधियां इस बात का संकेत हैं कि आने वाले समय में पंजाब में चुनावी मुकाबला और तेज होगा, जिसमें सभी प्रमुख दल अपनी ताकत झोंकते नजर आएंगे।

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CM भगवंत सिंह मान ने किसानों को दिया बड़ा तोहफ़ा, मालवा क्षेत्र के चार ज़िलों तक पहुँचा नहर का पानी

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पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आज फिरोजपुर फीडर नहर के रेनोवेशन के पहले चरण का उद्घाटन किया। उन्होंने इसे किसानों और मालवा क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक कदम बताया, जो भविष्य में पंजाब के पानी की सुरक्षा और सिंचाई क्षमता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाएगा।

फिरोजपुर फीडर नहर: मालवा क्षेत्र की लाइफलाइन

मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि यह नहर फिरोजपुर, फरीदकोट, श्री मुक्तसर साहिब और फाजिल्का जिलों के किसानों और मछुआरों के लिए वरदान साबित होगी। पहले फेज़ के 180 करोड़ रुपये की लागत से नहर की क्षमता 11,192 क्यूसिक से बढ़ाकर 13,873 क्यूसिक कर दी गई है। नहर की गहराई 18 फीट से बढ़ाकर 21 फीट और चौड़ाई 163 फीट से बढ़ाकर 180 फीट की गई है।

उन्होंने बताया कि पहले नहर का पानी केवल 21% खेतों तक पहुँचता था, जबकि अब यह 68% तक पहुंच रहा है और आने वाले धान के मौसम तक इसे 85% तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रोजेक्ट से 6,45,200 हेक्टेयर जमीन को सिंचाई का पानी मिलेगा।

सीमावर्ती क्षेत्रों के किसानों को बड़ी राहत

मुख्यमंत्री ने बताया कि केंद्र सरकार ने बॉर्डर फेंस को इंटरनेशनल बॉर्डर के करीब शिफ्ट करने की सैद्धांतिक मंजूरी दी है। इससे फाजिल्का और जलालाबाद जैसे बॉर्डर क्षेत्रों के किसान बिना रुकावट खेती कर पाएंगे

उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब का पानी किसी अन्य राज्य को नहीं दिया जाएगा, और सतलज यमुना लिंक (SYL) के मुद्दे का समाधान केवल यमुना सतलज लिंक के माध्यम से ही संभव है

पिछली सरकारों पर निशाना

सीएम मान ने कहा कि पिछली कांग्रेस और अकाली सरकारें पंजाब के पानी और किसानों की जरूरतों की चिंता नहीं करती थीं। उन्होंने अकाली दल पर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने गैंगस्टरों और ड्रग माफिया को संरक्षण दिया, जिससे पंजाब के युवा नशे की दलदल में फंसे।

सिंचाई और जल प्रबंधन में सुधार

फिरोजपुर फीडर के रेनोवेशन से नहर के माध्यम से नहरों की रोटेशनल बेसिस पर सिंचाई की समस्या हल हो गई है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार ने 6,500 करोड़ रुपये खर्च कर 1,365 गांवों तक नहर का पानी पहुँचाया है और 18,349 रजवाहों को चालू किया है।

स्वास्थ्य, शिक्षा और बिजली में जनहितकारी कदम

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में 881 आम आदमी क्लीनिक खोले गए हैं और सरकारी अस्पतालों में बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं दी जा रही हैं। इसके साथ ही मुख्यमंत्री सेहत बीमा योजना के तहत प्रत्येक परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज मिलेगा।

राज्य सरकार ने 63,000 से अधिक सरकारी नौकरियां युवाओं को बिना किसी रिश्वत या सिफारिश के प्रदान की हैं। इसके अलावा, हर महीने 300 यूनिट मुफ्त बिजली और दिन में भी बिजली किसानों को उपलब्ध कराई जा रही है।

ड्रग्स के खिलाफ सख्त कार्रवाई

मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछली सरकारों ने ड्रग माफिया को संरक्षण दिया था, लेकिन उनकी सरकार ने ‘युद्ध नशेयां विरुद्ध’ अभियान शुरू किया है। इसके तहत ड्रग तस्करों की संपत्ति ज़ब्त की जा रही है और बड़ी मछलियों को सलाखों के पीछे डाला जा रहा है।

मुख्यमंत्री का संदेश

सीएम मान ने कहा, “आज का दिन मालवा क्षेत्र के किसानों और पंजाब के लोगों के लिए ऐतिहासिक है। यह नहर न केवल सिंचाई की सुविधा बढ़ाएगी, बल्कि किसानों की आर्थिक खुशहाली में भी योगदान देगी। पंजाब सरकार हर कदम पर लोगों की भलाई और राज्य की उन्नति के लिए प्रतिबद्ध है।”

इस अवसर पर जल संसाधन मंत्री बरिंदर गोयल, सामाजिक सुरक्षा, महिला और बाल विकास मंत्री डॉ. बलजीत कौर और कृषि मंत्री गुरमीत सिंह खुडियां भी मौजूद थे।

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