Uttar Pradesh

Atul Suicide Case : निकिता सिंघानिया, मां निशा और भाई अनुराग गिरफ्तार, पुलिस पर सवाल उठे

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Atul Suicide Case केस में बड़ी कार्रवाई करते हुए उनकी पत्नी निकिता सिंघानिया, मां निशा सिंघानिया और भाई अनुराग सिंघानिया को गिरफ्तार कर लिया गया है। हालांकि, प्रयागराज पुलिस ने बेंगलुरु पुलिस की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठाए हैं।

बेंगलुरु पुलिस पर आरोप: कोई संपर्क नहीं
प्रयागराज पुलिस का दावा है कि बेंगलुरु पुलिस ने न तो गिरफ्तारी से पहले संपर्क किया और न ही ट्रांजिट डिमांड बनवाई। गिरफ्तार आरोपियों को प्रयागराज की किसी कोर्ट में पेश नहीं किया गया और न ही किसी स्थानीय पुलिस स्टेशन में लाया गया। प्रयागराज के पुलिस कमिश्नर और डीसीपी सिटी ने यह जानकारी मीडिया को दी।

अग्रिम जमानत की प्रक्रिया के दौरान गिरफ्तारी
आशंका जताई जा रही है कि निशा और अनुराग सिंघानिया को इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की अर्जी दाखिल करने के दौरान ही गिरफ्तार किया गया। जानकारी के अनुसार, दोनों ने हाईकोर्ट में जमानत याचिका से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी कर दी थीं, लेकिन पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी का कागजी रिकॉर्ड शनिवार का दिखाया।

निकिता की गिरफ्तारी का खुलासा
निकिता सिंघानिया को गुरुग्राम, हरियाणा से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि निशा और अनुराग के फोन के लोकेशन से निकिता का पता लगाकर उनकी गिरफ्तारी की गई। तीनों आरोपियों की गिरफ्तारी को पुलिस ने एक साथ दिखाया और उन्हें कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया।

गिरफ्तारी पर उठे सवाल
प्रयागराज पुलिस ने बेंगलुरु पुलिस की कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं, खासकर गिरफ्तारी प्रक्रिया में समन्वय की कमी को लेकर। यह भी दावा किया गया है कि गिरफ्तारी के समय बेंगलुरु पुलिस ने प्रयागराज पुलिस को कोई सूचना नहीं दी।

अदालत में दाखिल अग्रिम जमानत याचिका
चार आरोपियों की तरफ से इलाहाबाद हाईकोर्ट में अग्रिम जमानत की याचिका दाखिल की गई थी, जिनमें से तीन की गिरफ्तारी हो चुकी है। यह मामला अब कानूनी और प्रशासनिक स्तर पर और अधिक जटिल होता जा रहा है।

इस घटना ने पुलिस प्रक्रियाओं और गिरफ्तारी की वैधता पर नए सवाल खड़े किए हैं, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई है।

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