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पार्टी नेताओं को खरगे की नसीहत- मीडिया में न उठाएं आंतरिक मुद्दे

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नेशनल डेस्क: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बृहस्पतिवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार पर पिछले 10 साल की अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए भावनात्मक मुद्दे उठाने का आरोप लगाया और कार्यकर्ताओं से 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी की जीत सुनिश्चित करने के लिए एकजुट होने का आह्वान किया। कांग्रेस अध्यक्ष ने कन्याकुमारी से कश्मीर तक की ‘भारत जोड़ो यात्रा’ के लिए राहुल गांधी की सराहना की और विश्वास जताया कि मणिपुर से महाराष्ट्र तक उनकी ‘भारत न्याय यात्रा’ सामाजिक न्याय के मुद्दों को राष्ट्रीय चर्चा के केंद्र में लाएगी।

मीडिया में न उठाएं आंतरिक मुद्दे
खरगे ने देश भर के पार्टी नेताओं की एक बैठक में कहा, ‘‘भाजपा पिछले 10 साल में अपनी सरकार की विफलताओं को छिपाने के लिए भावनात्मक मुद्दों को आगे बढ़ा रही है। वे जानबूझकर हर मुद्दे में कांग्रेस को शामिल करते हैं।” खरगे ने नेताओं से अपने मतभेद भुलाने, आंतरिक मुद्दों को मीडिया में नहीं उठाने और एक टीम की तरह काम करने की अपील करते हुए कहा, ‘‘हमें एकजुट होकर लोगों के सामने जमीनी मुद्दों पर भाजपा के झूठ, फरेब और गलत बातों का मुंहतोड़ जवाब देना है।”

पच्चीस साल तक कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में सोनिया गांधी के योगदान का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि उस दौरान हर राज्य में लगातार पूरे मन से काम हुआ और 2004 में उन्हीं के नेतृत्व में संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) ने राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) को हराया और केंद्र में पूरे 10 साल लगातार सरकार रही। उन्होंने कहा, ‘‘तब हर गांव और शहर का हमारा कायकर्ता उठ खड़ा हुआ था। आज समय आ गया है कि उसी लगन, मेहनत और समर्पण भाव से हमें काम करते हुए पार्टी को आगे ले जाना होगा।” यह उल्लेख करते हुए कि भाजपा के सभी हमले कांग्रेस और इंडिया गठबंधन पर हो रहे हैं, उन्होंने कहा, ‘‘राजग केवल नाम का रह गया है जबकि इंडिया गठबंधन में प्रमुख जमीनी दल हैं जिनके पास एक मजबूत कैडर, आधार और विचारधारा है।”

हमें बीजेपी को ठोस जवाब देना होगा
मोदी सरकार पर आधुनिक भारत के निर्माण में कांग्रेस के योगदान को लगातार नजरअंदाज करने की कोशिश करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, ‘‘हमें उन्हें ठोस जवाब देना होगा।” उन्होंने कार्यकर्ताओं से संसदीय लोकतंत्र और आधुनिक भारत की नींव में कांग्रेस द्वारा दिए गए योगदान को हमेशा याद रखने को कहा। उन्होंने कहा, ‘‘क्योंकि जो इतिहास भूल जाते हैं, वे इतिहास नहीं रच सकते।” कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि दिन-रात काम करके हम 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद लोगों को एक वैकल्पिक सरकार देने में सक्षम होंगे। उन्होंने कहा, ‘‘मतभेदों को छोड़ दें, झूठ न बोलें और आंतरिक मुद्दों को मीडिया में न उठाएं और कांग्रेस की जीत सुनिश्चित करने के लिए एक टीम के रूप में काम करें।”

यात्रा और चुनाव की सफलता जरूरी
देश भर के वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने आगामी लोकसभा चुनाव के लिए पार्टी की रणनीति और अन्य दलों के साथ सीटों के बंटवारे के अलावा 14 जनवरी से शुरू होने वाली ‘भारत न्याय यात्रा’ की तैयारियों पर चर्चा की। खरगे ने कहा, ‘‘हमारे लिए दोनों (यात्रा और चुनाव) की सफलता जरूरी है। इसलिए हम सबको इस बीच में काफी समय देना है। यात्रा में कांग्रेस आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक अन्याय की हकीकत लोगों के सामने रखेगी। संविधान और लोकतंत्र को बचाने के लिये अपनी अवाज़ पूरी ताकत से उठानी है, कांग्रेस के कैडर इसे सफल बनाने के लिए पूरा जोर लगाएगें।” उन्होंने कहा कि भाजपा ने पिछले 10 साल में एक भी ऐसा काम नहीं किया है जिसे मील का पत्थर कहा जा सके। उन्होंने कहा, ‘‘वे कांग्रेस के जमाने की योजनाओं का नाम और रूप बदलने का काम करते रहे हैं।

प्रवर्तन निदेशालय, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो और आयकर विभाग जैसी संस्थाओं का खुलेआम दुरुपयोग कर रहे हैं। मणिपुर में आज तक प्रधानमंत्री का न जाना ये बताता है कि राष्ट्रीय सवालों पर वे कितनी गैर जिम्मेदारी से काम करते हैं।” कांग्रेस अध्यक्ष ने कार्यकर्ताओं को पार्टी की आंख और कान बताया और उनसे अगले तीन महीने रात-दिन एक करके पार्टी के लिए जी जान से जुट जाने की अपील की। पार्टी मुख्यालय में हुई इस बैठक में पार्टी महासचिवों, राज्य प्रभारियों, राज्य इकाइयों के प्रमुखों और कांग्रेस विधायक दल के नेताओं ने हिस्सा लिया। इस दौरान पार्टी के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी भी मौजूद थे। खरगे द्वारा दिसंबर में पार्टी संगठन में फेरबदल किए जाने के बाद नवनियुक्त पार्टी पदाधिकारियों की यह पहली बैठक थी।

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हलवा सेरेमनी ‘; यूनियन बजट 2026-27 की तैयारियां अंतिम दौर में वित्त मंत्री ने ‘हलवा सेरेमनी’ के साथ बजट को दिया अंतिम रूप 1 फरवरी को खुलेगा पिटारा |

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यूनियन बजट 2026-27: नॉर्थ ब्लॉक में अंतिम चरण की तैयारी, हलवा सेरेमनी के साथ शुरू हुआ ‘लॉक-इन’ पीरियड

नई दिल्ली:
नॉर्थ ब्लॉक में यूनियन बजट 2026-27 की तैयारियां अब अपने अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। इस मौके पर वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने पारंपरिक हलवा सेरेमनी के जरिए बजट टीम के परिश्रम और समर्पण को सम्मानित किया। इसके साथ ही बजट से जुड़ी गोपनीय प्रक्रिया यानी ‘लॉक-इन पीरियड’ की आधिकारिक शुरुआत हो गई है।

क्या है लॉक-इन पीरियड?

लॉक-इन पीरियड के दौरान बजट से जुड़े अधिकारी और कर्मचारी अगले कुछ दिनों तक नॉर्थ ब्लॉक परिसर में ही रहेंगे। इस अवधि में वे पूरी तरह बाहरी दुनिया से कटे रहते हैं, ताकि बजट की गोपनीयता बनी रहे।

वित्त मंत्री ने किया बजट प्रेस का निरीक्षण

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने स्वयं नॉर्थ ब्लॉक स्थित बजट प्रेस का दौरा किया। उन्होंने सुरक्षा व्यवस्था और बजट दस्तावेजों की छपाई से जुड़ी तैयारियों का बारीकी से जायजा लिया और यह सुनिश्चित किया कि सभी इंतजाम पूरी तरह दुरुस्त हों।

डिजिटल इंडिया को मिलेगा नया बल

इस बार का यूनियन बजट ‘डिजिटल इंडिया’ मिशन को और मजबूती देने वाला माना जा रहा है। 1 फरवरी, 2026 को संसद में पेश होने वाला यह बजट आम लोगों तक ‘यूनियन बजट मोबाइल ऐप’ के जरिए तुरंत पहुंच जाएगा।

मोबाइल ऐप पर मिलेगा पूरा बजट

बजट भाषण समाप्त होते ही सभी दस्तावेज डिजिटल पोर्टल और मोबाइल ऐप पर उपलब्ध करा दिए जाएंगे।

  • बजट हिंदी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं में उपलब्ध होगा
  • आम नागरिक, सांसद और विशेषज्ञ एक क्लिक में बजट से जुड़े सभी आंकड़े देख सकेंगे
  • भारी-भरकम फाइलों की जरूरत नहीं होगी

केवल आंकड़े नहीं, अनुशासन और समर्पण की कहानी

यूनियन बजट सिर्फ आय-व्यय का ब्योरा नहीं होता, बल्कि यह उन अधिकारियों की मेहनत, अनुशासन और गोपनीयता का प्रतीक भी है, जो महीनों तक पर्दे के पीछे रहकर देश की आर्थिक दिशा तय करने में जुटे रहते हैं।

हलवे की मिठास के साथ अब पूरी बजट टीम उस दिन का इंतजार कर रही है, जब देश का नया वित्तीय खाका जनता के सामने पेश किया जाएगा। यह बजट न सिर्फ आर्थिक नीतियों की दिशा तय करेगा, बल्कि डिजिटल इंडिया के सपने को साकार करने की दिशा में एक अहम कदम साबित होगा।

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जम्मू-कश्मीर ; की 26 साल की CRPF अधिकारी सिमरन बाला आज रिपब्लिक डे परेड में पुरुष सदस्यीय टुकड़ी का कमान संभाल रही हैं।

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गणतंत्र दिवस परेड में इतिहास रचेंगी सिमरन बाला

CRPF की 26 वर्षीय अधिकारी पहली बार करेंगी 140 से अधिक पुरुष जवानों का नेतृत्व

नई दिल्ली:
आज दिल्ली के कर्तव्य पथ पर आयोजित गणतंत्र दिवस परेड में जम्मू-कश्मीर की 26 वर्षीय सिमरन बाला इतिहास रचने जा रही हैं। वह केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की सहायक कमांडेंट के रूप में 140 से अधिक पुरुष जवानों की टुकड़ी का नेतृत्व करेंगी। यह पहला मौका है जब किसी महिला अधिकारी को गणतंत्र दिवस परेड में इतनी बड़ी पुरुष टुकड़ी की कमान सौंपी गई है।


कौन हैं सिमरन बाला?

सिमरन बाला जम्मू-कश्मीर के राजौरी जिले की रहने वाली हैं। वह अपने जिले से CRPF में अधिकारी बनने वाली पहली महिला हैं। CRPF देश का सबसे बड़ा पैरामिलिट्री बल है, जिसमें लगभग 3.25 लाख जवान कार्यरत हैं और यह भारत की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ माना जाता है।

CRPF मुख्य रूप से तीन अहम क्षेत्रों में काम करता है:

  • नक्सल विरोधी अभियान
  • जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद विरोधी कार्रवाई
  • उत्तर-पूर्वी राज्यों में उग्रवाद विरोधी ऑपरेशन

शिक्षा और करियर

  • स्नातक: राजनीति शास्त्र, सरकारी महिला कॉलेज, गांधी नगर (जम्मू)
  • UPSC CAPF परीक्षा: वर्ष 2025 में उत्तीर्ण
  • बल: केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF)
  • पहली पोस्टिंग: छत्तीसगढ़ की ‘बस्तरिया’ बटालियन

छत्तीसगढ़ में तैनाती के दौरान सिमरन बाला को नक्सल विरोधी अभियानों में सक्रिय रूप से काम करने का अवसर मिला।


प्रशिक्षण में उत्कृष्ट प्रदर्शन

CRPF अकादमी, गुरुग्राम में प्रशिक्षण के दौरान सिमरन बाला ने:

  • उत्कृष्ट प्रशिक्षण प्रदर्शन
  • प्रभावशाली सार्वजनिक भाषण

के लिए विशेष पुरस्कार भी प्राप्त किए।


गणतंत्र दिवस परेड में महिला शक्ति का प्रदर्शन

इस वर्ष गणतंत्र दिवस परेड में महिलाओं की भागीदारी और भी खास होगी।
CRPF और सशस्त्र सीमा बल (SSB) की संयुक्त महिला टीमडेयर डेविल्स’ के रूप में रॉयल एनफील्ड बुलेट मोटरसाइकिलों पर रोमांचक करतब दिखाएगी।

उल्लेखनीय है कि इन दोनों बलों की महिला जवानों ने 2020 की गणतंत्र दिवस परेड में भी यह साहसिक प्रदर्शन किया था।


प्रेरणा का प्रतीक

सिमरन बाला की यह उपलब्धि न सिर्फ जम्मू-कश्मीर बल्कि पूरे देश की युवा महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत है। उनका नेतृत्व, समर्पण और साहस यह साबित करता है कि भारतीय सुरक्षा बलों में महिलाएं किसी भी भूमिका में पीछे नहीं हैं।


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77वें गणतंत्र दिवस के मौके पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को राष्ट्रपति ने अशोक चक्र से सम्मानित किया,यह सम्मान के अवसर पर कड़ी सुरक्षा और भव्य समारोहों के बीच औपचारिक परेड के दौरान प्रदान किया गया।

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77वें गणतंत्र दिवस पर ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को अशोक चक्र से किया गया सम्मानित

नई दिल्ली:
आज देश 77वां गणतंत्र दिवस पूरे उत्साह और गर्व के साथ मना रहा है। इस अवसर पर कर्तव्य पथ पर भव्य परेड का आयोजन किया गया, जहां देश की राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने वीरता और असाधारण साहस के लिए कई जांबाजों को सम्मानित किया।

इसी क्रम में अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन (ISS) की यात्रा करने वाले पहले भारतीय ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को राष्ट्रपति ने देश के सर्वोच्च शांतिकालीन वीरता पुरस्कार अशोक चक्र से सम्मानित किया।

कर्तव्य पथ पर हुआ सम्मान समारोह

77वें गणतंत्र दिवस के अवसर पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था और भव्य समारोहों के बीच औपचारिक परेड का आयोजन किया गया। इस दौरान राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला को असाधारण साहस और राष्ट्र के प्रति उनके योगदान के लिए अशोक चक्र प्रदान किया।

अंतरिक्ष में भारत का गौरव

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला पिछले वर्ष जून में एक्सिओम मिशन-4 (Ax-4) के तहत अंतरिक्ष गए थे। इस मिशन के साथ वे:

  • अंतरिक्ष में जाने वाले दूसरे भारतीय
  • और ISS का दौरा करने वाले पहले भारतीय बने

उनकी 18 दिनों की अंतरिक्ष यात्रा, 41 वर्ष पहले राकेश शर्मा की ऐतिहासिक उड़ान के बाद भारत के मानव अंतरिक्ष अभियानों में एक नई उपलब्धि मानी जा रही है।

अनुभवी फाइटर पायलट

भारतीय वायुसेना के ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला एक अनुभवी फाइटर पायलट भी हैं। उनके पास:

  • Su-30 MKI
  • MiG-21
  • MiG-29
  • Jaguar
  • Hawk
  • Dornier
  • An-32

जैसे विमानों में 2,000 घंटे से अधिक उड़ान अनुभव है।

एक्सिओम-4 मिशन में अहम भूमिका

Ax-4 मिशन अमेरिका की निजी कंपनी Axiom Space द्वारा संचालित किया गया था, जिसमें:

  • NASA
  • यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ESA)
  • ISRO

भी शामिल थे। मिशन के दौरान शुभांशु शुक्ला ने पायलट के रूप में कार्य करते हुए कई जटिल वैज्ञानिक प्रयोगों में महत्वपूर्ण योगदान दिया, जिसकी वैश्विक स्तर पर सराहना हुई।

देश के लिए प्रेरणा

सफल अंतरिक्ष मिशन के बाद ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला देश-विदेश में चर्चा का विषय बने और आज उनका अशोक चक्र से सम्मानित होना हर भारतीय के लिए गर्व का क्षण है।

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