Chandigarh
Chandigarh में बारिश का कहर: 7 September तक Schools बंद, Sukhna Lake का Water Level खतरे के निशान से ऊपर, कई Roads बंद
चंडीगढ़ और आसपास के इलाकों में मंगलवार (3 सितंबर) सुबह से लगातार तेज बारिश हो रही है। बारिश इतनी तेज है कि सुखना लेक का जलस्तर 1162 फीट तक पहुंच गया, जो खतरे के निशान से ऊपर है। हालात को काबू में रखने के लिए सुबह 7 बजे से फ्लड गेट खोल दिए गए।
भारी बारिश और बाढ़ जैसे हालात को देखते हुए मौसम विभाग ने रेड अलर्ट जारी किया है। इसके बाद प्रशासन ने बड़ा फैसला लेते हुए चंडीगढ़ के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों को 7 सितंबर तक बंद रखने का आदेश दिया। अधिकारियों ने कहा कि यह कदम बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए उठाया गया है।
बारिश से बिगड़े हालात
- न्यू चंडीगढ़ (मुल्लांपुर गरीब दास):
तेज बारिश से एक घर की दीवार गिर गई। गिरी हुई दीवार के मलबे से पास खड़ी कार क्षतिग्रस्त हो गई। गनीमत रही कि कार में कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था। - सेक्टर 20/22 रोड:
यहां एक CTU बस पर पेड़ गिर गया। बस में यात्री सवार थे, लेकिन सभी सुरक्षित रहे। - खुड्डा लाहौरा – नया गांव रोड:
राव नदी के तेज बहाव के कारण सड़क का कुछ हिस्सा टूट गया है, जिससे लोगों की आवाजाही मुश्किल हो गई है। - बापूधाम पुल (सेक्टर-26):
सुखना लेक का पानी पुल के ऊपर बहने लगा, जिसके चलते प्रशासन ने इसे पूरी तरह बंद कर दिया है।
ट्रैफिक पुलिस ने जारी की एडवाइजरी
जलभराव और पेड़ गिरने जैसी घटनाओं के कारण कई सड़कों पर ट्रैफिक बाधित हुआ। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों को सुरक्षित और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की सलाह दी है।
इन रास्तों से बचें:
- दक्षिण मार्ग (धनास)
- ISBT-43 के पीछे वाली सड़क
- दक्षिण मार्ग (सेक्टर-23D)
- मक्खन माजरा
- सेक्टर 10/11 डिवाइडिंग रोड (सेक्टर-10 के पास)
- सेक्टर-15A और 15B
जिला मजिस्ट्रेट का आदेश
लगातार हो रही भारी बारिश और बढ़ते जलस्तर को देखते हुए जिला मजिस्ट्रेट निशांत कुमार यादव ने नया आदेश जारी किया है।
- किसी भी व्यक्ति या उसके पालतू पशु/पशुधन को तालाब, नाले, चोए, झील, पोखर या अन्य जलाशयों में प्रवेश करने की सख्त मनाही होगी।
- यह पाबंदी 2 सितंबर 2025 की आधी रात से 31 अक्टूबर 2025 तक लागू रहेगी।
- नियम तोड़ने वालों पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
- यह आदेश आपदा प्रबंधन टीम, पुलिस, सेना और अर्धसैनिक बलों पर लागू नहीं होगा, क्योंकि वे बचाव कार्यों के लिए अधिकृत हैं।
सुखना लेक की स्थिति
- सोमवार रात को सुखना लेक का जलस्तर 1162.90 फीट तक पहुंच गया था।
- जलस्तर बढ़ने के बाद प्रशासन ने फ्लड गेट खोलने का फैसला किया।
- नगर निगम और प्रशासन की टीमें लगातार अलर्ट मोड पर हैं और हालात पर नजर रख रही हैं।
बारिश की ताज़ा तस्वीरें

- मुल्लांपुर गरीब दास में गिरा घर और उसके मलबे में क्षतिग्रस्त कार।

- पंजाब यूनिवर्सिटी में बारिश के बीच वोटिंग के लिए जाते छात्र-छात्राएं।

- सेक्टर 20/21 में बस पर गिरा पेड़।
- जीरकपुर VIP रोड पर जलभराव से गुजरते वाहन।

- सुखना चो में बहता पानी।
लोगों से प्रशासन की अपील
प्रशासन ने लोगों से कहा है कि:
- नदी, नालों और झीलों के पास न जाएं।
- जलभराव वाले क्षेत्रों में जाने से बचें।
- ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी एडवाइजरी का पालन करें।
- जरूरी न होने पर घर से बाहर न निकलें।
- अगर बाहर निकलना जरूरी हो तो वैकल्पिक मार्ग का उपयोग करें।
भारी बारिश से न सिर्फ ट्रैफिक प्रभावित हुआ है बल्कि कई इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं। सुखना लेक का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है, इसलिए प्रशासन ने लोगों से सतर्क और सुरक्षित रहने की अपील की है।
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पंजाब में Universal Healthcare Model बना मिसाल, हर परिवार को बिना शर्त 10 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा!
पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए ऐसा मॉडल पेश किया है, जो देश की पारंपरिक योजनाओं से अलग और ज्यादा व्यापक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत अब राज्य के हर परिवार को बिना किसी शर्त के 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। बढ़ते इलाज के खर्च के बीच यह योजना लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।
जहां केंद्र सरकार की Ayushman Bharat योजना सीमित पात्रता और 5 लाख रुपये तक के कवर तक ही सीमित है, वहीं पंजाब का यह मॉडल हर निवासी को कवर करता है, चाहे उसकी आय कुछ भी हो। यही कारण है कि इसे Universal Healthcare Model के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें इलाज का अधिकार किसी सूची या शर्त पर नहीं बल्कि जरूरत के आधार पर तय होता है।
वित्तीय दृष्टि से भी पंजाब का यह मॉडल काफी मजबूत माना जा रहा है। केंद्र सरकार जहां 140 करोड़ आबादी के लिए 9,500 करोड़ रुपये का बजट रखती है, वहीं पंजाब सरकार करीब 3 करोड़ लोगों के लिए 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस हिसाब से प्रति व्यक्ति निवेश कई गुना ज्यादा है, जो राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को साफ तौर पर दर्शाता है।
इस योजना के तहत करीब 65 लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मरीज 2,300 से अधिक इलाज पैकेजों के जरिए दिल की बीमारी, कैंसर, किडनी से जुड़ी समस्याएं, एक्सीडेंट केस और अन्य गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। इसके लिए 900 से अधिक अस्पतालों का नेटवर्क तैयार किया गया है, जहां कैशलेस सुविधा उपलब्ध है।
योजना का एक बड़ा फायदा इसकी आसान प्रक्रिया भी है। जहां अन्य योजनाओं में पात्रता साबित करने के लिए कई दस्तावेजों की जरूरत होती है, वहीं पंजाब में लोग सिर्फ आधार कार्ड या वोटर आईडी के जरिए आसानी से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके लिए सेवा केंद्रों और Common Service Centers के साथ-साथ ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी गई है। साथ ही, गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और रजिस्ट्रेशन कराने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
इस योजना का असर जमीनी स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। कई ऐसे परिवार, जो पहले इलाज के खर्च के कारण परेशान रहते थे, अब बिना किसी आर्थिक दबाव के इलाज करवा पा रहे हैं। यह मॉडल न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बना रहा है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर करने में मदद कर रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि एक सोच में बदलाव है, जहां स्वास्थ्य सेवा को अधिकार के रूप में देखा जा रहा है। उनका कहना है कि पंजाब सरकार का उद्देश्य हर व्यक्ति तक बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में परेशान न हो।
कुल मिलाकर, पंजाब का यह यूनिवर्सल हेल्थकेयर मॉडल देश के लिए एक नई दिशा दिखाता है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं सीमित नहीं बल्कि सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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चंडीगढ़ में देर रात दहशत: सेक्टर-29 के रिहायशी इलाके में दिखा तेंदुए जैसा जानवर, सीसीटीवी में कैद
चंडीगढ़ के सेक्टर-29 में बुधवार रात तेंदुआ दिखाई देने की खबर से इलाके में दहशत फैल गई। लोगों ने पूरी रात घरों से बाहर निकलने से परहेज किया। सूचना मिलने के बाद पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और देर रात तक सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिला। हालांकि, इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों में एक तेंदुआ पीर दरगाह के पास पानी पीते हुए कैद हुआ है।
पार्क में महिला ने सबसे पहले देखा
जानकारी के अनुसार बुधवार शाम करीब 7:30 से 8 बजे के बीच सेक्टर-29 के एक पार्क में एक महिला अपने बच्चों के साथ टहल रही थी। इसी दौरान उसकी नजर झाड़ियों के पास घूमते हुए एक तेंदुए पर पड़ी। यह देखते ही महिला घबरा गई और तुरंत बच्चों को लेकर पार्क से बाहर निकल गई।
घर पहुंचकर महिला ने इस बारे में अपने पति को बताया। इसके बाद उसके पति ने यह जानकारी पास में स्थित पीर दरगाह के लोगों को दी।
CCTV में कैद हुआ तेंदुआ
सूचना मिलने के बाद जब दरगाह परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी गई तो उसमें साफ दिखाई दिया कि एक तेंदुआ दरगाह के पास बने स्थान पर पानी पी रहा है। इसके बाद तुरंत पुलिस और फॉरेस्ट विभाग को सूचना दी गई।
सूचना के बाद पुलिस और फॉरेस्ट विभाग की टीमें मौके पर पहुंचीं और आसपास के इलाके में पूरी रात तलाशी अभियान चलाया। हालांकि देर रात तक चलाए गए सर्च ऑपरेशन में तेंदुए का कोई सुराग नहीं मिल पाया।
फिलहाल पुलिस और फॉरेस्ट विभाग दोनों ही तेंदुए की मौजूदगी को लेकर आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं कर रहे हैं, लेकिन सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद इलाके के लोग काफी दहशत में हैं और सतर्कता बरत रहे हैं।

पुलिसकर्मी हाथ में डंडा लेकर खड़ा हुआ।
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चंडीगढ़ में अगले माह से महंगी होंगी जमीनें:कलेक्टर रेट में 30 से 60% तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव, 1 अप्रैल से लागू करने की तैयारी
चंडीगढ़ में एक बार फिर प्रॉपर्टी महंगी होने जा रही है। चंडीगढ़ प्रशासन ने कलेक्टर रेट बढ़ाने की तैयारी शुरू कर दी है। डीसी निशांत यादव की अध्यक्षता में बैठक हुई। इसमें कलेक्टर रेट संशोधित करने के लिए एक कमेटी गठित की गई।
प्रशासन ने शहर के अलग-अलग इलाकों के अनुसार कलेक्टर रेट में 30 से 60 प्रतिशत तक बढ़ोतरी का प्रस्ताव तैयार किया है। प्रस्तावित नए रेटों को लेकर अगले सप्ताह ड्राफ्ट नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा, जिसमें आम लोगों से सुझाव और आपत्तियां मांगी जाएंगी।
1 अप्रैल से लागू हो सकते हैं नए रेट
प्रशासन के अनुसार, लोगों से सुझाव लेने के बाद अंतिम नोटिफिकेशन जारी किया जाएगा। योजना है कि नए कलेक्टर रेट 1 अप्रैल से लागू कर दिए जाएं। पिछले साल भी कलेक्टर रेट में बढ़ोतरी की गई थी। इससे पहले वर्ष 2021 और 2017 में संशोधन हुआ था।
ग्रामीण क्षेत्रों में तीन से चार गुना तक बढ़ोतरी
सूत्रों के मुताबिक, नए प्रस्ताव के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि भूमि के रेट तीन से चार गुना तक बढ़ सकते हैं। वहीं कई सेक्टरों में रेट डेढ़ गुना तक बढ़ाने की तैयारी है। कलेक्टर रेट बढ़ने से प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री महंगी होगी, क्योंकि स्टांप ड्यूटी और अन्य शुल्क इन्हीं रेटों के आधार पर तय होते हैं। ऐसे में रियल एस्टेट बाजार और आम लोगों पर इसका सीधा असर पड़ेगा।
संभावना है कि रेट बढ़ाने के प्रस्ताव पर कुछ संगठनों और प्रॉपर्टी मालिकों की ओर से विरोध भी किया जा सकता है।
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