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GST Rate Rationalisation पर Punjab का रुख: गरीबों को मिले फायदा, States काRevenue सुरक्षित रहे – Finance Minister Harpal Singh Cheema
पंजाब के वित्त मंत्री एडवोकेट हरपाल सिंह चीमा ने कहा है कि जीएसटी (वस्तु एवं सेवा कर) दर तार्किकरण का फायदा देश के गरीब और आम लोगों तक पहुँचना चाहिए, न कि सिर्फ कॉर्पोरेट संस्थानों तक। उन्होंने साफ कहा कि यदि यह प्रस्ताव बिना मुआवजा ढांचे के लागू होता है तो इससे राज्यों की वित्तीय स्थिरता (financial stability) हिल सकती है और देश की संघीय संरचना (federal structure) को नुकसान पहुँचेगा।
चीमा ने केंद्र सरकार से मांग की कि राज्यों के हितों की सुरक्षा के लिए मजबूत मुआवजा सिस्टम बनाया जाए, ताकि किसी भी राज्य को आय में होने वाले बड़े नुकसान का सामना न करना पड़े।
बैठक में शामिल हुए कई राज्यों के वित्त मंत्री
चीमा ने यह बातें उस समय कहीं जब वे कर्नाटक भवन, दिल्ली में आयोजित वित्त मंत्रियों की अहम बैठक में शामिल हुए। इस बैठक में केरल, कर्नाटक, हिमाचल प्रदेश, झारखंड, पश्चिम बंगाल और तेलंगाना के वित्त मंत्री और प्रतिनिधि भी मौजूद थे।
बैठक का मुख्य एजेंडा था – जीएसटी दर तार्किकरण और उसका राज्यों की आय पर असर।
पंजाब का प्रस्ताव:
- लक्ज़री सामानों पर एडिशनल टैक्स (additional levy) लगाया जाए।
- राज्यों को कम से कम पाँच साल तक मुआवजा (compensation) गारंटी के साथ दिया जाए।
- अगर पाँच साल बाद भी राज्यों की आय पूरी न हो तो इस व्यवस्था को आगे बढ़ाया जाए।
चीमा का कहना था कि यही संतुलित रास्ता है, जिससे राज्यों की आर्थिक संप्रभुता (economic sovereignty) भी सुरक्षित रहेगी और जीएसटी सुधार सही मायनों में लागू होंगे।
पंजाब को हुआ नुकसान
वित्त मंत्री ने बताया कि 2017 में जीएसटी लागू करते समय वित्तीय निष्पक्षता (financial fairness) का सिद्धांत सामने रखा गया था, लेकिन असल में राज्यों को भारी घाटा झेलना पड़ा।
- पंजाब को अब तक करीब 1.11 लाख करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है।
- केंद्र ने इसमें से सिर्फ 60 हज़ार करोड़ रुपये का ही मुआवजा दिया।
- बाकी नुकसान की भरपाई अब तक नहीं हुई।
मीडिया से बातचीत
चीमा ने कहा कि सभी राज्यों ने मिलकर केंद्र से यह माँग की है कि –
- लक्ज़री सामान, सिगरेट और शराब जैसी वस्तुओं पर अतिरिक्त कर लगाया जाए।
- उस टैक्स से मिलने वाली पूरी आय राज्यों को दी जाए, ताकि जीएसटी दर तार्किकरण के कारण होने वाले घाटे की भरपाई हो सके।
उन्होंने सवाल उठाया कि अगर राज्यों की आय घटती रही तो वे अपनी संवैधानिक जिम्मेदारियाँ (constitutional responsibilities) कैसे निभाएँगे?
उनका कहना था कि केंद्र सरकार को यह नहीं करना चाहिए कि सारे टैक्स और आय के स्रोत अपने पास रख ले और बोझ राज्यों पर डाल दे।
उन्होंने दो टूक कहा – “अगर राज्य मज़बूत होंगे, तभी देश मज़बूत होगा।”
बाढ़ राहत पर बयान
पंजाब में आई बाढ़ पर पूछे गए सवाल पर वित्त मंत्री ने कहा कि राज्य सरकार पूरी तरह प्रभावित लोगों के साथ खड़ी है और उनकी मदद के लिए हर संभव प्रयास कर रही है।
साथ ही उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि इस प्राकृतिक आपदा के समय पंजाब को तुरंत मदद दी जाए। नुकसान का आकलन पूरा होने के बाद पंजाब केंद्र से विशेष राहत पैकेज (special relief package) की माँग करेगा।
पंजाब का साफ कहना है कि जीएसटी दर तार्किकरण का बोझ राज्यों पर नहीं डाला जा सकता। इसका फायदा गरीब जनता तक पहुँचना चाहिए और राज्यों की आय की सुरक्षा के लिए केंद्र को ठोस कदम उठाने होंगे।
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शहीद-ए-आज़म भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव को ‘भारत रत्न’ दिए जाने की मांग की थी, पर भाजपा सरकार ने नहीं मानी: CM Bhagwant Singh Mann
पंजाब के फिरोजपुर स्थित हुसैनीवाला में शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव के शहीदी दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने ऐतिहासिक राष्ट्रीय शहीद स्मारक पर श्रद्धांजलि अर्पित की। इस अवसर पर उन्होंने शहीदों के सपनों का ‘रंगला पंजाब’ बनाने की अपनी सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
मुख्यमंत्री ने इस मौके पर शहीदों के परिवारों को सम्मानित किया और 24.99 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाले हुसैनीवाला विरासती कॉम्प्लेक्स का शिलान्यास भी किया। उन्होंने कहा कि यह प्रोजेक्ट शहीदों की विरासत को संजोने और आने वाली पीढ़ियों को उनके बलिदान से प्रेरित करने का प्रयास है।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि यह दिन केवल शहीदों को याद करने का नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को अपनाने का भी है। उन्होंने कहा कि इन महान क्रांतिकारियों ने कम उम्र में देश के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए, लेकिन आज भी उन्हें उनके योगदान के अनुसार सम्मान नहीं मिला।

मुख्यमंत्री ने यह भी सवाल उठाया कि भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जैसे महान शहीदों को अब तक भारत रत्न से सम्मानित क्यों नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि अगर आजादी के शुरुआती दौर में देश की कमान ऐसे युवाओं के हाथ में होती, तो देश की दिशा कुछ और ही होती।
उन्होंने कहा कि कुछ नेता अपने नाम पर स्मारक और स्टेडियम बनवाते हैं, जबकि असली हकदार शहीदों को उचित सम्मान नहीं मिल पाया। उन्होंने लोगों से अपील की कि शहीदों को सिर्फ खास दिनों पर याद न करें, बल्कि उनके दिखाए रास्ते पर चलकर देश और समाज की सेवा करें।
मुख्यमंत्री ने आजादी की कीमत का जिक्र करते हुए कहा कि देश की आजादी बहुत बड़ी कुर्बानियों के बाद मिली है। विभाजन के दौरान लाखों लोगों ने अपनी जान गंवाई और करोड़ों लोग विस्थापित हुए।
उन्होंने कहा कि आज के समय में बदलाव लाने के लिए हथियारों की नहीं, बल्कि वोट की ताकत की जरूरत है। सही नेतृत्व का चुनाव करके ही देश को सही दिशा दी जा सकती है।

इस मौके पर मुख्यमंत्री ने हुसैनीवाला विरासती कॉम्प्लेक्स के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि इसमें भव्य प्रवेश द्वार, शहीदों के जीवन पर आधारित गैलरी, दीवार चित्र, पार्क, 3-डी मैपिंग शो, म्यूजिकल फाउंटेन, बच्चों के खेलने का क्षेत्र, वरिष्ठ नागरिकों के लिए आराम स्थल और सोलर पावर प्लांट जैसी सुविधाएं शामिल होंगी।
उन्होंने कहा कि यह पवित्र भूमि आने वाली पीढ़ियों को देशभक्ति और निस्वार्थ सेवा के लिए प्रेरित करती रहेगी। मुख्यमंत्री ने युवाओं से आह्वान किया कि वे शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए आगे आएं और एक प्रगतिशील व खुशहाल पंजाब के निर्माण में अपना योगदान दें।
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नशों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई, सीमा पार Drug Module का भंडाफोड़, करोड़ों की हेरोइन समेत 3 गिरफ्तार!
पंजाब में नशों के खिलाफ चल रही सख्त मुहिम के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए एएनटीएफ (ANTF) और बीएसएफ (BSF) ने संयुक्त ऑपरेशन में एक अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी मॉड्यूल का भंडाफोड़ किया है। ‘युद्ध नशों के विरुद्ध’ अभियान के तहत की गई इस कार्रवाई में सीमा पार से चल रहे नेटवर्क को बेनकाब किया गया।
इस ऑपरेशन के दौरान तीन मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनकी पहचान जगजीत सिंह, मनप्रीत सिंह और रोशन सिंह के रूप में हुई है। तीनों आरोपी अमृतसर जिले के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 24.5 किलोग्राम हेरोइन, करीब 21 लाख रुपये की ड्रग मनी और एक ड्रोन बरामद किया है, जिसका इस्तेमाल तस्करी के लिए किया जा रहा था।
पुलिस जांच में सामने आया है कि ये आरोपी पाकिस्तान स्थित तस्करों के सीधे संपर्क में थे और ड्रोन के जरिए नशीले पदार्थों की सप्लाई कर रहे थे। इस पूरे नेटवर्क के जरिए ड्रग्स को भारत में लाकर आगे सप्लाई किया जाता था।
इस संबंध में जानकारी देते हुए Gaurav Yadav ने बताया कि मामले की गहन जांच जारी है और आने वाले दिनों में और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य को नशा मुक्त बनाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है और ऐसे नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी रहेगी।
Chandigarh
पंजाब में Universal Healthcare Model बना मिसाल, हर परिवार को बिना शर्त 10 लाख तक कैशलेस इलाज की सुविधा!
पंजाब सरकार ने स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक बड़ा कदम उठाते हुए ऐसा मॉडल पेश किया है, जो देश की पारंपरिक योजनाओं से अलग और ज्यादा व्यापक माना जा रहा है। मुख्यमंत्री Bhagwant Mann के नेतृत्व में शुरू की गई मुख्यमंत्री स्वास्थ्य योजना के तहत अब राज्य के हर परिवार को बिना किसी शर्त के 10 लाख रुपये तक का कैशलेस इलाज उपलब्ध कराया जा रहा है। बढ़ते इलाज के खर्च के बीच यह योजना लाखों परिवारों के लिए बड़ी राहत बनकर सामने आई है।
जहां केंद्र सरकार की Ayushman Bharat योजना सीमित पात्रता और 5 लाख रुपये तक के कवर तक ही सीमित है, वहीं पंजाब का यह मॉडल हर निवासी को कवर करता है, चाहे उसकी आय कुछ भी हो। यही कारण है कि इसे Universal Healthcare Model के तौर पर देखा जा रहा है, जिसमें इलाज का अधिकार किसी सूची या शर्त पर नहीं बल्कि जरूरत के आधार पर तय होता है।
वित्तीय दृष्टि से भी पंजाब का यह मॉडल काफी मजबूत माना जा रहा है। केंद्र सरकार जहां 140 करोड़ आबादी के लिए 9,500 करोड़ रुपये का बजट रखती है, वहीं पंजाब सरकार करीब 3 करोड़ लोगों के लिए 2,000 करोड़ रुपये खर्च कर रही है। इस हिसाब से प्रति व्यक्ति निवेश कई गुना ज्यादा है, जो राज्य सरकार की प्राथमिकताओं को साफ तौर पर दर्शाता है।
इस योजना के तहत करीब 65 लाख परिवारों को लाभ मिलने की उम्मीद है। मरीज 2,300 से अधिक इलाज पैकेजों के जरिए दिल की बीमारी, कैंसर, किडनी से जुड़ी समस्याएं, एक्सीडेंट केस और अन्य गंभीर बीमारियों का मुफ्त इलाज करवा सकते हैं। इसके लिए 900 से अधिक अस्पतालों का नेटवर्क तैयार किया गया है, जहां कैशलेस सुविधा उपलब्ध है।
योजना का एक बड़ा फायदा इसकी आसान प्रक्रिया भी है। जहां अन्य योजनाओं में पात्रता साबित करने के लिए कई दस्तावेजों की जरूरत होती है, वहीं पंजाब में लोग सिर्फ आधार कार्ड या वोटर आईडी के जरिए आसानी से रजिस्ट्रेशन करवा सकते हैं। इसके लिए सेवा केंद्रों और Common Service Centers के साथ-साथ ऑनलाइन आवेदन की सुविधा भी दी गई है। साथ ही, गांव-गांव जाकर लोगों को जागरूक करने और रजिस्ट्रेशन कराने के लिए विशेष अभियान भी चलाए जा रहे हैं।
इस योजना का असर जमीनी स्तर पर भी देखने को मिल रहा है। कई ऐसे परिवार, जो पहले इलाज के खर्च के कारण परेशान रहते थे, अब बिना किसी आर्थिक दबाव के इलाज करवा पा रहे हैं। यह मॉडल न सिर्फ स्वास्थ्य सेवाओं को आसान बना रहा है, बल्कि लोगों के जीवन स्तर को भी बेहतर करने में मदद कर रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि यह योजना सिर्फ एक सरकारी स्कीम नहीं, बल्कि एक सोच में बदलाव है, जहां स्वास्थ्य सेवा को अधिकार के रूप में देखा जा रहा है। उनका कहना है कि पंजाब सरकार का उद्देश्य हर व्यक्ति तक बेहतर और सस्ती स्वास्थ्य सुविधा पहुंचाना है, ताकि कोई भी व्यक्ति इलाज के अभाव में परेशान न हो।
कुल मिलाकर, पंजाब का यह यूनिवर्सल हेल्थकेयर मॉडल देश के लिए एक नई दिशा दिखाता है, जहां स्वास्थ्य सेवाएं सीमित नहीं बल्कि सभी के लिए समान रूप से उपलब्ध कराई जा रही हैं।
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